पंचायती राज (Panchayati Raj) | संविधान भाग 9, अनुच्छेद 243-243O | Best Notes & 20+ PYQs
पंचायती राज (Panchayati Raj System): संविधान भाग 9 - प्रतियोगी परीक्षा के लिए सम्पूर्ण नोट्स
भारत में स्थानीय स्वशासन (Local Self-Government) की नींव ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने और आम जनता तक शक्ति के विकेंद्रीकरण (Decentralization of Power) के उद्देश्य से रखी गई है। महात्मा गांधी के 'ग्राम स्वराज' के सपने को साकार करने हेतु संविधान में पंचायती राज व्यवस्था को शामिल किया गया।
यह लेख विशेष रूप से UPSC, State PSC (UPPSC, BPSC, MPPSC, RPSC), SSC CGL, Railway, Police SI और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए तैयार किया गया है। इस लेख में भारतीय संविधान के भाग 9 (अनुच्छेद 243 से 243O), 73वें संविधान संशोधन अधिनियम 1992, विकासवादी समितियां, त्रिस्तरीय संरचना, 11वीं अनुसूची के 29 विषय, महत्वपूर्ण तुलनात्मक तालिकाएं, क्विक रिविजन नोट्स और 20 से अधिक पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs) विस्तार से शामिल किए गए हैं।
1. पंचायती राज का ऐतिहासिक विकास एवं प्रमुख समितियां
भारत में प्राचीन काल (जैसे चोल साम्राज्य) से ही ग्रामीण स्वायत्तता की परंपरा रही है। आधुनिक भारत में इसे संवैधानिक रूप देने के लिए कई महत्वपूर्ण समितियों का गठन किया गया:
(A) ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
लॉर्ड रिपन (1882): लॉर्ड रिपन को 'भारत में स्थानीय स्वशासन का जनक' (Father of Local Self-Government in India) कहा जाता है। उन्होंने स्थानीय निकायों के लिए एक ऐतिहासिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया था।
अनुच्छेद 40 (DPSP): राज्य नीति के निर्देशक तत्वों में अनुच्छेद 40 राज्यों को ग्राम पंचायतों के गठन का निर्देश देता है।
(B) महत्वपूर्ण समितियां (परीक्षाओं हेतु अत्यधिक महत्वपूर्ण)
| समिति का नाम | गठन वर्ष | मुख्य सिफारिशें / विशेष बिंदु |
| बलवंत राय मेहता समिति | 1957 | • लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की सिफारिश। • त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम, ब्लॉक, जिला) का सुझाव। • भारत में पंचायती राज का वास्तुकला/शिल्पकार बलवंत राय मेहता को माना जाता है। |
| अशोक मेहता समिति | 1977 | • द्विस्तरीय व्यवस्था (जिला परिषद और मंडल पंचायत) का सुझाव दिया। • राजनीतिक दलों की खुली भागीदारी का समर्थन किया। |
| जी.वी.के. राव समिति | 1985 | • बिना जड़ की घास (Grass without roots) कहा। • जिला स्तर को नियोजन का मुख्य आधार बनाने की सिफारिश। |
| एल.एम. सिंघवी समिति | 1986 | • पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा देने की पहली बार सिफारिश। • न्याय पंचायतों के गठन पर बल। |
| थुंगन समिति | 1988 | • पंचायती राज को संवैधानिक मान्यता देने तथा 5 वर्ष के निश्चित कार्यकाल की सिफारिश की। |
2. 73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992: मुख्य विशेषताएं
73वें संविधान संशोधन ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक मान्यता प्रदान की:
संवैधानिक संशोधन: 73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992
लागू होने की तिथि: 24 अप्रैल 1993 (इसी कारण प्रतिवर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है)।
जोड़ा गया भाग: भाग IX (Part 9)
शीर्षक: 'द पंचायतें' (The Panchayats)
अनुच्छेद की सीमा: अनुच्छेद 243 से 243O तक।
जोड़ी गई अनुसूची: 11वीं अनुसूची (11th Schedule)
कुल विषय: 29 कार्यक्षेत्र विषय (जैसे कृषि, ग्रामीण आवास, पेयजल, सड़कें आदि)।
पहला राज्य: 73वें संविधान संशोधन के लागू होने के बाद इसे लागू करने वाला पहला राज्य आंध्र प्रदेश (तथा संशोधन पूर्व प्रयोग के रूप में सर्वप्रथम 2 अक्टूबर 1959 को नागौर, राजस्थान में उद्घाटन) था।
3. त्रिस्तरीय पंचायती राज संरचना (Three-Tier Structure)
73वें संशोधन अधिनियम के अनुसार, 20 लाख से अधिक आबादी वाले राज्यों में त्रिस्तरीय संरचना अनिवार्य है:
┌─────────────┐
│ त्रिस्तरीय पंचायती राज │
└─────┬───────┘
│
┌──────────┼───────────────────┐
▼ ▼ ▼
┌───────────┐ ┌──────────┐ ┌──────────┐
│ जिला स्तर │ │ मध्यवर्ती स्तर │ │ ग्राम स्तर │
│ (District Level) │ │ (Block Level) │ │ (Village Level) │
└──┬────────┘ └────┬─────┘ └────┬─────┘
│ │ │
▼ ▼ ▼
जिला परिषद पंचायत समिति / ग्राम पंचायत एवं
(District Council) क्षेत्र पंचायत ग्राम सभा
ग्राम स्तर (Village Level): ग्राम पंचायत (निचला स्तर)
मध्यवर्ती स्तर (Block/Intermediate Level): पंचायत समिति / क्षेत्र पंचायत (मध्यम स्तर)
जिला स्तर (District Level): जिला परिषद (शीर्ष स्तर)
अपवाद: जिस राज्य की जनसंख्या 20 लाख से कम है, वहां मध्यवर्ती स्तर (ब्लॉक पंचायत) का गठन करना अनिवार्य नहीं है।
4. भाग 9 के प्रमुख अनुच्छेदों की मास्टर तालिका (Master Article Table)
प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुच्छेद 243 से लेकर 243O के उप-अनुच्छेदों (Sub-clauses) से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं:
| अनुच्छेद (Article) | विषय-वस्तु (Subject Matter) | परीक्षा के दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु |
| अनुच्छेद 243 | परिभाषाएं (Definitions) | सभा, पंचायत, ग्राम, जनसंख्या आदि की परिभाषा। |
| अनुच्छेद 243A | ग्राम सभा (Gram Sabha) | पंजीकृत मतदाताओं का समूह; पंचायती राज की मूल इकाई। |
| अनुच्छेद 243B | पंचायतों का गठन (Constitution of Panchayats) | त्रिस्तरीय प्रणाली का गठन (20 लाख से कम पर छूट)। |
| अनुच्छेद 243C | पंचायतों की संरचना (Composition of Panchayats) | प्रत्यक्ष निर्वाचन से सदस्यों का चयन; अध्यक्ष का चुनाव राज्य विधि से। |
| अनुच्छेद 243D | स्थानों का आरक्षण (Reservation of Seats) | SC/ST हेतु जनसंख्या अनुपात में + महिलाओं हेतु न्यूनतम 1/3 (33%) सीटें आरक्षित। |
| अनुच्छेद 243E | पंचायतों की अवधि (Duration of Panchayats) | प्रथम बैठक से 5 वर्ष का निश्चित कार्यकाल; समय से पूर्व भंग होने पर 6 माह में चुनाव। |
| अनुच्छेद 243F | सदस्यता के लिए अहर्ताएं (Disqualifications) | चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित। |
| अनुच्छेद 243G | पंचायतों की शक्तियां, प्राधिकार व उत्तरदायित्व | 11वीं अनुसूची के 29 विषयों पर कार्य करने की शक्ति। |
| अनुच्छेद 243H | पंचायतों द्वारा कर लगाने की शक्तियां और उनकी निधियां | स्थानीय कर, चुंगी, शुल्क लगाने और उगाहने का अधिकार। |
| अनुच्छेद 243I | राज्य वित्त आयोग का गठन (State Finance Commission) | राज्यपाल द्वारा प्रत्येक 5 वर्ष में पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा हेतु गठन। |
| अनुच्छेद 243J | पंचायतों के लेखाओं की संपरीक्षा (Audit of Accounts) | राज्य विधानमंडल द्वारा ऑडिट संबंधी नियम। |
| अनुच्छेद 243K | पंचायतों के लिए निर्वाचन (State Election Commission) | राज्य निर्वाचन आयोग का गठन (राज्यपाल द्वारा आयुक्त की नियुक्ति)। |
| अनुच्छेद 243L | संघ राज्य क्षेत्रों को लागू होना | केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रपति के आदेश से लागू होना। |
| अनुच्छेद 243M | कुछ क्षेत्रों को लागू न होना | नागालैंड, मेघालय, मिजोरम तथा अनुसूचित/जनजातीय क्षेत्रों में लागू नहीं। |
| अनुच्छेद 243N | विद्यमान विधियों और पंचायतों का बना रहना | अधिनियम लागू होने के 1 वर्ष के भीतर पुराने कानूनों को बदलना। |
| अनुच्छेद 243O | चुनावी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन | परिसीमन और सीट आवंटन न्यायालय के क्षेत्राधिकार से बाहर। |
5. पंचायती राज व्यवस्था के प्रमुख संवैधानिक प्रावधान
(A) ग्राम सभा (अनुच्छेद 243A)
ग्राम सभा पंचायती राज व्यवस्था की प्राथमिक और सबसे महत्वपूर्ण संस्था है।
ग्राम पंचायत के क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव की मतदाता सूची में पंजीकृत सभी वयस्क नागरिक इसके सदस्य होते हैं।
यह प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct Democracy) का सबसे प्रत्यक्ष उदाहरण है।
(B) आरक्षण संबंधी व्यवस्था (अनुच्छेद 243D)
SC और ST: उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटों का आरक्षण।
महिलाएं: कुल सीटों की कम से कम 1/3 (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। (बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड जैसे कई राज्यों ने इसे बढ़ाकर 50% कर दिया है)।
OBC: राज्य विधानमंडल को अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान करने का अधिकार दिया गया है।
(C) कार्यकाल और चुनाव (अनुच्छेद 243E व 243K)
कार्यकाल: प्रथम अधिवेशन की नियत तिथि से 5 वर्ष।
समय पूर्व विघटन: यदि पंचायत 5 वर्ष से पहले भंग हो जाती है, तो 6 महीने के भीतर नए चुनाव कराना अनिवार्य है।
अवशेष कार्यकाल: यदि विघटित पंचायत का शेष कार्यकाल 6 महीने से कम बचा हो, तो नया चुनाव कराना आवश्यक नहीं होता। नई चुनी गई पंचायत केवल बचे हुए समय (Residual Period) के लिए ही कार्य करती है।
राज्य निर्वाचन आयोग (243K): पंचायतों के चुनावों की मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने का सर्वाधिकार राज्य निर्वाचन आयोग में निहित है।
6. PESA अधिनियम 1996 (Panchayats Extension to Scheduled Areas Act)
संविधान का भाग 9 संविधान के अनुच्छेद 243M के तहत पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाले अनुसूचित क्षेत्रों पर स्वतः लागू नहीं होता था।
अधिनियम का नाम: पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 (PESA Act, 1996)
समिति की सिफारिश: दिलीप सिंह भूरिया समिति (Bhuria Committee) की सिफारिशों पर आधारित।
उद्देश्य: अनुसूचित क्षेत्रों के जनजातीय लोगों को उनकी पारंपरिक रूढ़ियों, परंपराओं और प्राकृतिक संसाधनों पर स्वायत्तता प्रदान करना।
प्रमुख शक्ति: ग्राम सभा को भूमि अधिग्रहण, लघु वनोपज (Minor Forest Produce) के स्वामित्व और शराब बिक्री पर नियंत्रण के व्यापक अधिकार दिए गए।
7. Quick Revision Points (एक नज़र में महत्वपूर्ण तथ्य)
पंचायती राज का जनक (भारत में): लॉर्ड रिपन (1882)
पंचायती राज के शिल्पकार: बलवंत राय मेहता
संवैधानिक दर्जा देने वाली सिफारिश: एल.एम. सिंघवी समिति (1986)
संविधान भाग व अनुसूची: भाग 9, 11वीं अनुसूची
कुल कार्य क्षेत्र (विषय): 29 विषय
लागू होने की तिथि: 24 अप्रैल 1993 (राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस)
महिला आरक्षण: न्यूनतम 33% (अनुच्छेद 243D)
चुनाव हेतु न्यूनतम आयु: 21 वर्ष (अनुच्छेद 243F)
राज्य वित्त आयोग गठन: अनुच्छेद 243I (प्रत्येक 5 वर्ष पर राज्यपाल द्वारा)
राज्य निर्वाचन आयोग: अनुच्छेद 243K
विघटन पर चुनाव की सीमा: 6 माह के भीतर
8. पिछली परीक्षाओं के महत्वपूर्ण प्रश्न (20+ MCQs with Detailed Solutions)
Q1. भारतीय संविधान का कौन सा भाग पंचायती राज से संबंधित है?
(a) भाग VIII
(b) भाग IX
(c) भाग IX-A
(d) भाग X
उत्तर: (b)
व्याख्या: भारतीय संविधान के भाग IX (अनुच्छेद 243 से 243O) में पंचायती राज व्यवस्था से संबंधित प्रावधान हैं।
Q2. किस संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया?
(a) 71वां संशोधन
(b) 72वां संशोधन
(c) 73वां संशोधन
(d) 74वां संशोधन
उत्तर: (c)
व्याख्या: 73वें संविधान संशोधन अधिनियम 1992 द्वारा संविधान में भाग 9 और 11वीं अनुसूची जोड़कर पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया गया।
Q3. भारत में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस कब मनाया जाता है?
(a) 2 अक्टूबर
(b) 26 जनवरी
(c) 24 अप्रैल
(d) 15 अगस्त
उत्तर: (c)
व्याख्या: 73वां संविधान संशोधन अधिनियम 24 अप्रैल 1993 से लागू हुआ था, इसलिए प्रतिवर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है।
Q4. संविधान की 11वीं अनुसूची में पंचायती राज संस्थाओं के लिए कितने विषयों का उल्लेख किया गया है?
(a) 18 विषय
(b) 21 विषय
(c) 29 विषय
(d) 33 विषय
उत्तर: (c)
व्याख्या: 11वीं अनुसूची में पंचायतों के सुपुर्द किए गए कुल 29 प्रशासनिक विषयों की सूची दी गई है।
Q5. भारत में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की सिफारिश सर्वप्रथम किस समिति ने की थी?
(a) अशोक मेहता समिति
(b) बलवंत राय मेहता समिति
(c) जी.वी.के. राव समिति
(d) एल.एम. सिंघवी समिति
उत्तर: (b)
व्याख्या: बलवंत राय मेहता समिति (1957) ने लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण हेतु त्रिस्तरीय (ग्राम, खंड, जिला) पंचायती राज संरचना की सिफारिश की थी।
Q6. पंचायत का चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए?
(a) 18 वर्ष
(b) 21 वर्ष
(c) 25 वर्ष
(d) 30 वर्ष
उत्तर: (b)
व्याख्या: अनुच्छेद 243F के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं का चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष अनिवार्य है।
Q7. किस अनुच्छेद के तहत पंचायतों में महिलाओं के लिए कम से कम एक-तिहाई (33%) सीटों के आरक्षण का प्रावधान है?
(a) अनुच्छेद 243A
(b) अनुच्छेद 243C
(c) अनुच्छेद 243D
(d) अनुच्छेद 243G
उत्तर: (c)
व्याख्या: अनुच्छेद 243D(3) के अनुसार प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन से भरे जाने वाले स्थानों में कम से कम 1/3 स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे।
Q8. राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) का गठन संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत किया जाता है?
(a) अनुच्छेद 243H
(b) अनुच्छेद 243I
(c) अनुच्छेद 243K
(d) अनुच्छेद 280
उत्तर: (b)
व्याख्या: अनुच्छेद 243I के तहत राज्यपाल प्रत्येक 5 वर्ष की समाप्ति पर पंचायतों की वित्तीय स्थिति के पुनर्वलोकन के लिए राज्य वित्त आयोग का गठन करता है।
Q9. पंचायतों के चुनाव कराने का निर्णय और संचालन किसके द्वारा किया जाता है?
(a) भारत का निर्वाचन आयोग
(b) राज्य सरकार
(c) राज्य निर्वाचन आयोग
(d) जिला कलेक्टर
उत्तर: (c)
व्याख्या: अनुच्छेद 243K के तहत पंचायतों के सभी चुनावों की मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने का नियंत्रण राज्य निर्वाचन आयोग में निहित है।
Q10. यदि कोई पंचायत समय से पूर्व भंग कर दी जाती है, तो कितने समय के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है?
(a) 1 महीने
(b) 3 महीने
(c) 6 महीने
(d) 1 वर्ष
उत्तर: (c)
व्याख्या: अनुच्छेद 243E(3) के तहत पंचायत के विघटन की तिथि से 6 माह की अवधि समाप्त होने से पूर्व चुनाव कराना अनिवार्य होता है।
Q11. स्वतंत्रता के पश्चात भारत में सर्वप्रथम पंचायती राज का उद्घाटन कहाँ और कब हुआ था?
(a) नागौर (राजस्थान), 2 अक्टूबर 1959
(b) मिर्जापुर (यूपी), 26 जनवरी 1960
(c) हैदराबाद (आंध्र प्रदेश), 24 अप्रैल 1993
(d) अहमदाबाद (गुजरात), 15 अगस्त 1957
उत्तर: (a)
व्याख्या: प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर जिले में प्रायोगिक तौर पर पंचायती राज का उद्घाटन किया था।
Q12. संविधान के किस अनुच्छेद में राज्यों को 'ग्राम पंचायतों का संगठन' करने का निर्देश दिया गया है?
(a) अनुच्छेद 32
(b) अनुच्छेद 40
(c) अनुच्छेद 45
(d) अनुच्छेद 51A
उत्तर: (b)
व्याख्या: राज्य नीति के निर्देशक तत्वों (DPSP) के अंतर्गत अनुच्छेद 40 में ग्राम पंचायतों के गठन का स्पष्ट निर्देश है।
Q13. किस समिति ने पंचायती राज संस्थाओं को 'बिना जड़ की घास' (Grass without roots) कहा था?
(a) अशोक मेहता समिति
(b) जी.वी.के. राव समिति
(c) थुंगन समिति
(d) दांतेवाला समिति
उत्तर: (b)
व्याख्या: नौकरशाही के बढ़ते प्रभाव और पंचायती राज के कमजोर होते स्वरूप को देखकर जी.वी.के. राव समिति (1985) ने यह टिप्पणी की थी।
Q14. द्विसदनीय या द्विस्तरीय पंचायती राज मॉडल की सिफारिश किस समिति द्वारा की गई थी?
(a) बलवंत राय मेहता समिति
(b) अशोक मेहता समिति
(c) एल.एम. सिंघवी समिति
(d) भूरिया समिति
उत्तर: (b)
व्याख्या: 1977 में गठित अशोक मेहता समिति ने त्रिस्तरीय व्यवस्था के स्थान पर केवल दो स्तरों—जिला परिषद और मंडल पंचायत की सिफारिश की थी।
Q15. ग्राम सभा का सदस्य कौन बन सकता है?
(a) गांव का प्रत्येक निवासी
(b) गांव के सभी पुरुष
(c) पंचायत क्षेत्र की मतदाता सूची में पंजीकृत सभी वयस्क नागरिक
(d) केवल भूमिपति किसान
उत्तर: (c)
व्याख्या: अनुच्छेद 243(b) के तहत ग्राम सभा में वे सभी व्यक्ति शामिल होते हैं जिनका नाम ग्राम स्तर पर पंचायत की मतदाता सूची में पंजीकृत है।
Q16. PESA अधिनियम किस वर्ष लागू किया गया था?
(a) 1992
(b) 1993
(c) 1996
(d) 2000
उत्तर: (c)
व्याख्या: पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम अर्थात PESA Act वर्ष 1996 में पारित किया गया था।
Q17. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 243G किससे संबंधित है?
(a) पंचायतों में आरक्षण
(b) पंचायतों की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व
(c) पंचायतों की अवधि
(d) वित्तीय स्थिति की समीक्षा
उत्तर: (b)
व्याख्या: अनुच्छेद 243G पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करने तथा 29 विषयों पर कार्य करने की शक्ति देता है।
Q18. किस राज्य की जनसंख्या 20 लाख से कम होने पर वहां किस स्तर का गठन अनिवार्य नहीं है?
(a) ग्राम स्तर
(b) मध्यवर्ती स्तर (ब्लॉक स्तर)
(c) जिला स्तर
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b)
व्याख्या: अनुच्छेद 243B(2) के अनुसार जिस राज्य की जनसंख्या 20 लाख से अधिक न हो, वहां मध्यवर्ती (ब्लॉक) स्तर पर पंचायत का गठन न करने की छूट है।
Q19. पंचायती राज व्यवस्था किस सूची का विषय है?
(a) संघ सूची
(b) राज्य सूची
(c) समवर्ती सूची
(d) अवशिष्ट शक्तियां
उत्तर: (b)
व्याख्या: भारतीय संविधान की 7वीं अनुसूची के अंतर्गत पंचायती राज और स्थानीय शासन राज्य सूची (State List) का विषय है।
Q20. विघटित पंचायत के स्थान पर पुनर्निर्वाचित नई पंचायत का कार्यकाल कितना होता है?
(a) पूरे 5 वर्ष
(b) केवल शेष बचे हुए कार्यकाल के लिए
(c) 3 वर्ष
(d) राज्यपाल के निर्णय के अनुसार
उत्तर: (b)
व्याख्या: अनुच्छेद 243E(4) के अनुसार, मध्यावधि चुनाव में गठित नई पंचायत केवल पूर्ववर्ती भंग पंचायत के अवशेष कार्यकाल (Remaining Period) के लिए ही कार्य करती है।
Q21. निम्नलिखित में से किस राज्य में 73वां संविधान संशोधन अधिनियम लागू नहीं होता है?
(a) राजस्थान
(b) नागालैंड
(c) बिहार
(d) उत्तर प्रदेश
उत्तर: (b)
व्याख्या: अनुच्छेद 243M के अनुसार यह अधिनियम नागालैंड, मेघालय, मिजोरम और कुछ विशेष जनजातीय क्षेत्रों पर लागू नहीं होता है।
9. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions - FAQs)
Q1. क्या ग्राम पंचायत और ग्राम सभा एक ही संस्थाएं हैं?
उत्तर: नहीं। 'ग्राम सभा' गांव के सभी पंजीकृत वयस्क मतदाताओं का स्थायी निकाय है, जबकि 'ग्राम पंचायत' ग्राम सभा के सदस्यों द्वारा 5 वर्ष के लिए चुनी गई एक कार्यकारी संस्था है जिसके प्रतिनिधि (सरपंच/प्रधान व वार्ड सदस्य) निर्णय लेते हैं।
Q2. यदि कोई पंचायत 5 वर्ष से पहले भंग हो जाती है, तो नई पंचायत का कार्यकाल कितना होगा?
उत्तर: यदि कोई पंचायत समय से पहले विघटित हो जाती है, तो नई चुनी गई पंचायत 5 वर्ष के लिए नहीं बल्कि केवल पिछली पंचायत के बचे हुए कार्यकाल (Residual Term) के लिए ही कार्य करती है।
Q3. पंचायती राज व्यवस्था में 11वीं अनुसूची में कुल कितने विषय शामिल हैं?
उत्तर: संविधान की 11वीं अनुसूची में कुल 29 विषय (जैसे कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य, प्राथमिक शिक्षा, पेयजल, ग्रामीण सड़कें आदि) शामिल किए गए हैं।
Q4. भारत में किस राज्य ने सबसे पहले महिलाओं को पंचायतों में 50% आरक्षण दिया?
उत्तर: वर्ष 2006 में बिहार भारत का पहला राज्य बना जिसने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया।
10. निष्कर्ष (Conclusion)
भारतीय संविधान का भाग 9 (अनुच्छेद 243 से 243O) और 73वां संविधान संशोधन अधिनियम, भारत में धरातलीय स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने वाला एक क्रांतिकारी कदम है। इसने न केवल ग्रामीण आबादी को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु निर्णय लेने का अधिकार दिया, बल्कि महिलाओं, अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों को राजनीति की मुख्यधारा में लाने का ऐतिहासिक कार्य किया।
प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से पंचायती राज का विकास क्रम (बलवंत राय मेहता, अशोक मेहता व एल.एम. सिंघवी समितियां), 73वें संशोधन के मुख्य प्रावधान, अनुच्छेदों का विशिष्ट वर्गीकरण (जैसे 243D आरक्षण, 243I वित्त आयोग, 243K निर्वाचन आयोग) और 11वीं अनुसूची के विषय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस लेख में प्रस्तुत नोट्स, मास्टर टेबल, तुलनात्मक तथ्य और MCQs का अध्ययन अभ्यर्थियों को इस टॉपिक से संबंधित प्रत्येक प्रश्न को सही हल करने में पूर्ण सहायता प्रदान करेगा।
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