अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्र (Part 10) | अनुसूची 5 व 6, अनुच्छेद 244-244A | Complete Notes & 20+ PYQs

अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्र (Scheduled & Tribal Areas): संविधान भाग 10 - प्रतियोगी परीक्षा के लिए सम्पूर्ण नोट्स


भारतीय संविधान की सबसे बड़ी विशेषता इसका विविधतापूर्ण और समावेशी चरित्र है। भारत के कई राज्यों में निवास करने वाली जनजातीय आबादी की अनूठी सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक रीति-रिवाजों और पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था लागू न करके एक विशेष प्रशासनिक ढांचा तैयार किया गया है। भारतीय संविधान का भाग 10 (Part 10) देश के अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्रों (Scheduled and Tribal Areas) के विशेष प्रशासन का संवैधानिक आधार प्रस्तुत करता है।

यह लेख विशेष रूप से UPSC, State PSC (UPPSC, BPSC, MPPSC, RPSC, CGPSC, JPSC), SSC CGL, Railway, Police SI और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए तैयार किया गया है। इस लेख में भारतीय संविधान के भाग 10 (अनुच्छेद 244 व 244A), 5वीं अनुसूची, 6ठी अनुसूची, जनजातीय सलाहकार परिषद (TAC), स्वायत्त जिला परिषदों (ADC), पूर्वोत्तर के राज्यों (AMTM - असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम) के विशेष प्रावधान, महत्वपूर्ण तुलनात्मक तालिकाएं, क्विक रिविजन नोट्स और 20 से अधिक पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs) विस्तार से शामिल किए गए हैं।

1. संवैधानिक पृष्ठभूमि एवं अवधारणा

भारत के जनजातीय क्षेत्रों में सदियों से उनकी स्वशासी संरचनाएं और पारंपरिक कानून लागू रहे हैं। ब्रिटिश काल में भी इन्हें सामान्य कानूनों से अलग रखा गया था (जैसे 'Excluded Areas' और 'Partially Excluded Areas')। स्वतंत्रता के बाद, भारतीय संविधान निर्माताओं ने यह माना कि जनजातीय आबादी को देश की मुख्यधारा से जोड़ते समय उनकी विशिष्ट संस्कृति और भूमि अधिकारों की सुरक्षा करना अत्यंत आवश्यक है।

इसी उद्देश्य से संविधान के भाग 10 (अनुच्छेद 244) के तहत भारत के अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के लिए दो अलग-अलग व्यवस्थाएं की गईं:

  1. 5वीं अनुसूची (5th Schedule): असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम — इन 4 राज्यों को छोड़कर देश के अन्य राज्यों के अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन व नियंत्रण से संबंधित है।

  2. 6ठी अनुसूची (6th Schedule): केवल असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम (AMTM) राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के विशेष स्वायत्त प्रशासन से संबंधित है।

2. भाग 10 के अनुच्छेदों की मास्टर तालिका (Master Article Table)

संविधान के भाग 10 में केवल दो मुख्य अनुच्छेद हैं, किंतु इनके तहत लागू होने वाले प्रावधान अत्यंत व्यापक और प्रतियोगी परीक्षा की दृष्टि से सर्वाधिक पूछे जाने वाले विषयों में से हैं:

अनुच्छेद (Article)विषय-वस्तु (Subject Matter)परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
अनुच्छेद 244अनुसूचित क्षेत्रों और जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासनइसके तहत 5वीं और 6ठी अनुसूची लागू होती है। अनुच्छेद 244(1) के तहत 5वीं अनुसूची और अनुच्छेद 244(2) के तहत 6ठी अनुसूची का संचालन होता है।
अनुच्छेद 244Aअसम के कुछ जनजातीय क्षेत्रों को मिलाकर स्वायत्त राज्य (Autonomus State) का सृजन22वें संविधान संशोधन 1969 द्वारा जोड़ा गया। संसद को असम के भीतर एक स्वायत्त राज्य (उदा. मेघालय का गठन) या स्थानीय विधानमंडल बनाने की शक्ति प्रदान करता है।

3. 5वीं अनुसूची: अनुसूचित क्षेत्रों का प्रशासन (Administration of Scheduled Areas)

(A) अनुसूचित क्षेत्र की घोषणा एवं राष्ट्रपति की शक्तियां

  • घोषणा का अधिकार: किसी भी क्षेत्र को 'अनुसूचित क्षेत्र' (Scheduled Area) घोषित करने, उसका क्षेत्रफल बढ़ाने, घटाने या सीमा में बदलाव करने की अनन्य शक्ति भारत के राष्ट्रपति में निहित है।

  • राज्यपाल से परामर्श: राष्ट्रपति यह कार्य संबंधित राज्य के राज्यपाल से परामर्श करने के बाद करते हैं।

  • वर्तमान स्थिति: भारत के 10 राज्यों (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश) में 5वीं अनुसूची के तहत क्षेत्र घोषित हैं।

(B) 5वीं अनुसूची के तहत प्रशासनिक तंत्र

  1. कार्यपालिका शक्ति का विस्तार: केंद्र सरकार की कार्यपालिका शक्ति राज्य को अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में निर्देश देने तक विस्तारित है।

  2. राज्यपाल का प्रतिवेदन (Report): राज्यपाल प्रतिवर्ष (या राष्ट्रपति के मांगने पर) अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में राष्ट्रपति को रिपोर्ट सौंपते हैं।

  3. कानूनों का अनुप्रयोग (Application of Laws): संसद या राज्य विधानमंडल का कोई भी कानून अनुसूचित क्षेत्रों में स्वतः लागू नहीं होता। राज्यपाल अधिसूचना जारी कर यह निर्देश दे सकते हैं कि कोई कानून लागू होगा या नहीं, अथवा संशोधनों/अपवादों के साथ लागू होगा।

  4. राज्यपाल की नियम बनाने की शक्ति: राज्यपाल जनजातीय भूमि के हस्तांतरण पर रोक लगाने, भूमि आवंटन और साहूकारों (Money Lenders) द्वारा ऋण देने के व्यवसाय को नियंत्रित करने के लिए नियम बना सकते हैं। इसके लिए उन्हें TAC से परामर्श करना अनिवार्य है।

(C) जनजातीय सलाहकार परिषद (Tribal Advisory Council - TAC)

  • गठन: ऐसे प्रत्येक राज्य में जहाँ 5वीं अनुसूची के क्षेत्र हैं, एक जनजातीय सलाहकार परिषद (TAC) गठित की जाएगी।

  • सदस्य संख्या: TAC में कुल 20 सदस्य होते हैं।

  • संरचना: इसके 3/4 सदस्य (अर्थात 15 सदस्य) राज्य की विधानसभा में अनुसूचित जनजाति (ST) के निर्वाचित प्रतिनिधि होने चाहिए।

  • कार्य: अनुसूचित जनजातियों के कल्याण और उन्नति से संबंधित मामलों पर राज्य के राज्यपाल को सलाह देना।

4. 6ठी अनुसूची: पूर्वोत्तर के 4 राज्यों का स्वायत्त प्रशासन (AMTM)

संविधान की 6ठी अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जनजातीय क्षेत्रों को व्यापक 'स्वायत्तता' (Autonomy) प्रदान करती है। इन क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय समुदायों को व्यापक विधायी, न्यायिक और वित्तीय स्वायत्तता प्राप्त है।

(A) चार राज्य (याद रखने की ट्रिक: AMTM)

  • A - Assam (असम)

  • M - Meghalaya (मेघालय)

  • T - Tripura (त्रिपुरा)

  • M - Mizoram (मिजोरम)

    (ध्यान दें: इसमें मणिपुर, नागालैंड या अरुणाचल प्रदेश शामिल नहीं हैं।)

(B) स्वायत्त जिला परिषदें (Autonomous District Councils - ADC)

  • जिले का पुनर्गठन: राष्ट्रपति/राज्यपाल को स्वायत्त जिलों के क्षेत्रों को बढ़ाने, घटाने, नाम बदलने या सीमा तय करने की शक्ति है।

  • सदस्यों की संख्या: प्रत्येक स्वायत्त जिले में एक स्वायत्त जिला परिषद (ADC) होती है, जिसमें अधिकतम 30 सदस्य होते हैं।

  • सदस्यों का चयन:

    • 26 सदस्य: वयस्क मताधिकार के आधार पर जनता द्वारा प्रत्यक्ष निर्वाचित होते हैं।

    • 4 सदस्य: संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।

  • कार्यकाल:

    • निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।

    • मनोनीत सदस्य राज्यपाल के प्रसादपर्यंत (At the pleasure of the Governor) पद धारण करते हैं।

(C) स्वायत्त जिला परिषदों (ADC) की शक्तियां

  • विधायी शक्तियां: ADC को भूमि, वनों, नहर के पानी, झूम खेती, गांव के प्रशासन, संपत्ति के उत्तराधिकार, विवाह, तलाक और सामाजिकरीति-रिवाजों पर कानून बनाने का अधिकार है (राज्यपाल की स्वीकृति अनिवार्य है)।

  • न्यायिक शक्तियां: छोटे-मोटे आपराधिक और सिविल मामलों के निपटारे हेतु पारंपरिक ग्राम अदालतें और जिला परिषद अदालतें गठित करने की शक्ति।

  • वित्तीय शक्तियां: भूमि राजस्व का आकलन व संग्रह करने, दुकानों, वाहनों, घाटों और माल पर कर लगाने का अधिकार। इसके अतिरिक्त रॉयल्टी का हिस्सा प्राप्त करने का अधिकार।

5. 5वीं अनुसूची एवं 6ठी अनुसूची का तुलनात्मक अध्ययन

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 5वीं और 6ठी अनुसूची के अंतर को स्पष्ट रूप से समझना अत्यंत आवश्यक है:

तुलनात्मक आधार (Basis)5वीं अनुसूची (5th Schedule)6ठी अनुसूची (6th Schedule)
भौगोलिक दायराअसम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम को छोड़कर शेष 10 राज्यों के क्षेत्रकेवल 4 राज्य: असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम (AMTM)
प्रशासकीय निकायजनजातीय सलाहकार परिषद (TAC)स्वायत्त जिला परिषद (ADC) व क्षेत्रीय परिषद
सदस्य संख्या एवं संरचना20 सदस्य (3/4 सदस्य विधानसभा के ST विधायक)30 सदस्य (26 निर्वाचित + 4 राज्यपाल द्वारा मनोनीत)
स्वायत्तता का स्तरतुलनात्मक रूप से कम; सलाहकार और नियंत्रणात्मक भूमिकाअत्यधिक उच्च; विधायी, न्यायिक व कर लगाने की स्वायत्तता
कानून बनाने की शक्तिनिकाय (TAC) स्वयं कानून नहीं बनाता, राज्यपाल कानून लागू/संसोधित करते हैंस्वायत्त जिला परिषदें (ADC) स्वयं विशिष्ट विषयों पर कानून बना सकती हैं
कार्यकालराज्य विधानसभा व राज्यपाल के नियमों पर आधारितनिर्वाचित सदस्यों हेतु 5 वर्ष; मनोनीत हेतु प्रसादपर्यंत

6. पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख स्वायत्त जिला परिषद (ADC) की सूची

6ठी अनुसूची के अंतर्गत वर्तमान में 4 राज्यों में कुल 10 स्वायत्त जिला परिषदें (ADCs) कार्यरत हैं:

राज्य (State)स्वायत्त जिला परिषद (Autonomous District Council - ADC)
असम (Assam - 3 ADC)

1. उत्तरी कछार पहाड़ी परिषद (Dima Hasao)


2. कर्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद


3. बोडोलैंड क्षेत्रीय प्रादेशिक परिषद (BTAD)

मेघालय (Meghalaya - 3 ADC)

1. खासी हिल्स स्वायत्त जिला परिषद


2. जयंतिया हिल्स स्वायत्त जिला परिषद


3. गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद

त्रिपुरा (Tripura - 1 ADC)1. त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद
मिजोरम (Mizoram - 3 ADC)

1. चकमा स्वायत्त जिला परिषद


2. लाई स्वायत्त जिला परिषद


3. मारा स्वायत्त जिला परिषद

7. पेसा अधिनियम, 1996 (PESA Act - Panchayats Extension to Scheduled Areas)

5वीं अनुसूची के क्षेत्रों में पंचायती राज व्यवस्था (संविधान का भाग 9) को लागू करने के लिए संसद द्वारा एक विशेष अधिनियम पारित किया गया:

  • पूरा नाम: पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 (PESA Act)

  • समिति की सिफारिश: दिलीप सिंह भूरिया समिति (Bhuria Committee) की सिफारिशों के आधार पर बना।

  • मुख्य उद्देश्य: 5वीं अनुसूची के क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को स्वायत्तता देना तथा पारंपरिक अधिकारों एवं लघु वनोपज (Minor Forest Produce) पर जनजातीय समुदायों का अधिकार सुनिश्चित करना।

  • ग्राम सभा की प्रमुख शक्तियां: भूमि अधिग्रहण से पहले परामर्श, शराब की बिक्री पर नियंत्रण, लघु खनिजों हेतु खनन पट्टे की मंजूरी, साहूकारी पर नियंत्रण और लघु जल निकायों का प्रबंधन।

8. Quick Revision Points (एक नज़र में महत्वपूर्ण तथ्य)

  • संविधान का भाग: भाग 10 (Part X)।

  • संबंधित अनुच्छेद: अनुच्छेद 244 और 244A।

  • 5वीं अनुसूची के राज्य: 10 राज्य (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश)।

  • 6ठी अनुसूची के राज्य: 4 राज्य (AMTM - असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम)।

  • अनुसूचित क्षेत्र घोषित करने की शक्ति: भारत के राष्ट्रपति के पास।

  • 5वीं अनुसूची में TAC के सदस्य: कुल 20 सदस्य (15 सदस्य ST वर्ग के विधायक)।

  • 6ठी अनुसूची में ADC के सदस्य: कुल 30 सदस्य (26 निर्वाचित + 4 मनोनीत)।

  • ADC के मनोनीत सदस्यों का कार्यकाल: राज्यपाल के प्रसादपर्यंत।

  • 22वां संविधान संशोधन (1969): अनुच्छेद 244A जोड़ा गया (असम के भीतर स्वायत्त राज्य का प्रावधान)।

  • भूरिया समिति (1995): PESA अधिनियम 1996 का आधार बनी।

  • लघु वनोपज पर अधिकार: PESA अधिनियम के तहत ग्राम सभा को हस्तांतरित।

9. पिछली परीक्षाओं के महत्वपूर्ण प्रश्न (20+ MCQs with Detailed Solutions)

Q1. भारतीय संविधान का भाग 10 निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?

(a) संघ राज्य क्षेत्र

(b) अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्र

(c) निर्वाचन

(d) आपातकालीन प्रावधान

उत्तर: (b)

व्याख्या: भारतीय संविधान का भाग 10 (अनुच्छेद 244 और 244A) अनुसूचित क्षेत्रों और जनजातीय क्षेत्रों के विशेष प्रशासन से संबंधित है।

Q2. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत 5वीं और 6ठी अनुसूची के प्रावधान लागू होते हैं?

(a) अनुच्छेद 243

(b) अनुच्छेद 244

(c) अनुच्छेद 245

(d) अनुच्छेद 356

उत्तर: (b)

व्याख्या: अनुच्छेद 244(1) के तहत 5वीं अनुसूची और अनुच्छेद 244(2) के तहत 6ठी अनुसूची के प्रावधान लागू किए जाते हैं।

Q3. किसी क्षेत्र को 'अनुसूचित क्षेत्र' (Scheduled Area) घोषित करने का अधिकार किसके पास है?

(a) संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री

(b) संबंधित राज्य के राज्यपाल

(c) भारत के राष्ट्रपति

(d) संसद

उत्तर: (c)

व्याख्या: संविधान की 5वीं अनुसूची के अनुसार भारत के राष्ट्रपति को संबंधित राज्य के राज्यपाल से परामर्श कर किसी क्षेत्र को अनुसूचित क्षेत्र घोषित करने का अधिकार प्राप्त है।

Q4. संविधान की 6ठी अनुसूची किन राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है?

(a) असम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम

(b) असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम

(c) मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश

(d) असम, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा

उत्तर: (b)

व्याख्या: 6ठी अनुसूची केवल असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम (AMTM) के जनजातीय क्षेत्रों के स्वायत्त प्रशासन से संबंधित है।

Q5. 5वीं अनुसूची के अंतर्गत गठित जनजातीय सलाहकार परिषद (Tribal Advisory Council - TAC) में कुल कितने सदस्य होते हैं?

(a) 15

(b) 20

(c) 25

(d) 30

उत्तर: (b)

व्याख्या: 5वीं अनुसूची के तहत प्रत्येक अनुसूचित क्षेत्र वाले राज्य में 20 सदस्यीय जनजातीय सलाहकार परिषद (TAC) का गठन किया जाता है।

Q6. जनजातीय सलाहकार परिषद (TAC) के कितने सदस्य राज्य विधानसभा में अनुसूचित जनजाति (ST) के प्रतिनिधि होने चाहिए?

(a) 1/2 सदस्य

(b) 2/3 सदस्य

(c) 3/4 सदस्य

(d) 4/5 सदस्य

उत्तर: (c)

व्याख्या: TAC के कुल 20 सदस्यों में से 3/4 सदस्य (अर्थात 15 सदस्य) राज्य विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के निर्वाचित प्रतिनिधि होने अनिवार्य हैं।

Q7. 6ठी अनुसूची के तहत गठित एक स्वायत्त जिला परिषद (Autonomous District Council - ADC) में अधिकतम कितने सदस्य हो सकते हैं?

(a) 20 सदस्य

(b) 25 सदस्य

(c) 30 सदस्य

(d) 40 सदस्य

उत्तर: (c)

व्याख्या: 6ठी अनुसूची के तहत स्वायत्त जिला परिषदों में सदस्यों की कुल संख्या अधिकतम 30 होती है (अपवाद: बोडोलैंड क्षेत्रीय प्रादेशिक परिषद में 46 सदस्य तक हो सकते हैं)।

Q8. स्वायत्त जिला परिषद (ADC) के 30 सदस्यों में से कितने सदस्य राज्यपाल द्वारा मनोनीत किए जाते हैं?

(a) 2 सदस्य

(b) 4 सदस्य

(c) 6 सदस्य

(d) 10 सदस्य

उत्तर: (b)

व्याख्या: ADC के 30 सदस्यों में से 26 सदस्य वयस्क मताधिकार द्वारा चुने जाते हैं और शेष 4 सदस्य राज्यपाल द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।

Q9. स्वायत्त जिला परिषद (ADC) के मनोनीत सदस्यों का कार्यकाल कितना होता है?

(a) 5 वर्ष

(b) 6 वर्ष

(c) राज्यपाल के प्रसादपर्यंत

(d) 3 वर्ष

उत्तर: (c)

व्याख्या: ADC में निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष होता है, जबकि राज्यपाल द्वारा मनोनीत 4 सदस्य राज्यपाल के प्रसादपर्यंत (At the pleasure of the Governor) अपने पद पर बने रहते हैं।

Q10. किस संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान में अनुच्छेद 244A जोड़ा गया?

(a) 21वां संशोधन अधिनियम

(b) 22वां संशोधन अधिनियम

(c) 42वां संशोधन अधिनियम

(d) 44वां संशोधन अधिनियम

उत्तर: (b)

व्याख्या: 22वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1969 द्वारा अनुच्छेद 244A जोड़ा गया, जिसने असम के कुछ जनजातीय क्षेत्रों को मिलाकर एक स्वायत्त राज्य (जैसे मेघालय का प्रारंभिक गठन) बनाने की संसद को शक्ति दी।

Q11. 'पेसा अधिनियम' (PESA Act, 1996) किस समिति की सिफारिशों के आधार पर लाया गया था?

(a) बलवंत राय मेहता समिति

(b) अशोक मेहता समिति

(c) दिलीप सिंह भूरिया समिति

(d) एल.एम. सिंघवी समिति

उत्तर: (c)

व्याख्या: 5वीं अनुसूची के क्षेत्रों में पंचायती राज व्यवस्था विस्तार हेतु वर्ष 1995 में गठित दिलीप सिंह भूरिया समिति की रिपोर्ट के आधार पर PESA Act, 1996 पारित किया गया था।

Q12. PESA अधिनियम, 1996 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(a) जनजातीय क्षेत्रों में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देना

(b) 5वीं अनुसूची के क्षेत्रों में ग्राम सभाओं के माध्यम से स्वशासन स्थापित करना

(c) स्वायत्त जिला परिषदों को भंग करना

(d) अनुसूचित जनजातियों के लिए संसद में सीटें बढ़ाना

उत्तर: (b)

व्याख्या: PESA Act का मुख्य उद्देश्य 5वीं अनुसूची के क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों की पारंपरिक प्रणालियों और संसाधनों पर उनके अधिकारों को सुरक्षित करते हुए ग्राम सभा को सशक्त बनाना है।

Q13. निम्नलिखित में से कौन सा राज्य संविधान की 5वीं अनुसूची के तहत शामिल नहीं है?

(a) राजस्थान

(b) मध्य प्रदेश

(c) ओडिशा

(d) मेघालय

उत्तर: (d)

व्याख्या: मेघालय 6ठी अनुसूची के अंतर्गत आता है (AMTM का हिस्सा है), इसलिए यह 5वीं अनुसूची में शामिल नहीं है।

Q14. अनुसूचित क्षेत्रों में संसद या राज्य विधानमंडल के कानूनों के लागू होने या न होने के संबंध में अधिसूचना जारी करने का अधिकार किसे है?

(a) राज्य के मुख्यमंत्री को

(b) राज्य के राज्यपाल को

(c) राष्ट्रपति को

(d) भारत के मुख्य न्यायाधीश को

उत्तर: (b)

व्याख्या: अनुच्छेद 244(1) के तहत राज्यपाल यह निर्देश दे सकते हैं कि संसद या राज्य विधानमंडल का कोई कानून अनुसूचित क्षेत्र में लागू होगा या नहीं, अथवा संशोधनों के साथ लागू होगा।

Q15. बोडोलैंड क्षेत्रीय प्रादेशिक परिषद (BTAD) किस राज्य की 6ठी अनुसूची के अंतर्गत आती है?

(a) मेघालय

(b) असम

(c) मिजोरम

(d) त्रिपुरा

उत्तर: (b)

व्याख्या: बोडोलैंड क्षेत्रीय प्रादेशिक परिषद (BTAD) असम राज्य में स्थित एक प्रमुख स्वायत्त परिषद है।

Q16. 6ठी अनुसूची के अंतर्गत स्वायत्त जिला परिषद (ADC) को निम्नलिखित में से कौन सी शक्ति प्राप्त नहीं है?

(a) विवाह और संपत्ति के उत्तराधिकार पर कानून बनाना

(b) ग्राम अदालतों के माध्यम से न्याय का संचालन करना

(c) विदेश नीति और रक्षा पर कानून बनाना

(d) भू-राजस्व का निर्धारण व संग्रह करना

उत्तर: (c)

व्याख्या: रक्षा, विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषय केवल संघ सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। ADC को केवल स्थानीय सामाजिक, सांस्कृतिक व भूमि सुधार संबंधी शक्ति प्राप्त है।

Q17. संविधान के भाग 10 के अनुसार, पूर्वोत्तर के किस राज्य में 'गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद' स्थित है?

(a) असम

(b) त्रिपुरा

(c) मेघालय

(d) मिजोरम

उत्तर: (c)

व्याख्या: मेघालय में तीन स्वायत्त जिला परिषदें हैं: खासी हिल्स, जयंतिया हिल्स और गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद।

Q18. निम्नलिखित में से किस पूर्वोत्तर राज्य को 6ठी अनुसूची के दायरे से बाहर रखा गया है?

(a) असम

(b) मणिपुर

(c) मेघालय

(d) मिजोरम

उत्तर: (b)

व्याख्या: मणिपुर 6ठी अनुसूची के अंतर्गत शामिल नहीं है। 6ठी अनुसूची में केवल असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम (AMTM) शामिल हैं।

Q19. अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में प्रतिवर्ष राष्ट्रपति को रिपोर्ट प्रस्तुत करना किसका संवैधानिक दायित्व है?

(a) राज्य के मुख्यमंत्री का

(b) संबंधित राज्य के राज्यपाल का

(c) जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री का

(d) राज्य के मुख्य सचिव का

उत्तर: (b)

व्याख्या: 5वीं अनुसूची के पैरा 3 के अनुसार संबंधित राज्य के राज्यपाल का यह संवैधानिक दायित्व है कि वे प्रतिवर्ष राष्ट्रपति को अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

Q20. PESA अधिनियम 1996 के तहत 'लघु वनोपज' (Minor Forest Produce) का स्वामित्व किसे प्रदान किया गया है?

(a) राज्य के वन विभाग को

(b) जिला मजिस्ट्रेट (DM) को

(c) ग्राम सभा को

(d) राज्य के मुख्यमंत्री को

उत्तर: (c)

व्याख्या: PESA अधिनियम 1996 के अनुसार 5वीं अनुसूची के क्षेत्रों में लघु वनोपज का स्वामित्व और प्रबंधन का अधिकार स्थानीय ग्राम सभा को सौंपा गया है।

Q21. चक्रमा स्वायत्त जिला परिषद (Chakma Autonomous District Council) किस राज्य में स्थित है?

(a) त्रिपुरा

(b) असम

(c) मिजोरम

(d) मेघालय

उत्तर: (c)

व्याख्या: चक्रमा, लाई और मारा स्वायत्त जिला परिषदें मिजोरम राज्य में स्थित हैं।

10. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions - FAQs)

Q1. संविधान की 5वीं और 6ठी अनुसूची में मुख्य अंतर क्या है?

उत्तर: 5वीं अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम को छोड़कर भारत के 10 राज्यों के अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन (TAC के माध्यम से) से संबंधित है, जबकि 6ठी अनुसूची केवल इन 4 पूर्वोत्तर राज्यों (AMTM) के जनजातीय क्षेत्रों के अत्यधिक स्वायत्त प्रशासन (ADC के माध्यम से) से संबंधित है।

Q2. 6ठी अनुसूची में कौन-कौन से 4 राज्य शामिल हैं?

उत्तर: 6ठी अनुसूची में पूर्वोत्तर के 4 राज्य शामिल हैं: असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम (याद रखने की ट्रिक: AMTM)।

Q3. जनजातीय सलाहकार परिषद (TAC) में कितने सदस्य होते हैं?

उत्तर: 5वीं अनुसूची के तहत गठित TAC में कुल 20 सदस्य होते हैं, जिनमें से 3/4 सदस्य (15 सदस्य) संबंधित राज्य की विधानसभा के अनुसूचित जनजाति (ST) के निर्वाचित विधायक होते हैं।

Q4. किसी भी क्षेत्र को अनुसूचित क्षेत्र घोषित करने का अधिकार किसके पास है?

उत्तर: किसी भी भौगोलिक क्षेत्र को 'अनुसूचित क्षेत्र' घोषित करने या उसकी सीमाओं में परिवर्तन करने का संवैधानिक अधिकार केवल भारत के राष्ट्रपति के पास है।

11. निष्कर्ष (Conclusion)

भारतीय संविधान का भाग 10 (अनुच्छेद 244 और 244A) देश की भाषाई, सांस्कृतिक और जनजातीय विविधता को सहेजने वाला एक महत्वपूर्ण संवैधानिक ढांचा है। 5वीं और 6ठी अनुसूची के माध्यम से जनजातीय आबादी को अपनी पारंपरिक व्यवस्था, सांस्कृतिक पहचान और भूमि अधिकारों की सुरक्षा करते हुए शासन में प्रत्यक्ष भागीदार बनने का अवसर मिला है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से 5वीं अनुसूची के 10 राज्य, 6ठी अनुसूची के 4 राज्य (AMTM), राष्ट्रपति व राज्यपाल की विशिष्ट शक्तियां, TAC और ADC के सदस्यों का विभाजन, PESA अधिनियम 1996 तथा संबंधित अनुच्छेदों से लगातार बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। इस लेख में प्रस्तुत विस्तृत विवरण, तुलनात्मक तालिकाएँ, PESA कानून और 20+ MCQs अभ्यर्थियों को परीक्षा में शत-प्रतिशत सफलता प्राप्त करने में सहायता प्रदान करेंगे। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

उपमा अलंकार क्या है? परिभाषा, प्रकार और 10+ आसान उदाहरणों से समझें

Doha Chhand | दोहा छंद क्या है? परिभाषा, लक्षण और 10 उदाहरण सहित व्याख्या

मानवीकरण अलंकार क्या है? परिभाषा, विशेषताएँ और 10+उदाहरण