राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW in Hindi): अधिनियम 1990, संरचना, शक्तियाँ व 20+ MCQs Notes

 

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW): राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम 1990, संरचना, शक्तियाँ एवं महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी नोट्स


भारतीय राजव्यवस्था (Indian Polity), सामाजिक न्याय (Social Justice) एवं महिला सशक्तीकरण के अंतर्गत 'राष्ट्रीय महिला आयोग' (National Commission for Women - NCW) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और हर प्रतियोगिता परीक्षा में प्रश्न दिलाने वाला विषय है। UPSC, State PCS (UPPSC, BPSC, MPPSC), SSC CGL, CHSL, RRB NTPC, Group D, UP Police SI/Constable, NDA, CDS जैसी भर्ती परीक्षाओं में NCW के गठन (राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम 1990), स्थापना वर्ष 1992, सदस्यों की नियुक्ति, कार्यकाल, सिविल न्यायालय की शक्तियों, सुओ मोटो (Suo Moto) संज्ञान और सीमाओं से जुड़े 2 से 4 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं।

इस विस्तृत अध्ययन लेख में राष्ट्रीय महिला आयोग का परिचय, वैधानिक पृष्ठभूमि, सांगठनिक संरचना, शक्तियाँ व कार्य, Quick Revision Master Table, और अभ्यास के लिए पिछले वर्षों में पूछे गए 20 से अधिक महत्वपूर्ण MCQs शामिल किए गए हैं।

1. राष्ट्रीय महिला आयोग क्या है? (What is NCW?)

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) भारत में महिलाओं के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा, उनके संरक्षण और महिला सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए गठित शीर्ष सांविधिक/वैधानिक संस्था (Statutory Body) है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को प्रभावित करने वाले सभी नीतिगत मामलों में सरकार को सलाह देना, महिलाओं के अधिकारों के उल्लंघन की जांच करना और उनके कानूनी अधिकारों का प्रवर्तन सुनिश्चित करना है।

प्राथमिक तथ्य एवं पहचान (Key Basic Facts)

विवरण (Parameter)महत्वपूर्ण जानकारी (Information)
संस्था का स्वरूपस्वायत्त सांविधिक/वैधानिक निकाय (Statutory Autonomous Body - न कि संवैधानिक)
गठन का आधारराष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 (National Commission for Women Act, 1990)
स्थापना तिथि31 जनवरी 1992
मुख्यालय (Headquarters)निर्भया भवन, नई दिल्ली
प्रथम अध्यक्षजयंती पटनायक (Jayanti Patnaik) (1992 - 1995)
वर्तमान अध्यक्षविजया राहटकर (Vijaya Rahatkar)
नियुक्तिकर्ताकेंद्र सरकार (Central Government)
संबंधित मंत्रालयमहिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women and Child Development)

2. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं वैधानिक यात्रा

  1. समिति की सिफारिश (1974): भारत में महिलाओं की स्थिति से संबंधित समिति (Status of Women in India Committee - CSWI) ने महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण और विकास की निगरानी के लिए एक राष्ट्रीय निकाय की स्थापना की सिफारिश की थी।

  2. राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990: संसद द्वारा वर्ष 1990 में 'राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990' (1990 का अधिनियम संख्यांक 20) पारित किया गया।

  3. गठन (31 जनवरी 1992): इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत 31 जनवरी 1992 को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) का वैधानिक रूप से गठन किया गया।

3. NCW की संरचना एवं नियुक्ति (Composition of NCW)

राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 की धारा 3 के अनुसार आयोग में कुल 1 अध्यक्ष, 5 नामांकित सदस्य और 1 सदस्य-सचिव होते हैं (कुल 7 सदस्य):

                                  NCW की संरचना
                                         │
        ┌────────────────────────────────┼────────────────────────────────┐
        ▼                                ▼                                ▼
    1 अध्यक्ष                       5 नामांकित सदस्य                    1 सदस्य-सचिव
(महिलाओं के लिए प्रतिबद्ध)     (विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ)      (प्रशासनिक एवं प्रबंधकीय अनुभव)
  1. अध्यक्ष (Chairperson): महिलाओं के अधिकारों और सशक्तीकरण हेतु प्रतिबद्ध व्यक्ति, जिसे केंद्र सरकार द्वारा नामित किया जाता है।

  2. सदस्य (5 Members): केंद्र सरकार द्वारा ऐसे व्यक्तियों में से नामित किए जाते हैं जो क्षमता, निष्ठा और प्रतिष्ठा वाले हों तथा जिन्हें विधि, महिला आंदोलन, ट्रेड यूनियनवाद, उद्योग, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य या शिक्षा क्षेत्र का अनुभव हो।

    • SC/ST अनिवार्यता: इन 5 सदस्यों में से कम से कम 1 सदस्य अनुसूचित जाति (SC) और कम से कम 1 सदस्य अनुसूचित जनजाति (ST) से होना अनिवार्य है।

  3. सदस्य-सचिव (Member Secretary): केंद्र सरकार द्वारा नामित ऐसा व्यक्ति जो प्रबंधन, संगठनात्मक संरचना या समाजशास्त्र के क्षेत्र में विशेषज्ञ हो, या संघ/राज्य का सिविल सेवक हो।

कार्यकाल एवं पदच्युति (Tenure & Removal):

  • कार्यकाल: अध्यक्ष और प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है, जो सामान्यतः 3 वर्ष का होता है।

  • त्यागपत्र: अध्यक्ष या सदस्य किसी भी समय केंद्र सरकार को अपना लिखित त्यागपत्र सौंप सकते हैं।

  • पदच्युति (Removal): केंद्र सरकार अध्यक्ष या किसी सदस्य को पद से हटा सकती है यदि वह दिवालिया हो जाए, मानसिक रूप से अस्वस्थ हो जाए, बिना अनुमति के लगातार 3 बैठकों से अनुपस्थित रहे या अपने पद का दुरुपयोग करे।

4. NCW के मुख्य कार्य एवं शक्तियाँ (Functions & Powers)

राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 की धारा 10 के तहत आयोग को निम्नलिखित प्रमुख कार्य और शक्तियाँ सौंपी गई हैं:

  1. संवैधानिक व कानूनी सुरक्षा उपायों की समीक्षा: महिलाओं के लिए संविधान और अन्य कानूनों के तहत प्रदान किए गए सुरक्षा उपायों की जांच और समीक्षा करना।

  2. स्वप्रेरणा से संज्ञान (Suo Moto Action): महिलाओं के अधिकारों से वंचित किए जाने, लैंगिक भेदभाव, घरेलू हिंसा या उत्पीड़न से संबंधित मामलों पर स्वप्रेरणा से संज्ञान लेना।

  3. जेलों व महिला बंदीगृहों का निरीक्षण: जेलों, रिमांड होम, महिला आश्रय गृहों या कस्टडी का निरीक्षण करना जहाँ महिलाओं को रखा जाता है और सुधारात्मक कदम उठाने की सिफारिश करना।

  4. कानूनी संशोधनों की सिफारिश: महिलाओं से संबंधित मौजूदा कानूनों (जैसे दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम, POSH एक्ट) में कमियों को दूर करने के लिए संशोधनों की सिफारिश करना।

  5. पारिवारिक महिला लोक अदालत: महिलाओं के वैवाहिक व पारिवारिक विवादों का त्वरित निपटारा करने के लिए 'पारिवारिक महिला लोक अदालत' (Familial Women's Court) का आयोजन करना।

सिविल न्यायालय की शक्तियां (Powers of Civil Court):

किसी भी शिकायत की जांच करते समय या मामलों की सुनवाई करते समय NCW को सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के तहत एक सिविल न्यायालय (Civil Court) की शक्तियां प्राप्त होती हैं:

  • भारत के किसी भी भाग से किसी भी व्यक्ति को समन भेजना और उपस्थित कराना।

  • किसी भी दस्तावेज की खोज और उसे प्रस्तुत करवाना।

  • शपथ पत्रों (Affidavits) पर साक्ष्य प्राप्त करना।

  • किसी भी अदालत या कार्यालय से सार्वजनिक रिकॉर्ड की मांग करना।

5. NCW की सीमाएँ (Limitations of NCW)

  1. केवल सलाहकारी प्रकृति: आयोग की सिफारिशें केंद्र या राज्य सरकारों पर बाध्यकारी (Binding) नहीं होती हैं।

  2. दंडात्मक शक्ति का अभाव: आयोग स्वयं किसी दोषी को सजा नहीं दे सकता और न ही पीड़ितों को सीधे वित्तीय मुआवजा जारी कर सकता है।

  3. वित्तीय निर्भरता: वित्तीय सहायता और बजट के लिए आयोग पूरी तरह से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय पर निर्भर रहता है।

Quick Revision Master Table (त्वरित दोहराव सारणी)

अंतिम समय में परीक्षा हॉल जाने से पहले त्वरित रिवीजन के लिए अति महत्वपूर्ण तथ्य:

अवधारणा / प्रश्नपरीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य / उत्तर
निकाय का स्वरूपसांविधिक/वैधानिक निकाय (Statutory Body)
अधिनियम वर्षराष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990
स्थापना तिथि31 जनवरी 1992
मुख्यालयनिर्भया भवन, नई दिल्ली
प्रथम अध्यक्षजयंती पटनायक (1992 - 1995)
अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्तिकेंद्र सरकार द्वारा
संरचना1 अध्यक्ष + 5 सदस्य + 1 सदस्य-सचिव (कुल 7)
SC/ST प्रतिनिधित्व5 सदस्यों में कम से कम 1 SC और 1 ST सदस्य अनिवार्य
सामान्य कार्यकाल3 वर्ष
न्यायालयीन अधिकारसिविल न्यायालय (Civil Court) की शक्तियां

विगत वर्षों के 20+ महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Previous Years' MCQs)

ये प्रश्न SSC CGL, RRB NTPC, State PCS (UPPSC, BPSC, MPPSC), NDA, CDS और Police SI भर्ती परीक्षाओं में पूछे गए हैं:

Q1. राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) का गठन किस वर्ष किया गया था?

(a) 1990

(b) 1992

(c) 1995

(d) 2000

उत्तर: (b) 1992 (31 जनवरी 1992)

Q2. राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम किस वर्ष संसद द्वारा पारित किया गया था?

(a) 1988

(b) 1990

(c) 1992

(d) 1994

उत्तर: (b) 1990

Q3. राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) किस प्रकार का निकाय है?

(a) संवैधानिक निकाय (Constitutional Body)

(b) सांविधिक/वैधानिक निकाय (Statutory Body)

(c) गैर-सरकारी संगठन (NGO)

(d) संवैधानिक एवं न्यायिक निकाय

उत्तर: (b) सांविधिक/वैधानिक निकाय

Q4. राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रथम अध्यक्ष कौन थीं?

(a) मोहिनी गिरि

(b) जयंती पटनायक

(c) ललिता कुमारमंगलम

(d) रेखा शर्मा

उत्तर: (b) जयंती पटनायक

Q5. राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?

(a) भारत के राष्ट्रपति द्वारा

(b) केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा

(c) संसद द्वारा

(d) प्रधानमंत्री द्वारा

उत्तर: (b) केंद्र सरकार द्वारा

Q6. राष्ट्रीय महिला आयोग की संरचना में अध्यक्ष के अलावा नामांकित सदस्यों की संख्या कितनी होती है?

(a) 3

(b) 4

(c) 5

(d) 6

उत्तर: (c) 5

Q7. NCW के नामांकित 5 सदस्यों में कम से कम कितने सदस्य SC और ST समुदाय से होने अनिवार्य हैं?

(a) कम से कम 2 SC और 2 ST

(b) कम से कम 1 SC और 1 ST

(c) केवल 1 SC

(d) कोई नियम नहीं

उत्तर: (b) कम से कम 1 SC और 1 ST

Q8. राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का सामान्य कार्यकाल कितना होता है?

(a) 2 वर्ष

(b) 3 वर्ष

(c) 5 वर्ष

(d) 6 वर्ष

उत्तर: (b) 3 वर्ष

Q9. राष्ट्रीय महिला आयोग का मुख्यालय कहाँ स्थित है?

(a) मुंबई

(b) कोलकाता

(c) नई दिल्ली (निर्भया भवन)

(d) चेन्नई

उत्तर: (c) नई दिल्ली

Q10. किसी शिकायत की जांच करते समय NCW को किस न्यायालय की शक्तियां प्राप्त होती हैं?

(a) आपराधिक न्यायालय (Criminal Court)

(b) सिविल न्यायालय (Civil Court)

(c) उच्च न्यायालय

(d) श्रम न्यायालय

उत्तर: (b) सिविल न्यायालय

Q11. राष्ट्रीय महिला आयोग किस केंद्रीय मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है?

(a) गृह मंत्रालय

(b) सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय

(c) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय

(d) कानून और न्याय मंत्रालय

उत्तर: (c) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय

Q12. यदि आयोग का कोई सदस्य लगातार कितनी बैठकों में बिना अनुमति के अनुपस्थित रहता है, तो उसे पद से हटाया जा सकता है?

(a) 2 बैठकें

(b) 3 बैठकें

(c) 4 बैठकें

(d) 5 बैठकें

उत्तर: (b) 3 बैठकें

Q13. राष्ट्रीय महिला आयोग अपनी वार्षिक रिपोर्ट (Annual Report) किसे सौंपता है?

(a) भारत के राष्ट्रपति को

(b) केंद्र सरकार को

(c) संसद के दोनों सदनों को

(d) सर्वोच्च न्यायालय को

उत्तर: (b) केंद्र सरकार को (अधिनियम की धारा 13 के अनुसार केंद्र सरकार इसे संसद में रखवाती है)

Q14. महिलाओं के पारिवारिक विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने के लिए NCW द्वारा किस अदालत की शुरुआत की गई?

(a) नारी अदालत

(b) पारिवारिक महिला लोक अदालत

(c) शक्ति पीठ

(d) महिला ग्राम सभा

उत्तर: (b) पारिवारिक महिला लोक अदालत

Q15. क्या राष्ट्रीय महिला आयोग स्वप्रेरणा से (Suo Moto) शिकायतों पर संज्ञान ले सकता है?

(a) नहीं, केवल लिखित याचिका पर

(b) हाँ, स्वप्रेरणा से संज्ञान ले सकता है

(c) केवल उच्च न्यायालय के निर्देश पर

(d) केवल गृह मंत्रालय की अनुमति से

उत्तर: (b) हाँ, स्वप्रेरणा से संज्ञान ले सकता है

Q16. निम्नलिखित में से कौन NCW की अध्यक्ष नहीं रही हैं?

(a) डॉ. वीणा मजूमदार

(b) डॉक्टर मोहिनी गिरि

(c) विभा पारथसारथी

(d) कांति सिंह

उत्तर: (a) डॉ. वीणा मजूमदार (ये CSWI समिति से संबंधित थीं)

Q17. राष्ट्रीय महिला आयोग की सिफारिशों की प्रकृति कैसी होती है?

(a) बाध्यकारी (Binding)

(b) सलाहकारी (Advisory)

(c) दंडात्मक

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (b) सलाहकारी

Q18. राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 की किस धारा के तहत आयोग के गठन का प्रावधान है?

(a) धारा 2

(b) धारा 3

(c) धारा 5

(d) धारा 10

उत्तर: (b) धारा 3

Q19. भारत में 'महिलाओं की स्थिति से संबंधित समिति' (CSWI) का गठन किस वर्ष किया गया था?

(a) 1971

(b) 1974

(c) 1980

(d) 1990

उत्तर: (b) 1974

Q20. राष्ट्रीय महिला आयोग में कुल सदस्यों (अध्यक्ष एवं सदस्य-सचिव सहित) की संख्या कितनी होती है?

(a) 5

(b) 6

(c) 7

(d) 9

उत्तर: (c) 7 (1 अध्यक्ष + 5 सदस्य + 1 सदस्य-सचिव)

Q21. निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य NCW का नहीं है?

(a) महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों की समीक्षा करना

(b) महिला बंदियों की कस्टडी व जेलों का निरीक्षण करना

(c) महिला उत्पीड़न के दोषी को सजा सुनाना

(d) महिलाओं को प्रभावित करने वाले नीतिगत मामलों पर सलाह देना

उत्तर: (c) महिला उत्पीड़न के दोषी को सजा सुनाना (सजा सुनाने का अधिकार नियमित न्यायालयों का है)

बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) संवैधानिक निकाय है या वैधानिक निकाय?

उत्तर: राष्ट्रीय महिला आयोग एक सांविधिक/वैधानिक निकाय (Statutory Body) है। इसका प्रावधान भारत के मूल संविधान में नहीं था। इसकी स्थापना संसद द्वारा पारित 'राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990' के तहत 31 जनवरी 1992 को की गई थी।

Q2. राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की नियुक्ति में क्या अंतर है?

उत्तर: NCW के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति सीधे केंद्र सरकार द्वारा की जाती है। जबकि NHRC के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा एक उच्चस्तरीय 6-सदस्यीय चयन समिति (प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में) की सिफारिश पर की जाती है।

Q3. NCW को 'सिविल न्यायालय' की शक्तियाँ प्राप्त होने का क्या लाभ है?

उत्तर: इसका लाभ यह है कि किसी शिकायत की जांच करते समय आयोग किसी भी व्यक्ति (चाहे वह सरकारी अधिकारी हो या निजी नागरिक) को समन भेजकर बुला सकता है, शपथ पत्र पर गवाही ले सकता है और किसी भी सरकारी कार्यालय से दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दे सकता है।

Q4. राष्ट्रीय महिला आयोग की रिपोर्ट संसद के समक्ष कैसे रखी जाती है?

उत्तर: NCW अपनी वार्षिक या विशेष रिपोर्ट सीधे केंद्र सरकार (महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) को प्रस्तुत करता है। इसके बाद केंद्र सरकार उस रिपोर्ट को संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाती है, साथ ही उन सिफारिशों पर की गई कार्रवाई का विवरण (Action Taken Report) भी संलग्न करती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

भारत में लैंगिक समानता, महिला सुरक्षा और महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करने में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) एक सशक्त प्रहरी के रूप में कार्य करता है। 31 जनवरी 1992 को गठित यह सांविधिक निकाय महिलाओं से संबंधित नीतिगत मामलों, विधिक समीक्षा और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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