रविवार, 6 सितंबर 2026

Karmadharaya Samas in Hindi (कर्मधारय समास) | परिभाषा, भेद, उदाहरण और Short Tricks | UPP, UPSI, UPSSSC


कर्मधारय समास (Karmadharaya Samas in Hindi): परिभाषा, भेद, उदाहरण और Short Tricks | प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष


यदि आप UPP (UP Police Constable/SI), UPSI, UPSSSC (PET/VDO/Lekhpal), SSC (GD), UPTET या SUPERTET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो हिंदी व्याकरण का कर्मधारय समास (Karmadharaya Samas) टॉपिक आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतियोगी परीक्षाओं में कर्मधारय समास से 1 से 2 प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।

कई बार परीक्षार्थी कर्मधारय और बहुव्रीहि समास के बीच भ्रमित होकर गलत उत्तर चुन लेते हैं। इस ब्लॉग में हम कर्मधारय समास को बिल्कुल सरल भाषा में, मास्टर ट्रिक्स और उदाहरणों के साथ समझेंगे ताकि परीक्षा में आपका एक भी प्रश्न गलत न हो।

1. कर्मधारय समास किसे कहते हैं? (Definition)

जिस समास का उत्तरपद (दूसरा पद) प्रधान होता है तथा पूर्वपद और उत्तरपद में विशेषण-विशेष्य (Adjective-Noun) अथवा उपमान-उपमेय (Comparison) का संबंध होता है, उसे कर्मधारय समास कहते हैं।

  • विशेषण: जो शब्द विशेषता बताता है (जैसे: नीला, महान)।

  • विशेष्य: जिसकी विशेषता बताई जाती है (जैसे: कमल, आत्मा)।

  • उपमान: जिससे तुलना की जाए (जैसे: चंद्रमा, कमल)।

  • उपमेय: जिसकी तुलना की जाए (जैसे: मुख, चरण)।

2. कर्मधारय समास पहचानने की Master Short Tricks

परीक्षा में कम समय में कर्मधारय समास को पहचानने के लिए यह 1 फॉर्मूला याद रखें:

समास विग्रह करने पर दोनों पदों के बीच में "है जो" या "के समान" या "रूप" शब्द आता है।

  1. विशेषण-विशेष्य वाले शब्द: विग्रह करने पर "है जो" आए।

    • उदाहरण: महात्मा = महान है जो आत्मा।

  2. उपमान-उपमेय वाले शब्द: विग्रह करने पर "के समान" या "रूपी" आए।

    • उदाहरण: चरणकमल = कमल के समान चरण।

3. कर्मधारय समास के मुख्य प्रकार एवं उदाहरण

(I) विशेषण-विशेष्य कर्मधारय समास

इसमें एक पद दूसरे पद की विशेषता (गुण, रंग, स्थिति) बताता है।

  • प्रमुख उदाहरण:

    • नीलकमल = नीला है जो कमल

    • महापुरुष = महान है जो पुरुष

    • कालीमिर्च = काली है जो मिर्च

    • पीतांबर (सामान्य अर्थ) = पीला है जो अंबर (वस्त्र)

    • सद्धर्म = सच्चा है जो धर्म

    • अधमरा = आधा है जो मरा

(II) उपमान-उपमेय कर्मधारय समास

इसमें एक पद की तुलना दूसरे पद से की जाती है।

  • प्रमुख उदाहरण:

    • चरणकमल = कमल के समान चरण

    • चंद्रमुख = चंद्रमा के समान मुख

    • मृगलोचन = मृग (हिरण) के समान लोचन (नयन)

    • विद्याधन = विद्या रूपी धन

    • क्रोधाग्नि = क्रोध रूपी अग्नि

    • कनकलता = कनक (सोने) के समान लता

4. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तालिका (Quick Revision Table)

समस्त पदसमास विग्रहपहचान सूत्र
नीलकमलनीला है जो कमलविशेषण-विशेष्य
महात्मामहान है जो आत्माविशेषण-विशेष्य
चरणकमलकमल के समान चरणउपमान-उपमेय
चंद्रमुखचंद्रमा के समान मुखउपमान-उपमेय
कालीमिर्चकाली है जो मिर्चविशेषण-विशेष्य
विद्याधनविद्या रूपी धनउपमान-उपमेय

5. छात्रों का सबसे बड़ा भ्रम: कर्मधारय बनाम बहुव्रीहि समास

परीक्षा में अक्सर कुछ शब्द ऐसे आते हैं जो कर्मधारय और बहुव्रीहि दोनों के नियम का पालन करते हैं। इनमें अंतर ऐसे समझें:

  • कर्मधारय समास: यदि विग्रह करने पर केवल गुण/विशेषता प्रकट हो।

    • उदाहरण: पीतांबर = पीला है जो अंबर (वस्त्र) $\rightarrow$ कर्मधारय समास

    • उदाहरण: नीलकंठ = नीला है जो कंठ $\rightarrow$ कर्मधारय समास

  • बहुव्रीहि समास: यदि विग्रह करने पर किसी तीसरे विशेष व्यक्ति या देवी-देवता की ओर इशारा हो।

    • उदाहरण: पीतांबर = पीला है अंबर जिसका अर्थात भगवान श्रीकृष्ण $\rightarrow$ बहुव्रीहि समास

    • उदाहरण: नीलकंठ = नीला है कंठ जिसका अर्थात भगवान शिव $\rightarrow$ बहुव्रीहि समास

परीक्षा टिप: यदि प्रश्न में 'पीतांबर' या 'नीलकंठ' आए और विकल्प में कर्मधारयबहुव्रीहि दोनों मौजूद हों, तो हमेशा बहुव्रीहि समास को प्राथमिकता दें।

6. पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न (Previous Year MCQs Practice)

Q1. "चरणकमल" में कौन-सा समास है? (UP Police Constable)

  • (A) बहुव्रीहि समास

  • (B) कर्मधारय समास

  • (C) द्वंद्व समास

  • (D) तत्पुरुष समास

    उत्तर: (B) कर्मधारय समास (कमल के समान चरण)

Q2. "महात्मा" शब्द का सही समास विग्रह क्या होगा? (UPSSSC PET)

  • (A) महान आत्मा

  • (B) महान है जो आत्मा

  • (C) आत्मा जो महान है

  • (D) महा की आत्मा

    उत्तर: (B) महान है जो आत्मा

Q3. "नीलकमल" में कौन-सा समास है? (UPSI / UPTET)

  • (A) अव्ययीभाव समास

  • (B) द्विगु समास

  • (C) कर्मधारय समास

  • (D) तत्पुरुष समास

    उत्तर: (C) कर्मधारय समास (नीला है जो कमल)

निष्कर्ष (Conclusion)

कर्मधारय समास को हल करने का सबसे आसान तरीका है शब्द का विग्रह करके "है जो" या "के समान" को खोजना। यदि विग्रह करने पर ये शब्द मिलते हैं, तो बिना किसी संकोच के कर्मधारय समास चुनें (केवल बहुव्रीहि के अपवादों का ध्यान रखें)।

यदि आप UPP, UPSI, UPSSSC PET, SSC GD या UPTET/SUPERTET की तैयारी कर रहे हैं, तो इस आर्टिकल को सेव कर लें और अपने साथियों के साथ शेयर करें!

Dvigu Samas in Hindi (द्विगु समास) | परिभाषा, भेद, उदाहरण और Short Tricks | UPP, UPSI, UPSSSC, UPTET

द्विगु समास (Dvigu Samas in Hindi): परिभाषा, उदाहरण और Short Tricks | प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष


यदि आप UPP (UP Police Constable/SI), UPSI, UPSSSC (PET/VDO/Lekhpal), SSC (GD), UPTET या SUPERTET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो हिंदी व्याकरण का द्विगु समास (Dvigu Samas) टॉपिक सबसे आसान और शत-प्रतिशत अंक दिलाने वाला विषय है। परीक्षाओं में द्विगु समास से हर साल 1 से 2 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं।

इस ब्लॉग में हम द्विगु समास की परिभाषा, पहचान की मास्टर ट्रिक्स, महत्वपूर्ण उदाहरणों और छात्रों द्वारा की जाने वाली गलतियों (द्विगु बनाम बहुव्रीहि) को बिल्कुल सरल भाषा में समझेंगे।

1. द्विगु समास किसे कहते हैं? (Definition)

जिस समास का पहला पद (पूर्वपद) संख्यावाचक विशेषण (Number) होता है और पूरा सामासिक पद किसी समूह (Group) या समाहार का बोध कराता है, उसे द्विगु समास कहते हैं।

  • सरल शब्दों में: जब किसी शब्द की शुरुआत में कोई संख्या (गिनती) आए और वह किसी समूह को दर्शाए, तो वहाँ द्विगु समास होता है। इसका उत्तरपद (दूसरा पद) प्रधान होता है।

उदाहरण:

  • चौराहा = चार राहों का समूह ('चौ' = 4)

  • त्रिभुज = तीन भुजाओं का समाहार ('त्रि' = 3)

  • सप्ताह = सात दिनों का समूह ('सप्त' = 7)

2. द्विगु समास की Master Short Tricks

परीक्षा में बिना समय गंवाए सही उत्तर चुनने के लिए ये 2 ट्रिक्स याद रखें:

  1. पहला पद संख्या (Number): शब्द के शुरुआत में 1 से लेकर 10 या सौ, हजार आदि की संख्या छिपी होगी (जैसे: द्वि, त्रि, चौ, पंच, षट्, सप्त, अष्ट, नव, दश)।

  2. विग्रह करने पर 'समूह' या 'समाहार': जब आप शब्द का समास विग्रह करेंगे, तो अंत में हमेशा "का समूह" या "का समाहार" आएगा।

3. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण उदाहरण (Important Examples)

प्रतियोगी परीक्षाओं (UPP, UPSI, UPSSSC, UPTET) में बार-बार पूछे जाने वाले प्रमुख उदाहरण:

समस्त पदसंख्यावाचक शब्दसमास विग्रह
चौराहाचौ (4)चार राहों का समूह
त्रिभुजत्रि (3)तीन भुजाओं का समाहार
पंचवटीपंच (5)पाँच वटों (वृक्षों) का समूह
नवरत्ननव (9)नौ रत्नों का समूह
सप्ताहसप्त (7)सात दिनों का समूह
त्रिफलात्रि (3)तीन फलों का समूह
शताब्दीशत (100)सौ अब्दों (वर्षों) का समूह
दुपट्टादु (2)दो पट्टों का समाहार
दोपहरदो (2)दो पहरों का समाहार
अष्टधातुअष्ट (8)आठ धातुओं का समूह
चतुर्भुज (सामान्य अर्थ)चतुर् (4)चार भुजाओं का समाहार
सतसईसत (700)सात सौ दोहों का समूह

4. छात्रों का सबसे बड़ा कन्फ्यूजन: द्विगु समास बनाम बहुव्रीहि समास

परीक्षा में कुछ शब्द ऐसे आते हैं जिनका पहला पद संख्यावाचक होता है, लेकिन वे द्विगु न होकर बहुव्रीहि समास होते हैं। इस अंतर को ध्यान से समझें:

  • द्विगु समास: यदि संख्यावाचक शब्द किसी सामान्य समूह का बोध कराए।

    • उदाहरण: चतुर्भुज = चार भुजाओं का समाहार → द्विगु समास

  • बहुव्रीहि समास: यदि संख्यावाचक शब्द किसी समूह के बजाय किसी विशेष व्यक्ति या देवी-देवता (तीसरे अर्थ) की ओर इशारा करे।

    • उदाहरण: दशानन = दस हैं आनन (मुख) जिसके अर्थात रावण → बहुव्रीहि समास

    • उदाहरण: चतुर्भुज = चार हैं भुजाएँ जिसकी अर्थात भगवान विष्णु → बहुव्रीहि समास

    • उदाहरण: त्रिनेत्र = तीन हैं नेत्र जिसके अर्थात शिव जी → बहुव्रीहि समास

परीक्षा टिप: यदि विकल्प में द्विगु और बहुव्रीहि दोनों दिए हों और शब्द देवी-देवता/विशेष अर्थ वाला हो (जैसे: दशानन, त्रिनेत्र, पीतांबर), तो हमेशा बहुव्रीहि समास को प्राथमिकता दें।

5. पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न (Previous Year MCQs Practice)

Q1. "पंचवटी" शब्द में कौन-सा समास है? (UP Police Constable / UPTET)

  • (A) द्विगु समास

  • (B) द्वंद्व समास

  • (C) तत्पुरुष समास

  • (D) कर्मधारय समास

    उत्तर: (A) द्विगु समास (पाँच वटों का समूह)

Q2. "चौराहा" में कौन-सा समास है? (UPSSSC PET)

  • (A) अव्ययीभाव समास

  • (B) द्विगु समास

  • (C) द्वंद्व समास

  • (D) बहुव्रीहि समास

    उत्तर: (B) द्विगु समास (पहला पद 'चौ' यानी 4 संख्या को दर्शा रहा है)

Q3. "दशानन" में कौन-सा समास है? (UPSI)

  • (A) द्विगु समास

  • (B) बहुव्रीहि समास

  • (C) कर्मधारय समास

  • (D) तत्पुरुष समास

    उत्तर: (B) बहुव्रीहि समास (पहला पद संख्या है लेकिन यह 'रावण' का विशेष अर्थ दे रहा है)

निष्कर्ष (Conclusion)

द्विगु समास को याद रखना बहुत ही आसान है: जिसका पहला पद संख्या (Number) बताए और जो किसी समूह का बोध कराए, वही द्विगु समास है। बस परीक्षा में बहुव्रीहि समास वाले अपवादों (जैसे: दशानन, त्रिनेत्र) का ध्यान रखें।

यदि आप UPP, UPSI, UPSSSC PET, SSC GD या UPTET/SUPERTET की तैयारी कर रहे हैं, तो इस आर्टिकल को अपने स्टडी ग्रुप्स में शेयर करें और रिवीजन के लिए सेव कर लें! 

Dvandva Samas in Hindi (द्वंद्व समास) | परिभाषा, भेद, उदाहरण और Short Tricks | UPP, UPSI, UPSSSC, UPTET

द्वंद्व समास (Dvandva Samas in Hindi): परिभाषा, भेद, उदाहरण और Short Tricks | प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष


यदि आप UPP (UP Police Constable/SI), UPSI, UPSSSC (PET/VDO/Lekhpal), SSC (GD), UPTET या SUPERTET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो हिंदी व्याकरण का द्वंद्व समास (Dvandva Samas) टॉपिक सबसे आसान और अंकदायी (Scoring) विषयों में से एक है। परीक्षाओं में द्वंद्व समास और इसके भेदों से हर बार 1 से 2 प्रश्न ज़रूर पूछे जाते हैं।

इस ब्लॉग में हम द्वंद्व समास की परिभाषा, इसके मुख्य भेदों और पहचान की शॉर्ट ट्रिक्स को बिल्कुल सरल भाषा में समझेंगे ताकि परीक्षा में आपका एक भी उत्तर गलत न हो।

1. द्वंद्व समास किसे कहते हैं? (Definition)

जिस समास के दोनों पद (पूर्वपद और उत्तरपद) प्रधान होते हैं तथा विग्रह करने पर बीच में 'और', 'या', 'अथवा', 'तथा' जैसे योजक शब्दों का प्रयोग होता है, उसे द्वंद्व समास कहते हैं।

  • सरल शब्दों में: इसमें दोनों शब्द बराबर महत्व के होते हैं। प्रायः दोनों पद एक-दूसरे के विलोम, पूरक या जोड़े वाले शब्द होते हैं।

उदाहरण:

  • माता-पिता = माता और पिता

  • पाप-पुण्य = पाप या पुण्य

  • दाल-रोटी = दाल और रोटी

2. द्वंद्व समास के भेद (Types of Dvandva Samas)

प्रतियोगी परीक्षाओं के स्तर को देखते हुए द्वंद्व समास के 3 मुख्य भेदों को समझना अत्यंत आवश्यक है:

(I) इतरेतर द्वंद्व समास (Iteretar Dvandva)

जिस द्वंद्व समास में दोनों पद अलग-अलग अपना अस्तित्व रखते हैं और विग्रह करने पर बीच में 'और' या 'तथा' आता है।

  • Short Trick: इसमें दोनों पद मिलकर एक जोड़ा बनाते हैं।

  • उदाहरण:

    • राम-लक्ष्मण = राम और लक्ष्मण

    • सीता-राम = सीता और राम

    • भाई-बहन = भाई और बहन

    • कृष्ण-अर्जुन = कृष्ण और अर्जुन

(II) विकल्पक द्वंद्व समास (Vikalpak Dvandva)

जिस द्वंद्व समास में दोनों पदों के बीच में विकल्प (Choice) या विरोध का भाव होता है और विग्रह करने पर 'या' या 'अथवा' आता है।

  • Short Trick: इसमें दोनों पद एक-दूसरे के विलोम (Opposite) होते हैं।

  • उदाहरण:

    • पाप-पुण्य = पाप या पुण्य

    • धर्म-अधर्म = धर्म या अधर्म

    • सुख-दुख = सुख या दुख

    • थोड़ा-बहुत = थोड़ा या बहुत

(III) समाहार द्वंद्व समास (Samahar Dvandva)

जिस द्वंद्व समास के पदों के अर्थ के अलावा उसी प्रकार के अन्य अर्थों का भी समाहार (समूह) होता है और विग्रह के अंत में 'इत्यादि' या 'आदि' लगता है।

  • Short Trick: यह एक पूरा वर्ग या दैनिक जीवन के समूह को दर्शाता है।

  • उदाहरण:

    • दाल-रोटी = दाल-रोटी इत्यादि (भोजन का समाहार)

    • हाथ-पांव = हाथ-पांव इत्यादि (शरीर के अंग)

    • सेठ-साहूकार = सेठ-साहूकार इत्यादि

    • कीड़ा-मकोड़ा = कीड़ा-मकोड़ा इत्यादि

3. द्वंद्व समास की Master Short Tricks

परीक्षा में कम समय में सही उत्तर चुनने के लिए इन 3 ट्रिक्स का ध्यान रखें:

  1. योजक चिह्न (-): अधिकतर (लेकिन सभी नहीं) द्वंद्व समास वाले शब्दों के बीच में योजक चिह्न (-) लगा होता है (जैसे: दिन-रात, देश-विदेश)।

  2. विलोम या पूरक शब्द: पद प्रायः एक-दूसरे के विपरीत (जैसे: लाभ-हानि) या पूरक (जैसे: चाय-पानी) होते हैं।

  3. संधि वाले शब्द (बिना योजक वाले द्वंद्व): कई बार परीक्षा में योजक चिन्ह नहीं दिया जाता, वहाँ संधि को तोड़कर देखें:

    • धर्माधर्म = धर्म + अधर्म (धर्म या अधर्म) $\rightarrow$ विकल्पक द्वंद्व

    • देवासुर = देव + असुर (देव और असुर) $\rightarrow$ इतरेतर द्वंद्व

    • लाभालाभ = लाभ + अलाभ (लाभ या अलाभ) $\rightarrow$ विकल्पक द्वंद्व

4. द्वंद्व समास बनाम अव्ययीभाव समास (कन्फ्यूजन दूर करें)

छात्र अक्सर योजक चिह्न (-) देखकर भ्रमित हो जाते हैं:

  • द्वंद्व समास: यदि योजक चिह्न के दोनों तरफ अलग-अलग/विपरीत शब्द हों $\rightarrow$ माता-पिता, दिन-रात, सुख-दुख

  • अव्ययीभाव समास: यदि योजक चिह्न के दोनों तरफ एक ही शब्द का दोहराव हो $\rightarrow$ धीरे-धीरे, रातोरात, पल-पल

5. पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न (Previous Year MCQs Practice)

Q1. "माता-पिता" में कौन-सा समास है? (UP Police Constable)

  • (A) बहुव्रीहि समास

  • (B) तत्पुरुष समास

  • (C) द्वंद्व समास

  • (D) द्विगु समास

    उत्तर: (C) द्वंद्व समास (माता और पिता)

Q2. "धर्माधर्म" शब्द में कौन-सा समास है? (UPSSSC PET)

  • (A) अव्ययीभाव समास

  • (B) द्वंद्व समास

  • (C) तत्पुरुष समास

  • (D) द्विगु समास

    उत्तर: (B) द्वंद्व समास (धर्म या अधर्म - विकल्पक द्वंद्व)

Q3. किस शब्द में 'द्वंद्व समास' नहीं है? (UPSI / UPTET)

  • (A) दाल-भात

  • (B) लाभालाभ

  • (C) रातोरात

  • (D) पाप-पुण्य

    उत्तर: (C) रातोरात (रातोरात = रात ही रात में $\rightarrow$ अव्ययीभाव समास)

निष्कर्ष (Conclusion)

द्वंद्व समास को हल करना बहुत आसान है। बस याद रखें: जिसमें दोनों पद प्रधान हों, विग्रह करने पर 'और/या' आए, और पद एक-दूसरे के विपरीत या पूरक हों, वहाँ द्वंद्व समास होता है।

यदि आप UPP, UPSI, UPSSSC, SSC GD, UPTET या SUPERTET की तैयारी कर रहे हैं, तो इन उदाहरणों और ट्रिक्स का अभ्यास ज़रूर करें।

इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और अपनी तैयारी को बेहतर बनाने के लिए इसे बुकमार्क कर लें!

Tatpurush Samas in Hindi (तत्पुरुष समास) | भेद, कारक चिन्ह, उदाहरण और Tricks | UPP, UPSI, UPSSSC


तत्पुरुष समास (Tatpurush Samas in Hindi): परिभाषा, भेद, उदाहरण और Short Tricks | प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष


यदि आप UPP (UP Police Constable/SI), UPSI, UPSSSC (PET/VDO/Lekhpal), SSC (GD), UPTET या SUPERTET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो हिंदी व्याकरण का तत्पुरुष समास (Tatpurush Samas) टॉपिक आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। प्रतियोगी परीक्षाओं में समास से पूछे जाने वाले प्रश्नों में सबसे अधिक प्रश्न तत्पुरुष समास और इसके भेदों से ही आते हैं।

इस ब्लॉग में हम तत्पुरुष समास की परिभाषा, इसके सभी भेदों (कारक चिन्हों के आधार पर) और पहचान की शॉर्ट ट्रिक्स को बिल्कुल सरल भाषा में समझेंगे ताकि परीक्षा में आपका एक भी नंबर न कटे।

1. तत्पुरुष समास किसे कहते हैं? (Definition)

जिस समास का उत्तरपद (दूसरा पद) प्रधान होता है तथा पूर्वपद (पहला पद) गौण (गौण = कम महत्वपूर्ण) होता है और दोनों पदों के बीच की कारक विभक्तियों (का, की, के, से, में, पर, को आदि) का लोप हो जाता है, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।

  • सरल शब्दों में: जब दो शब्दों को जोड़ने पर बीच का कारक चिन्ह (विभक्ति) गायब हो जाए, तो वहाँ तत्पुरुष समास होता है।

उदाहरण:

  • राजपुत्र = राजा का पुत्र (विभक्ति 'का' का लोप)

  • रसोईघर = रसोई के लिए घर (विभक्ति 'के लिए' का लोप)

  • देशभक्ति = देश के लिए भक्ति

2. तत्पुरुष समास के भेद (Types of Tatpurush Samas)

कारक चिन्हों (विभक्तियों) के लोप होने के आधार पर तत्पुरुष समास के मुख्य रूप से 6 भेद होते हैं (ध्यान दें: कर्ता और सम्बोधन कारक को तत्पुरुष समास में शामिल नहीं किया जाता है)।

(I) कर्म तत्पुरुष समास (द्वितीया तत्पुरुष)

इसमें कर्म कारक की विभक्ति 'को' का लोप होता है।

  • Short Trick: विग्रह करने पर बीच में 'को' शब्द आए।

  • उदाहरण:

    • गगनचुंबी = गगन को चूमने वाला

    • माखनचोर = माखन को चुराने वाला

    • यशप्राप्त = यश को प्राप्त

    • ग्रामगत = ग्राम को गया हुआ

(II) करण तत्पुरुष समास (तृतीया तत्पुरुष)

इसमें करण कारक की विभक्ति 'से' या 'द्वारा' (साधन के अर्थ में) का लोप होता है।

  • Short Trick: विग्रह करने पर माध्यम/साधन के रूप में 'से' / 'द्वारा' आए।

  • उदाहरण:

    • करुणापूर्ण = करुणा से पूर्ण

    • भयाकुल = भय से आकुल

    • तुलसीकृत = तुलसी द्वारा कृत (रचित)

    • हस्तलिखित = हाथ से लिखित

(III) सम्प्रदान तत्पुरुष समास (चतुर्थी तत्पुरुष)

इसमें सम्प्रदान कारक की विभक्ति 'के लिए' का लोप होता है।

  • Short Trick: विग्रह करने पर उद्देश्य दर्शाने वाला शब्द 'के लिए' आए।

  • उदाहरण:

    • रसोईघर = रसोई के लिए घर

    • प्रयाग-समीक्षा / परीक्षाभवन = परीक्षा के लिए भवन

    • देशभक्ति = देश के लिए भक्ति

    • हथकड़ी = हाथ के लिए कड़ी

(IV) अपादान तत्पुरुष समास (पंचमी तत्पुरुष)

इसमें अपादान कारक की विभक्ति 'से' (अलग होने, डरने या तुलना के भाव में) का लोप होता है।

  • Short Trick: विग्रह करने पर किसी चीज़ से अलग होने का भाव निकले।

  • उदाहरण:

    • धनहीन = धन से हीन (धन का न होना)

    • नेत्रहीन = नेत्र से हीन

    • ऋणमुक्त = ऋण से मुक्त

    • पथभ्रष्ट = पथ से भ्रष्ट

कन्फ्यूजन दूर करें (करण vs अपादान):

  • करण: साधन दर्शाएगा (जैसे: हस्तलिखित = हाथ से लिखा गया $\rightarrow$ हाथ साधन है)।

  • अपादान: अलगाव दर्शाएगा (जैसे: पेड़ से पत्ता गिरा या ऋणमुक्त = ऋण से अलग हुआ)।

(V) संबंध तत्पुरुष समास (षष्ठी तत्पुरुष)

इसमें संबंध कारक की विभक्ति 'का', 'की', 'के' का लोप होता है।

  • Short Trick: विग्रह करने पर पदों के बीच संबंध बताने वाले 'का/की/के' आएं।

  • उदाहरण:

    • राजपुत्र = राजा का पुत्र

    • राजकुमारी = राजा की कुमारी

    • देशरक्षा = देश की रक्षा

    • शिवालय = शिव का आलय (घर)

(VI) अधिकरण तत्पुरुष समास (सप्तमी तत्पुरुष)

इसमें अधिकरण कारक की विभक्ति 'में' या 'पर' का लोप होता है।

  • Short Trick: विग्रह करने पर आधार या स्थान दर्शाने वाला शब्द 'में' या 'पर' आए।

  • उदाहरण:

    • पुरुषोत्तम = पुरुषों में उत्तम

    • आपबीती = आप (स्वयं) पर बीती

    • गृहप्रवेश = गृह में प्रवेश

    • लोकप्रिय = लोक (लोगों) में प्रिय

3. तत्पुरुष समास के अन्य उपभेद (विशेष नियम)

प्रतियोगी परीक्षाओं में कभी-कभी तत्पुरुष के इन गौण भेदों से भी प्रश्न पूछ लिए जाते हैं:

  1. नञ् तत्पुरुष समास: जिस समास का पहला पद नकारात्मक या अभावसूचक (अ, अन, न, ना) हो।

    • उदाहरण: अधर्म (न धर्म), अनंत (जिसका अंत न हो), अनावश्यक (जो आवश्यक न हो)।

  2. अलुक तत्पुरुष समास: जिस समास में पूर्वपद की विभक्ति का लोप नहीं होता।

    • उदाहरण: युधिष्ठिर (युद्ध में स्थिर), मनसिज (मन में उत्पन्न)।

अनेकार्थी शब्द क्या हैं? परिभाषा, प्रकार और 100+ उदाहरण सूची | Anekarthi Shabd

 अनेकार्थी शब्द (Multiple Meaning Words): पूरी गाइड और 100+ उदाहरण   Home > हिंदी > हिंदी व्याकारण > शब्दभेद हिंदी भाषा की सबसे र...