बहुव्रीहि समास (Bahuvrihi Samas in Hindi): परिभाषा, भेद, उदाहरण और Short Tricks | प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष
यदि आप UPP (UP Police Constable/SI), UPSI, UPSSSC (PET/VDO/Lekhpal), SSC (GD), UPTET या SUPERTET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो हिंदी व्याकरण का बहुव्रीहि समास (Bahuvrihi Samas) टॉपिक सबसे महत्वपूर्ण और भ्रमित करने वाला विषय माना जाता है। परीक्षाओं में बहुव्रीहि समास से 1 से 2 प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।
छात्र अक्सर बहुव्रीहि, द्विगु और कर्मधारय समास के बीच भ्रमित हो जाते हैं। इस ब्लॉग में हम बहुव्रीहि समास को बिल्कुल सरल भाषा में, मास्टर ट्रिक्स और प्रमुख उदाहरणों के साथ समझेंगे ताकि परीक्षा में आपका एक भी नंबर न कटे।
1. बहुव्रीहि समास किसे कहते हैं? (Definition)
जिस समास में कोई भी पद (पूर्वपद या उत्तरपद) प्रधान नहीं होता और दोनों पद मिलकर किसी तीसरे (अन्य) पद या विशेष अर्थ की ओर संकेत करते हैं, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।
सरल शब्दों में: इसमें दिए गए दो शब्दों का शाब्दिक अर्थ महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि उन दोनों से मिलकर निकलने वाला सांकेतिक या तीसरा अर्थ (प्रायः देवी-देवताओं का नाम या विशेष संज्ञा) प्रधान होता है।
उदाहरण:
लंबोदर = लंबा है उदर (पेट) जिसका अर्थात $\rightarrow$ भगवान श्री गणेश
दशानन = दस हैं आनन (मुख) जिसके अर्थात $\rightarrow$ रावण
नीलकंठ = नीला है कंठ जिसका अर्थात $\rightarrow$ भगवान शिव
2. बहुव्रीहि समास पहचानने की Master Short Tricks
परीक्षा में कम समय में बहुव्रीहि समास को पहचानने के लिए यह 3 ट्रिक्स याद रखें:
तीसरा अर्थ (Third Meaning): शब्द का सीधा अर्थ न निकलकर कोई पौराणिक, पौराणिक पात्र, या प्रसिद्ध तीसरे व्यक्ति का नाम सामने आएगा।
देवी-देवताओं के नाम: अधिकतर पौराणिक शब्द या देवी-देवताओं के पर्यायवाची शब्द इसी समास के अंतर्गत आते हैं (जैसे: चक्रपाणि, पीतांबर, वीणावादिनी)।
विग्रह करने की ट्रिक: समास विग्रह करने पर अंत में "जिसका", "जिसकी", "जिसके", "वह जो" जैसे शब्द आते हैं।
3. बहुव्रीहि समास के भेद (Types of Bahuvrihi Samas)
प्रतियोगी परीक्षाओं के स्तर को देखते हुए इसके 4 मुख्य भेदों को जानना आवश्यक है:
(I) समानाधिकरण बहुव्रीहि समास
इसमें दोनों पदों में समान विभक्ति (संज्ञा/विशेषण) होती है, लेकिन दोनों मिलकर तीसरे पद का बोध कराते हैं।
उदाहरण:
पीतांबर = पीले हैं वस्त्र जिसके अर्थात श्री कृष्ण
चतुर्भुज = चार हैं भुजाएँ जिसकी अर्थात भगवान विष्णु
(II) व्यधिकरण बहुव्रीहि समास
इसमें दोनों पदों की विभक्तियाँ अलग-अलग होती हैं। पहला पद प्रायः संज्ञा और दूसरा पद स्थान/अंग को दर्शाता है।
उदाहरण:
चक्रपाणि = चक्र है पाणी (हाथ) में जिसके अर्थात भगवान विष्णु
शूलपाणि = शूल है हाथ में जिसके अर्थात भगवान शिव
(III) तुल्ययोग/सह बहुव्रीहि समास
इसमें पहला पद 'स' या 'सह' (साथ) बोधक होता है।
उदाहरण:
सपरिवार = परिवार के साथ है जो
सदेह = देह के साथ है जो
(IV) व्यतिहार बहुव्रीहि समास
जिसमें लड़ाई-झगड़े, घात-प्रतिघात का बोध कराने वाले शब्दों का प्रयोग होता है।
उदाहरण:
लाठालाठी = लाठियों से जो लड़ाई हुई
गालागाली = गालियों से जो युद्ध हुआ
बाताबाती = बातों ही बातों में जो बहस हुई
4. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण उदाहरण (Important Examples)
| समस्त पद | समास विग्रह | तीसरा (विशेष) अर्थ |
| दशानन | दस हैं आनन (मुख) जिसके | रावण |
| लंबोदर | लंबा है उदर (पेट) जिसका | गणेश जी |
| नीलकंठ | नीला है कंठ जिसका | शिव जी |
| चक्रपाणि | चक्र है हाथ में जिसके | विष्णु जी |
| वीणावादिनी | वीणा है जिसके हाथ में | सरस्वती जी |
| पंचानन | पाँच हैं आनन जिसके | शिव जी / हनुमान जी |
| निशाचर | निशा (रात) में विचरण करने वाला | राक्षस |
| त्रिनेत्र | तीन हैं नेत्र जिसके | शिव जी |
| अल्पबुद्धि | कम है बुद्धि जिसकी | मूर्ख व्यक्ति |
| दिगंबर | दिशाएँ ही हैं वस्त्र जिसके | शिव जी / जैन साधु |
5. छात्रों का सबसे बड़ा भ्रम (Confusions & Exceptions)
A. बहुव्रीहि बनाम द्विगु समास (संख्यावाचक शब्दों में अंतर)
द्विगु समास: यदि पहला पद संख्यावाचक हो और वह केवल समूह को दर्शाए।
उदाहरण: चौराहा = चार राहों का समूह $\rightarrow$ द्विगु समास
बहुव्रीहि समास: यदि पहला पद संख्यावाचक हो लेकिन वह किसी तीसरे विशेष व्यक्ति को दर्शाए।
उदाहरण: दशानन = दस हैं आनन जिसके अर्थात रावण $\rightarrow$ बहुव्रीहि समास
B. बहुव्रीहि बनाम कर्मधारय समास
कर्मधारय समास: जब केवल विशेषण-विशेष्य (गुण) का संबंध हो।
उदाहरण: पीतांबर = पीला है जो अंबर (कपड़ा) $\rightarrow$ कर्मधारय समास
बहुव्रीहि समास: जब वह शब्द किसी व्यक्ति/देवता की पहचान बन जाए।
उदाहरण: पीतांबर = पीला है अंबर जिसका अर्थात श्रीकृष्ण $\rightarrow$ बहुव्रीहि समास
परीक्षा Master Rule: यदि परीक्षा के विकल्पों में 'पीतांबर', 'नीलकंठ', 'दशानन' या 'त्रिनेत्र' जैसे शब्द आएँ और विकल्प में कर्मधारय/द्विगु तथा बहुव्रीहि दोनों मौजूद हों, तो हमेशा बहुव्रीहि समास को ही प्राथमिकता दें।
6. पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न (Previous Year MCQs Practice)
Q1. "चक्रपाणि" में कौन-सा समास है? (UP Police Constable)
(A) तत्पुरुष समास
(B) बहुव्रीहि समास
(C) कर्मधारय समास
(D) द्विगु समास
उत्तर: (B) बहुव्रीहि समास (चक्र है हाथ में जिसके अर्थात विष्णु जी)
Q2. "लंबोदर" शब्द किस समास का उदाहरण है? (UPSSSC PET)
(A) अव्ययीभाव समास
(B) द्वंद्व समास
(C) बहुव्रीहि समास
(D) द्विगु समास
उत्तर: (C) बहुव्रीहि समास (तीसरा अर्थ 'गणेश जी' निकल रहा है)
Q3. किस शब्द में 'बहुव्रीहि समास' है? (UPSI / UPTET)
(A) चौराहा
(B) महात्मा
(C) नीलकंठ
(D) प्रतिदिन
उत्तर: (C) नीलकंठ (नीला है कंठ जिसका अर्थात शिव जी)
निष्कर्ष (Conclusion)
बहुव्रीहि समास को हल करना बहुत आसान है। बस याद रखें: जिस शब्द का शाब्दिक अर्थ छोड़कर कोई तीसरा पौराणिक या विशेष अर्थ निकले, वहाँ बहुव्रीहि समास होता है।
यदि आप UPP, UPSI, UPSSSC PET, SSC GD या UPTET/SUPERTET की तैयारी कर रहे हैं, तो इन उदाहरणों और ट्रिक्स को अच्छे से रिवाइज कर लें।
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