राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जीवन परिचय, रचनाएँ | Maithili Sharan Gupt Biography in Hindi
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राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त: जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, रचनाएँ और PYQs | प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका
आधुनिक हिंदी साहित्य के द्विवेदी युग के प्रतिनिधि कवि मैथिलीशरण गुप्त को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और हिंदी भाषा (खड़ी बोली) के विकास में अतुलनीय योगदान के लिए महात्मा गांधी द्वारा 'राष्ट्रकवि' की उपाधि प्रदान की गई थी। UPP, UPSI, UPSSSC (PET/VDO), UPTET, TGT/PGT आदि परीक्षाओं में इनके जीवन, पुरस्कारों और रचनाओं से संबंधित 2 से 3 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं।
आपके द्वारा प्रदान की गई जानकारी को व्याकरणिक शुद्धि, मानक तिथियों एवं वर्षों के सुधार, सुव्यवस्थित सारणी और प्रतियोगी परीक्षा उपयोगी प्रारूप में प्रस्तुत किया गया है।
1.मैथिलीशरण गुप्त (Quick Facts Table)
| तथ्य | विवरण |
| पूरा नाम | मैथिलीशरण गुप्त |
| जन्म तिथि | 3 अगस्त 1886 |
| जन्म स्थान | चिरगाँव, जिला झाँसी (उत्तर प्रदेश) |
| पिता का नाम | सेठ रामचरण कनकने (गुप्त) |
| माता का नाम | काशी बाई |
| काव्य भाषा | खड़ी बोली हिंदी |
| युग | द्विवेदी युग |
| उपाधि | राष्ट्रकवि (महात्मा गांधी द्वारा प्रदत्त), दादा |
| राज्यसभा सदस्यता | 1952 (राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत) |
| पद्म भूषण | 1954 (भारत सरकार द्वारा) |
| निधन तिथि | 12 दिसंबर 1964 |
2. जीवन परिचय (Biography)
राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जन्म 3 अगस्त 1886 को उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले के चिरगाँव नामक स्थान पर हुआ था। इनके पिता सेठ रामचरण कनकने एक धर्मपरायण और साहित्य-प्रेमी व्यक्ति थे तथा माता काशी बाई थीं। गृह-परिवेश का गुप्त जी पर गहरा प्रभाव पड़ा।
काव्य गुरु: गुप्त जी आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी को अपना काव्य-गुरु मानते थे। द्विवेदी जी की प्रेरणा से ही इन्होंने ब्रजभाषा छोड़कर खड़ी बोली में काव्य रचना शुरू की।
राष्ट्रकवि की उपाधि: 1912 में प्रकाशित इनकी सुप्रसिद्ध कृति 'भारत-भारती' ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जन-जागरण का अभूतपूर्व कार्य किया। इसी राष्ट्रीय भावना से प्रभावित होकर महात्मा गांधी ने इन्हें 'राष्ट्रकवि' की संज्ञा दी।
राजनीतिक एवं सामाजिक योगदान: गुप्त जी महात्मा गांधी के विचारों के समर्थक और अहिंसावादी थे। स्वतंत्रता के पश्चात् इन्हें वर्ष 1952 में राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया गया।
सम्मान एवं उपाधियाँ: इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा इन्हें डी.लिट. की मानद उपाधि तथा भारत सरकार द्वारा वर्ष 1954 में 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया गया। 12 दिसंबर 1964 को इस महान साहित्यकार का निधन हो गया।
3. प्रमुख रचनाएँ (Major Works & Correct Chronology)
तथ्य सुधार (Corrected Facts):
'रंग में भंग' का प्रकाशन 1909 (न कि 2009) तथा 'जयद्रथ वध' का प्रकाशन 1910 (न कि 2010) में हुआ था।
'कुणाल गीत' का प्रकाशन 1936 तथा 'उच्छवास' (अनूदित/काव्य) 1914/1925 की रचना है।
प्रमुख काव्य कृतियों की कालक्रमानुसार तालिका
| क्र.सं. | रचना का नाम | प्रकाशन वर्ष | विशेष टिप्पणी |
| 1 | रंग में भंग | 1909 | प्रथम काव्य संग्रह |
| 2 | जयद्रथ वध | 1910 | प्रसिद्ध प्रबंध काव्य |
| 3 | भारत-भारती | 1912 | राष्ट्रप्रेमी काव्य (जिससे 'राष्ट्रकवि' की उपाधि मिली) |
| 4 | पंचवटी | 1925 | रामकथा पर आधारित प्रसंग काव्य |
| 5 | झंकार | 1929 | रहस्यवादी एवं गीति-काव्य संग्रह |
| 6 | साकेत | 1931 | महाकाव्य (उर्मिला के त्याग पर केंद्रित; मंगलाप्रसाद पारितोषिक प्राप्त) |
| 7 | यशोधरा | 1933 | चंपू काव्य (गद्य-पद्य मिश्रित; बुद्ध की पत्नी यशोधरा पर आधारित) |
| 8 | सिद्धराज | 1936 | ऐतिहासिक काव्य |
| 9 | द्वापर | 1936 | कृष्ण कथा एवं पौराणिक पात्रों पर आधारित |
| 10 | कुणाल गीत | 1936 | जैन कथा पर आधारित काव्य |
| 11 | जय भारत | 1952 | महाभारत की कथा का आधुनिक रूप |
| 12 | विष्णुप्रिया | 1957 | चैतन्य महाप्रभु की पत्नी के त्याग पर आधारित काव्य |
4. पुरस्कार एवं सम्मान (Awards & Honors)
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│ मैथिलीशरण गुप्त को प्राप्त प्रमुख सम्मान │
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राष्ट्रकवि उपाधि मंगलाप्रसाद पारितोषिक राज्यसभा सदस्य पद्म भूषण
(महात्मा गांधी द्वारा) (साकेत महाकाव्य हेतु) (1952 में राष्ट्रपति द्वारा) (1954 में भारत सरकार द्वारा)
राष्ट्रकवि की उपाधि: महात्मा गांधी द्वारा 'भारत-भारती' (1912) की अपार लोकप्रियता के बाद दी गई।
मंगलाप्रसाद पारितोषिक: उत्कृष्ट महाकाव्य 'साकेत' की रचना के लिए।
डी.लिट. की उपाधि: इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा मानद उपाधि।
राज्यसभा मनोयन: 1952 में साहित्य क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान हेतु राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा सदस्य मनोनीत (1952 से 1964 तक रहे)।
पद्म भूषण: 1954 में भारत सरकार का तृतीय सर्वोच्च नागरिक सम्मान।
5. विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्न (Previous Year Solved MCQs)
Q1. 'भारत-भारती' काव्य के रचनाकार कौन हैं? (UP Police Constable)
(A) माखनलाल चतुर्वेदी
(B) मैथिलीशरण गुप्त
(C) रामधारी सिंह दिनकर
(D) सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
उत्तर: (B) मैथिलीशरण गुप्त
Q2. मैथिलीशरण गुप्त को 'राष्ट्रकवि' की उपाधि किसने दी थी? (UPSSSC PET / VDO)
(A) जवाहरलाल नेहरू
(B) रवींद्रनाथ टैगोर
(C) महात्मा गांधी
(D) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
उत्तर: (C) महात्मा गांधी
Q3. मैथिलीशरण गुप्त की प्रसिद्ध कृति 'साकेत' किस विधा की रचना है? (UPTET / TGT)
(A) निबंध
(B) कहानी
(C) नाटक
(D) महाकाव्य
उत्तर: (D) महाकाव्य
6. अभ्यास प्रश्नोत्तरी (Practice Quiz)
मैथिलीशरण गुप्त का प्रथम काव्य संग्रह कौन सा था और यह किस वर्ष प्रकाशित हुआ?
गुप्त जी को भारत सरकार द्वारा 'पद्म भूषण' सम्मान किस वर्ष प्रदान किया गया?
'यशोधरा' और 'विष्णुप्रिया' रचनाओं की मूल विषय-वस्तु क्या है?
उत्तर कुंजी (Self Check):
रंग में भंग (प्रकाशन वर्ष: 1909)
वर्ष 1954 में
उपेक्षित नारी पात्रों (बुद्ध की पत्नी यशोधरा और चैतन्य महाप्रभु की पत्नी विष्णुप्रिया) के त्याग का वर्णन।
निष्कर्ष (Conclusion)
मैथिलीशरण गुप्त हिंदी काव्य को ब्रजभाषा के प्रभाव से निकालकर खड़ी बोली के सहज, सरल और राष्ट्रीयता से परिपूर्ण रूप में स्थापित करने वाले मूर्धन्य कवि हैं। इनकी रचनाएँ आज भी राष्ट्रप्रेम और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा देती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से इनकी रचनाओं के वर्ष और मुख्य पात्रों से संबंधित तथ्यों का पुनरीक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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