केंद्रीय सूचना आयोग (CIC in Hindi): RTI अधिनियम 2005, संशोधन 2019, शक्तियाँ व 20+ MCQs Notes
केंद्रीय सूचना आयोग (CIC): सूचना का अधिकार अधिनियम 2005, संरचना, शक्तियाँ एवं महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी नोट्स
भारतीय राजव्यवस्था (Indian Polity), सुशासन (Good Governance) एवं पारदर्शिता के अंतर्गत 'केंद्रीय सूचना आयोग' (Central Information Commission - CIC) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और हर प्रतियोगिता परीक्षा में प्रश्न दिलाने वाला विषय है। UPSC, State PCS (UPPSC, BPSC, MPPSC), SSC CGL, CHSL, RRB NTPC, Group D, UP Police SI/Constable, NDA, CDS जैसी भर्ती परीक्षाओं में CIC के गठन (सूचना का अधिकार अधिनियम 2005), 2019 संशोधन अधिनियम, चयन समिति, मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति, कार्यकाल, सिविल न्यायालय की शक्तियों और सीमाओं से जुड़े 2 से 4 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं।
इस विस्तृत अध्ययन लेख में केंद्रीय सूचना आयोग का परिचय, वैधानिक पृष्ठभूमि, 2019 का महत्वपूर्ण संशोधन, सांगठनिक संरचना, चयन समिति, शक्तियाँ व सीमाएँ, Quick Revision Master Table, और अभ्यास के लिए पिछले वर्षों में पूछे गए 20 से अधिक महत्वपूर्ण MCQs शामिल किए गए हैं।
1. केंद्रीय सूचना आयोग क्या है? (What is CIC?)
केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) भारत में सूचना की स्वतंत्रता और पारदर्शिता को बढ़ावा देने वाली शीर्ष सांविधिक/वैधानिक संस्था (Statutory Body) है। इसका गठन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act, 2005) के तहत किया गया है। इसका मुख्य कार्य उन लोगों की शिकायतों और अपीलों की सुनवाई करना है जो किसी केंद्रीय लोक प्राधिकरण (Central Public Authority) से मांगी गई जानकारी प्राप्त करने में असमर्थ रहे हैं या जिन्हें गलत जानकारी दी गई है।
प्राथमिक तथ्य एवं पहचान (Key Basic Facts)
| विवरण (Parameter) | महत्वपूर्ण जानकारी (Information) |
| संस्था का स्वरूप | स्वायत्त सांविधिक/वैधानिक निकाय (Statutory Autonomous Body - न कि संवैधानिक) |
| गठन का आधार | सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (Right to Information Act, 2005) |
| स्थापना तिथि | 12 अक्टूबर 2005 |
| मुख्यालय (Headquarters) | बाबा गंगनाथ मार्ग, मुनिरका, नई दिल्ली |
| प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त | वजाहत हबीबुल्लाह (Wajahat Habibullah) |
| प्रथम महिला मुख्य सूचना आयुक्त | दीपक संधू (Deepak Sandhu) |
| नियुक्तिकर्ता | भारत के राष्ट्रपति (3-सदस्यीय चयन समिति की सिफारिश पर) |
| संबंधित मंत्रालय | कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय (MoPPSG) |
2. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं वैधानिक यात्रा
RTI अधिनियम, 2005: शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए संसद ने वर्ष 2005 में 'सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005' पारित किया।
गठन (12 अक्टूबर 2005): इस अधिनियम की धारा 12 के प्रावधानों के अंतर्गत 12 अक्टूबर 2005 को केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) का औपचारिक गठन किया गया।
आरटीआई (संशोधन) अधिनियम, 2019: संसद द्वारा वर्ष 2019 में आरटीआई कानून में संशोधन किया गया, जिसने आयोग के आयुक्तों की सेवा शर्तों, कार्यकाल और वेतन-भत्तों को तय करने की शक्ति केंद्र सरकार के हाथों में दे दी।
3. CIC की संरचना एवं नियुक्ति (Composition of CIC)
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 12 के अनुसार आयोग में कुल 1 मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) और अधिकतम 10 सूचना आयुक्त (IC) हो सकते हैं:
CIC की संरचना
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1 मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) अधिकतम 10 सूचना आयुक्त (ICs)
(सार्वजनिक जीवन का विशेषज्ञ) (विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ)
(A) योग्यताएं:
आयुक्तों को विधि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, समाज सेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता, जनसंचार या प्रशासन और शासन का व्यापक ज्ञान और अनुभव रखने वाला व्यक्ति होना चाहिए।
अयोग्यता: मुख्य सूचना आयुक्त या कोई सूचना आयुक्त संसद का सदस्य या किसी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के विधानमंडल का सदस्य नहीं होगा और न ही वह कोई अन्य लाभ का पद धारण करेगा या किसी राजनीतिक दल से जुड़ा होगा।
4. नियुक्ति हेतु चयन समिति (Selection Committee)
केंद्रीय सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य सूचना आयुक्तों की सीधी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा नहीं होती, बल्कि राष्ट्रपति एक उच्चस्तरीय 3-सदस्यीय चयन समिति (3-Member Committee) की सिफारिश पर इनकी नियुक्ति करते हैं:
| चयन समिति के सदस्य | पद / पदनाम |
| समिति के अध्यक्ष | भारत के प्रधानमंत्री |
| सदस्य 1 | लोकसभा में विपक्ष के नेता (Leader of Opposition in Lok Sabha) |
| सदस्य 2 | प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री |
5. कार्यकाल, वेतन एवं पदच्युति (2019 संशोधन के बाद)
आरटीआई (संशोधन) अधिनियम, 2019 ने आयोग की शर्तों में निम्नलिखित महत्वपूर्ण परिवर्तन किए:
कार्यकाल (Tenure): 2019 संशोधन के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों का कार्यकाल केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित अवधि (वर्तमान में 3 वर्ष) या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले पूरा हो) तक होता है। (2019 से पहले यह 5 वर्ष या 65 वर्ष था)।
पुनर्नियुक्ति पर प्रतिबंध:
मुख्य सूचना आयुक्त पुनर्नियुक्ति का पात्र नहीं होता।
कोई सूचना आयुक्त अपना कार्यकाल समाप्त होने पर उसी पद पर पुनर्नियुक्त नहीं हो सकता, परंतु वह मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्त हो सकता है (लेकिन कुल कार्यकाल 5 वर्ष से अधिक नहीं होगा)।
वेतन एवं भत्ते: 2019 के संशोधन के बाद इनका वेतन, भत्ते और सेवा शर्तें केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जाती हैं।
पदच्युति (Removal): राष्ट्रपति द्वारा सिद्ध कदाचार या असमर्थता के आधार पर हटाया जा सकता है, परंतु इसके लिए मामला उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) को जांच हेतु भेजा जाता है। सुप्रीम कोर्ट की जांच रिपोर्ट के बाद ही राष्ट्रपति इन्हें हटा सकते हैं।
6. CIC के मुख्य कार्य एवं शक्तियाँ (Functions & Powers)
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 18, 19 और 20 के तहत आयोग को निम्नलिखित प्रमुख शक्तियां सौंपी गई हैं:
शिकायतों की जांच करना: यदि किसी व्यक्ति को जन सूचना अधिकारी (PIO) की नियुक्ति न होने के कारण सूचना प्रार्थना पत्र जमा करने में असमर्थता हुई हो, सूचना देने से मना कर दिया गया हो या मांगी गई सूचना के लिए अत्यधिक शुल्क मांगा गया हो, तो आयोग शिकायत की जांच करता है।
द्वितीय अपील की सुनवाई (Second Appeal): यदि कोई व्यक्ति प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के आदेश से संतुष्ट नहीं है, तो वह CIC के समक्ष द्वितीय अपील दायर कर सकता है।
स्वप्रेरणा से जांच (Suo Moto Inquiry): यदि आयोग के पास यह विश्वास करने का कोई उचित आधार है कि किसी मामले में जांच की आवश्यकता है, तो वह स्वप्रेरणा से जांच का आदेश दे सकता है।
जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई: यदि जन सूचना अधिकारी ने बिना किसी न्यायसंगत कारण के सूचना देने से मना किया है या गलत जानकारी दी है, तो आयोग उस अधिकारी पर ₹250 प्रति दिन (अधिकतम ₹25,000) तक का जुर्माना लगा सकता है।
सिविल न्यायालय की शक्तियां (Powers of Civil Court):
किसी भी शिकायत की जांच करते समय या मामलों की सुनवाई करते समय CIC को सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के तहत एक सिविल न्यायालय (Civil Court) की शक्तियां प्राप्त होती हैं:
भारत के किसी भी भाग से किसी भी व्यक्ति को समन भेजना और उसकी उपस्थिति अनिवार्य करना।
किसी भी दस्तावेज की खोज और उसे प्रस्तुत करवाना।
शपथ पत्रों (Affidavits) पर साक्ष्य प्राप्त करना।
किसी भी अदालत या कार्यालय से सार्वजनिक रिकॉर्ड की मांग करना।
Quick Revision Master Table (त्वरित दोहराव सारणी)
अंतिम समय में परीक्षा हॉल जाने से पहले त्वरित रिवीजन के लिए अति महत्वपूर्ण तथ्य:
| अवधारणा / प्रश्न | परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य / उत्तर |
| निकाय का स्वरूप | सांविधिक/वैधानिक निकाय (Statutory Body) |
| अधिनियम वर्ष | सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 |
| स्थापना तिथि | 12 अक्टूबर 2005 |
| मुख्यालय | नई दिल्ली |
| प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त | वजाहत हबीबुल्लाह |
| प्रथम महिला मुख्य सूचना आयुक्त | दीपक संधू |
| अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति | भारत के राष्ट्रपति द्वारा (3-सदस्यीय चयन समिति की सिफारिश पर) |
| चयन समिति के अध्यक्ष | भारत के प्रधानमंत्री |
| संरचना | 1 मुख्य सूचना आयुक्त + अधिकतम 10 सूचना आयुक्त |
| कार्यकाल व आयु सीमा | केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित (वर्तमान में 3 वर्ष) या 65 वर्ष की आयु |
| अधिकतम जुर्माना राशि | ₹250 प्रति दिन (अधिकतम ₹25,000) |
| न्यायालयीन अधिकार | सिविल न्यायालय (Civil Court) की शक्तियां |
विगत वर्षों के 20+ महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Previous Years' MCQs)
ये प्रश्न SSC CGL, RRB NTPC, State PCS (UPPSC, BPSC, MPPSC), NDA, CDS और Police SI भर्ती परीक्षाओं में पूछे गए हैं:
Q1. केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) की स्थापना किस अधिनियम के तहत की गई थी?
(a) सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम, 2002
(b) सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
(c) शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923
(d) नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955
उत्तर: (b) सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
Q2. केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) का गठन किस तिथि को हुआ था?
(a) 12 अक्टूबर 2005
(b) 26 जनवरी 2005
(c) 15 अगस्त 2005
(d) 12 नवंबर 2005
उत्तर: (a) 12 अक्टूबर 2005
Q3. केंद्रीय सूचना आयोग किस प्रकार का निकाय है?
(a) संवैधानिक निकाय (Constitutional Body)
(b) स्वायत्त सांविधिक/वैधानिक निकाय (Statutory Body)
(c) गैर-सरकारी संगठन (NGO)
(d) संवैधानिक एवं न्यायिक निकाय
उत्तर: (b) स्वायत्त सांविधिक/वैधानिक निकाय
Q4. भारत के प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त (Chief Information Commissioner) कौन थे?
(a) ए. एन. तिवारी
(b) वजाहत हबीबुल्लाह
(c) सत्यनंद मिश्रा
(d) राजीव माथुर
उत्तर: (b) वजाहत हबीबुल्लाह
Q5. केंद्रीय सूचना आयोग की प्रथम महिला मुख्य सूचना आयुक्त कौन थीं?
(a) सुषमा सिंह
(b) दीपक संधू
(c) विजया राहटकर
(d) शांता सिन्हा
उत्तर: (b) दीपक संधू
Q6. मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति हेतु गठित चयन समिति का अध्यक्ष कौन होता है?
(a) भारत के राष्ट्रपति
(b) भारत के मुख्य न्यायाधीश
(c) भारत के प्रधानमंत्री
(d) कार्मिक मंत्री
उत्तर: (c) भारत के प्रधानमंत्री
Q7. CIC की नियुक्ति हेतु गठित 3-सदस्यीय चयन समिति में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं होता है?
(a) भारत के प्रधानमंत्री
(b) लोकसभा में विपक्ष के नेता
(c) प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री
(d) भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI)
उत्तर: (d) भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI)
Q8. केंद्रीय सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के अलावा अधिकतम कितने सूचना आयुक्त हो सकते हैं?
(a) 5
(b) 7
(c) 10
(d) 12
उत्तर: (c) 10
Q9. सूचना का अधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2019 के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त का कार्यकाल कितना होता है?
(a) 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु
(b) केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित अवधि (3 वर्ष) या 65 वर्ष की आयु
(c) 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु
(d) 4 वर्ष या 70 वर्ष की आयु
उत्तर: (b) केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित अवधि या 65 वर्ष की आयु
Q10. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत दोषी जन सूचना अधिकारी (PIO) पर आयोग अधिकतम कितना जुर्माना लगा सकता है?
(a) ₹5,000
(b) ₹10,000
(c) ₹25,000
(d) ₹50,000
उत्तर: (c) ₹25,000 (₹250 प्रति दिन के हिसाब से अधिकतम ₹25,000)
Q11. किसी शिकायत की जांच करते समय CIC को किस न्यायालय की शक्तियां प्राप्त होती हैं?
(a) आपराधिक न्यायालय (Criminal Court)
(b) सिविल न्यायालय (Civil Court)
(c) उच्च न्यायालय
(d) श्रम न्यायालय
उत्तर: (b) सिविल न्यायालय
Q12. केंद्रीय सूचना आयोग किस नोडल मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है?
(a) गृह मंत्रालय
(b) सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
(c) कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय (MoPPSG)
(d) कानून और न्याय मंत्रालय
उत्तर: (c) कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय
Q13. RTI अधिनियम, 2005 की किस धारा के तहत केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के गठन का प्रावधान है?
(a) धारा 12
(b) धारा 15
(c) धारा 18
(d) धारा 20
उत्तर: (a) धारा 12 (धारा 15 में राज्य सूचना आयोग है)
Q14. मुख्य सूचना आयुक्त सेवानिवृत्ति के पश्चात किस पद हेतु पात्र होता है?
(a) राज्य सूचना आयुक्त
(b) पुनर्नियुक्ति का पात्र नहीं होता
(c) यूपीएससी अध्यक्ष
(d) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
उत्तर: (b) पुनर्नियुक्ति का पात्र नहीं होता
Q15. क्या एक सूचना आयुक्त (Information Commissioner) कार्यकाल समाप्त होने पर मुख्य सूचना आयुक्त बन सकता है?
(a) नहीं, बिल्कुल नहीं
(b) हाँ, लेकिन कुल कार्यकाल 5 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए
(c) केवल राष्ट्रपति के विशेष आदेश से
(d) केवल संसद के अनुमोदन से
उत्तर: (b) हाँ, लेकिन कुल कार्यकाल 5 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए
Q16. CIC अपनी वार्षिक रिपोर्ट (Annual Report) किसे प्रस्तुत करता है?
(a) भारत के राष्ट्रपति को
(b) केंद्र सरकार को (जो इसे संसद के दोनों सदनों में रखवाती है)
(c) भारत के मुख्य न्यायाधीश को
(d) लोकसभा अध्यक्ष को
उत्तर: (b) केंद्र सरकार को
Q17. निम्नलिखित में से कौन-सा विषय RTI अधिनियम, 2005 की धारा 8 के तहत सूचना प्रकट करने से छूट प्राप्त (Exempted) है?
(a) भारत की संप्रभुता और अखंडता को प्रभावित करने वाली सूचना
(b) मंत्रिमंडल के कागज (Cabinet Papers)
(c) न्यायालय द्वारा निषिद्ध की गई सूचना
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी
Q18. सामान्य परिस्थितियों में जन सूचना अधिकारी (PIO) को आरटीआई आवेदन प्राप्त होने के कितने दिनों के भीतर सूचना प्रदान करनी अनिवार्य है?
(a) 15 दिन
(b) 30 दिन
(c) 45 दिन
(d) 60 दिन
उत्तर: (b) 30 दिन (यदि मामला व्यक्ति के जीवन एवं स्वतंत्रता से जुड़ा हो, तो 48 घंटे के भीतर)
Q19. यदि मांगी गई सूचना किसी व्यक्ति के 'जीवन एवं स्वतंत्रता' (Life and Liberty) से संबंधित है, तो कितने समय में सूचना देना अनिवार्य है?
(a) 24 घंटे
(b) 48 घंटे
(c) 7 दिन
(d) 15 दिन
उत्तर: (b) 48 घंटे
Q20. केंद्रीय सूचना आयोग का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
(a) नई दिल्ली
(b) मुंबई
(c) कोलकाता
(d) हैदराबाद
उत्तर: (a) नई दिल्ली
Q21. निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य CIC का नहीं है?
(a) RTI अपीलों और शिकायतों की सुनवाई करना
(b) जन सूचना अधिकारियों पर जुर्माना लगाना
(c) सरकारी विभागों को आरटीआई रिकॉर्ड प्रबंधन हेतु निर्देश देना
(d) संविधान में संशोधन का प्रस्ताव पारित करना
उत्तर: (d) संविधान में संशोधन का प्रस्ताव पारित करना
बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) संवैधानिक निकाय है या वैधानिक निकाय?
उत्तर: CIC एक सांविधिक/वैधानिक निकाय (Statutory Body) है। इसका प्रावधान भारत के मूल संविधान में नहीं था; बल्कि इसकी स्थापना संसद द्वारा पारित 'सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005' के तहत 12 अक्टूबर 2005 को की गई थी।
Q2. आरटीआई (संशोधन) अधिनियम, 2019 का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: 2019 के संशोधन का मुख्य उद्देश्य मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के कार्यकाल, वेतन, भत्ते और अन्य सेवा शर्तों को पहले से तय (5 वर्ष) रखने के स्थान पर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित करने का अधिकार देना था।
Q3. CIC को 'सिविल न्यायालय' की शक्तियां मिलने का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि किसी शिकायत की जांच करते समय आयोग किसी भी व्यक्ति (सरकारी अधिकारी सहित) को समन भेजकर बुला सकता है, शपथ पत्र पर साक्ष्य ले सकता है और किसी भी सरकारी कार्यालय से गोपनीय या सार्वजनिक दस्तावेज प्रस्तुत करने का आदेश दे सकता है।
Q4. राज्य सूचना आयोग (SIC) और केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) में क्या संबंध है?
उत्तर: केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों के लोक प्राधिकरणों पर अधिकार क्षेत्र रखता है और इसके सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। जबकि राज्य सूचना आयोग (SIC) संबंधित राज्य सरकार के अधीन लोक प्राधिकरणों के लिए कार्य करता है और इसके सदस्यों की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में सुशासन, पारदर्शिता और नागरिकों के सूचना पाने के अधिकार को सुनिश्चित करने में केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) एक सशक्त स्तंभ के रूप में कार्य करता है। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत गठित यह सांविधिक निकाय सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार रोकने और जवाबदेही तय करने में ऐतिहासिक भूमिका निभा रहा है।
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