राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) क्या है? इतिहास, संरचना, कार्य और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

 

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT): संपूर्ण जानकारी, नोट्स, और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 20+ महत्वपूर्ण प्रश्न


1. परिचय (Introduction): राष्ट्रीय हरित अधिकरण क्या है?

पर्यावरण प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के इस दौर में न्याय तेजी से मिलना एक बड़ी चुनौती रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार ने एक विशेष न्यायिक निकाय की स्थापना की, जिसे राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal - NGT) कहा जाता है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) भारत का एक विशिष्ट निकाय है जो देश में पर्यावरण संरक्षण, वनों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े मामलों के प्रभावी और तीव्र निपटान के लिए स्थापित किया गया है। यह पर्यावरण से जुड़े मामलों को सुनने और त्वरित न्याय प्रदान करने वाला दुनिया का तीसरा ऐसा निकाय है (ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बाद), और किसी विकासशील देश में ऐसा पहला निकाय है।

2. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्थापना (Historical Background & Establishment)

  • संवैधानिक आधार: भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) के अंतर्गत 'स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार' नागरिकों का मौलिक अधिकार माना गया है। इसके अलावा, संविधान के अनुच्छेद 48क (राज्य के नीति निर्देशक तत्व) में पर्यावरण की रक्षा और सुधार तथा वनों एवं वन्य जीवों की सुरक्षा का निर्देश दिया गया है।

  • अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धता: भारत ने जून 1992 में रियो डी जेनेरियो में आयोजित संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण और विकास सम्मेलन (UNCED) में भाग लिया था, जिसमें पर्यावरण से जुड़े मामलों के प्रभावी न्यायिक और प्रशासनिक उपायों पर जोर दिया गया था।

  • अधिनियम: NGT की स्थापना राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 (National Green Tribunal Act, 2010) के तहत 18 अक्टूबर 2010 को की गई थी।

3. NGT की संरचना (Structure & Composition)

राष्ट्रीय हरित अधिकरण की संरचना में न्यायिक और विशेषज्ञ (Expert) दोनों प्रकार के सदस्य शामिल होते हैं:

  • मुख्यालय: इसका मुख्य पीठ (Headquarters) नई दिल्ली में स्थित है। इसके अलावा इसके चार क्षेत्रीय बेंच भोपाल, पुणे, कोलकाता और चेन्नई में स्थित हैं।

  • अध्यक्ष (Chairperson): NGT का अध्यक्ष सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) का सेवानिवृत्त न्यायाधीश या किसी उच्च न्यायालय (High Court) का मुख्य न्यायाधीश होता है। इसकी नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के परामर्श से की जाती है।

  • न्यायिक और विशेषज्ञ सदस्य: अधिकरण में कम से कम 10 और अधिकतम 20 पूर्णकालिक न्यायिक सदस्य तथा इतने ही विशेषज्ञ सदस्य होते हैं।

  • कार्यकाल: NGT के अध्यक्ष, न्यायिक सदस्यों और विशेषज्ञ सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक होता है। ये दोबारा नियुक्ति के पात्र नहीं होते हैं।

4. प्रमुख तथ्य (Key Facts Table for Competitive Exams)

विशेषताविवरण
स्थापना वर्ष18 अक्टूबर 2010
किस अधिनियम के तहतराष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010
मुख्यालयनई दिल्ली
क्षेत्रीय बेंचभोपाल, पुणे, कोलकाता, चेन्नई
प्रथम अध्यक्षन्यायमूर्ति लोकेश्वर सिंह पन्त (Lokeshwar Singh Panta)
कार्यकाल5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु (जो पहले हो)
पुनर्नुयुक्तिसंभव नहीं (Non-eligible for re-appointment)
किन कानूनों के तहत अधिकार क्षेत्रजल अधिनियम, वायु अधिनियम, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, वन संरक्षण अधिनियम, जैव विविधता अधिनियम आदि।
किन कानूनों को बाहर रखा गया हैवन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 और अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006।

5. NGT के अधिकार क्षेत्र और सिद्धांत (Jurisdiction & Principles)

अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction):

NGT मुख्य रूप से निम्नलिखित 7 प्रमुख पर्यावरण कानूनों से संबंधित नागरिक मामलों की सुनवाई करता है:

  1. जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974

  2. जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) उपकर अधिनियम, 1977

  3. वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980

  4. वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981

  5. पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986

  6. लोक दायित्व बीमा अधिनियम, 1991

  7. जैव विविधता अधिनियम, 2002

मुख्य सिद्धांत (Core Principles):

NGT पारंपरिक दीवानी प्रक्रिया संहिता (CPC, 1908) की सख्त प्रक्रियाओं से बंधा नहीं है, बल्कि यह निम्नलिखित सिद्धांतों पर काम करता है:

  • प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत (Principles of Natural Justice)

  • प्रदूषक भुगतान का सिद्धांत (Polluter Pays Principle): पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाले व्यक्ति या उद्योग को उसकी भरपाई के लिए आर्थिक जुर्माना देना होगा।

  • सतत विकास का सिद्धांत (Principle of Sustainable Development): भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों से समझौता किए बिना वर्तमान की जरूरतों को पूरा करना।

  • एहतियाती उपाय का सिद्धांत (Precautionary Principle): पर्यावरण को होने वाले संभावित गंभीर नुकसान को रोकने के लिए पहले ही कदम उठाना।

6. NGT की शक्तियां और कार्य (Powers & Functions)

  • त्वरित निर्णय: NGT को यह निर्देश दिया गया है कि वह किसी भी मामले की अर्जी मिलने के 6 महीने के भीतर उसका निपटारा करे।

  • दंड देने की शक्ति: यह पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगा सकता है, आदेश का पालन न करने पर कारावास (3 वर्ष तक) या दोनों की सजा दे सकता है।

  • अपील: NGT के आदेश के खिलाफ केवल 90 दिनों के भीतर सीधे सर्वोच्च न्यायालय में अपील की जा सकती है।

7. सीमाएं और चुनौतियां (Limitations & Challenges)

  • वन्यजीव मामलों का दायरा बाहर होना: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत आने वाले मामले NGT के दायरे से बाहर हैं, जो इसकी एक बड़ी सीमा है।

  • स्टाफ और संसाधनों की कमी: अधिकरण में न्यायाधीशों और तकनीकी विशेषज्ञों की पर्याप्त संख्या न होने के कारण मामलों के पेंडिंग रहने की समस्या बनी रहती है।

  • निर्णयों के क्रियान्वयन में कठिनाई: कई बार राज्यों या स्थानीय निकायों द्वारा NGT के आदेशों का सख्ती से पालन नहीं किया जाता है।

8. Quick Revision (त्वरित संशोधन पॉइंट्स)

  • NGT की स्थापना 2010 में पर्यावरण संबंधी मामलों के त्वरित निपटारे के लिए की गई थी।

  • यह दीवानी प्रक्रिया संहिता (CPC) से बाध्य नहीं है, बल्कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों पर कार्य करता है।

  • इसके अध्यक्ष का कार्यकाल 5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक होता है।

  • यह देश के सात प्रमुख पर्यावरण कानूनों के तहत आने वाले सिविल मामलों की सुनवाई करता है।

  • NGT के निर्णयों के विरुद्ध अपील सर्वोच्च न्यायालय में की जाती है।

9. पिछले वर्षों के महत्वपूर्ण प्रश्न (20+ MCQs for Practice)

यहाँ प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, UPPSC, BPSC, MPPSC आदि) के पैटर्न पर आधारित 20+ बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं:

Q1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की स्थापना भारत में किस वर्ष की गई थी?

  • (a) 2008

  • (b) 2010

  • (c) 2012

  • (d) 2015

  • उत्तर: (b) 2010

Q2. NGT की स्थापना निम्नलिखित में से किस अधिनियम के तहत की गई थी?

  • (a) पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986

  • (b) राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010

  • (c) वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972

  • (d) राष्ट्रीय पर्यावरण न्यायाधिकरण अधिनियम, 1995

  • उत्तर: (b) राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010

Q3. NGT का मुख्यालय (Headquarters) कहाँ स्थित है?

  • (a) मुंबई

  • (b) कोलकाता

  • (c) नई दिल्ली

  • (d) चेन्नई

  • उत्तर: (c) नई दिल्ली

Q4. NGT के क्षेत्रीय बेंच (Regional Benches) की कुल संख्या कितनी है?

  • (a) 2

  • (b) 3

  • (c) 4

  • (d) 5

  • उत्तर: (c) 4 (भोपाल, पुणे, कोलकाता, चेन्नई)

Q5. NGT के अध्यक्ष की नियुक्ति किसके परामर्श से की जाती है?

  • (a) प्रधानमंत्री

  • (b) राष्ट्रपति

  • (c) भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI)

  • (d) केंद्रीय पर्यावरण मंत्री

  • उत्तर: (c) भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI)

Q6. NGT के अध्यक्ष या सदस्यों का अधिकतम कार्यकाल कितना होता है?

  • (a) 3 वर्ष या 65 वर्ष की आयु

  • (b) 5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु

  • (c) 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु

  • (d) 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु

  • उत्तर: (b) 5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु

Q7. क्या NGT के अध्यक्ष या सदस्य अपने पद से हटने के बाद दोबारा नियुक्ति (Re-appointment) के पात्र होते हैं?

  • (a) हाँ

  • (b) नहीं

  • (c) केवल एक बार और

  • (d) राष्ट्रपति के विशेष आदेश पर

  • उत्तर: (b) नहीं

Q8. NGT निम्नलिखित में से किस सिद्धांत पर कार्य नहीं करता है?

  • (a) प्रदूषक भुगतान का सिद्धांत

  • (b) सतत विकास का सिद्धांत

  • (c) एहतियाती उपाय का सिद्धांत

  • (d) आपराधिक दंड संहिता का सिद्धांत

  • उत्तर: (d) आपराधिक दंड संहिता का सिद्धांत

Q9. NGT के आदेश के खिलाफ अपील कहाँ की जा सकती है?

  • (a) उच्च न्यायालय (High Court)

  • (b) सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court)

  • (c) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग

  • (d) राष्ट्रपति

  • उत्तर: (b) सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court)

Q10. सर्वोच्च न्यायालय में NGT के आदेश के विरुद्ध कितने दिनों के भीतर अपील करनी होती है?

  • (a) 30 दिन

  • (b) 60 दिन

  • (c) 90 दिन

  • (d) 180 दिन

  • उत्तर: (c) 90 दिन

Q11. NGT को किसी मामले की सुनवाई कितने दिनों के भीतर पूरी करने का लक्ष्य दिया गया है?

  • (a) 3 महीने

  • (b) 6 महीने

  • (c) 1 वर्ष

  • (d) कोई समय सीमा नहीं है

  • उत्तर: (b) 6 महीने

Q12. निम्नलिखित में से कौन सा कानून NGT के अधिकार क्षेत्र में शामिल नहीं है?

  • (a) जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974

  • (b) वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980

  • (c) वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972

  • (d) वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981

  • उत्तर: (c) वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972

Q13. भारत विश्व का कौन सा ऐसा देश बन गया जिसने पर्यावरण ट्रिब्यूनल की स्थापना की?

  • (a) पहला

  • (b) दूसरा

  • (c) तीसरा

  • (d) चौथा

  • उत्तर: (c) तीसरा (ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बाद)

Q14. NGT के पहले अध्यक्ष कौन थे?

  • (a) न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार

  • (b) न्यायमूर्ति लोकेश्वर सिंह पन्त

  • (c) न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल

  • (d) न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव

  • उत्तर: (b) न्यायमूर्ति लोकेश्वर सिंह पन्त

Q15. NGT का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  • (a) केवल वन्यजीवों की रक्षा करना

  • (b) पर्यावरण मामलों का त्वरित और प्रभावी निपटान

  • (c) केवल औद्योगिक कर वसूलना

  • (d) कृषि भूमि का आवंटन करना

  • उत्तर: (b) पर्यावरण मामलों का त्वरित और प्रभावी निपटान

Q16. NGT के सदस्यों में शामिल होते हैं:

  • (a) केवल न्यायिक सदस्य

  • (b) केवल विशेषज्ञ सदस्य

  • (c) न्यायिक और विशेषज्ञ सदस्य दोनों

  • (d) केवल प्रशासनिक अधिकारी

  • उत्तर: (c) न्यायिक और विशेषज्ञ सदस्य दोनों

Q17. भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद पर्यावरण संरक्षण और सुधार से संबंधित है?

  • (a) अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 48क

  • (b) अनुच्छेद 14

  • (c) अनुच्छेद 19

  • (d) अनुच्छेद 32

  • उत्तर: (a) अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 48क

Q18. "प्रदूषक भुगतान का सिद्धांत" (Polluter Pays Principle) का अर्थ क्या है?

  • (a) सरकार प्रदूषण का भुगतान करेगी

  • (b) प्रदूषण फैलाने वाले को नुकसान की भरपाई करनी होगी

  • (c) जनता कर चुकाएगी

  • (d) कारखाने बंद कर दिए जाएंगे

  • उत्तर: (b) प्रदूषण फैलाने वाले को नुकसान की भरपाई करनी होगी

Q19. निम्नलिखित में से कौन सा अधिनियम NGT के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आता है?

  • (a) जैव विविधता अधिनियम, 2002

  • (b) भारतीय वन अधिनियम, 1927

  • (c) खान और खनिज अधिनियम

  • (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं

  • उत्तर: (a) जैव विविधता अधिनियम, 2002

Q20. वर्तमान में पर्यावरण न्याय के क्षेत्र में NGT किस प्रकार की न्यायिक प्रणाली प्रदान करता है?

  • (a) धीमी और जटिल

  • (b) त्वरित और विशेषज्ञता पूर्ण

  • (c) केवल मौखिक सुनवाई

  • (d) अनौपचारिक और गैर-कानूनी

  • उत्तर: (b) त्वरित और विशेषज्ञता पूर्ण

Q21. NGT की स्थापना किस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के निर्णयों के अनुरूप की गई थी?

  • (a) स्टॉकहोम सम्मेलन 1972

  • (b) रियो डी जेनेरियो सम्मेलन (UNCED) 1992

  • (c) पेरिस समझौता 2015

  • (d) क्योटो प्रोटोकॉल 1997

  • उत्तर: (b) रियो डी जेनेरियो सम्मेलन (UNCED) 1992

10. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या NGT के फैसले के खिलाफ सीधे हाई कोर्ट में अपील की जा सकती है?

उत्तर: नहीं, NGT के किसी भी आदेश, निर्णय या अवार्ड के खिलाफ सीधे देश के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में अपील की जा सकती है, उच्च न्यायालय में नहीं।

Q2. NGT के अध्यक्ष बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?

उत्तर: NGT का अध्यक्ष बनने के लिए व्यक्ति का सर्वोच्च न्यायालय का वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश या किसी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश होना अनिवार्य है।

Q3. क्या NGT आपराधिक मामलों की सुनवाई कर सकता है?

उत्तर: नहीं, NGT मुख्य रूप से पर्यावरण से जुड़े दीवानी (Civil) मामलों और मुकदमों की सुनवाई करता है। हालांकि, इसके आदेशों का पालन न करने पर दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माना लगाने की शक्ति इसके पास होती है।

11. निष्कर्ष (Conclusion)

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) भारतीय न्यायिक इतिहास में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम रहा है। इसने देश में पर्यावरण संबंधी कानूनों के प्रवर्तन को गति दी है और बड़े-बड़े उद्योगों व परियोजनाओं पर जवाबदेही तय की है। हालांकि, संसाधनों की कमी और कुछ कानूनी सीमाओं के बावजूद, NGT ने सतत विकास और पर्यावरण न्याय को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से इस टॉपिक से हर साल प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए इसके प्रावधानों और प्रमुख सिद्धांतों को अच्छी तरह याद रखना आवश्यक है।

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