Shabd Bhed in Hindi (शब्द भेद) | वर्गीकरण, प्रकार, उदाहरण और Short Tricks | UPP, UPSI, UPSSSC
शब्द भेद (Shabd Bhed in Hindi): वर्गीकरण, प्रकार, उदाहरण और Short Tricks | प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका
यदि आप UPP (UP Police Constable/SI/ASI), UPSI, UPSSSC (PET/VDO/Junior Assistant/Lekhpal), SSC GD, UPTET, SUPERTET या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो हिंदी व्याकरण का अध्याय 'शब्द भेद' (Classification of Words in Hindi) अत्यंत महत्वपूर्ण है। परीक्षाओं में तत्सम-तद्भव, रूढ़-यौगिक-योगरूढ़, विकारी-अविकारी और शब्द-शक्तियों से संबंधित 3 से 5 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं।
आपके द्वारा प्रदान किए गए नोट्स को परीक्षा के दृष्टिकोण से मानक व्याकरणिक नियमों, सुव्यवस्थित वर्गीकरण, पूर्णता और SEO फ्रेंडली प्रारूप में नीचे प्रस्तुत किया गया है।
1. शब्द और शब्द भेद की परिभाषा (Definition)
शब्द किसे कहते हैं? एक या अधिक वर्णों के मेल से बने सार्थक ध्वनिसमूह को 'शब्द' कहते हैं (जैसे: घर, कमल, भारत)।
पद किसे कहते हैं? जब वही शब्द किसी वाक्य में व्याकरणिक नियमों (लिंग, वचन, कारक आदि) के अनुसार प्रयुक्त होता है, तब वह 'पद' कहलाता है।
2. शब्द भेद का मुख्य वर्गीकरण (Master Classification Chart)
हिंदी में शब्दों का वर्गीकरण मुख्य रूप से 6 आधारों पर किया जाता है:
┌────────────────────────────┐
│ शब्द भेद │
└─────────────┬──────────────┘
┌───────────────────┬───────────────────┼───────────────────┬───────────────────┐
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1. उत्पत्ति / 2. रचना / व्युत्पत्ति 3. अर्थ के 4. प्रयोग / विकार 5. शब्द शक्ति
स्रोत के आधार पर के आधार पर आधार पर के आधार पर के आधार पर
├── तत्सम ├── रूढ़ ├── सार्थक ├── विकारी ├── अभिधा
├── तद्भव ├── यौगिक │ ├── एकार्थी │ ├── संज्ञा ├── लक्षणा
├── देशज └── योगरूढ़ │ ├── अनेकार्थी │ ├── सर्वनाम └── व्यंजना
├── विदेशज │ ├── पर्यायवाची │ ├── विशेषण
├── संकर │ └── विलोम │ └── क्रिया
└── अर्ध-तत्सम └── निरर्थक └── अविकारी (अव्यय)
├── क्रियाविशेषण
├── संबंधबोधक
├── समुच्चयबोधक
└── विस्मयादिबोधक
3. उत्पत्ति या स्रोत के आधार पर शब्द भेद (On the Basis of Origin)
उत्पत्ति या इतिहास के आधार पर शब्दों को मुख्य रूप से 5 भागों में बाँटा गया है:
(A) तत्सम शब्द
अर्थ: तत + सम (उसके समान अर्थात संस्कृत के समान)।
परिभाषा: संस्कृत भाषा के वे शब्द जो बिना किसी परिवर्तन के हिंदी में ज्यों के त्यों प्रयुक्त होते हैं।
उदाहरण: माता, पिता, अग्नि, अक्षोट, उष्ट्र, कर्पट, कुष्ठ, कंटक, कंकती, दुग्ध, दधि, पर्यंक, पुष्प, मर्कट, रात्रि, सूर्य, चंद्रमा, दिवस, भूमि आदि।
(B) तद्भव शब्द
अर्थ: तत + भव (उससे उत्पन्न / विकृत होकर बना)।
परिभाषा: संस्कृत के वे शब्द जो समय के साथ परिवर्तित/अपभ्रंश होकर हिंदी में प्रयोग किए जाते हैं।
उदाहरण: माँ, बाप, आग, अखरोट, ऊँट, कपड़ा, कोढ़, काँटा, कंघी, दूध, दही, पलंग, फूल, कपूर आदि।
(C) देशज शब्द
अर्थ: देश + ज (देश में जन्मा)।
परिभाषा: वे शब्द जो स्थानीय बोलियों/क्षेत्रीय जनता द्वारा आवश्यकतानुसार गढ़ लिए गए हैं और जिनके व्याकरणिक मूल स्रोत का पता नहीं चलता।
उदाहरण: कटोरा, थैला, खिड़की, गाड़ी, पेट, गोड़, दौड़, खिचड़ी, चप्पल, जूता, ठेस, डिबिया, तेंदुआ, धुँआ, लोटा, पगड़ी, फटाफटिया, फुनगी, भोंपू आदि।
(D) विदेशज / आगत शब्द (Videshaj Shabd)
परिभाषा: जो शब्द विदेशी भाषाओं (अंग्रेजी, अरबी, फारसी, तुर्की, पुर्तगाली, चीनी आदि) से हिंदी में आए हैं।
उदाहरण: आलमारी, आलपिन, अनानास, ऑफिस, ड्यूटी, कैंची, कालीन, कागज, संतरा, रिक्शा, लीची, चीकू, तंबाकू, सुनामी आदि।
(E) संकर शब्द (Shankar Shabd)
परिभाषा: दो अलग-अलग भाषाओं के शब्दों के मेल से बने नए शब्द।
उदाहरण:
रेलगाड़ी $\rightarrow$ रेल (अंग्रेजी) + गाड़ी (हिंदी)
रेलयात्री $\rightarrow$ रेल (अंग्रेजी) + यात्री (संस्कृत)
वर्षगांठ $\rightarrow$ वर्ष (संस्कृत) + गांठ (हिंदी)
उड़नतश्तरी $\rightarrow$ उड़न (हिंदी) + तश्तरी (फारसी)
(F) अर्ध-तत्सम शब्द (Ardh-Tatsam Shabd)
परिभाषा: संस्कृत के वे शब्द जो प्राकृतिक भाषाओं के प्रभाव से थोड़े परिवर्तित होकर हिंदी में प्रयुक्त होते हैं (तत्सम और तद्भव के बीच की स्थिति)।
उदाहरण: अगिन (अग्नि), अच्छर (अक्षर), कारज (कार्य), चंदर (चंद्र), दई (दैव), बच्छ (वत्स), मच्छ (मत्स्य), रात (रात्रि) आदि।
(G) अनुकरणात्मक शब्द (Anukaranatmak Shabd)
परिभाषा: किसी ध्वनि या क्रिया के अनुकरण पर बने शब्द।
उदाहरण: खटाखट, खनाखन, चलाचल, जलाजल, धनाधन, धमाधम, फटाफट, सटासट आदि।
4. रचना या व्युत्पत्ति के आधार पर शब्द भेद (On the Basis of Structure)
रचना के आधार पर शब्द 3 प्रकार के होते हैं:
| क्र.सं. | शब्द भेद | परिभाषा | पहचान/विशेषता | प्रमुख उदाहरण |
| 1 | रूढ़ शब्द | जिनके सार्थक खंड (टुकड़े) न किए जा सकें। | खंड करने पर टुकड़े निरर्थक हो जाते हैं। | जल, घर, घोड़ा, बैल, चावल, गेहूँ, घास, दूध, दही, घी, कुर्सी, मेज |
| 2 | यौगिक शब्द | जो दो या दो से अधिक सार्थक शब्दों/शब्दांशों से मिलकर बने हों। | उपसर्ग, प्रत्यय व संधि वाले शब्द। | चायवाला (चाय+वाला), अत्यधिक (अति+अधिक), सामाजिक (समाज+इक), हिमालय (हिम+आलय) |
| 3 | योगरूढ़ शब्द | जो यौगिक होते हुए भी किसी विशेष/तीसरे अर्थ के लिए प्रसिद्ध हो जाएँ। | बहुव्रीहि समास के सभी उदाहरण। | पंकज (पंक+ज = कमल), जलज (जल+ज = कमल), पीतांबर (पीला अंबर = श्रीकृष्ण) |
5. अर्थ के आधार पर शब्द भेद (On the Basis of Meaning)
अर्थ के आधार पर शब्दों को मुख्य रूप से 2 भागों में बाँटा जाता है:
┌────────────────────────────┐
│ अर्थ के आधार पर भेद │
└─────────────┬──────────────┘
┌───────────────────────────┴───────────────────────────┐
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1. सार्थक शब्द 2. निरर्थक शब्द
(जिनका निश्चित अर्थ होता है) (जिनका स्वतंत्र अर्थ नहीं होता)
सार्थक शब्द: जिनका कोई निश्चित अर्थ प्रकट होता है।
एकार्थी शब्द: जिनका केवल एक अर्थ होता है (उदा. राम, दिल्ली, गंगा, पटना)।
अनेकार्थी शब्द: जिनके एक से अधिक अर्थ होते हैं (उदा. हार = पराजय / गले की माला; कनक = सोना / धतूरा / गेहूं)।
पर्यायवाची शब्द: समान अर्थ देने वाले (उदा. सूर्य = दिनकर, दिवाकर, भानु)।
विलोम शब्द: विपरीत अर्थ देने वाले (उदा. दिन $\times$ रात)।
निरर्थक शब्द: जिनका स्वतंत्र रूप से कोई अर्थ नहीं होता, परंतु सार्थक शब्दों के साथ प्रयुक्त होकर बोलचाल में आते हैं (उदा. पानी-वानी, रोटी-वोटी, चाय-वाय)।
6. शब्द शक्ति के आधार पर भेद (Shabd Shakti)
काव्यशास्त्र और व्याकरण में शब्द का अर्थ व्यक्त करने वाली 3 शब्द-शक्तियाँ होती हैं:
| क्र.सं. | शब्द शक्ति | अर्थ / विशेषता | उदाहरण |
| 1 | अभिधा शब्द शक्ति | शब्द का सीधा, साधारण और मुख्य अर्थ (वाच्यार्थ) प्रकट करती है। | "गाय घास चरती है।" (साधारण अर्थ) |
| 2 | लक्षणा शब्द शक्ति | जब मुख्य अर्थ में बाधा आए और लक्षण के आधार पर अर्थ लिया जाए (लक्ष्यार्थ)। मुहावरे इसमें आते हैं। | "वह हवा से बातें कर रहा है।" (रूढ़ा लक्षणा) / "रमेश गधा है।" |
| 3 | व्यंजना शब्द शक्ति | जब न मुख्य अर्थ लिया जाए न लक्ष्यार्थ, बल्कि कोई तीसरा व्यंग्यात्मक अर्थ (व्यंग्यार्थ) निकले। | "संध्या के आठ बज गए।" (सबके लिए अलग अर्थ) |
7. विकार / प्रयोग के आधार पर शब्द भेद (Vikari & Avikari)
व्याकरणिक प्रयोग या रूप परिवर्तन के आधार पर शब्द 2 प्रकार के होते हैं:
(A) विकारी शब्द (Vikari Shabd)
परिभाषा: वे शब्द जिन पर लिंग, वचन, कारक और काल के प्रभाव से रूप परिवर्तित हो जाता है।
चार भेद:
संज्ञा (उदा. लड़का $\rightarrow$ लड़के $\rightarrow$ लड़कों)
सर्वनाम (उदा. वह $\rightarrow$ वे $\rightarrow$ उन्हें)
विशेषण (उदा. काला $\rightarrow$ काले $\rightarrow$ काली)
क्रिया (उदा. पढ़ता है $\rightarrow$ पढ़ते हैं $\rightarrow$ पढ़ेगी)
(B) अविकारी शब्द / अव्यय (Avikari Shabd / Avyay)
परिभाषा: वे शब्द जिन पर लिंग, वचन, कारक आदि का कोई प्रभाव नहीं पड़ता और वे सदैव अपरिवर्तित रहते हैं।
चार भेद:
क्रियाविशेषण (उदा. धीरे-धीरे, तेज, आज)
संबंधबोधक (उदा. के बिना, के साथ)
समुच्चयबोधक (उदा. और, परंतु, लेकिन)
विस्मयादिबोधक (उदा. वाह!, अरे!, हे भगवान!)
8. विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्न (Previous Year Solved MCQs)
Q1. शब्द शक्ति के कुल कितने भेद होते हैं? (UPSSSC Junior Assistant)
(A) तीन
(B) पाँच
(C) चार
(D) दो
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (A) तीन (अभिधा, लक्षणा, व्यंजना)
Q2. 'वह हवा से बातें कर रहा है।' वाक्य में कौन-सी शब्द शक्ति है? (UPSSSC Junior Assistant)
(A) रूढ़ा लक्षणा शब्द शक्ति
(B) अभिधा शब्द शक्ति
(C) प्रयोजनवती लक्षणा शब्द शक्ति
(D) लक्षणा शब्द शक्ति
(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (A) रूढ़ा लक्षणा शब्द शक्ति
Q3. 'पंकज' शब्द किस श्रेणी का शब्द है? (UP Police Constable)
(A) रूढ़
(B) यौगिक
(C) योगरूढ़
(D) विदेशज
उत्तर: (C) योगरूढ़ (पंक + ज = कीचड़ में जन्मा अर्थात कमल)
Q4. 'रेलगाड़ी' शब्द किस प्रकार का शब्द है? (UPSSSC PET)
(A) तत्सम
(B) देशज
(C) विदेशज
(D) संकर
उत्तर: (D) संकर (रेल = अंग्रेजी, गाड़ी = हिंदी)
9. अभ्यास प्रश्नोत्तरी (Practice Quiz for Exams)
'लोटा' और 'खिचड़ी' किस प्रकार के शब्द हैं?
'अत्यधिक' (अति + अधिक) शब्द रचना के आधार पर क्या कहलाएगा?
जिन शब्दों में लिंग, वचन और कारक के कारण विकार उत्पन्न नहीं होता, उन्हें क्या कहते हैं?
उत्तर कुंजी (Self Check):
देशज शब्द
यौगिक शब्द
अविकारी शब्द (अव्यय)
निष्कर्ष (Conclusion)
शब्द भेद हिंदी व्याकरण की नींव है। प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए शब्दों के मूल स्रोत (तत्सम/तद्भव/देशज), रचना (रूढ़/यौगिक/योगरूढ़) तथा विकारी व अविकारी शब्दों के अंतर को अच्छी तरह समझना आवश्यक है। इस पृष्ठ को अपनी तैयारी के लिए बुकमार्क करें और नियमित अभ्यास करें
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