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हिन्दी साहित्य के कवि
- कबीरदास
- तुलसीदास
- सूरदास
- मालिक मोहम्मद जायसी
- मीरा बाई
- बिहारी
- जयशंकर प्रसाद
- सुमित्रानंदन पंत
- सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला
- मैथिलीशरण गुप्त
- रामधारी सिंह दिनकर
- महादेवी वर्मा
- सुभद्राकुमारी चौहान
- मुंशी प्रेम चन्द्र
- बाबू गुलाब राय
- सचिदानन्द हीरानंद वात्सयान अज्ञेय
- हरिवंश राय बच्चन
- अश्वघोष
हिंदी साहित्य के प्रमुख कवि एवं उनकी रचनाएँ (Hindi Sahitya के Kavi aur Unki Rachnaye)
यदि आप UPP (UP Police Constable/SI/ASI), UPSI, UPSSSC (PET/VDO/Lekhpal/Junior Assistant), UPTET, Super TET, TGT/PGT, SSC GD या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो हिंदी साहित्य का इतिहास और प्रमुख कवि-रचनाएँ एक ऐसा विषय है जिससे 3 से 5 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं।
हिंदी साहित्य के इतिहास को अध्ययन की सुविधा के लिए चार मुख्य कालों में विभाजित किया गया है। नीचे कालक्रमानुसार प्रमुख कवियों, उनकी प्रसिद्ध रचनाओं, पुरस्कारों और महत्वपूर्ण तथ्यों की वर्गीकृत सारणी दी गई है।
1. हिंदी साहित्य के काल-विभाजन की रूपरेखा
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│ हिंदी साहित्य का काल-विभाजन (आचार्य शुक्ल) │
└──────────────┬─────────────┘
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1. आदिकाल 2. भक्तिकाल 3. रीतिकाल 4. आधुनिक काल
(वीरगाथा काल) (स्वर्ण युग) (श्रृंगार काल) (गद्य एवं पद्य युग)
[1050 - 1375 सं.] [1375 - 1700 सं.] [1700 - 1900 सं.] [1900 से अब तक]
2. आदिकाल (वीरगाथा काल) के प्रमुख कवि एवं रचनाएँ
आदिकाल में मुख्यतः रासो साहित्य, जैन साहित्य और सिद्ध साहित्य की रचना हुई।
| कवि का नाम | प्रसिद्ध रचनाएँ | विशेष बिंदु / परीक्षा उपयोगी तथ्य |
| चंदबरदाई | पृथ्वीराज रासो | हिंदी के प्रथम महाकवि और 'पृथ्वीराज रासो' हिंदी का प्रथम महाकाव्य है। |
| दलपति विजय | खुमाण रासो | मेवाड़ के राजा खुमाण के युद्धों का वर्णन। |
| जगनिक | परमाल रासो (आल्हाखंड) | आल्हा और ऊदल नामक दो वीरों की गाथा। |
| नरपति नाल्ह | बीसलदेव रासो | गेय काव्य (गीति-काव्य)। |
| अमीर खुसरो | पहेलियाँ, मुकरियाँ, दो सुखने, ग़ज़ल | खड़ी बोली हिंदी के प्रथम कवि, 'तोता-ए-हिंद' की उपाधि। |
| विद्यापति | कीर्तिलता, कीर्तिपताका, पदावली | मैथिल कोकिल, 'पदावली' मैथिली भाषा में रचित है। |
3. भक्तिकाल (हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग) के कवि एवं रचनाएँ
भक्तिकाल को दो धाराओं में बाँटा गया है: निर्गुण धारा (ज्ञानाश्रयी व प्रेमाश्रयी) और सगुण धारा (रामाश्रयी व कृष्णाश्रयी)।
(A) निर्गुण भक्ति धारा
| कवि का नाम | प्रसिद्ध रचनाएँ | धारा / सम्प्रदाय |
| कबीरदास | बीजक (साखी, सबद, रमैनी) | संत काव्य धारा (ज्ञानाश्रयी शाखा)। भाषा: सधुक्कड़ी / पंचमेल खिचड़ी। |
| मलिक मोहम्मद जायसी | पद्मावत, अखरावट, आखिरी कलाम, चित्ररेखा | सूफी काव्य धारा (प्रेमाश्रयी शाखा)। भाषा: अवधी। 'पद्मावत' महाकाव्य है। |
| गुरु नानक देव | जपुजी, आसा दी वार, रहिरास | संत साहित्य। |
(B) सगुण भक्ति धारा
| कवि का नाम | प्रसिद्ध रचनाएँ | धारा / सम्प्रदाय |
| गोस्वामी तुलसीदास | रामचरितमानस, कवितावली, गीतावली, दोहावली, विनयपत्रिका, हनुमान बाहुक | रामभक्ति शाखा। 'रामचरितमानस' अवधी भाषा में रचित महाकाव्य है। |
| सूरदास | सूरसागर, सूरसारावली, साहित्य लहरी | कृष्णभक्ति शाखा। वात्सल्य रस के सम्राट, भाषा: ब्रजभाषा। |
| मीराबाई | नरसी जी का मायरा, गीत गोविंद की टीका, राग गोविंद | कृष्णभक्ति। भाषा: राजस्थानी मिश्रित ब्रजभाषा। |
| रसखान | प्रेम वाटिका, सुजान रसखान | कृष्णभक्त मुस्लिम कवि। |
4. रीतिकाल के प्रमुख कवि एवं रचनाएँ
रीतिकाल में लक्षण-ग्रंथों और श्रृंगार रस की प्रधानता रही।
| कवि का नाम | प्रसिद्ध रचनाएँ | वर्ग / काव्यधारा |
| बिहारी लाल | बिहारी सतसई | रीतिसिद्ध कवि। (719 दोहे, गागर में सागर भरने वाले कवि)। |
| केशवदास | रामचंद्रिका, कविप्रिया, रसिकप्रिया | कठिन काव्य के प्रेत (आचार्य शुक्ल द्वारा प्रदत्त नाम)। |
| भूषण | शिव बावनी, छत्रसाल दशक, शिवराज भूषण | रीतिकाल में एकमात्र वीर रस के प्रमुख कवि। |
| घनानंद | सुजान सागर, विरह लीला, रसकेलि वल्ली | रीतिमुक्त काव्यधारा के प्रमुख कवि। |
| पद्माकर | पद्माभरण, जगतविनोद, गंगालहरी | रीतिबद्ध कवि। |
5. आधुनिक काल के प्रमुख कवि एवं उनकी रचनाएँ
आधुनिक काल को विभिन्न युगों में वर्गीकृत किया जाता है:
(A) भारतेंदु युग एवं द्विवेदी युग
भारतेंदु हरिश्चंद्र: भारत दुर्दशा, अंधेर नगरी, प्रेम मालिका, प्रेम तरंग (आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक)।
मैथिलीशरण गुप्त: साकेत (महाकाव्य), भारत-भारती, यशोधरा, जयद्रथ वध, पंचवटी (राष्ट्रकवि, महात्मा गांधी द्वारा प्रदत्त)।
अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध': प्रियप्रवास, वैदेही वनवास, चोखे चौपदे ('प्रियप्रवास' खड़ी बोली का प्रथम महाकाव्य है)।
(B) छायावाद के चार स्तंभ (छायावादी चतुष्टय)
छायावाद युग (1918–1936) हिंदी साहित्य का स्वर्ण काल माना जाता है।
| कवि का नाम | प्रसिद्ध रचनाएँ | विशेष उपलब्धि / उपाधि |
| जयशंकर प्रसाद | कामायनी (महाकाव्य), आँसू, लहर, झरना, चित्रधार | छायावाद के प्रवर्तक। |
| सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' | अनामिका, परिमल, गीतिका, राम की शक्ति पूजा, सरोज स्मृति | मुक्त छंद के प्रवर्तक, महाप्राण। |
| सुमित्रानंदन पंत | पल्लव, चिदंबरा, गुंजन, वीणा, लोकायतन | प्रकृति के सुकुमार कवि। 'चिदंबरा' के लिए प्रथम हिंदी ज्ञानपीठ पुरस्कार (1968)। |
| महादेवी वर्मा | यामा, नीरजा, निहार, सांध्यगीत, दीपशिखा | आधुनिक मीरा। 'यामा' के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार (1982)। |
(C) प्रगतिवाद, प्रयोगवाद एवं नयी कविता
रामधारी सिंह 'दिनकर': उर्वशी, रश्मिरथी, कुरुक्षेत्र, हुंकार, परशुराम की प्रतीक्षा ('उर्वशी' के लिए 1972 में ज्ञानपीठ पुरस्कार)।
सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय': कितनी नावों में कितनी बार, आँगन के पार द्वार, हरी घास पर क्षण भर (तार सप्तक के संपादक, 1978 में ज्ञानपीठ)।
हरिवंश राय बच्चन: मधुशाला, मधुबाला, मधुकलश, निशा निमंत्रण (हालावाद के प्रवर्तक)।
नागार्जुन: युगधारा, सतरंगे पंखों वाली, प्यासी पथराई आँखें (जनकवि)।
धर्मवीर भारती: अंधा युग, कनुप्रिया, सात गीत वर्ष।
गजानन माधव 'मुक्तिबोध': चाँद का मुँह टेढ़ा है, भूरी-भूरी खाक धूल।
6. ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त प्रमुख हिंदी साहित्यकार
प्रतियोगी परीक्षाओं में ज्ञानपीठ पुरस्कार से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं:
| वर्ष | साहित्यकार | रचना / योगदान |
| 1968 | सुमित्रानंदन पंत | चिदंबरा (हिंदी का प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार) |
| 1972 | रामधारी सिंह 'दिनकर' | उर्वशी |
| 1978 | अज्ञेय | कितनी नावों में कितनी बार |
| 1982 | महादेवी वर्मा | यामा |
| 1992 | नरेश मेहता | संपूर्ण साहित्य योगदान |
| 1999 | निर्मल वर्मा | संपूर्ण साहित्य योगदान |
| 2005 | कुंवर नारायण | संपूर्ण साहित्य योगदान |
7. विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्न (Previous Year MCQs)
Q1. खड़ी बोली हिंदी का प्रथम महाकाव्य कौन सा है? (UPSSSC PET / VDO)
(A) कामायनी
(B) प्रियप्रवास
(C) रामचरितमानस
(D) साकेत
उत्तर: (B) प्रियप्रवास (रचनाकार: अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध')
Q2. 'हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग' किस काल को कहा जाता है? (UP Police Constable)
(A) आदिकाल
(B) रीतिकाल
(C) भक्तिकाल
(D) आधुनिक काल
उत्तर: (C) भक्तिकाल
Q3. 'चिदंबरा' काव्य कृति के लिए सुमित्रानंदन पंत को कौन सा पुरस्कार मिला था? (UPSI)
(A) साहित्य अकादमी पुरस्कार
(B) ज्ञानपीठ पुरस्कार
(C) व्यास सम्मान
(D) भारत भारती सम्मान
उत्तर: (B) ज्ञानपीठ पुरस्कार (1968 में)
8. अभ्यास प्रश्नोत्तरी (Practice Quiz)
छायावाद के चार प्रमुख स्तंभों के नाम लिखिए।
'कठिन काव्य का प्रेत' किस कवि को कहा जाता है?
कबीरदास की रचनाओं का संग्रह किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर कुंजी (Self Check):
जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला', सुमित्रानंदन पंत और महादेवी वर्मा।
केशवदास
बीजक (साखी, सबद, रमैनी)
निष्कर्ष (Conclusion)
हिंदी साहित्य के कवि एवं उनकी रचनाएँ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इस विषय में पूरे अंक प्राप्त करने के लिए कालक्रमानुसार प्रमुख कवियों, उनकी महाकाव्यों तथा पुरस्कार प्राप्त कृतियों का नियमित पुनरीक्षण करें। इस अध्ययन सामग्री को अपनी तैयारी के लिए संभालकर रखें।