सोमवार, 21 सितंबर 2026

नाबार्ड (NABARD): स्थापना, बी. शिवरामन समिति, कार्य, निधि योजनाएं एवं 20+ MCQs

नाबार्ड (NABARD): राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक — इतिहास, कार्य, योजनाएं एवं सम्पूर्ण परीक्षा उपयोगी नोट्स

भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (National Bank for Agriculture and Rural Development - NABARD/नाबार्ड) सबसे महत्वपूर्ण और सर्वोच्च वित्तीय संस्था (Apex Financial Institution) है। भारत में ग्रामीण ऋण (Rural Credit), कृषि पुनर्वित्त (Agricultural Refinance) और ग्रामीण अवसंरचना (Rural Infrastructure) को मजबूती प्रदान करने में नाबार्ड की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है।

इस विस्तृत लेख में हम नाबार्ड की स्थापना, बी. शिवरामन समिति, नाबार्ड अधिनियम 1981, संगठनात्मक संरचना, प्रमुख कार्य, RIDF जैसी निधियां, स्वामीत्व परिवर्तन, प्रमुख तथ्य तालिका, Quick Revision नोट्स, 20+ महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQs) का गहन अध्ययन करेंगे।

1. नाबार्ड क्या है और इसकी स्थापना की पृष्ठभूमि (Background & Evolution of NABARD)

स्वतंत्रता के बाद भारत में ग्रामीण और कृषि क्षेत्र को ऋण उपलब्ध कराने का कार्य मुख्य रूप से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के तहत 'कृषि ऋण विभाग' (Agricultural Credit Department - ACD) और 'ग्रामीण नियोजन और ऋण कक्ष' (RPCC) द्वारा किया जाता था। इसके साथ ही कृषि पुनर्वित्त और विकास निगम (ARDC) भी कार्यरत था।

जैसे-जैसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था का विस्तार हुआ, कृषि और ग्रामीण विकास के लिए एक समर्पित, स्वायत्त और सर्वोच्च बैंक की आवश्यकता महसूस हुई।

बी. शिवरामन समिति (B. Sivaraman Committee - CRAFICARD):

  • 30 मार्च 1979 को भारतीय रिजर्व बैंक ने योजना आयोग के पूर्व सदस्य बी. शिवरामन (B. Sivaraman) की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया।

  • इस समिति को CRAFICARD (Committee to Review Arrangements For Institutional Credit for Agriculture and Rural Development) के नाम से जाना जाता है।

  • सिफारिश: शिवरामन समिति ने कृषि, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, हस्तशिल्प और अन्य ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक एकीकृत सर्वोच्च संस्था के रूप में NABARD के गठन की सिफारिश की।

नाबार्ड अधिनियम और स्थापना:

  • समिति की सिफारिशों के आधार पर संसद ने राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक अधिनियम, 1981 (NABARD Act, 1981) पारित किया।

  • 12 जुलाई 1982 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा नाबार्ड की स्थापना की गई और इसे राष्ट्र को समर्पित किया गया।

  • नाबार्ड ने RBI के कृषि ऋण विभाग और ARDC का स्थान लिया।

2. नाबार्ड से संबंधित प्रमुख तथ्य: तालिका (Key Facts Table)

पहलू / बिंदुविवरण / मुख्य तथ्य
पूरा नाम (Full Name)National Bank for Agriculture and Rural Development (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक)
संस्था की प्रकृतिवैधानिक एवं सर्वोच्च विकास बैंक (Statutory & Apex Development Bank)
सिफारिश करने वाली समितिबी. शिवरामन समिति (CRAFICARD, 1979)
संबंधित अधिनियमनाबार्ड अधिनियम, 1981 (NABARD Act, 1981)
स्थापना की तिथि12 जुलाई 1982
उद्घाटनकर्ताश्रीमती इंदिरा गांधी (तत्कालीन प्रधानमंत्री)
आरंभिक शेयर पूंजी₹100 करोड़
वर्तमान स्वामित्व (Ownership)100% भारत सरकार (पूर्व में RBI और भारत सरकार का संयुक्त स्वामित्व था)
मुख्यालय (Headquarters)मुंबई, महाराष्ट्र
क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Offices)31 (देश के विभिन्न राज्यों एवं UTs में)
प्रमुख निधि (Major Fund)RIDF (Rural Infrastructure Development Fund - 1995-96)
संबद्ध नोडल मंत्रालयवित्त मंत्रालय (Ministry of Finance, Government of India)

3. नाबार्ड की संगठनात्मक संरचना और स्वामित्व परिवर्तन

(i) संगठनात्मक संरचना (Organizational Structure):

नाबार्ड का प्रबंधन एक निदेशक मंडल (Board of Directors) द्वारा किया जाता है, जिसे भारत सरकार द्वारा नाबार्ड अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार नियुक्त किया जाता है:

  • अध्यक्ष (Chairman): भारत सरकार द्वारा नियुक्त।

  • प्रबंध निदेशक (Managing Director) एवं उप-प्रबंध निदेशक: कार्यकारिणी का संचालन करते हैं।

  • अन्य निदेशक: ग्रामीण अर्थशास्त्र, कृषि, सहकारिता, वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs), और राज्य सरकारों के विशेषज्ञ प्रतिनिधि।

                                  ┌───────────────────────────┐
                                  │   नाबार्ड का संचालन मंडल  │
                                  └─────────────┬─────────────┘
                                                │
       ┌──────────────────┬─────────────────────┴─────────────────────┬──────────────────┐
       ▼                  ▼                                           ▼                  ▼
┌──────────────┐   ┌──────────────┐                            ┌──────────────┐   ┌──────────────┐
│    अध्यक्ष   │   │ प्रबन्ध निदेशक│                            │ राज्य सरकारों│   │ विशेषज्ञों व │
│  (Chairman)  │   │     (MD)     │                            │ के प्रतिनिधि │   │ विशेषज्ञों   │
└──────────────┘   └──────────────┘                            └──────────────┘   └──────────────┘

(ii) स्वामित्व में परिवर्तन (Change in Ownership Structure):

  • स्थापना के समय नाबार्ड की पूंजी में RBI (72.5%) और भारत सरकार (27.5%) की हिस्सेदारी थी।

  • हितों के टकराव (Conflict of Interest) को समाप्त करने के लिए (क्योंकि RBI नियामक है), भारत सरकार ने नाबार्ड अधिनियम में संशोधन करके वर्ष 2018 तक RBI की संपूर्ण हिस्सेदारी खरीद ली।

  • वर्तमान स्थिति: वर्तमान में नाबार्ड 100% भारत सरकार के स्वामित्व वाला विकास बैंक है।

4. नाबार्ड के प्रमुख कार्य (Functions of NABARD)

नाबार्ड के कार्यों को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है: वित्तीय (Financial), विकासात्मक (Developmental), और पर्यवेक्षी (Supervisory)।

1. वित्तीय कार्य (Financial Functions):

  • प्रत्यक्ष ऋण (Direct Finance): खाद्य प्रसंस्करण पार्कों, शीतगृहों (Cold Storage), और राज्य के स्वामित्व वाले निगमों को बुनियादी ढांचे के लिए सीधा ऋण देना।

  • पुनर्वित्त सुविधा (Refinance): नाबार्ड सीधे किसानों को ऋण नहीं देता है, बल्कि यह क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs), राज्य सहकारी बैंकों (StCBs), और वाणिज्यिक बैंकों (Commercial Banks) को पुनर्वित्त (Refinance) प्रदान करता है, जो आगे ग्रामीण क्षेत्रों को ऋण बांटते हैं।

  • दीर्घावधि व अल्पकालिक ऋण: कृषि गतिविधियों, फसल कटाई, और ग्रामीण संपत्तियों के निर्माण हेतु अल्पकालिक और दीर्घावधि पुनर्वित्त।

2. संस्थागत एवं विकासात्मक कार्य (Developmental Functions):

  • स्वयं सहायता समूह-बैंक लिंकेज कार्यक्रम (SHG-Bank Linkage Programme): नाबार्ड ने 1992 में SHG-Bank Linkage मॉडल की शुरुआत की, जो दुनिया का सबसे बड़ा सूक्ष्म वित्त (Microfinance) कार्यक्रम बन गया है।

  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): वर्ष 1998 में नाबार्ड और RBI ने मिलकर मॉडल KCC योजना तैयार की (आर. वी. गुप्ता समिति की सिफारिश पर)।

  • वाटरशेड और जनजातीय विकास: जनजातीय समुदायों के लिए 'वाड़ी कार्यक्रम' (Wadi Model) और जल संरक्षण के लिए वाटरशेड विकास योजनाएं।

3. पर्यवेक्षी कार्य (Supervisory Functions):

  • नाबार्ड अधिनियम की धारा 35(6) के तहत, नाबार्ड को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) और राज्य सहकारी बैंकों (StCBs / DCCBs) का निरीक्षण और पर्यवेक्षण करने का वैधानिक अधिकार प्राप्त है।

5. नाबार्ड द्वारा संचालित प्रमुख निधियाँ (Key Funds Managed by NABARD)

  1. ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास निधि (RIDF - Rural Infrastructure Development Fund):

    • स्थापना: 1995-96 में भारत सरकार द्वारा।

    • उद्देश्य: राज्य सरकारों और राज्य के स्वामित्व वाले निगमों को ग्रामीण बुनियादी ढांचे (सिंचाई, ग्रामीण सड़कें, पुल) के निर्माण के लिए कम लागत वाली धनराशि उपलब्ध कराना।

    • स्रोत: वाणिज्यिक बैंकों द्वारा प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र ऋण (PSL) के लक्ष्य में आई कमी का पैसा RIDF में जमा कराया जाता है।

  2. खाद्य प्रसंस्करण कोष (Food Processing Fund - FPF):

    • मेगा फूड पार्कों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को रियायती दर पर ऋण प्रदान करने के लिए ₹2,000 करोड़ का कोष।

  3. दीर्घकालिक सिंचाई निधि (LTIF - Long Term Irrigation Fund):

    • 99 प्राथमिकता वाली अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को त्वरित गति से पूरा करने के लिए स्थापित।

  4. माइक्रो इरिगेशन फंड (MIF - Micro Irrigation Fund):

    • 'प्रति बूंद अधिक फसल' (Per Drop More Crop) के तहत सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप व स्प्रिंकलर) के विस्तार हेतु स्थापित।

6. Quick Revision Notes (प्रतियोगी परीक्षा हेतु त्वरित पुनरीक्षण)

  • स्थापना तिथि: 12 जुलाई 1982।

  • अनुशंसा समिति: बी. शिवरामन समिति (CRAFICARD, 1979)।

  • संसदीय अधिनियम: NABARD Act, 1981।

  • मुख्यालय: मुंबई, महाराष्ट्र।

  • स्वामित्व: 100% भारत सरकार (RBI की पूरी हिस्सेदारी सरकार ने खरीद ली)।

  • मुख्य कार्य प्रकृति: कृषि और ग्रामीण विकास हेतु पुनर्वित्त (Refinance) प्रदान करना (यह सीधे जनता से जमा स्वीकार नहीं करता और न ही व्यक्तिगत ऋण देता है)।

  • SHG-Bank Linkage Programme: नाबार्ड द्वारा 1992 में शुरू किया गया।

  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): नाबार्ड द्वारा 1998 में प्रारूप तैयार किया गया।

  • RIDF की शुरुआत: 1995-96 (कम लागत वाली ग्रामीण अवसंरचना निधि)।

  • पर्यवेक्षण अधिकार: RRBs और राज्य सहकारी बैंकों का निरीक्षण करता है।

7. विगत वर्षों के 20+ महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (Previous Years MCQs)

Q1. नाबार्ड (NABARD) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

(a) 1975

(b) 1980

(c) 1982

(d) 1990

उत्तर: (c)

Q2. किस समिति की सिफारिश पर नाबार्ड का गठन किया गया था?

(a) नरसिंहम समिति

(b) बी. शिवरामन समिति

(c) तारापोर समिति

(d) केलकर समिति

उत्तर: (b)

Q3. नाबार्ड अधिनियम संसद द्वारा किस वर्ष पारित किया गया था?

(a) 1979

(b) 1980

(c) 1981

(d) 1982

उत्तर: (c)

Q4. नाबार्ड का मुख्यालय कहाँ स्थित है?

(a) नई दिल्ली

(b) कोलकाता

(c) बेंगलुरु

(d) मुंबई

उत्तर: (d)

Q5. राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) में वर्तमान में किसकी 100% हिस्सेदारी है?

(a) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)

(b) भारत सरकार

(c) भारतीय स्टेट बैंक (SBI)

(d) संयुक्त रूप से RBI और भारत सरकार

उत्तर: (b)

Q6. नाबार्ड की स्थापना के समय इसकी प्रारंभिक शेयर पूंजी कितनी थी?

(a) ₹50 करोड़

(b) ₹100 करोड़

(c) ₹500 करोड़

(d) ₹1000 करोड़

उत्तर: (b)

Q7. निम्नलिखित में से कौन सी संस्था सीधे किसानों को व्यक्तिगत कृषि ऋण प्रदान नहीं करती है?

(a) क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक

(b) नाबार्ड (NABARD)

(c) वाणिज्यिक बैंक

(d) प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS)

उत्तर: (b)

Q8. नाबार्ड द्वारा 'स्वयं सहायता समूह-बैंक लिंकेज कार्यक्रम' (SHG-Bank Linkage Programme) किस वर्ष शुरू किया गया था?

(a) 1988

(b) 1992

(c) 1998

(d) 2001

उत्तर: (b)

Q9. ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास निधि (RIDF) का रखरखाव किसके द्वारा किया जाता है?

(a) RBI

(b) SEBI

(c) नाबार्ड

(d) वित्त मंत्रालय

उत्तर: (c)

Q10. RIDF (Rural Infrastructure Development Fund) की शुरुआत किस वित्तीय वर्ष में की गई थी?

(a) 1991-92

(b) 1995-96

(c) 2000-01

(d) 2004-05

उत्तर: (b)

Q11. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना का प्रारूप किस समिति की सिफारिशों पर नाबार्ड द्वारा 1998 में तैयार किया गया था?

(a) आर. वी. गुप्ता समिति

(b) वाई. वी. रेड्डी समिति

(c) दीपक मोहंती समिति

(d) उरजीत पटेल समिति

उत्तर: (a)

Q12. नाबार्ड निम्नलिखित में से किन संस्थाओं का पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण करने के लिए अधिकृत है?

(a) केवल निजी बैंक

(b) क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) और राज्य सहकारी बैंक

(c) विदेशी बैंक

(d) केवल शेयर दलाल

उत्तर: (b)

Q13. नाबार्ड की स्थापना के समय भारत के प्रधानमंत्री कौन थे?

(a) मोरारजी देसाई

(b) राजीव गांधी

(c) श्रीमती इंदिरा गांधी

(d) वी. पी. सिंह

उत्तर: (c)

Q14. CRAFICARD समिति का गठन किस संस्था द्वारा 1979 में किया गया था?

(a) भारत सरकार

(b) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)

(c) योजना आयोग

(d) वित्त आयोग

उत्तर: (b)

Q15. नाबार्ड ने स्थापना के समय भारतीय रिजर्व बैंक के किस विभाग का स्थान लिया था?

(a) मुद्रा प्रबंधन विभाग

(b) कृषि ऋण विभाग (ACD) और ARDC

(c) विदेशी मुद्रा विभाग

(d) बैंकिंग पर्यवेक्षण विभाग

उत्तर: (b)

Q16. वाणिज्यिक बैंकों द्वारा प्राथमिक क्षेत्र ऋण (PSL) के लक्ष्य में आई कमी को किस कोष में जमा कराया जाता है?

(a) राष्ट्रीय बचत कोष

(b) ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास निधि (RIDF)

(c) प्रधानमंत्री फसल बीमा कोष

(d) भारत की संचित निधि

उत्तर: (b)

Q17. नाबार्ड द्वारा जनजातीय विकास के लिए कौन सा प्रसिद्ध मॉडल चलाया जाता है?

(a) वाड़ी मॉडल (Wadi Model)

(b) ग्राम श्री मॉडल

(c) किसान मित्र मॉडल

(d) हरियाली मॉडल

उत्तर: (a)

Q18. नाबार्ड किस प्रकार का बैंक है?

(a) वाणिज्यिक बैंक

(b) भुगतान बैंक

(c) पुनर्वित्त एवं विकास बैंक (Apex Refinance & Development Bank)

(d) स्मॉल फाइनेंस बैंक

उत्तर: (c)

Q19. 'दीर्घकालिक सिंचाई निधि' (LTIF) का प्रबंधन किस संस्था द्वारा किया जाता है?

(a) नाबार्ड

(b) जल शक्ति मंत्रालय

(c) नीति आयोग

(d) केंद्रीय जल आयोग

उत्तर: (a)

Q20. नाबार्ड का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(a) केवल बड़े शहरों का विकास

(b) कृषि, कुटीर एवं ग्रामोद्योग और ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों का संवर्धन

(c) शेयर बाजार का नियमन

(d) विदेशी व्यापार को बढ़ावा देना

उत्तर: (b)

Q21. नाबार्ड अधिनियम, 1981 की किस धारा के तहत इसे बैंकों के निरीक्षण की शक्ति प्राप्त है?

(a) धारा 12

(b) धारा 22

(c) धारा 35(6)

(d) धारा 40

उत्तर: (c)

8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions - FAQs)

Q1. नाबार्ड का मुख्य कार्य क्या है?

उत्तर: नाबार्ड का मुख्य कार्य कृषि, लघु एवं कुटीर उद्योगों, हस्तशिल्प तथा अन्य ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों के संवर्धन हेतु बैंकों को पुनर्वित्त (Refinance) प्रदान करना और ग्रामीण अवसंरचना के विकास के लिए ऋण उपलब्ध कराना है।

Q2. क्या कोई आम नागरिक नाबार्ड में अपना बैंक खाता खोल सकता है?

उत्तर: नहीं, नाबार्ड आम जनता के लिए बचत या चालू खाता सेवा प्रदान नहीं करता है। यह एक शीर्ष विकास बैंक (Apex Development Bank) है जो केवल वित्तीय संस्थानों और राज्य सरकारों के साथ लेन-देन करता है।

Q3. नाबार्ड और RBI में मुख्य अंतर क्या है?

उत्तर: RBI पूरे देश का केंद्रीय बैंक है जो मौद्रिक नीति और संपूर्ण बैंकिंग प्रणाली का नियंत्रण करता है। वहीं, नाबार्ड केवल कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में पुनर्वित्त और विकास का कार्य करने वाला सर्वोच्च बैंक है।

Q4. RIDF क्या है और इसका संचालन कौन करता है?

उत्तर: RIDF (Rural Infrastructure Development Fund) ग्रामीण बुनियादी ढांचे (जैसे सिंचाई, सड़कें, ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र) के निर्माण हेतु एक निधि है, जिसका गठन 1995-96 में किया गया था और इसका संचालन नाबार्ड द्वारा किया जाता है।

9. निष्कर्ष (Conclusion)

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) स्वतंत्र भारत के ग्रामीण आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाली सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक है। 12 जुलाई 1982 को अपनी स्थापना के बाद से नाबार्ड ने न केवल ग्रामीण ऋण प्रवाह को सुव्यवस्थित किया है, बल्कि सूक्ष्म वित्त (SHG-Bank Linkage), किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), और RIDF जैसी दूरदर्शी योजनाओं के माध्यम से करोड़ों ग्रामीण परिवारों के सामाजिक-आर्थिक स्तर में सुधार किया है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से नाबार्ड की स्थापना पृष्ठभूमि (शिवरामन समिति), नाबार्ड अधिनियम 1981, RIDF, SHG-Bank Linkage कार्यक्रम, 100% सरकारी स्वामित्व और इसके पर्यवेक्षी अधिकार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह लेख परीक्षाओं के दृष्टिकोण से संपूर्ण अध्ययन सामग्री प्रदान करता है।

नाबार्ड (NABARD): स्थापना, बी. शिवरामन समिति, कार्य, निधि योजनाएं एवं 20+ MCQs

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