भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG): अनुच्छेद 148, शक्तियां व 20+ MCQs Notes
भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG): संवैधानिक प्रावधान, अनुच्छेद 148, शक्तियां, कार्य एवं महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी नोट्स
भारतीय राजव्यवस्था (Indian Polity) एवं लोक प्रशासन के अंतर्गत 'भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक' (Comptroller and Auditor General of India - CAG) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और हर प्रतियोगिता परीक्षा में प्रश्न दिलाने वाला विषय है। UPSC, State PCS (UPPSC, BPSC, MPPSC), SSC CGL, CHSL, RRB NTPC, Group D, UP Police SI/Constable, NDA, CDS जैसी भर्ती परीक्षाओं में CAG के पद, अनुच्छेद 148 से 151, नियुक्ति, कार्यकाल, स्वतंत्रता के प्रावधान, लोक वित्त का संरक्षक (Guardian of the Public Purse), ऑडिट रिपोर्ट और लोक लेखा समिति (PAC) से इसके संबंध से जुड़े 2 से 4 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं।
इस विस्तृत अध्ययन लेख में CAG का संवैधानिक परिचय, नियुक्ति व कार्यकाल, शक्तियां व कार्य, ऑडिट रिपोर्ट की प्रक्रिया, Quick Revision Master Table, और अभ्यास के लिए पिछले वर्षों में पूछे गए 20 से अधिक महत्वपूर्ण MCQs शामिल किए गए हैं।
1. भारत का CAG कौन होता है? (Who is the CAG of India?)
भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) देश का शीर्ष लेखा परीक्षा अधिकारी (Top Audit Officer) होता है। डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने संविधान सभा में CAG को "भारतीय संविधान के तहत सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी" बताया था। यह भारत सरकार तथा सभी राज्य सरकारों के सार्वजनिक धन और वित्तीय खर्चों की निष्पक्ष जांच करता है।
प्राथमिक तथ्य एवं पहचान (Key Basic Facts)
| विवरण (Parameter) | महत्वपूर्ण जानकारी (Information) |
| संवैधानिक पद | लोक वित्त का संरक्षक (Guardian of the Public Purse) |
| संवैधानिक भाग एवं अनुच्छेद | भाग V (Part V), अनुच्छेद 148 से 151 |
| नियुक्तिकर्ता | भारत के राष्ट्रपति (वारंट और मुहर द्वारा) |
| कार्यकाल | 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले पूरा हो) |
| त्यागपत्र | भारत के राष्ट्रपति को |
| हटाने की प्रक्रिया | उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के समान (संसद के विशेष बहुमत से) |
| प्रथम CAG | वी. नरहरि राव (V. Narahari Rao) (1948–1954) |
| लोक लेखा समिति (PAC) से संबंध | PAC का 'मित्र, दार्शनिक एवं मार्गदर्शक' (Friend, Philosopher & Guide) |
2. नियुक्ति, कार्यकाल एवं स्वतंत्रता के प्रावधान (Appointment & Independence)
(A) नियुक्ति एवं कार्यकाल (Appointment & Tenure)
CAG की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 148(1) के तहत भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
इनका कार्यकाल पद ग्रहण की तिथि से 6 वर्ष की अवधि अथवा 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक होता है।
ये राष्ट्रपति को संबोधित कर अपना त्यागपत्र किसी भी समय सौंप सकते हैं।
(B) निष्कासन (Removal Procedure)
CAG को उनके पद से केवल उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस प्रकार उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के न्यायाधीश को हटाया जाता है (अर्थात् संसद के दोनों सदनों द्वारा साबित कदाचार या असमर्थता के आधार पर विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव द्वारा)।
(C) स्वतंत्रता के संवैधानिक सुरक्षा उपाय (Guarantees of Independence)
CAG की निष्पक्षता और स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए संविधान में विशेष प्रावधान किए गए हैं:
पुनर्नियुक्ति पर रोक: अपने कार्यकाल के पश्चात CAG केंद्र या किसी भी राज्य सरकार के अधीन अन्य किसी पद (Employment) के पात्र नहीं होते।
वेतन व भत्ते: CAG का वेतन और सेवा शर्तें संसद द्वारा निर्धारित होती हैं और इनका वेतन भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) पर भारित (Charged) होता है, जिस पर संसद में मतदान नहीं होता।
लाभकारी परिवर्तन नहीं: नियुक्ति के पश्चात इनकी सेवा शर्तों में कोई लाभकारी परिवर्तन (Detrimental Alterations) नहीं किया जा सकता।
3. संविधान के प्रमुख अनुच्छेद (Articles 148 to 151)
प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न बनते हैं:
| अनुच्छेद (Article) | मुख्य विषय / संवैधानिक उपबंध |
| अनुच्छेद 148 | भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति, शपथ, कार्यकाल व सेवा शर्तें। |
| अनुच्छेद 149 | CAG के कर्तव्य एवं शक्तियां (केंद्र व राज्यों के खातों का ऑडिट करना)। |
| अनुच्छेद 150 | संघ और राज्यों के लेखाओं के प्रारूप (Form of Accounts) राष्ट्रपति को सलाह देना। |
| अनुच्छेद 151 | CAG की अंकेक्षण रिपोर्ट (Audit Reports) - राष्ट्रपति/राज्यपाल को प्रस्तुत करना। |
4. CAG के मुख्य कार्य एवं शक्तियां (Duties & Functions)
CAG के कर्तव्यों का निर्धारण संसद द्वारा पारित 'CAG (कर्तव्य, शक्तियां एवं सेवा शर्तें) अधिनियम, 1971' के तहत किया जाता है:
संचित निधि का अंकेक्षण (Audit of Consolidated Fund): भारत की संचित निधि, प्रत्येक राज्य की संचित निधि और केंद्र शासित प्रदेशों की संचित निधि से होने वाले सभी खर्चों की लेखा परीक्षा करना।
आकस्मिकता व लोक लेखा निधि: भारत की आकस्मिकता निधि (Contingency Fund) और लोक लेखा (Public Account) से संबंधित सभी लेनदेन की जांच करना।
सरकारी कंपनियों का ऑडिट: केंद्र या राज्य सरकार के स्वामित्व वाली सभी सरकारी कंपनियों, निगमों और निकायों की आय व व्यय की जांच करना।
अनुदान प्राप्त संस्थाएं: केंद्र या राज्य के राजस्व से वित्तपोषित सभी निकायों, प्राधिकरणों और स्वायत्त संस्थाओं के खातों की जांच करना।
व्यापारिक एवं निर्माण खाते: केंद्र और राज्यों के सभी विभागों के निर्माण, क्रय-विक्रय, लाभ-हानि खातों का ऑडिट करना।
CAG की ऑडिट रिपोर्ट (अनुच्छेद 151)
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केंद्र सरकार से संबंधित राज्य सरकार से संबंधित
(राष्ट्रपति को सौंपी जाती है) (राज्यपाल को सौंपी जाती है)
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संसद के दोनों सदनों के समक्ष राज्य विधानमंडल के समक्ष
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लोक लेखा समिति (PAC) जांच करती है राज्य की PAC जांच करती है
5. CAG की तीन प्रमुख रिपोर्ट एवं लोक लेखा समिति (PAC)
CAG राष्ट्रपति को निम्नलिखित 3 लेखा परीक्षा रिपोर्ट (Audit Reports) प्रस्तुत करता है:
विनियोग खातों पर लेखा परीक्षा रिपोर्ट (Audit Report on Appropriation Accounts)
वित्त खातों पर लेखा परीक्षा रिपोर्ट (Audit Report on Finance Accounts)
सार्वजनिक उपक्रमों पर लेखा परीक्षा रिपोर्ट (Audit Report on Public Undertakings)
PAC (लोक लेखा समिति) से संबंध:
जब राष्ट्रपति इन रिपोर्टों को संसद के समक्ष रखवाते हैं, तो लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee - PAC) इन रिपोर्टों की सूक्ष्मता से जांच करती है।
इस जांच प्रक्रिया में CAG लोक लेखा समिति के मार्गदर्शक, मित्र एवं दार्शनिक (Friend, Philosopher & Guide) के रूप में सहायता करता है।
6. CAG एवं ब्रिटेन के CAG में अंतर
| तुलनात्मक बिंदु | भारत का CAG | ब्रिटेन (UK) का CAG |
| नियंत्रण का दायरा | केवल महालेखा परीक्षक (Auditor) की भूमिका (खर्च होने के बाद जांच करना)। | नियंत्रक (Comptroller) एवं महालेखा परीक्षक दोनों (बिना CAG की मंजूरी के सरकारी खजाने से पैसा नहीं निकल सकता)। |
| संसद की सदस्यता | संसद का सदस्य नहीं होता। | हाउस ऑफ कॉमन्स (संसद) का सदस्य हो सकता है। |
Quick Revision Master Table (त्वरित दोहराव सारणी)
अंतिम समय में परीक्षा हॉल जाने से पहले त्वरित रिवीजन के लिए अति महत्वपूर्ण तथ्य:
| अवधारणा / प्रश्न | परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य / उत्तर |
| संवैधानिक अनुच्छेद | अनुच्छेद 148 (भाग V) |
| उपनाम / पहचान | लोक वित्त का संरक्षक (Guardian of Public Purse) |
| नियुक्तिकर्ता | भारत के राष्ट्रपति |
| कार्यकाल | 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) |
| हटाने की विधि | उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के समान |
| पुनर्नियुक्ति का प्रावधान | पद छोड़ने के पश्चात अन्य सरकारी पद हेतु अयोग्य |
| वेतन का स्रोत | भारत की संचित निधि पर भारित (Charged) |
| प्रथम CAG | वी. नरहरि राव (V. Narahari Rao) |
| रिपोर्ट सौंपते हैं | केंद्र की रिपोर्ट राष्ट्रपति को, राज्य की राज्यपाल को |
| PAC से संबंध | लोक लेखा समिति का 'मित्र, दार्शनिक व मार्गदर्शक' |
विगत वर्षों के 20+ महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Previous Years' MCQs)
ये प्रश्न SSC CGL, RRB NTPC, State PCS (UPPSC, BPSC, MPPSC), NDA, CDS और Police SI भर्ती परीक्षाओं में पूछे गए हैं:
Q1. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत 'भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक' (CAG) के पद का प्रावधान किया गया है?
(a) अनुच्छेद 148
(b) अनुच्छेद 149
(c) अनुच्छेद 280
(d) अनुच्छेद 315
उत्तर: (a) अनुच्छेद 148
Q2. 'भारत के लोक वित्त का संरक्षक' (Guardian of Public Purse) किसे कहा जाता है?
(a) भारत के राष्ट्रपति
(b) केंद्रीय वित्त मंत्री
(c) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG)
(d) भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर
उत्तर: (c) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG)
Q3. भारत के CAG की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?
(a) भारत के प्रधानमंत्री
(b) भारत के राष्ट्रपति
(c) लोक लेखा समिति के अध्यक्ष
(d) संसद
उत्तर: (b) भारत के राष्ट्रपति
Q4. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का कार्यकाल कितना होता है?
(a) 5 वर्ष या 62 वर्ष की आयु
(b) 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु
(c) 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु
(d) 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु
उत्तर: (b) 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले पूरा हो)
Q5. CAG को उनके पद से हटाने की प्रक्रिया किसके समान होती है?
(a) उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
(b) उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के न्यायाधीश
(c) संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष
(d) कैबिनेट सचिव
उत्तर: (b) उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश
Q6. भारत के प्रथम नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) कौन थे?
(a) ए. के. चंदा
(b) वी. नरहरि राव (V. Narahari Rao)
(c) ए. के. रॉय
(d) एस. रंगनाथन
उत्तर: (b) वी. नरहरि राव
Q7. CAG का वेतन और अन्य सेवा शर्तें किस निधि पर भारित होती हैं?
(a) भारत की आकस्मिक निधि
(b) भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India)
(c) लोक लेखा निधि
(d) रिजर्व बैंक कोष
उत्तर: (b) भारत की संचित निधि
Q8. CAG केंद्र सरकार के खातों से संबंधित अपनी रिपोर्ट किसे प्रस्तुत करता है?
(a) भारत के प्रधानमंत्री को
(b) केंद्रीय वित्त मंत्री को
(c) भारत के राष्ट्रपति को
(d) लोकसभा अध्यक्ष को
उत्तर: (c) भारत के राष्ट्रपति को
Q9. CAG द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों की सूक्ष्मता से जांच संसद की कौन सी समिति करती है?
(a) प्राकलन समिति (Estimates Committee)
(b) लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee - PAC)
(c) सार्वजनिक उपक्रम समिति
(d) नियम समिति
उत्तर: (b) लोक लेखा समिति (PAC)
Q10. किसे 'लोक लेखा समिति (PAC) का मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक' कहा जाता है?
(a) वित्त आयोग का अध्यक्ष
(b) भारत का महान्यायवादी
(c) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG)
(d) नीति आयोग का उपाध्यक्ष
उत्तर: (c) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG)
Q11. क्या CAG पद छोड़ने के पश्चात भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन अन्य किसी पद के पात्र होते हैं?
(a) हाँ, राष्ट्रपति के आदेश से
(b) नहीं, किसी भी पद के पात्र नहीं होते
(c) केवल राज्यपाल बन सकते हैं
(d) केवल वित्त आयोग के अध्यक्ष बन सकते हैं
उत्तर: (b) नहीं, किसी भी पद के पात्र नहीं होते
Q12. संविधान के किस अनुच्छेद में CAG के कर्तव्यों एवं शक्तियों का उल्लेख है?
(a) अनुच्छेद 148
(b) अनुच्छेद 149
(c) अनुच्छेद 150
(d) अनुच्छेद 151
उत्तर: (b) अनुच्छेद 149
Q13. राज्य सरकार के खातों से संबंधित CAG की रिपोर्ट किसे सौंपी जाती है?
(a) राज्य के मुख्यमंत्री को
(b) राज्य के राज्यपाल को
(c) राज्य के वित्त मंत्री को
(d) राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को
उत्तर: (b) राज्य के राज्यपाल को
Q14. संसद द्वारा 'CAG (कर्तव्य, शक्तियां एवं सेवा शर्तें) अधिनियम' किस वर्ष पारित किया गया था?
(a) 1950
(b) 1965
(c) 1971
(d) 1985
उत्तर: (c) 1971
Q15. डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने भारतीय संविधान का सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी किसे कहा था?
(a) भारत के मुख्य न्यायाधीश
(b) भारत के राष्ट्रपति
(c) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG)
(d) महान्यायवादी
उत्तर: (c) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG)
Q16. केंद्र सरकार के लेखांकन (Accounting) को लेखा परीक्षा (Auditing) से किस वर्ष अलग (Departmentalization) किया गया?
(a) 1950
(b) 1976
(c) 1991
(d) 2000
उत्तर: (b) 1976 (1976 से केंद्र में CAG केवल ऑडिटिंग का कार्य करता है, अकाउंटिंग का नहीं)
Q17. निम्नलिखित में से किसकी प्राप्ति और व्यय की लेखा परीक्षा CAG द्वारा नहीं की जाती?
(a) भारत की संचित निधि
(b) राज्य की संचित निधि
(c) स्थानीय निकाय (पंचायतों एवं नगरपालिकाओं का नियमित वित्तीय ऑडिट)
(d) केंद्र सरकार की सार्वजनिक कंपनियां
उत्तर: (c) स्थानीय निकाय (पंचायतों का नियमित ऑडिट राज्य के स्थानीय निधि संपरीक्षा द्वारा होता है)
Q18. संविधान के किस अनुच्छेद में यह प्रावधान है कि संघ और राज्यों के खातों के प्रारूप के संबंध में CAG राष्ट्रपति को सलाह देगा?
(a) अनुच्छेद 148
(b) अनुच्छेद 149
(c) अनुच्छेद 150
(d) अनुच्छेद 151
उत्तर: (c) अनुच्छेद 150
Q19. CAG अपना त्यागपत्र किसे संबोधित करके देता है?
(a) भारत के प्रधानमंत्री को
(b) भारत के राष्ट्रपति को
(c) लोकसभा अध्यक्ष को
(d) सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को
उत्तर: (b) भारत के राष्ट्रपति को
Q20. भारत में CAG की भूमिका ब्रिटेन के CAG से किस प्रकार भिन्न है?
(a) भारत में CAG खजाने से धन निकासी से पूर्व नियंत्रण नहीं रखता
(b) भारत का CAG केवल ऑडिटिंग करता है
(c) भारत का CAG संसद का सदस्य नहीं होता
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी
Q21. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन CAG के संबंध में असत्य है?
(a) इनकी नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं
(b) इनका कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक होता है
(c) इन्हें राष्ट्रपति कभी भी अपनी स्वेच्छा से हटा सकते हैं
(d) इनका वेतन संचित निधि पर भारित होता है
उत्तर: (c) इन्हें राष्ट्रपति अपनी स्वेच्छा से हटा सकते हैं (इन्हें केवल संसद द्वारा महाभियोग जैसी प्रक्रिया से ही हटाया जा सकता है)
बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. CAG और महान्यायवादी (Attorney General) में क्या अंतर है?
उत्तर: CAG (अनुच्छेद 148) देश का शीर्ष लेखा परीक्षा अधिकारी है जो सार्वजनिक धन (लोक वित्त) के व्यय की जांच करता है। जबकि महान्यायवादी (अनुच्छेद 76) देश का सर्वोच्च कानूनी अधिकारी होता है जो अदालतों में भारत सरकार का कानूनी पक्ष रखता है।
Q2. CAG को 'लोक वित्त का संरक्षक' क्यों कहा जाता है?
उत्तर: क्योंकि CAG केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जनता के करों से एकत्र किए गए पैसों के खर्च (संचित निधि) का हिसाब-किताब रखता है और यह सुनिश्चित करता है कि पैसा उसी मद में और उचित कानून के तहत खर्च किया गया है जिसके लिए संसद ने स्वीकृति दी थी।
Q3. वर्ष 1976 के सुधारों के बाद CAG की भूमिका में क्या बदलाव आया?
उत्तर: वर्ष 1976 में केंद्र सरकार के स्तर पर लेखांकन (Accounting) को लेखा परीक्षा (Auditing) से अलग कर दिया गया। इसके बाद केंद्र सरकार में अकाउंटिंग का काम लेखा महानियंत्रक (CGA) को सौंप दिया गया और CAG के पास केंद्र स्तर पर केवल ऑडिटिंग (Auditing) की जिम्मेदारी रह गई। (यद्यपि राज्यों के स्तर पर CAG अभी भी अकाउंटिंग और ऑडिटिंग दोनों का कार्य करता है)।
Q4. CAG की रिपोर्ट संसद में प्रस्तुत होने के बाद क्या प्रक्रिया होती है?
उत्तर: राष्ट्रपति CAG की रिपोर्ट को संसद के दोनों सदनों में रखवाते हैं। इसके बाद लोक लेखा समिति (PAC) रिपोर्ट का अध्ययन करती है, संबंधित अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाती है और अपनी अंतिम रिपोर्ट संसद को प्रस्तुत करती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
भारत के लोकतांत्रिक और वित्तीय ढांचे में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) का पद एक मजबूत स्तंभ है। संविधान के भाग V (अनुच्छेद 148-151) के तहत इसकी स्वायत्तता और निष्पक्षता को पूरी तरह सुरक्षित किया गया है।
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