Dvandva Samas in Hindi (द्वंद्व समास) | परिभाषा, भेद, उदाहरण और Short Tricks | UPP, UPSI, UPSSSC, UPTET
द्वंद्व समास (Dvandva Samas in Hindi): परिभाषा, भेद, उदाहरण और Short Tricks | प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष
यदि आप UPP (UP Police Constable/SI), UPSI, UPSSSC (PET/VDO/Lekhpal), SSC (GD), UPTET या SUPERTET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो हिंदी व्याकरण का द्वंद्व समास (Dvandva Samas) टॉपिक सबसे आसान और अंकदायी (Scoring) विषयों में से एक है। परीक्षाओं में द्वंद्व समास और इसके भेदों से हर बार 1 से 2 प्रश्न ज़रूर पूछे जाते हैं।
इस ब्लॉग में हम द्वंद्व समास की परिभाषा, इसके मुख्य भेदों और पहचान की शॉर्ट ट्रिक्स को बिल्कुल सरल भाषा में समझेंगे ताकि परीक्षा में आपका एक भी उत्तर गलत न हो।
1. द्वंद्व समास किसे कहते हैं? (Definition)
जिस समास के दोनों पद (पूर्वपद और उत्तरपद) प्रधान होते हैं तथा विग्रह करने पर बीच में 'और', 'या', 'अथवा', 'तथा' जैसे योजक शब्दों का प्रयोग होता है, उसे द्वंद्व समास कहते हैं।
सरल शब्दों में: इसमें दोनों शब्द बराबर महत्व के होते हैं। प्रायः दोनों पद एक-दूसरे के विलोम, पूरक या जोड़े वाले शब्द होते हैं।
उदाहरण:
माता-पिता = माता और पिता
पाप-पुण्य = पाप या पुण्य
दाल-रोटी = दाल और रोटी
2. द्वंद्व समास के भेद (Types of Dvandva Samas)
प्रतियोगी परीक्षाओं के स्तर को देखते हुए द्वंद्व समास के 3 मुख्य भेदों को समझना अत्यंत आवश्यक है:
(I) इतरेतर द्वंद्व समास (Iteretar Dvandva)
जिस द्वंद्व समास में दोनों पद अलग-अलग अपना अस्तित्व रखते हैं और विग्रह करने पर बीच में 'और' या 'तथा' आता है।
Short Trick: इसमें दोनों पद मिलकर एक जोड़ा बनाते हैं।
उदाहरण:
राम-लक्ष्मण = राम और लक्ष्मण
सीता-राम = सीता और राम
भाई-बहन = भाई और बहन
कृष्ण-अर्जुन = कृष्ण और अर्जुन
(II) विकल्पक द्वंद्व समास (Vikalpak Dvandva)
जिस द्वंद्व समास में दोनों पदों के बीच में विकल्प (Choice) या विरोध का भाव होता है और विग्रह करने पर 'या' या 'अथवा' आता है।
Short Trick: इसमें दोनों पद एक-दूसरे के विलोम (Opposite) होते हैं।
उदाहरण:
पाप-पुण्य = पाप या पुण्य
धर्म-अधर्म = धर्म या अधर्म
सुख-दुख = सुख या दुख
थोड़ा-बहुत = थोड़ा या बहुत
(III) समाहार द्वंद्व समास (Samahar Dvandva)
जिस द्वंद्व समास के पदों के अर्थ के अलावा उसी प्रकार के अन्य अर्थों का भी समाहार (समूह) होता है और विग्रह के अंत में 'इत्यादि' या 'आदि' लगता है।
Short Trick: यह एक पूरा वर्ग या दैनिक जीवन के समूह को दर्शाता है।
उदाहरण:
दाल-रोटी = दाल-रोटी इत्यादि (भोजन का समाहार)
हाथ-पांव = हाथ-पांव इत्यादि (शरीर के अंग)
सेठ-साहूकार = सेठ-साहूकार इत्यादि
कीड़ा-मकोड़ा = कीड़ा-मकोड़ा इत्यादि
3. द्वंद्व समास की Master Short Tricks
परीक्षा में कम समय में सही उत्तर चुनने के लिए इन 3 ट्रिक्स का ध्यान रखें:
योजक चिह्न (-): अधिकतर (लेकिन सभी नहीं) द्वंद्व समास वाले शब्दों के बीच में योजक चिह्न (
-) लगा होता है (जैसे: दिन-रात, देश-विदेश)।विलोम या पूरक शब्द: पद प्रायः एक-दूसरे के विपरीत (जैसे: लाभ-हानि) या पूरक (जैसे: चाय-पानी) होते हैं।
संधि वाले शब्द (बिना योजक वाले द्वंद्व): कई बार परीक्षा में योजक चिन्ह नहीं दिया जाता, वहाँ संधि को तोड़कर देखें:
धर्माधर्म = धर्म + अधर्म (धर्म या अधर्म) $\rightarrow$ विकल्पक द्वंद्व
देवासुर = देव + असुर (देव और असुर) $\rightarrow$ इतरेतर द्वंद्व
लाभालाभ = लाभ + अलाभ (लाभ या अलाभ) $\rightarrow$ विकल्पक द्वंद्व
4. द्वंद्व समास बनाम अव्ययीभाव समास (कन्फ्यूजन दूर करें)
छात्र अक्सर योजक चिह्न (-) देखकर भ्रमित हो जाते हैं:
द्वंद्व समास: यदि योजक चिह्न के दोनों तरफ अलग-अलग/विपरीत शब्द हों $\rightarrow$ माता-पिता, दिन-रात, सुख-दुख।
अव्ययीभाव समास: यदि योजक चिह्न के दोनों तरफ एक ही शब्द का दोहराव हो $\rightarrow$ धीरे-धीरे, रातोरात, पल-पल।
5. पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न (Previous Year MCQs Practice)
Q1. "माता-पिता" में कौन-सा समास है? (UP Police Constable)
(A) बहुव्रीहि समास
(B) तत्पुरुष समास
(C) द्वंद्व समास
(D) द्विगु समास
उत्तर: (C) द्वंद्व समास (माता और पिता)
Q2. "धर्माधर्म" शब्द में कौन-सा समास है? (UPSSSC PET)
(A) अव्ययीभाव समास
(B) द्वंद्व समास
(C) तत्पुरुष समास
(D) द्विगु समास
उत्तर: (B) द्वंद्व समास (धर्म या अधर्म - विकल्पक द्वंद्व)
Q3. किस शब्द में 'द्वंद्व समास' नहीं है? (UPSI / UPTET)
(A) दाल-भात
(B) लाभालाभ
(C) रातोरात
(D) पाप-पुण्य
उत्तर: (C) रातोरात (रातोरात = रात ही रात में $\rightarrow$ अव्ययीभाव समास)
निष्कर्ष (Conclusion)
द्वंद्व समास को हल करना बहुत आसान है। बस याद रखें: जिसमें दोनों पद प्रधान हों, विग्रह करने पर 'और/या' आए, और पद एक-दूसरे के विपरीत या पूरक हों, वहाँ द्वंद्व समास होता है।
यदि आप UPP, UPSI, UPSSSC, SSC GD, UPTET या SUPERTET की तैयारी कर रहे हैं, तो इन उदाहरणों और ट्रिक्स का अभ्यास ज़रूर करें।
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