सहकारी समितियां (Co-operative Societies) | संविधान भाग 9B, अनुच्छेद 243ZH-243ZT | Complete Notes & 20+ PYQs

सहकारी समितियां (Co-operative Societies): संविधान भाग 9B - प्रतियोगी परीक्षा के लिए सम्पूर्ण नोट्स


भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था के विकास में सहकारिता (Co-operation) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। "एक सब के लिए और सब एक के लिए" (One for all and all for one) के मूल सिद्धांत पर आधारित सहकारिता आंदोलन ने कृषि, ग्रामीण ऋण, डेयरी उत्पादन और छोटे उद्योगों को एक नई दिशा दी है। 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा सहकारी समितियों को संवैधानिक दर्जा प्रदान करके भारत के संविधान में एक नया अध्याय भाग 9B (Part 9B) जोड़ा गया।

यह लेख विशेष रूप से UPSC, State PSC (UPPSC, BPSC, MPPSC, RPSC), SSC CGL, Railway, Police SI, Cooperative Board Exams और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए तैयार किया गया है। इस लेख में भारतीय संविधान के भाग 9B (अनुच्छेद 243ZH से 243ZT), 97वें संविधान संशोधन, मूल अधिकार व DPSP में किए गए परिवर्तन, बोर्ड की संरचना, निदेशकों का कार्यकाल, महत्वपूर्ण तुलनात्मक तालिकाएं, क्विक रिविजन नोट्स, सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय (गुजरात हाई कोर्ट केस) और 20 से अधिक पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs) विस्तार से शामिल किए गए हैं।

1. सहकारिता का ऐतिहासिक विकास एवं पृष्ठभूमि

भारत में सहकारी आंदोलन की शुरुआत केवल संवैधानिक संशोधन से नहीं हुई, बल्कि इसका एक लंबा ऐतिहासिक विकासक्रम रहा है:

(A) ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  • सर निकोलसन की रिपोर्ट (1895): भारत में कृषि ऋण समितियों के गठन की सिफारिश सर्वप्रथम सर फ्रेड्रिक निकोलसन ने की थी। उन्हें भारत में 'सहकारी आंदोलन का जनक' भी माना जाता है।

  • प्रथम सहकारी साख समिति अधिनियम (1904): भारत में लॉर्ड कर्जन के शासनकाल में 1904 में पहला 'Co-operative Credit Societies Act' पारित हुआ, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में साहूकारों के शोषण से किसानों को बचाने का आधार रखा।

  • सहकारी समिति अधिनियम (1912): 1904 के अधिनियम की कमियों को दूर करते हुए गैर-साख समितियों (Non-credit societies) को भी शामिल किया गया।

  • मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार (1919): 1919 के भारत सरकार अधिनियम के तहत 'सहकारिता' को प्रांतीय विषय (State Subject) बना दिया गया। वर्तमान में भी सातवीं अनुसूची की राज्य सूची (List-II) की प्रविष्टि 32 के तहत सहकारी समितियां मुख्य रूप से राज्य का विषय हैं।

2. 97वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2011: संवैधानिक क्रांति

97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 ने भारत में सहकारी समितियों को लोकतांत्रिक, व्यावसायिक और स्वायत्त दर्जा प्रदान किया। इस संशोधन द्वारा संविधान में तीन प्रमुख परिवर्तन किए गए:

                      ┌────────────────────────┐
                      │   97वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2011   │
                      └─────────┬──────────────┘
│ ┌──────────────┼─────────────┐ ▼ ▼ ▼ ┌────────────┐ ┌───────────┐┌───────┐ │ मूल अधिकार │ │ नीति निदेशक तत्व ││संविधान का │ │ (Fundamental Rts)│ │ (DPSP) ││ नया भाग │ └──────┬─────┘ └─────┬─────┘└────┬──┘
│ │ │ ▼ ▼ ▼ अनुच्छेद 19(1)(c) अनुच्छेद 43B भाग 9B (Part IX-B) सहकारी समिति बनाने का सहकारी समितियों को बढ़ावा अनुच्छेद 243ZH से 243ZT मौलिक अधिकार मिला। देना राज्य का कर्तव्य बना। तक नए प्रावधान।
  1. भाग III (मौलिक अधिकार): अनुच्छेद 19(1)(c) में संशोधन कर नागरिकों को "सहकारी समितियां" (Co-operative Societies) बनाने का अधिकार एक मौलिक अधिकार (Fundamental Right) बना दिया गया।

  2. भाग IV (नीति निदेशक तत्व): अनुच्छेद 43B (Article 43B) जोड़ा गया, जिसके तहत यह राज्य का कर्तव्य बनाया गया कि वह सहकारी समितियों के स्वेच्छा से गठन, स्वायत्त संचालन, लोकतांत्रिक नियंत्रण और व्यावसायिक प्रबंधन को बढ़ावा दे।

  3. भाग IX-B (नया भाग जोड़ा गया): संविधान में 'द कोऑपरेटिव सोसाइटीज' (The Co-operative Societies) शीर्षक से नया भाग शामिल किया गया जिसमें अनुच्छेद 243ZH से 243ZT तक शामिल हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य: 97वां संविधान संशोधन अधिनियम 15 फरवरी 2012 से लागू हुआ था।

3. भाग 9B के प्रमुख अनुच्छेदों की मास्टर तालिका (Master Article Table)

प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुच्छेद 243ZH से लेकर 243ZT तक के उप-अनुच्छेदों से सीधे तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं:

अनुच्छेद (Article)विषय-वस्तु (Subject Matter)परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
अनुच्छेद 243ZHपरिभाषाएं (Definitions)बोर्ड, बहु-राज्य सहकारी समिति, राज्य स्तरीय समिति आदि की परिभाषा।
अनुच्छेद 243ZIसहकारी समितियों का निगमन (Incorporation)राज्य विधानमंडल द्वारा समितियों के गठन, विनियमन हेतु कानून बनाना।
अनुच्छेद 243ZJबोर्ड के सदस्यों की संख्या एवं कार्यकालबोर्ड में अधिकतम 21 निदेशक; कार्यकाल प्रथम बैठक से 5 वर्ष।
अनुच्छेद 243ZKबोर्ड के सदस्यों का निर्वाचनचुनाव कराने की जिम्मेदारी राज्य विधानमंडल द्वारा निर्दिष्ट निकाय को होगी।
अनुच्छेद 243ZLबोर्ड का अतिक्रमण/निलंबन (Supersession)केवल विशेष परिस्थितियों में; अधिकतम 6 माह के लिए निलंबन (बैंकिंग में 1 वर्ष)।
अनुच्छेद 243ZMखातों का अंकेक्षण (Audit of Accounts)प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति के 6 माह के भीतर अनिवार्य ऑडिट।
अनुच्छेद 243ZNसाधारण सभा की बैठक बुलानाप्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति के 6 माह के भीतर वार्षिक बैठक अनिवार्य।
अनुच्छेद 243ZOसदस्यों का विवरण प्राप्त करने का अधिकारप्रत्येक सदस्य को समिति की पुस्तकों, खातों और सूचनाओं तक पहुंच का अधिकार।
अनुच्छेद 243ZPविवरणियां/रिटर्न दाखिल करना (Returns)वित्तीय वर्ष समाप्त होने के 6 माह के भीतर रजिस्ट्रार को विवरण भेजना अनिवार्य।
अनुच्छेद 243ZQअपराध और शास्तियां (Offences & Penalties)गलत जानकारी देने या जानबूझकर बाधा डालने पर कानूनी सजा का प्रावधान।
अनुच्छेद 243ZRबहु-राज्य सहकारी समितियों पर लागू होनाMulti-State Co-operative Societies पर केंद्र सरकार/संसद के नियम लागू।
अनुच्छेद 243ZSसंघ राज्य क्षेत्रों (UTs) को लागू होनाराष्ट्रपति के निर्देशानुसार केंद्र शासित प्रदेशों में लागू।
अनुच्छेद 243ZTविद्यमान विधियों का बना रहनापुराने कानूनों को नए संशोधन के अनुरूप बदलने हेतु 1 वर्ष की छूट।

4. सहकारी समितियों के प्रशासनिक व कार्यकारी प्रावधान

(A) बोर्ड की संरचना एवं सीटों का आरक्षण (अनुच्छेद 243ZJ)

  • निदेशकों की अधिकतम संख्या: एक सहकारी समिति के बोर्ड में निदेशकों (Directors) की अधिकतम संख्या 21 से अधिक नहीं हो सकती।

  • SC/ST आरक्षण: ऐसे प्रत्येक बोर्ड में जिसमें अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) के लोग सदस्य हैं, 1 सीट SC/ST के लिए आरक्षित होगी।

  • महिला आरक्षण: प्रत्येक बोर्ड में 2 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

  • निदेशकों का कार्यकाल: बोर्ड के निर्वाचित सदस्यों और उसके पदाधिकारियों का कार्यकाल प्रथम बैठक की तिथि से 5 वर्ष (5 Years) का होगा।

(B) सह-योजित सदस्य (Co-opted Members)

  • बोर्ड में बैंकिंग, प्रबंधन या वित्त के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले व्यक्तियों को अधिकतम 2 सह-योजित (Co-opted) सदस्य के रूप में शामिल किया जा सकता है।

  • मुख्य बात: सह-योजित सदस्यों को समिति के किसी भी चुनाव में मतदान (Voting) का अधिकार नहीं होता और न ही वे पदाधिकारी के रूप में चुने जाने के पात्र होते हैं।

(C) बोर्ड का अतिक्रमण और निलंबन (Supersession of Board - 243ZL)

  • राज्य सरकारें मनमाने ढंग से निर्वाचित बोर्ड को भंग नहीं कर सकतीं। किसी भी बोर्ड को 6 महीने से अधिक समय के लिए निलंबित नहीं रखा जा सकता।

  • अपवाद: यदि समिति बैंकिंग क्षेत्र (Cooperative Bank) से संबंधित है, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार निलंबन की अवधि 1 वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है।

5. उच्चतम न्यायालय का लैंडमार्क निर्णय (गुजरात हाईकोर्ट केस & सुप्रीम कोर्ट 2021)

97वें संविधान संशोधन के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण करंट व पोलिटी टॉपिक है:

  • मामला: भारत संघ बनाम गुजरात हाई कोर्ट (Union of India v. Rajendra N Shah / Gujarat High Court Case, 2021)।

  • विवाद का कारण: 97वें संशोधन द्वारा राज्य सूची के विषय 'सहकारिता' पर कानून बनाने के लिए राज्यों की विधानसभाओं का कम से कम 50% अनुमोदन (Ratification under Art. 368(2)) नहीं लिया गया था।

  • सर्वोच्च न्यायालय का फैसला (जुलाई 2021):

    • सुप्रीम कोर्ट की 3-न्यायाधीशों की पीठ (2:1 के बहुमत से) ने राज्य स्तरीय सहकारी समितियों से संबंधित भाग 9B के प्रावधानों को असंवैधानिक घोषित करते हुए रद्द कर दिया।

    • हालांकि, कोर्ट ने बहु-राज्य सहकारी समितियों (Multi-State Co-operative Societies) तथा संघ राज्य क्षेत्रों (UTs) के संबंध में भाग 9B के प्रावधानों को पूरी तरह वैध (Valid) ठहराया।

    • इसके अतिरिक्त, अनुच्छेद 19(1)(c) और अनुच्छेद 43B में किए गए संशोधन पूरी तरह से सुरक्षित और लागू हैं।

6. भाग 9 (पंचायती राज), भाग 9A (नगरपालिकाएं) एवं भाग 9B (सहकारी समितियां) का तुलनात्मक अध्ययन

तुलनात्मक आधार (Basis)पंचायती राज (भाग 9)नगरपालिकाएं (भाग 9A)सहकारी समितियां (भाग 9B)
संविधान संशोधन73वां संशोधन (1992)74वां संशोधन (1992)97वां संशोधन (2011)
अनुच्छेद की सीमा243 से 243O243P से 243ZG243ZH से 243ZT
लागू होने की तिथि24 अप्रैल 19931 जून 199315 फरवरी 2012
संबंधित अनुसूची11वीं अनुसूची (29 विषय)12वीं अनुसूची (18 विषय)कोई अनुसूची नहीं
क्षेत्रीय दायराग्रामीण स्थानीय निकायशहरी स्थानीय निकायनिकाय/समिति (स्वायत्त संघ)
कार्यकाल5 वर्ष5 वर्ष5 वर्ष (निदेशकों का कार्यकाल)
महिला आरक्षणन्यूनतम 33% (1/3)न्यूनतम 33% (1/3)बोर्ड में 2 सीटें निश्चित
मूल अधिकार से संबंधनहींनहींहाँ (अनुच्छेद 19(1)(c))

7. Quick Revision Points (एक नज़र में महत्वपूर्ण तथ्य)

  • संविधान का भाग व अनुसूची: भाग 9B, कोई अलग अनुसूची नहीं।

  • संवैधानिक संशोधन: 97वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2011।

  • संबंधित अनुच्छेद: अनुच्छेद 243ZH से 243ZT।

  • मौलिक अधिकार में जुड़ाव: अनुच्छेद 19(1)(c) (सहकारी समितियां बनाना मौलिक अधिकार)।

  • DPSP में जुड़ाव: अनुच्छेद 43B (सहकारी समितियों को बढ़ावा देना)।

  • निदेशकों की अधिकतम संख्या: 21 (अनुच्छेद 243ZJ)।

  • बोर्ड में महिला सीट आरक्षण: 2 सीटें निश्चित।

  • SC/ST सीट आरक्षण: 1 सीट निश्चित (यदि समिति में SC/ST सदस्य हैं)।

  • सह-योजित सदस्य (Co-opted Members): अधिकतम 2 (वोटिंग का अधिकार नहीं)।

  • निदेशकों का कार्यकाल: 5 वर्ष।

  • बोर्ड के निलंबन की अधिकतम अवधि: 6 माह (बैंकिंग के लिए 1 वर्ष)।

  • वार्षिक ऑडिट व एजीएम की समय सीमा: वित्तीय वर्ष समाप्ति के 6 माह के भीतर।

  • केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय का गठन: वर्ष 2021 में नया 'सहकारिता मंत्रालय' (Ministry of Co-operation) गठित किया गया, जिसके पहले मंत्री अमित शाह बने।

8. पिछली परीक्षाओं के महत्वपूर्ण प्रश्न (20+ MCQs with Detailed Solutions)

Q1. किस संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा सहकारी समितियों को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया?

(a) 91वां संशोधन अधिनियम

(b) 96वां संशोधन अधिनियम

(c) 97वां संशोधन अधिनियम

(d) 99वां संशोधन अधिनियम

उत्तर: (c)

व्याख्या: 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा भारतीय संविधान में भाग 9B जोड़कर सहकारी समितियों को संवैधानिक दर्जा दिया गया।

Q2. भारतीय संविधान का कौन सा भाग 'सहकारी समितियों' से संबंधित है?

(a) भाग IX

(b) भाग IX-A

(c) भाग IX-B

(d) भाग X

उत्तर: (c)

व्याख्या: संविधान का भाग IX-B (Part 9B) अनुच्छेद 243ZH से 243ZT तक सहकारी समितियों से संबंधित है।

Q3. 97वां संविधान संशोधन अधिनियम किस वर्ष से प्रभावी हुआ?

(a) वर्ष 2010

(b) वर्ष 2011

(c) वर्ष 2012

(d) वर्ष 2014

उत्तर: (c)

व्याख्या: 97वां संविधान संशोधन अधिनियम 2011 में पारित हुआ था तथा यह 15 फरवरी 2012 से प्रभावी हुआ।

Q4. किस अनुच्छेद के तहत सहकारी समिति बनाना एक मौलिक अधिकार (Fundamental Right) घोषित किया गया?

(a) अनुच्छेद 19(1)(a)

(b) अनुच्छेद 19(1)(c)

(c) अनुच्छेद 21

(d) अनुच्छेद 32

उत्तर: (b)

व्याख्या: 97वें संशोधन द्वारा अनुच्छेद 19(1)(c) में संशोधन कर "सहकारी समितियां" शब्द जोड़ा गया, जिससे यह एक मौलिक अधिकार बन गया।

Q5. राज्य नीति के निर्देशक तत्वों (DPSP) में सहकारी समितियों को बढ़ावा देने के लिए कौन सा नया अनुच्छेद जोड़ा गया?

(a) अनुच्छेद 43A

(b) अनुच्छेद 43B

(c) अनुच्छेद 48A

(d) अनुच्छेद 51A

उत्तर: (b)

व्याख्या: 97वें संविधान संशोधन द्वारा नीति निदेशक तत्वों के अंतर्गत अनुच्छेद 43B जोड़ा गया जो राज्यों को स्वायत्त और लोकतांत्रिक सहकारी समितियों को बढ़ावा देने का निर्देश देता है।

Q6. एक सहकारी समिति के बोर्ड में निदेशकों (Directors) की अधिकतम संख्या कितनी हो सकती है?

(a) 11

(b) 15

(c) 21

(d) 25

उत्तर: (c)

व्याख्या: अनुच्छेद 243ZJ(1) के अनुसार किसी भी सहकारी समिति के बोर्ड में निदेशकों की संख्या अधिकतम 21 हो सकती है।

Q7. अनुच्छेद 243ZJ के अनुसार बोर्ड में महिलाओं के लिए कितनी सीटें आरक्षित होना अनिवार्य है?

(a) 1 सीट

(b) 2 सीटें

(c) कुल सीटों का 33%

(d) कुल सीटों का 50%

उत्तर: (b)

व्याख्या: प्रत्येक सहकारी समिति के बोर्ड में कम से कम 2 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होना संवैधानिक रूप से अनिवार्य है।

Q8. सहकारी समिति के बोर्ड के निर्वाचित सदस्यों और पदाधिकारियों का कार्यकाल कितना होता है?

(a) 3 वर्ष

(b) 4 वर्ष

(c) 5 वर्ष

(d) 6 वर्ष

उत्तर: (c)

व्याख्या: अनुच्छेद 243ZJ(2) के अनुसार बोर्ड के सदस्यों और पदाधिकारियों का कार्यकाल चुनाव की तिथि से 5 वर्ष होता है।

Q9. एक सहकारी समिति के बोर्ड में अधिकतम कितने सह-योजित (Co-opted) सदस्य शामिल किए जा सकते हैं?

(a) 2 सदस्य

(b) 3 सदस्य

(c) 5 सदस्य

(d) कोई सीमा नहीं

उत्तर: (a)

व्याख्या: अनुच्छेद 243ZJ के तहत विशेषज्ञता वाले अधिकतम 2 सह-योजित सदस्यों को बोर्ड में शामिल किया जा सकता है।

Q10. बोर्ड में शामिल सह-योजित सदस्यों (Co-opted Members) के पास कौन सा अधिकार नहीं होता?

(a) बैठक में भाग लेने का अधिकार

(b) सलाह देने का अधिकार

(c) चुनाव में मतदान (Voting) करने का अधिकार

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (c)

व्याख्या: सह-योजित सदस्यों को किसी भी चुनाव में मतदान करने का अधिकार नहीं होता है और न ही वे पदाधिकारी चुने जा सकते हैं।

Q11. अनुच्छेद 243ZL के अनुसार किसी सामान्य सहकारी समिति के बोर्ड का निलंबन (Supersession) अधिकतम कितने समय के लिए किया जा सकता है?

(a) 3 माह

(b) 6 माह

(c) 1 वर्ष

(d) 2 वर्ष

उत्तर: (b)

व्याख्या: किसी भी बोर्ड को 6 महीने से अधिक समय के लिए निलंबित नहीं रखा जा सकता (बैंकिंग समिति के मामले में यह सीमा 1 वर्ष है)।

Q12. सहकारी समितियों के खातों का ऑडिट (अंकेक्षण) वित्तीय वर्ष समाप्त होने के कितने माह के भीतर पूरा होना अनिवार्य है?

(a) 3 माह

(b) 6 माह

(c) 9 माह

(d) 12 माह

उत्तर: (b)

व्याख्या: अनुच्छेद 243ZM के अनुसार वित्तीय वर्ष समाप्त होने के 6 माह के भीतर अधिकृत लेखा परीक्षक से खातों का अंकेक्षण कराना अनिवार्य है।

Q13. सातवीं अनुसूची के अनुसार 'सहकारी समितियां' किस सूची का विषय हैं?

(a) संघ सूची

(b) राज्य सूची

(c) समवर्ती सूची

(d) अवशिष्ट शक्तियां

उत्तर: (b)

व्याख्या: भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची में 'सहकारी समितियां' मुख्य रूप से राज्य सूची (State List) की प्रविष्टि 32 के अंतर्गत आती हैं।

Q14. बहु-राज्य सहकारी समितियों (Multi-State Co-operative Societies) के संबंध में कानून बनाने का अधिकार किसके पास है?

(a) केवल राज्य विधानमंडल

(b) केवल भारत की संसद

(c) राष्ट्रपति

(d) नीति आयोग

उत्तर: (b)

व्याख्या: अनुच्छेद 243ZR के तहत एक से अधिक राज्यों में फैली समितियों (Multi-State Co-operative Societies) पर नियम बनाने का अधिकार संसद (केंद्र सरकार) के पास है।

Q15. भारत में प्रथम सहकारी साख समिति अधिनियम किस वर्ष पारित किया गया था?

(a) 1895

(b) 1904

(c) 1912

(d) 1919

उत्तर: (b)

व्याख्या: लॉर्ड कर्जन के काल में वर्ष 1904 में पहला सहकारी साख समिति अधिनियम (Co-operative Credit Societies Act) पारित हुआ था।

Q16. भारत में 'स्थानीय सहकारिता आंदोलन का जनक' किसे माना जाता है?

(a) लॉर्ड रिपन

(b) सर फ्रेड्रिक निकोलसन

(c) महात्मा गांधी

(d) डॉ. वर्गीज कुरियन

उत्तर: (b)

व्याख्या: 1895 में मद्रास सरकार को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट के कारण सर फ्रेड्रिक निकोलसन को भारत में सहकारी आंदोलन का जनक माना जाता है।

Q17. जुलाई 2021 में सर्वोच्च न्यायालय ने 97वें संविधान संशोधन के भाग 9B के किस हिस्से को असंवैधानिक घोषित किया?

(a) बहु-राज्य सहकारी समितियों से संबंधित

(b) राज्य स्तरीय सहकारी समितियों से संबंधित

(c) केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित

(d) पूरा भाग 9B रद्द कर दिया

उत्तर: (b)

व्याख्या: सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के अनुसमर्थन के बिना बनाए गए राज्य स्तरीय प्रावधानों को रद्द कर दिया, जबकि बहु-राज्य समितियों व UTs हेतु भाग 9B को वैध रखा।

Q18. केंद्र सरकार द्वारा पृथक 'सहकारिता मंत्रालय' (Ministry of Co-operation) का गठन किस वर्ष किया गया?

(a) 2014

(b) 2019

(c) 2021

(d) 2022

उत्तर: (c)

व्याख्या: केंद्र सरकार ने "सहकार से समृद्धि" के विजन को साकार करने के लिए जुलाई 2021 में एक अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन किया।

Q19. भारत के प्रथम सहकारिता मंत्री कौन बने?

(a) राजनाथ सिंह

(b) अमित शाह

(c) नितिन गडकरी

(d) पीयूष गोयल

उत्तर: (b)

व्याख्या: जुलाई 2021 में गठित नवीन सहकारिता मंत्रालय के प्रथम केंद्रीय मंत्री अमित शाह बने।

Q20. अनुच्छेद 243ZH में प्रयुक्त 'बोर्ड' शब्द से क्या तात्पर्य है?

(a) आम सभा

(b) समिति की प्रबंध समिति या शासी निकाय

(c) राज्य वित्त आयोग

(d) रजिस्ट्रार का कार्यालय

उत्तर: (b)

व्याख्या: अनुच्छेद 243ZH के अनुसार 'बोर्ड' का अर्थ किसी सहकारी समिति की प्रबंध समिति (Governing Body/Management Committee) से है।

Q21. एक सहकारी समिति की वार्षिक साधारण सभा (AGM) की बैठक बुलाने की अधिकतम समय सीमा क्या है?

(a) वित्तीय वर्ष समाप्त होने के 3 माह के अंदर

(b) वित्तीय वर्ष समाप्त होने के 6 माह के अंदर

(c) वित्तीय वर्ष समाप्त होने के 1 वर्ष के अंदर

(d) कोई समय सीमा नहीं

उत्तर: (b)

व्याख्या: अनुच्छेद 243ZN के अनुसार प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति के 6 माह के भीतर वार्षिक साधारण सभा की बैठक आयोजित करना आवश्यक है।

9. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions - FAQs)

Q1. क्या सहकारी समिति बनाना एक मौलिक अधिकार है?

उत्तर: हाँ, 97वें संविधान संशोधन 2011 द्वारा अनुच्छेद 19(1)(c) में संशोधन करके भारतीय नागरिकों को "सहकारी समितियां" (Co-operative Societies) गठित करने का अधिकार एक मौलिक अधिकार बनाया गया है।

Q2. एक सहकारी समिति के बोर्ड में महिला आरक्षण का क्या प्रावधान है?

उत्तर: अनुच्छेद 243ZJ के अनुसार प्रत्येक सहकारी समिति के बोर्ड में 2 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होना अनिवार्य है।

Q3. सुप्रीम कोर्ट ने 2021 के फैसले में भाग 9B के किस भाग को रद्द किया?

उत्तर: सर्वोच्च न्यायालय ने केवल राज्य की एकल सहकारी समितियों से संबंधित भाग 9B के प्रावधानों को रद्द किया था, क्योंकि इसे संसद द्वारा 50% राज्यों की विधानसभाओं की सहमति (अनुसमर्थन) के बिना पारित किया गया था। बहु-राज्य सहकारी समितियां (Multi-State Co-operatives) आज भी भाग 9B के तहत आती हैं।

Q4. सहकारी समिति के बोर्ड में कुल कितने अधिकतम सदस्य (निदेशक) हो सकते हैं?

उत्तर: अनुच्छेद 243ZJ के तहत बोर्ड के निदेशकों की अधिकतम संख्या 21 हो सकती है।

10. निष्कर्ष (Conclusion)

भारतीय संविधान का भाग 9B (अनुच्छेद 243ZH से 243ZT) और 97वां संविधान संशोधन अधिनियम 2011 भारत में सहकारिता क्षेत्र में संस्थागत और संवैधानिक सुधार का प्रतीक है। इसने सहकारी समितियों को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त कर उन्हें पेशेवर, लोकतांत्रिक, पारदर्शी और स्वायत्त संस्थाओं के रूप में विकसित करने का ढांचा प्रदान किया।

यद्यपि सर्वोच्च न्यायालय ने 2021 के अपने फैसले में राज्यों के अधिकारों की रक्षा करते हुए राज्य स्तरीय समितियों हेतु भाग 9B के कुछ हिस्सों को अमान्य ठहराया, परंतु बहु-राज्य सहकारिता, मौलिक अधिकार (19(1)(c)) और नीति निदेशक तत्व (43B) में इसके प्रावधान आज भी पूर्णतः अक्षुण्ण हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से भाग 9B के सभी अनुच्छेद, बोर्ड की संरचना, आरक्षण प्रावधान और न्यायपालिका के निर्णय बेहद महत्वपूर्ण हैं। इस लेख में प्रस्तुत विस्तृत नोट्स, तुलनात्मक तालिकाएँ और MCQs परीक्षार्थियों को आगामी सभी परीक्षाओं में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने में सहायता करेंगे। 

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