रविवार, 6 सितंबर 2026

Avyayibhav Samas in Hindi (अव्ययीभाव समास) | परिभाषा, भेद, उदाहरण और Short Tricks | UPP, UPSI, UPSSSC, UPTET

अव्ययीभाव समास (Avyayibhav Samas in Hindi): परिभाषा, पहचान, उदाहरण और Short Tricks | प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष


यदि आप UPP (UP Police Constable/SI), UPSI, UPSSSC (PET/VDO/Lekhpal), SSC (GD), UPTET या SUPERTET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो हिंदी व्याकरण का समास (Samas) टॉपिक आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। समास के अंतर्गत 'अव्ययीभाव समास' (Avyayibhav Samas) से हर बार 1 से 2 प्रश्न सीधे तौर पर पूछे जाते हैं।

कई बार छात्र उपसर्ग और अव्यय के भ्रम में इस टॉपिक के प्रश्नों को गलत कर देते हैं। इस ब्लॉग में हम अव्ययीभाव समास को बिल्कुल आसान भाषा में, मास्टर ट्रिक्स और उदाहरणों के साथ समझेंगे ताकि परीक्षा में आपका एक भी नंबर न कटे।

1. अव्ययीभाव समास किसे कहते हैं? (Definition)

जिस समास का पहला पद (पूर्वपद) प्रधान हो और वह अव्यय (अविकारी) हो तथा पूरा सामासिक पद भी अव्यय की भांति कार्य करे, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं।

  • अव्यय क्या होता है? अव्यय वे शब्द होते हैं जिनमें लिंग, वचन, कारक या काल के कारण कोई परिवर्तन नहीं होता (जैसे: प्रति, यथा, भर, आ, अनु आदि)।

उदाहरण:

  • प्रतिदिन = प्रति (अव्यय/उपसर्ग) + दिन = हर दिन

  • यथाशक्ति = यथा (अव्यय) + शक्ति = शक्ति के अनुसार

2. अव्ययीभाव समास पहचानने की Master Short Tricks

परीक्षा में कम समय में अव्ययीभाव समास को पहचानने के लिए ये 3 ट्रिक्स याद रखें:

Trick 1: शब्द के प्रारंभ में उपसर्ग (Prefix) होना

यदि किसी शब्द की शुरुआत प्रति, आ, भर, यथा, अनु, हर, बे, बा, प्र, या यावत् जैसे अव्यय/उपसर्गों से होती है, तो वहाँ 99% अव्ययीभाव समास होता है।

  • उदाहरण: प्रतिकूल, जन्म, भरपेट, यथासमय।

Trick 2: शब्दों का पुनरुक्ति/दोहराव (Repetition of Words)

जब एक ही शब्द लगातार दो बार आकर एक नया शब्द बनाते हैं, तो वह भी अव्ययीभाव समास होता है (ध्यान दें: ऐसे शब्दों में योजक चिह्न - देखकर द्वंद्व समास समझने की भूल न करें)।

  • उदाहरण: रातोरात (रात ही रात में), हाथोंहाथ (हाथ ही हाथ में), बीचोंबीच, धीरे-धीरे

Trick 3: नदीवाचक शब्दों के साथ संख्या (विशेष नियम)

संस्कृत व्याकरण के नियम (अव्ययीभावश्च) के अनुसार यदि किसी संख्यावाचक शब्द के बाद किसी नदी का नाम आए, तो वहाँ द्विगु समास न होकर अव्ययीभाव समास होता है।

  • उदाहरण: द्वियमुनम् (दो यमुनावों का समाहार), पंचगंगम् (पाँच गंगाओं का समाहार)।

3. अव्ययीभाव समास के प्रमुख उदाहरण (Important Examples)

प्रतियोगी परीक्षाओं (UPP, UPSI, UPSSSC, UPTET) में बार-बार पूछे जाने वाले प्रमुख उदाहरण:

समस्त पदसमास विग्रहपहचान की ट्रिक
प्रतिदिनहर दिन / दिन-दिन'प्रति' उपसर्ग
यथाशक्तिशक्ति के अनुसार'यथा' उपसर्ग
आजन्मजन्म से लेकर'आ' उपसर्ग
भरपेटपेट भरकर'भर' उपसर्ग
अनुकूलमन के अनुसार'अनु' उपसर्ग
बेकामबिना काम के'बे' उपसर्ग
रातोरातरात ही रात मेंशब्द दोहराव
हाथोंहाथहाथ ही हाथ मेंशब्द दोहराव
साफ-साफबिल्कुल स्पष्टशब्द दोहराव
यथाक्रमक्रम के अनुसार'यथा' उपसर्ग
प्रत्यक्षअक्षि (आँख) के सामने'प्रति' उपसर्ग
आमरणमरण तक'आ' उपसर्ग

4. छात्रों द्वारा की जाने वाली सामान्य गलतियाँ (Common Confusion)

1. अव्ययीभाव बनाम द्वंद्व समास (शब्द दोहराव में अंतर)

  • द्वंद्व समास: इसमें दो विपरीत या अलग शब्द योजक चिह्न से जुड़ते हैं।

    • उदाहरण: माता-पिता, दिन-रात, सुख-दुख।

  • अव्ययीभाव समास: इसमें एक ही शब्द का दोहराव होता है।

    • उदाहरण: पल-पल, धीरे-धीरे, रातोरात, दिनोंदिन।

2. अव्ययीभाव बनाम द्विगु समास (नदी के नाम के साथ संख्या)

  • पंचवटी: पहला पद संख्या है और दूसरा पद समूह है $\rightarrow$ द्विगु समास

  • पंचगंगम्: पहला पद संख्या है लेकिन दूसरा पद नदी का नाम है $\rightarrow$ अव्ययीभाव समास

5. पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न (Previous Year MCQs Practice)

Q1. "यथाशक्ति" में कौन-सा समास है? (UP Police Constable 2018 / UPTET)

  • (A) कर्मधारय समास

  • (B) बहुव्रीहि समास

  • (C) अव्ययीभाव समास

  • (D) तत्पुरुष समास

    उत्तर: (C) अव्ययीभाव समास (पहला पद 'यथा' अव्यय है)

Q2. "रातोरात" शब्द में कौन सा समास है? (UPSSSC VDO)

  • (A) द्वंद्व समास

  • (B) अव्ययीभाव समास

  • (C) तत्पुरुष समास

  • (D) द्विगु समास

    उत्तर: (B) अव्ययीभाव समास (शब्दों का दोहराव हो रहा है)

Q3. किस शब्द में 'अव्ययीभाव समास' नहीं है? (UPSI)

  • (A) आमरण

  • (B) भरपेट

  • (C) प्रतिदिन

  • (D) राजकुमार

    उत्तर: (D) राजकुमार (राजकुमार = राजा का कुमार $\rightarrow$ तत्पुरुष समास)

निष्कर्ष (Conclusion)

अव्ययीभाव समास को पहचानना बहुत आसान है। बस याद रखें: उपसर्ग से शुरू होने वाले शब्द, शब्दों का दोहराव (जैसे रातोरात), और 'यथा/प्रति/आ/भर' वाले शब्द अव्ययीभाव समास के अंतर्गत आते हैं।

यदि आप UPP, UPSI, UPSSSC PET, SSC GD या UPTET/SUPERTET की तैयारी कर रहे हैं, तो इन उदाहरणों और ट्रिक्स को अच्छे से दोहरा लें।

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Samas in Hindi (समास) | परिभाषा, भेद, आसान उदाहरण और Tricks | UPP, UPSI, UPSSSC, SSC

 समास (Samas in Hindi): परिभाषा, भेद, उदाहरण और Short Tricks | प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष


यदि आप UPP (UP Police Constable/SI), UPSI, UPSSSC (PET/VDO/Lekhpal), SSC (GD/CGL), UPTET या SUPERTET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो हिंदी व्याकरण का समास (Samas) टॉपिक आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतियोगी परीक्षाओं में समास से 2 से 4 प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।

इस लेख में हम समास को बिल्कुल सरल भाषा में, उदाहरणों और शॉर्ट ट्रिक्स के साथ समझेंगे ताकि परीक्षा में आपका एक भी प्रश्न गलत न हो।

1. समास किसे कहते हैं? (Definition)

'समास' शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है—संक्षेपीकरण (छोटा करना)

दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से बने एक नए और सार्थक शब्द को समास कहते हैं।

उदाहरण:

  • राजा का पुत्र = राजपुत्र

  • रसोई के लिए घर = रसोईघर

समास से जुड़े 3 महत्वपूर्ण शब्द:

  1. समस्त पद (सामासिक पद): समास के नियमों से बना नया शब्द (जैसे: राजपुत्र)।

  2. पूर्वपद और उत्तरपद: समास में दो पद होते हैं—पहले पद को पूर्वपद और दूसरे पद को उत्तरपद कहते हैं (जैसे: राज [पूर्वपद] + पुत्र [उत्तरपद])।

  3. समास विग्रह: समस्त पद के सभी पदों को अलग-अलग करने की प्रक्रिया को समास विग्रह कहते हैं (जैसे: राजा का पुत्र)।

2. समास के भेद (Types of Samas)

मुख्य रूप से समास के 6 भेद होते हैं:

  1. अव्ययीभाव समास (Avyayibhav Samas)

  2. तत्पुरुष समास (Tatpurush Samas)

  3. कर्मधारय समास (Karmadharaya Samas)

  4. द्विगु समास (Dvigu Samas)

  5. द्वंद्व समास (Dvandva Samas)

  6. बहुव्रीहि समास (Bahuvrihi Samas)

(I) अव्ययीभाव समास (Avyayibhav Samas)

जिस समास का पहला पद (पूर्वपद) प्रधान हो और वह अव्यय या उपसर्ग हो, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं।

  • Short Trick: शब्द के शुरू में उपसर्ग (अनु, आ, प्रति, भर, यथा, हर, प्र) लगा होता है या शब्द का दोहराव (Repetition) होता है।

उदाहरण:

  • प्रतिदिन = हर दिन

  • यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार

  • आजन्म = जन्म से लेकर

  • भरपेट = पेट भरकर

  • रातोरात = रात ही रात में (शब्द दोहराव)

(II) तत्पुरुष समास (Tatpurush Samas)

जिस समास का दूसरा पद (उत्तरपद) प्रधान होता है और दोनों पदों के बीच की कारक विभक्तियों (का, की, के, से, में, पर, को) का लोप हो जाता है, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।

  • Short Trick: विग्रह करने पर बीच में कारक चिह्न आता है।

उदाहरण:

  • राजपुत्र = राजा का पुत्र (संबध तत्पुरुष)

  • गगनचुंबी = गगन को चूमने वाला (कर्म तत्पुरुष)

  • करुणापूर्ण = करुणा से पूर्ण (करण तत्पुरुष)

  • नेत्रहीन = नेत्र से हीन (अपादान तत्पुरुष)

(III) कर्मधारय समास (Karmadharaya Samas)

जिस समास का उत्तरपद प्रधान हो तथा पूर्वपद और उत्तरपद में विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय का संबंध हो, उसे कर्मधारय समास कहते हैं।

  • Short Trick: विग्रह करने पर पदों के बीच में "है जो" या "के समान" आता है।

उदाहरण:

  • चरणकमल = कमल के समान चरण

  • महात्मा = महान है जो आत्मा

  • नीलकमल = नीला है जो कमल

  • चंद्रमुख = चंद्रमा के समान मुख

(IV) द्विगु समास (Dvigu Samas)

जिस समास का पहला पद संख्यावाचक (नंबर) हो और पूरा पद किसी समूह का बोध कराए, उसे द्विगु समास कहते हैं।

  • Short Trick: पहला पद हमेशा गिनती/संख्या दर्शाता है।

उदाहरण:

  • चौराहा = चार राहों का समूह

  • त्रिभुज = तीन भुजाओं का समाहार

  • नवरत्न = नौ रत्नों का समूह

  • सप्ताह = सात दिनों का समूह

(V) द्वंद्व समास (Dvandva Samas)

जिस समास के दोनों पद प्रधान हों और विग्रह करने पर बीच में 'और', 'या', 'तथा' आए, उसे द्वंद्व समास कहते हैं।

  • Short Trick: दोनों पद एक-दूसरे के विरोधी/विलोम या पूरक होते हैं और प्रायः योजक चिह्न (-) लगा होता है।

उदाहरण:

  • माता-पिता = माता और पिता

  • पाप-पुण्य = पाप या पुण्य

  • दिन-रात = दिन और रात

  • सुख-दुख = सुख और दुख

(VI) बहुव्रीहि समास (Bahuvrihi Samas)

जिस समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता और दोनों पद मिलकर किसी तीसरे (विशेष) अर्थ की ओर संकेत करते हैं, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।

  • Short Trick: प्रायः देवी-देवताओं के नाम या पर्यायवाची शब्द इसके अंतर्गत आते हैं।

उदाहरण:

  • लंबोदर = लंबा है उदर जिसका अर्थात गणेश जी

  • दशानन = दस हैं आनन (मुख) जिसके अर्थात रावण

  • नीलकंठ = नीला है कण्ठ जिसका अर्थात शिव जी

  • चक्रपाणि = चक्र है हाथ में जिसके अर्थात विष्णु जी

3. प्रतियोगी परीक्षाओं के आधार पर Master Tricks

परीक्षा में समास पहचानने के लिए इस त्वरित तालिका (Table) को याद रखें:

समास का नामपहचान / Short Trickउदाहरण
अव्ययीभावउपसर्ग / प्रथम पद प्रधान / शब्द दोहरावप्रतिदिन, यथासमय, रातोरात
तत्पुरुषविग्रह करने पर कारक चिह्न (का, के, से, में) आएराजपुत्र, रसोईघर, देशभक्ति
कर्मधारयविग्रह करने पर "है जो" या "के समान" आएनीलकमल, चरणकमल
द्विगुप्रथम पद संख्या (Number) दर्शाएचौराहा, पंचवटी, त्रिभुज
द्वंद्वविग्रह करने पर "और/या" आए (योजक चिह्न -)माता-पिता, दाल-रोटी
बहुव्रीहितीसरा अर्थ (विशेष/देवी-देवता का नाम) निकलेलंबोदर, दशानन, पीतांबर

4. पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न (Previous Year MCQs Practice)

Q1. "दशानन" में कौन सा समास है? (UP Police Constable)

  • (A) द्विगु समास

  • (B) बहुव्रीहि समास

  • (C) कर्मधारय समास

  • (D) तत्पुरुष समास

    उत्तर: (B) बहुव्रीहि समास (तीसरा अर्थ 'रावण' निकल रहा है)

Q2. "यथाशक्ति" शब्द में कौन सा समास है? (UPSSSC PET)

  • (A) अव्ययीभाव समास

  • (B) तत्पुरुष समास

  • (C) द्वंद्व समास

  • (D) द्विगु समास

    उत्तर: (A) अव्ययीभाव समास (पहला पद 'यथा' उपसर्ग है)

Q3. "चौराहा" में कौन-सा समास है? (UPTET / SSC GD)

  • (A) द्वंद्व समास

  • (B) द्विगु समास

  • (C) तत्पुरुष समास

  • (D) कर्मधारय समास

    उत्तर: (B) द्विगु समास (पहला पद 'चौ' संख्या को दर्शा रहा है)

निष्कर्ष (Conclusion)

समास हिंदी व्याकरण का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अंकदायी (Scoring) विषय है। यदि आप ऊपर बताई गई ट्रिक्स और नियमों का अभ्यास करेंगे, तो UPP, UPSI, UPSSSC, UPTET, SUPERTET या SSC की परीक्षा में आपका समास का एक भी प्रश्न गलत नहीं होगा।

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 संख्यावाचक विशेषण: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका

 Home > हिंदी > हिंदी व्याकारण > विशेषण 

    संख्यावाचक विशेषण क्या है?

    • संख्यावाचक विशेषण हिंदी व्याकरण का मौलिक अंग है जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की संख्या या क्रम का बोध कराता है।
    • यह विशेषण संख्यात्मक जानकारी देकर वाक्य को स्पष्ट और सटीक बनाता है।

    मुख्य विशेषताएँ:

    • संख्या या क्रम का बोध कराता है
    • संज्ञा से पहले प्रयुक्त होता है
    • वाक्य में विशेषण का कार्य करता है

    उदाहरण:

    • "तीन लड़के खेल रहे हैं" में "तीन"

    संख्यावाचक विशेषण के प्रमुख प्रकार

    1. निश्चित संख्यावाचक विशेषण
    2. अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण

    निश्चित संख्यावाचक विशेषण

    • जहाँ संख्या निश्चित और स्पष्ट हो। दो उपभेद:
    1. गणनावाचक (मूल संख्या)
    2. क्रमवाचक (क्रम सूचक)

    गणनावाचक (मूल संख्या):

    • किसी वस्तु की सटीक संख्या बताता है

    उदाहरण:

    पाँच किताबें मेज़ पर रखी हैं

    दस विद्यार्थी कक्षा में हैं

    क्रमवाचक (क्रम सूचक):

    • वस्तु के क्रम या स्थान का बोध कराता है

    उदाहरण:

    प्रथम स्थान प्राप्त करो
    दसवाँ दरवाज़ा खुला है

    अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण

    • जहाँ संख्या निश्चित न हो, अनुमानित हो।

    उदाहरण:

    कुछ लोग वहाँ इकट्ठे हैं
    कई बार मैंने तुम्हें बुलाया

    संख्यावाचक vs परिमाणवाचक विशेषण: तुलना

    पैरामीटरसंख्यावाचक विशेषणपरिमाणवाचक विशेषण
    बोधसंख्या या क्रममात्रा या परिमाण
    उदाहरण"चार फल""थोड़ा दूध"
    प्रकारनिश्चित/अनिश्चितनिश्चित/अनिश्चित
    मापगणनीय वस्तुएँअगणनीय वस्तुएँ

    प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण नियम

    1. वचन सम्बन्ध:

    • संख्यावाचक विशेषण के बाद आने वाली संज्ञा का वचन संख्या के अनुसार होता है

    उदाहरण:

    • "एक लड़का" (एकवचन)
    • "दो लड़के" (बहुवचन)

    2. क्रमवाचक के प्रयोग:

    • क्रमवाचक विशेषण के बाद संज्ञा सदैव एकवचन में होती है

    उदाहरण:

    • "पाँचवीं कक्षा" (गलत: पाँचवीं कक्षाएँ)

    3. अनिश्चित संख्यावाचक:

    इनके बाद संज्ञा बहुवचन में आती है

    उदाहरण:

    • "कुछ किताबें"
    • "अनेक लोग"

    पिछले वर्षों के प्रश्न (हल सहित)

    प्रश्न. 1: "निम्न में कौन सा वाक्य अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण का उदाहरण है?"

    UGC NET हिंदी (2023):

    (a) दस विद्यार्थी उपस्थित थे

    (b) वह तीसरी मंज़िल पर रहता है

    (c) कई लोगों ने शिकायत की

    (d) प्रथम पुरस्कार जीतो

    उत्तर: (c) कई लोगों ने शिकायत की


    प्रश्न:   "क्रमवाचक विशेषण का सही उदाहरण चुनें:"

    CTET हिंदी (2022):

    (a) सौ रुपये

    (b) सातवाँ आकाश

    (c) थोड़ा पानी

    (d) कुछ फल

    उत्तर:  (b) सातवाँ आकाश

    **प्रश्न:** "संख्यावाचक और परिमाणवाचक विशेषण में मूल अंतर क्या है?"

    TET हिंदी (2021):

    उत्तर:

    संख्यावाचक गणनीय वस्तुओं की संख्या बताता है जबकि परिमाणवाचक अगणनीय वस्तुओं की मात्रा।


    अभ्यास प्रश्नोत्तरी

    • कुछ बच्चे मैदान में खेल रहे हैं  इस वाक्य में विशेषण का प्रकार बताएँ।
    • संख्यावाचक विशेषण के दो उपभेदों के नाम लिखिए।
    • बीस किलो चावल - यहाँ किस प्रकार का विशेषण है?

    परीक्षा रणनीति और तैयारी टिप्स

    मूल अंतर याद रखें:

    • संख्यावाचक vs परिमाणवाचक

    वाक्य संरचना पर ध्यान दें:

    • विशेषण के बाद संज्ञा का वचन

    प्रमुख उदाहरण कंठस्थ करें:

    • "एक", "प्रथम", "कई" जैसे शब्द

    त्रुटि स्पॉटिंग का अभ्यास करें:

    जैसे:-

    • दो लड़का (गलत)
    • दो लड़के" (सही)

    पिछले प्रश्नों का विश्लेषण करें:

    • परीक्षा पैटर्न समझने हेतु

    विशेष सुझाव:

    • डॉ. हरदेव बाहरी की पुस्तक "हिंदी व्याकरण" का अध्ययन करें जिसमें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विस्तृत व्याख्या है।

    निष्कर्ष

    • संख्यावाचक विशेषण हिंदी व्याकरण का अपरिहार्य घटक है जो भाषा को सटीकता और स्पष्टता प्रदान करता है।
    • प्रतियोगी परीक्षाओं में इस विषय से सम्बंधित प्रश्न अक्सर वाक्य शुद्धि, विशेषण पहचान और त्रुटि सुधार के रूप में पूछे जाते हैं।
    • नियमित अभ्यास और उदाहरणों की समझ से आप इस टॉपिक में पूर्ण दक्षता प्राप्त कर सकते हैं।

    परिमाणवाचक विशेषण - परिभाषा, भेद, नियम और पिछले वर्षों के प्रश्न | हिंदी व्याकरण

     परिमाणवाचक विशेषण: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सम्पूर्ण गाइड

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      परिमाणवाचक विशेषण क्या है?

      • परिमाणवाचक विशेषण हिंदी व्याकरण का मौलिक अंग है जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की मात्रा, परिमाण या नाप-तौल का बोध कराता है।
      • यह विशेषण उन वस्तुओं के लिए प्रयुक्त होता है जिन्हें गिना नहीं जा सकता, बल्कि मापा जाता है।

      मुख्य विशेषताएँ:

      • मात्रा या परिमाण का बोध कराता है
      • अगणनीय वस्तुओं के लिए प्रयुक्त
      • संज्ञा से पहले आता है

      उदाहरण:

      • थोड़ा पानी पियो ⇒ "थोड़ा"

      परिमाणवाचक विशेषण के प्रमुख प्रकार

      1. निश्चित परिमाणवाचक विशेषण

      • जहाँ मात्रा स्पष्ट और निश्चित हो:

      उदाहरण:

      • "दो किलो चावल लाना"
      • "पाँच लीटर दूध खरीदो"
      • "एक मीटर कपड़ा काटो"

      2. अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण

      • जहाँ मात्रा स्पष्ट न हो, अनुमानित हो:

      उदाहरण:

      • "थोड़ा समय दीजिए"
      • "बहुत सारा पैसा खर्च किया"
      • "कुछ चावल बचे हैं"

      परिमाणवाचक vs संख्यावाचक विशेषण: तुलना तालिका

      पैरामीटरपरिमाणवाचक विशेषणसंख्यावाचक विशेषण
      बोधमात्रा या परिमाणसंख्या या क्रम
      वस्तु प्रकृतिअगणनीय वस्तुएँगणनीय वस्तुएँ
      उदाहरणकुछ दूधतीन किताबें
      मापनमापने योग्यगिनने योग्य
      वचनसंज्ञा एकवचन मेंसंख्या अनुसार वचन

      प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण नियम

      वचन सम्बन्ध:

      •  परिमाणवाचक विशेषण के साथ संज्ञा सदैव एकवचन में प्रयुक्त होती है

      उदाहरण:

      • थोड़ा पानी (सही)
      • थोड़े पानी (गलत)

      अगणनीय वस्तुएँ:

      • द्रव्य, धातु, अनाज जैसी अगणनीय वस्तुओं के लिए प्रयुक्त

      उदाहरण:-  चाँदी, तेल, चावल आदि

      मापन इकाइयाँ:

      • मापन इकाइयों के साथ संज्ञा एकवचन में रहती है

      उदाहरण:

      • दस किलो आटा
      • तीन लीटर पेट्रोल
      • एक बाल्टी पानी
      • चाय कप चाय

      पिछले वर्षों के प्रश्न (हल सहित)

      प्रश्न:  "निम्न में कौन सा वाक्य अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण का उदाहरण है?"

      UGC NET हिंदी (2023)

      (a) दो किलो सेब लाओ

      (b) वह पाँचवीं कक्षा में पढ़ता है

      (c) थोड़ा सा घी डालो

      (d) प्रथम स्थान आया

      उत्तर: (c) थोड़ा सा घी डालो


      प्रश्न:  "परिमाणवाचक विशेषण के साथ संज्ञा किस वचन में आती है?"

      CTET हिंदी (2022)

      (a) एकवचन

      (b) बहुवचन

      (c) दोनों

      (d) कोई निश्चित नहीं

      उत्तर: (a) एकवचन


      प्रश्न: "निम्न में कौन सा शब्द परिमाणवाचक विशेषण नहीं है?"

      TET हिंदी (2021):

      (a) कुछ

      (b) बहुत

      (c) थोड़ा

      (d) दस

      उत्तर: (d) दस (यह संख्यावाचक है)


      अभ्यास प्रश्नोत्तरी

      • "बहुत सारा पानी बह गया" - इस वाक्य में विशेषण का प्रकार बताएँ।
      • परिमाणवाचक विशेषण के दो उपभेदों के नाम लिखिए।
      • "कुछ लोग आए थे" - क्या यह परिमाणवाचक विशेषण है? कारण सहित बताएँ।

      परीक्षा रणनीति और तैयारी टिप्स

      मूल अंतर समझें:-

      • परिमाणवाचक और संख्यावाचक में भेद के अंतर को समझिये

      वाक्य संरचना पर ध्यान दें:-

      • विशेषण के बाद संज्ञा का वचन

      त्रुटि स्पॉटिंग का अभ्यास:-

      जैसे:-

      • "बहुत पानी" (सही)
      • "बहुत पानियाँ" (गलत)

      प्रमुख उदाहरण याद करें:-

      • थोड़ा
      • कुछ
      • बहुत

      पिछले प्रश्नों का विश्लेषण:-

      • परीक्षा पैटर्न समझने के लिए पिछले वर्ष के प्रश्नों का विशलेषण कीजिये

      विशेष सुझाव:

      • कामताप्रसाद गुरु की पुस्तक "हिंदी व्याकरण" का अध्ययन करें जिसमें विशेषणों का विस्तृत वर्गीकरण है।

      परिमाणवाचक विशेषण का व्यावहारिक प्रयोग

      दैनिक जीवन में:

      बाजार में सामान खरीदते समय:-

      • आधा किलो चीनी दीजिए
      • एक पाव धनियाँ दीजिये
      • एक पाकेट अगरबत्ती दीजिये

      रसोई में:-

      • एक चम्मच तेल डालो
      • दो बूंद घी डालो

      साहित्यिक प्रयोग:

      •  कबीर के दोहे:- "थोथा चना बाजे घना"
      •  मुक्तिबोध की कविता:- "कुछ रहस्यमयी सा अंधकार"

      वैज्ञानिक भाषा में:

      • कुछ मात्रा में ऑक्सीजन मिलाएँ
      • अधिक दबाव डालने पर वर्फ पिघल जाता है
      • इस मिश्रण में बहुत अशुद्धियाँ है

      निष्कर्ष

      • परिमाणवाचक विशेषण हिंदी व्याकरण का अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है जो भाषा को सटीकता और व्यावहारिकता प्रदान करता है।
      • प्रतियोगी परीक्षाओं में इस विषय से सम्बंधित प्रश्न अक्सर वाक्य शुद्धि, विशेषण पहचान और त्रुटि सुधार के रूप में पूछे जाते हैं।
      • नियमों की समझ और नियमित अभ्यास से आप इस टॉपिक में पूर्ण निपुणता प्राप्त कर सकते हैं।
      • यह विभिन प्रकार के प्रतियोगी परीक्षाओ  जैसे:- UPTET, Super TET, UGC Net, TGT, PGT, HTET, STET, REET, UPSSSC, UP POLICE, UP ASI, UP SI आदि में पूछे जाते है

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