राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC in Hindi): अधिनियम 1993, संशोधन 2019, कार्य व 20+ MCQs Notes
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC): मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993, संरचना, शक्तियाँ एवं महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी नोट्स
भारतीय राजव्यवस्था (Indian Polity), मानवाधिकार एवं लोक प्रशासन के अंतर्गत 'राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग' (National Human Rights Commission - NHRC) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और हर प्रतियोगिता परीक्षा में प्रश्न दिलाने वाला विषय है। UPSC, State PCS (UPPSC, BPSC, MPPSC), SSC CGL, CHSL, RRB NTPC, Group D, UP Police SI/Constable, NDA, CDS जैसी भर्ती परीक्षाओं में NHRC के गठन (मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993), 2019 संशोधन अधिनियम, चयन समिति, सदस्यों की नियुक्ति, कार्यकाल, सिविल न्यायालय की शक्तियों और सीमाओं से जुड़े 2 से 4 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं।
इस विस्तृत अध्ययन लेख में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का परिचय, वैधानिक पृष्ठभूमि, 2019 का महत्वपूर्ण संशोधन, संरचना, चयन समिति, शक्तियां व सीमाएं, Quick Revision Master Table, और अभ्यास के लिए पिछले वर्षों में पूछे गए 20 से अधिक महत्वपूर्ण MCQs शामिल किए गए हैं।
1. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग क्या है? (What is NHRC?)
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) भारत में मानवाधिकारों की रक्षा और संवर्धन करने वाली शीर्ष सांविधिक/वैधानिक संस्था (Statutory Body) है। इसका मुख्य कार्य जीवन, स्वतंत्रता, समानता और व्यक्ति की गरिमा से संबंधित अधिकारों का संरक्षण करना है।
प्राथमिक तथ्य एवं पहचान (Key Basic Facts)
| विवरण (Parameter) | महत्वपूर्ण जानकारी (Information) |
| संस्था का स्वरूप | स्वायत्त सांविधिक/वैधानिक निकाय (Statutory Autonomous Body - न कि संवैधानिक) |
| स्थापना तिथि | 12 अक्टूबर 1993 |
| गठन का आधार | मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 (Protection of Human Rights Act, 1993) |
| मुख्यालय (Headquarters) | मानवाधिकार भवन, नई दिल्ली |
| अंतर्राष्ट्रीय आधार | पेरिस सिद्धांत (Paris Principles, 1991) |
| प्रथम अध्यक्ष | न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र (Justice Ranganath Misra) |
| नियुक्तिकर्ता | भारत के राष्ट्रपति (6-सदस्यीय चयन समिति की सिफारिश पर) |
| मंत्रालय (Ministry) | गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs - MHA) |
2. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ
पेरिस सिद्धांत (1991): अक्टूबर 1991 में पेरिस में आयोजित संयुक्त राष्ट्र की बैठक में मानवाधिकार राष्ट्रीय संस्थानों (NHRIs) के विकास हेतु सिद्धांतों का एक समूह तैयार किया गया, जिसे पेरिस सिद्धांत (Paris Principles) कहा गया।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (1993): वर्ष 1993 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने पेरिस सिद्धांतों को स्वीकार किया।
मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993: इसी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के तहत भारत की संसद ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 पारित किया और 12 अक्टूबर 1993 को NHRC की स्थापना हुई।
3. NHRC की संरचना एवं 2019 का संशोधन (Composition of NHRC)
मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2019 के माध्यम से NHRC की संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं।
(A) आयोग के सदस्य:
NHRC में 1 अध्यक्ष, 5 पूर्णकालिक सदस्य और 7 पदेन (Ex-officio) सदस्य होते हैं (कुल 13 सदस्य):
NHRC की संरचना
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1 अध्यक्ष 5 पूर्णकालिक सदस्य 7 पदेन सदस्य
(CJI या SC का न्यायाधीश) (न्यायिक व विषय विशेषज्ञ) (विभिन्न राष्ट्रीय आयोगों के अध्यक्ष)
अध्यक्ष: भारत का कोई सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश (CJI) या उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) का सेवानिवृत्त न्यायाधीश। (2019 संशोधन से पूर्व केवल सेवानिवृत्त CJI ही बन सकते थे)।
पूर्णकालिक सदस्य (5 सदस्य):
एक सदस्य: उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश या सेवानिवृत्त न्यायाधीश।
एक सदस्य: किसी उच्च न्यायालय (High Court) का मुख्य न्यायाधीश या सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश।
तीन सदस्य: मानवाधिकारों का व्यावहारिक अनुभव रखने वाले व्यक्ति (जिनमें से कम से कम एक महिला का होना अनिवार्य है)।
पदेन सदस्य (7 Ex-officio Members):
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के अध्यक्ष
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) के अध्यक्ष
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) के अध्यक्ष
राष्ट्रीय अल्पसंख्य आयोग (NCM) के अध्यक्ष
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष
मुख्य आयुक्त (दिव्यांगजन) - Chief Commissioner for Persons with Disabilities
4. नियुक्ति हेतु चयन समिति (Selection Committee)
NHRC के अध्यक्ष और सदस्यों की सीधी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा नहीं होती, बल्कि राष्ट्रपति एक उच्चस्तरीय 6-सदस्यीय चयन समिति (6-Member Committee) की सिफारिश पर इनकी नियुक्ति करते हैं:
| चयन समिति के सदस्य | पद / पदनाम |
| समिति के अध्यक्ष | भारत के प्रधानमंत्री |
| सदस्य 1 | केंद्रीय गृह मंत्री |
| सदस्य 2 | लोकसभा अध्यक्ष (Speaker of Lok Sabha) |
| सदस्य 3 | लोकसभा में विपक्ष के नेता (Leader of Opposition in Lok Sabha) |
| सदस्य 4 | राज्यसभा में विपक्ष के नेता (Leader of Opposition in Rajya Sabha) |
| सदस्य 5 | राज्यसभा के उपसभापति (Deputy Chairman of Rajya Sabha) |
विशेष नोट: सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवारत न्यायाधीश या हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति से पहले भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से परामर्श करना अनिवार्य है।
5. कार्यकाल, वेतन एवं पदच्युति (Tenure & Removal)
कार्यकाल (2019 संशोधन के बाद): अध्यक्ष और पूर्णकालिक सदस्यों का कार्यकाल 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु (जो भी पहले पूरा हो) तक होता है। (2019 से पहले यह 5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु था)।
पुनर्नियुक्ति: अध्यक्ष एवं सदस्य पुनर्नियुक्ति के पात्र होते हैं।
सरकारी पद पर प्रतिबंध: सेवानिवृत्ति के पश्चात आयोग के अध्यक्ष या सदस्य भारत सरकार या राज्य सरकार के अधीन अन्य किसी नियोजन (Employment) के पात्र नहीं होते।
पदच्युति (Removal): राष्ट्रपति द्वारा इन्हें सिद्ध कदाचार या असमर्थता के आधार पर हटाया जा सकता है, परंतु इसके लिए मामला उच्चतम न्यायालय को जांच हेतु भेजा जाता है। सुप्रीम कोर्ट की जांच रिपोर्ट के बाद ही राष्ट्रपति इन्हें हटा सकते हैं।
6. NHRC के मुख्य कार्य, शक्तियाँ एवं सीमाएँ (Functions, Powers & Limitations)
(A) मुख्य कार्य एवं शक्तियां:
शिकायतों की जांच करना: मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायतों की स्वप्रेरणा (Suo Moto) से या पीड़ित व्यक्ति की याचिका पर जांच करना।
जेलों व बंदीगृहों का निरीक्षण: जेलों, बंदीगृहों और सुधार गृहों का निरीक्षण कर कैदियों की स्थिति का अध्ययन करना व सुधार हेतु सिफारिशें देना।
संवैधानिक सुरक्षा उपायों की समीक्षा: मानवाधिकारों की सुरक्षा हेतु संविधान या अन्य कानूनों में दिए गए उपबंधों की समीक्षा करना।
सिविल न्यायालय की शक्तियां: किसी शिकायत की जांच करते समय NHRC को सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के तहत एक सिविल न्यायालय (Civil Court) की शक्तियां प्राप्त होती हैं।
(B) NHRC की सीमाएँ (Limitations):
केवल सलाहकारी निकाय (Advisory Body): NHRC के निर्णय/सिफारिशें सरकार के लिए केवल सलाहकारी होती हैं। आयोग के पास न तो अपनी सिफारिशें लागू कराने की शक्ति है और न ही वह किसी दोषी को सजा या मुआवजा दे सकता है (यह केवल सरकार/अदालत को सिफारिश कर सकता है)।
1 वर्ष की समय सीमा: आयोग ऐसे किसी भी मामले की जांच नहीं कर सकता जिसे घटित हुए 1 वर्ष से अधिक समय बीत चुका हो (Time Barred Case)।
सशस्त्र बलों के मामलों में सीमित अधिकार: सशस्त्र बलों (Armed Forces) द्वारा किए गए मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों में आयोग की शक्तियां अत्यंत सीमित होती हैं। आयोग केवल केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांग सकता है।
Quick Revision Master Table (त्वरित दोहराव सारणी)
अंतिम समय में परीक्षा हॉल जाने से पहले त्वरित रिवीजन के लिए अति महत्वपूर्ण तथ्य:
| अवधारणा / प्रश्न | परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य / उत्तर |
| निकाय का स्वरूप | सांविधिक/वैधानिक निकाय (मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993) |
| स्थापना तिथि | 12 अक्टूबर 1993 |
| अध्यक्ष की योग्यता (2019 बाद) | भारत का सेवानिवृत्त CJI या सुप्रीम कोर्ट का सेवानिवृत्त न्यायाधीश |
| चयन समिति के अध्यक्ष | भारत के प्रधानमंत्री (कुल 6 सदस्य) |
| कार्यकाल (2019 बाद) | 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु (पुनर्नियुक्ति के पात्र) |
| प्रथम अध्यक्ष | न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र |
| मुख्यालय | नई दिल्ली |
| अधिकार सीमा | केवल 1 वर्ष पुराने तक के मामलों की जांच कर सकता है |
| न्यायालयीन शक्तियां | सिविल न्यायालय (Civil Court) की शक्तियां |
| रिपोर्ट सौंपी जाती है | केंद्र सरकार तथा संबंधित राज्य सरकारों को |
विगत वर्षों के 20+ महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Previous Years' MCQs)
ये प्रश्न SSC CGL, RRB NTPC, State PCS (UPPSC, BPSC, MPPSC), NDA, CDS और Police SI भर्ती परीक्षाओं में पूछे गए हैं:
Q1. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की स्थापना किस अधिनियम के तहत की गई थी?
(a) मानवाधिकार अधिनियम, 1950
(b) मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993
(c) नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955
(d) सामाजिक सुरक्षा अधिनियम, 1990
उत्तर: (b) मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993
Q2. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) किस प्रकार का निकाय है?
(a) संवैधानिक निकाय (Constitutional Body)
(b) सांविधिक/वैधानिक निकाय (Statutory Body)
(c) गैर-सरकारी संगठन (NGO)
(d) कार्यकारी निकाय
उत्तर: (b) सांविधिक/वैधानिक निकाय
Q3. NHRC के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति करने वाली चयन समिति का अध्यक्ष कौन होता है?
(a) भारत का राष्ट्रपति
(b) भारत के मुख्य न्यायाधीश
(c) भारत के प्रधानमंत्री
(d) केंद्रीय गृह मंत्री
उत्तर: (c) भारत के प्रधानमंत्री
Q4. NHRC की नियुक्ति हेतु गठित चयन समिति में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं होता है?
(a) लोकसभा अध्यक्ष
(b) केंद्रीय गृह मंत्री
(c) राज्यसभा का सभापति (उपराष्ट्रपति)
(d) लोकसभा में विपक्ष का नेता
उत्तर: (c) राज्यसभा का सभापति (उपराष्ट्रपति) (नोट: इसमें 'राज्यसभा के उपसभापति' शामिल होते हैं, सभापति नहीं)
Q5. मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2019 के अनुसार NHRC के अध्यक्ष का कार्यकाल कितना निर्धारित किया गया है?
(a) 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु
(b) 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु
(c) 5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु
(d) 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु
उत्तर: (b) 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु
Q6. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
(a) न्यायमूर्ति जे. एस. वर्मा
(b) न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र
(c) न्यायमूर्ति ए. एस. आनंद
(d) न्यायमूर्ति एच. एल. दत्तू
उत्तर: (b) न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र
Q7. NHRC में मानवाधिकारों का विशेष ज्ञान रखने वाले पूर्णकालिक सदस्यों में कितनी महिला सदस्यों का होना अनिवार्य है?
(a) कोई नियम नहीं
(b) कम से कम 1 महिला
(c) कम से कम 2 महिलाएं
(d) सभी सदस्य महिला होनी चाहिए
उत्तर: (b) कम से कम 1 महिला (2019 संशोधन द्वारा इसे 1 से बढ़ाकर महिलाओं की संख्या की अनिवार्यता बढ़ाई गई थी)
Q8. NHRC घटना घटित होने के कितने समय बाद दर्ज कराई गई शिकायत की जांच नहीं कर सकता?
(a) 6 माह बाद
(b) 1 वर्ष बाद
(c) 2 वर्ष बाद
(d) 3 वर्ष बाद
उत्तर: (b) 1 वर्ष बाद
Q9. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
(a) मुंबई
(b) कोलकाता
(c) नई दिल्ली
(d) चेन्नई
उत्तर: (c) नई दिल्ली
Q10. किसी मामले की जांच करते समय NHRC को किस न्यायालय की शक्तियां प्राप्त होती हैं?
(a) आपराधिक न्यायालय (Criminal Court)
(b) सिविल न्यायालय (Civil Court)
(c) उच्च न्यायालय
(d) श्रम न्यायालय
उत्तर: (b) सिविल न्यायालय
Q11. 2019 के संशोधन के बाद NHRC का अध्यक्ष बनने के लिए क्या योग्यता अनिवार्य है?
(a) केवल भारत का सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश (CJI)
(b) भारत का सेवानिवृत्त CJI या उच्चतम न्यायालय का सेवानिवृत्त न्यायाधीश
(c) किसी उच्च न्यायालय का सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश
(d) पूर्व अटॉर्नी जनरल
उत्तर: (b) भारत का सेवानिवृत्त CJI या उच्चतम न्यायालय का सेवानिवृत्त न्यायाधीश
Q12. NHRC के पदेन (Ex-officio) सदस्यों में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं होता है?
(a) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष
(b) राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष
(c) राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष
(d) संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष
उत्तर: (d) संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष
Q13. NHRC की सिफारिशों की प्रकृति कैसी होती है?
(a) सरकार पर पूर्णतः बाध्यकारी
(b) केवल सलाहकारी (Advisory)
(c) न्यायिक दंड जैसी
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b) केवल सलाहकारी
Q14. NHRC किस केंद्रीय मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत आता है?
(a) कानून एवं न्याय मंत्रालय
(b) गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs)
(c) सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
(d) विदेश मंत्रालय
उत्तर: (b) गृह मंत्रालय
Q15. सशस्त्र बलों (Armed Forces) द्वारा मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में NHRC की भूमिका कैसी होती है?
(a) आयोग स्वयं जांच कर सजा दे सकता है
(b) आयोग केवल केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांग सकता है और सिफारिशें दे सकता है
(c) आयोग कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता
(d) सेनाध्यक्ष को समन भेज सकता है
उत्तर: (b) आयोग केवल केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांग सकता है
Q16. क्या NHRC के अध्यक्ष और सदस्य अपने कार्यकाल के बाद पुनर्नियुक्ति (Re-appointment) के पात्र होते हैं?
(a) नहीं
(b) हाँ (2019 संशोधन के बाद)
(c) केवल एक बार
(d) राष्ट्रपति की इच्छा पर
उत्तर: (b) हाँ
Q17. NHRC के अध्यक्ष व सदस्यों की चयन समिति में कुल कितने सदस्य होते हैं?
(a) 4
(b) 5
(c) 6
(d) 7
उत्तर: (c) 6
Q18. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संस्थानों से संबंधित 'पेरिस सिद्धांत' किस वर्ष स्वीकार किए गए थे?
(a) 1985
(b) 1991/1993
(c) 1995
(d) 2000
उत्तर: (b) 1991/1993
Q19. मानवाधिकार दिवस (Human Rights Day) विश्व भर में प्रतिवर्ष किस तिथि को मनाया जाता है?
(a) 24 अक्टूबर
(b) 10 दिसंबर
(c) 12 अक्टूबर
(d) 15 अगस्त
उत्तर: (b) 10 दिसंबर (10 दिसंबर 1948 को UN ने मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की थी)
Q20. NHRC अपनी वार्षिक रिपोर्ट किसे प्रस्तुत करता है?
(a) भारत के राष्ट्रपति को
(b) संसद को
(c) केंद्र सरकार तथा संबंधित राज्य सरकारों को
(d) उच्चतम न्यायालय को
उत्तर: (c) केंद्र सरकार तथा संबंधित राज्य सरकारों को
Q21. निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य NHRC का नहीं है?
(a) मानवाधिकार उल्लंघन की जांच करना
(b) जेलों का निरीक्षण करना
(c) दोषी को सजा देना और आर्थिक मुआवजा वसूलना
(d) मानवाधिकारों के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देना
उत्तर: (c) दोषी को सजा देना और आर्थिक मुआवजा वसूलना (आयोग सीधे सजा नहीं दे सकता, केवल सरकार से सिफारिश कर सकता है)
बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. NHRC संवैधानिक निकाय (Constitutional Body) है या सांविधिक निकाय (Statutory Body)?
उत्तर: NHRC एक सांविधिक/वैधानिक निकाय (Statutory Body) है। इसका उल्लेख भारत के मूल संविधान में नहीं था; बल्कि इसकी स्थापना संसद द्वारा पारित 'मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993' के तहत 12 अक्टूबर 1993 को की गई थी।
Q2. 2019 के संशोधन के बाद NHRC में क्या मुख्य बदलाव हुए?
उत्तर: मुख्य बदलाव निम्नलिखित हैं:
अध्यक्ष की पात्रता: सेवानिवृत्त CJI के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश भी अध्यक्ष बन सकते हैं।
कार्यकाल: कार्यकाल को 5 वर्ष से घटाकर 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु कर दिया गया।
पुनर्नियुक्ति: अध्यक्ष व सदस्य पुनर्नियुक्ति के पात्र बनाए गए।
सदस्य संख्या: पदेन सदस्यों में बाल अधिकार आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग और दिव्यांगजन आयुक्त को जोड़ा गया।
Q3. NHRC को 'दंतविहीन बाघ' (Toothless Tiger) क्यों कहा जाता है?
उत्तर: क्योंकि NHRC की सिफारिशें सरकार के लिए केवल सलाहकारी होती हैं। आयोग के पास न तो अपनी सिफारिशें लागू कराने की शक्ति है, न ही वह किसी दोषी को खुद सजा दे सकता है या पीड़ितों को सीधे मुआवजा दे सकता है। इसके अलावा 1 साल से पुराने मामलों की जांच न कर पाना भी इसकी सीमा है।
Q4. राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) और NHRC में क्या अंतर है?
उत्तर: NHRC केंद्र के स्तर पर संपूर्ण भारत में मानवाधिकारों की रक्षा करता है और इसके अध्यक्ष/सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। जबकि राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) राज्य सूची (State List) और समवर्ती सूची (Concurrent List) के विषयों पर मानवाधिकार उल्लंघन की जांच करता है, और इसके अध्यक्ष/सदस्यों की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
भारत में नागरिकों के मूलभूत मानवाधिकारों, व्यक्तिगत स्वतंत्रता, समानता और मानवीय गरिमा की रक्षा करने में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) एक सशक्त प्रहरी के रूप में कार्य करता है। मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के तहत गठित यह सांविधिक संस्था अपनी सीमाओं के बावजूद मानवाधिकार जागरूकता और न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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