सिक्ख धर्म का इतिहास: 10 गुरु, बंदा बहादुर, खालसा पंथ Notes & 20+ Previous Years MCQs
सिक्ख धर्म का इतिहास: 10 गुरु, प्रमुख सिद्धांत एवं इतिहास Home > इतिहास > भारतीय इतिहास > मध्यकालीन इतिहास मध्यकालीन भारत के भक्ति आंदोलन के दौर में 15वीं शताब्दी में सिक्ख धर्म (Sikhism) का उदय पंजाब क्षेत्र में हुआ। यह एक एकेश्वरवादी (Monotheistic) धर्म है, जिसकी स्थापना गुरु नानक देव जी ने की थी। 1. 10 सिक्ख गुरु एवं उनका ऐतिहासिक योगदान सिक्ख धर्म में कुल 10 देहधारी गुरु हुए। परीक्षाओं में इनके कालक्रम और कार्यों से प्रश्न बनते हैं: 1. गुरु नानक देव जी (1469 - 1539 ई.) जन्म: ननकाना साहिब (तलवंडी, वर्तमान पाकिस्तान में राय भोई दी तलवंडी)। योगदान: सिक्ख धर्म के संस्थापक। इन्होंने 'संगत' (धार्मिक सभा) और 'पंगत' (लंगर व्यवस्था) की शुरुआत की। समकालीन मुगल शासक: बाबर और हुमायूँ। 2. गुरु अंगद देव जी (1539 - 1552 ई.) मूल नाम: भाई लहना। योगदान: पंजाबी भाषा की लिपि 'गुरुमुखी' (Gurmukhi) के जनक। लंगर व्यवस्था को स्थायी रूप दिया। 3. गुरु अमरदास जी (1552 - 1574 ई.) योगदान: लंगर प्रथा को अनिवार्य बनाया। सती प्रथा एवं पर्दा प्रथा का कड़ा विरोध क...