राष्ट्रीय विकास परिषद (National Development Council - NDC): सम्पूर्ण इतिहास, संरचना, कार्यप्रणाली एवं परीक्षा उपयोगी तथ्य
भारतीय योजना प्रणाली और केंद्र-राज्य संबंधों के इतिहास में राष्ट्रीय विकास परिषद (National Development Council - NDC) का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। योजना आयोग द्वारा तैयार की जाने वाली पंचवर्षीय योजनाओं को अंतिम अनुमोदन देने और देश के आर्थिक विकास में राज्यों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एनडीसी की स्थापना की गई थी।
प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UPSC, State PSC (UPPCS, BPSC, MPPSC, RAS), SSC CGL, Railways, Banking आदि की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भारतीय राजव्यवस्था (Polity) और अर्थशास्त्र (Economics) के अंतर्गत राष्ट्रीय विकास परिषद से लगातार प्रश्न पूछे जाते हैं।
इस विस्तृत एवं शोधपरक लेख में हम राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) का गठन, इसकी पृष्ठभूमि, संरचना, कार्य, 'सुपर कैबिनेट' के रूप में इसकी भूमिका, योजना आयोग व नीति आयोग के दौर में इसकी स्थिति, 20+ विगत वर्षों के बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) और त्वरित पुनरीक्षण (Quick Revision) नोट्स का अध्ययन करेंगे।
1. राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) का परिचय एवं पृष्ठभूमि (Introduction & Background)
भारत में स्वतंत्रता के पश्चात् 15 मार्च 1950 को योजना आयोग (Planning Commission) का गठन किया गया था। योजना आयोग एक केंद्रीय निकाय था जो देश के संसाधनों का आकलन कर योजनाएं तैयार करता था। परंतु, भारत एक संघात्मक (Federal) ढांचा वाला देश है, जहाँ राज्यों के अधिकारों और उनकी प्राथमिकताओं को अनदेखा नहीं किया जा सकता था।
योजना आयोग की प्रक्रिया में राज्यों की भागीदारी और समर्थन सुनिश्चित करने के लिए प्रथम पंचवर्षीय योजना के प्रारूप में ही एक ऐसी संस्था की सिफारिश की गई थी जो केंद्र और राज्यों के बीच एक सेतु (Bridge) का कार्य कर सके। इसी के परिणामस्वरूप 6 अगस्त 1952 को राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) का गठन किया गया।
2. NDC से जुड़े प्रमुख तथ्य (Key Facts in Table)
| विशेषता (Parameter) | विवरण (Details) |
| पूरा नाम (Full Name) | राष्ट्रीय विकास परिषद (National Development Council - NDC) |
| गठन तिथि (Date of Formation) | 6 अगस्त 1952 |
| संस्था की प्रकृति (Nature of Body) | गैर-संवैधानिक (Non-Constitutional) और संविधानेत्तर (Extra-Constitutional) |
| निकाय का प्रकार (Type of Body) | शीर्ष सलाहकार एवं अनुमोदन निकाय (Supreme Advisory & Approval Body) |
| गठन का आधार (Basis of Formation) | केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक कार्यपालक प्रस्ताव (Executive Resolution) द्वारा |
| पदेन अध्यक्ष (Ex-officio Chairman) | भारत के प्रधानमंत्री (Prime Minister of India) |
| पदेन सचिव (Ex-officio Secretary) | योजना आयोग के सचिव (बाद में नीति आयोग के सचिव) |
| प्रसिद्ध उपनाम (Famous Sobriquet) | 'सुपर कैबिनेट' (Super Cabinet - के. सन्थानम द्वारा दिया गया नाम) |
| मुख्य उद्देश्य (Primary Objective) | योजनाओं को अंतिम स्वीकृति देना और केंद्र-राज्य सहयोग बढ़ाना |
3. राष्ट्रीय विकास परिषद की संरचना (Structure of NDC)
राष्ट्रीय विकास परिषद एक व्यापक बहु-स्तरीय निकाय थी जिसका स्वरूप पूर्णतः लोकतांत्रिक और संघात्मक था:
[ पदेन अध्यक्ष: भारत के प्रधानमंत्री ]
│
▼
┌─────────────────────────────────────────────────────────┐
│ राष्ट्रीय विकास परिषद के सदस्य │
├─────────────────────────────────────────────────────────┤
│ 1. केंद्रीय कैबिनेट मंत्री (सभी) │
│ 2. सभी राज्यों के मुख्यमंत्री │
│ 3. सभी केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री / उपराज्यपाल / प्रशासक│
│ 4. योजना आयोग के सभी सदस्य (वर्तमान में नीति आयोग) │
└─────────────────────────────────────────────────────────┘
│
▼
[ पदेन सचिव: योजना आयोग / नीति आयोग के सचिव ]
अध्यक्ष (Chairman): भारत के प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होते थे।
केंद्रीय मंत्री (Union Cabinet Ministers): 1967 के पुनर्गठन के बाद से केंद्र सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री इसके सदस्य बनाए गए।
राज्यों के मुख्यमंत्री (Chief Ministers of States): भारत के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री इसके सदस्य होते थे।
केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि (UT Representatives): दिल्ली और पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, तथा अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल (Lt. Governors) या प्रशासक (Administrators)।
योजना आयोग के सदस्य (Members of Planning Commission): योजना आयोग के सभी पूर्णकालिक सदस्य एनडीसी के भी सदस्य होते थे।
सचिव (Secretary): योजना आयोग का सचिव ही राष्ट्रीय विकास परिषद के सचिव के रूप में कार्य करता था।
4. राष्ट्रीय विकास परिषद के मुख्य कार्य एवं उद्देश्य (Functions & Objectives)
राष्ट्रीय विकास परिषद के मुख्य कार्य निम्नलिखित थे:
पंचवर्षीय योजनाओं का अनुमोदन: योजना आयोग द्वारा तैयार की गई पंचवर्षीय योजनाओं के प्रारूप (Draft) पर विचार करना और उसे अंतिम स्वीकृति प्रदान करना।
संसाधनों का आकलन: राष्ट्रीय योजनाओं के निष्पादन के लिए आवश्यक संसाधनों का मूल्यांकन करना तथा उन्हें बढ़ाने के उपाय सुझाना।
सामाजिक और आर्थिक नीतियों का मूल्यांकन: राष्ट्रीय विकास को प्रभावित करने वाली प्रमुख सामाजिक और आर्थिक नीतियों पर विचार-विमर्श करना।
योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा: समय-समय पर योजनाओं के संचालन की समीक्षा करना और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु आवश्यक सिफारिशें करना।
केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय: संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच नीतियों का समन्वय स्थापित करना।
5. एनडीसी का 'सुपर कैबिनेट' का दर्जा (NDC as 'Super Cabinet')
प्रसिद्ध राजनीतिक और प्रशासनिक विशेषज्ञ के. सन्थानम (K. Santhanam) ने राष्ट्रीय विकास परिषद को 'सुपर कैबिनेट' (Super Cabinet) की संज्ञा दी थी।
'सुपर कैबिनेट' कहने का कारण:
एनडीसी में भारत के प्रधानमंत्री, सभी केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और योजना आयोग के सदस्य शामिल थे।
जब यह परिषद किसी नीति या पंचवर्षीय योजना पर अपनी सहमति दे देती थी, तो उसे संसद या राज्य विधानमंडलों द्वारा अस्वीकार किया जाना व्यावहारिक रूप से असंभव होता था।
इसकी राजनीतिक व्यापकता और प्रभाव के कारण यह संस्था एक प्रकार से देश की नीति-निर्माण की सबसे शक्तिशाली संस्था बन गई थी।
6. नीति आयोग के दौर में NDC की वर्तमान स्थिति (Current Status of NDC in NITI Aayog Era)
1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग (NITI Aayog) की स्थापना के बाद राष्ट्रीय विकास परिषद की प्रासंगिकता पर प्रश्नचिह्न लग गया।
शासी परिषद (Governing Council) का गठन: नीति आयोग की संरचना में ही शासी परिषद (Governing Council) को शामिल किया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल शामिल हैं।
कार्यों का दोहराव: चूंकि नीति आयोग की शासी परिषद का स्वरूप और कार्य राष्ट्रीय विकास परिषद के बिल्कुल समान है, इसलिए एनडीसी का अस्तित्व व्यावहारिक रूप से समाप्त प्राय हो गया है।
अंतिम बैठक: एनडीसी की 57वीं अंतिम बैठक 27 दिसंबर 2012 को तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में 12वीं पंचवर्षीय योजना को मंजूरी देने के लिए आयोजित की गई थी। इसके बाद से एनडीसी की कोई आधिकारिक बैठक आयोजित नहीं हुई है।
7. त्वरित पुनरीक्षण नोट्स (Quick Revision Notes for Exams)
स्थापना: 6 अगस्त 1952 (मंत्रिमंडल प्रस्ताव द्वारा)।
प्रकृति: गैर-संवैधानिक, संविधानेत्तर और सर्वोच्च सलाहकारी निकाय।
पदेन अध्यक्ष: भारत का प्रधानमंत्री।
सदस्य: प्रधानमंत्री, सभी केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, UTs के उपराज्यपाल/प्रशासक और योजना आयोग के सदस्य।
मुख्य कार्य: योजना आयोग द्वारा तैयार पंचवर्षीय योजनाओं को अंतिम रूप से स्वीकृत (Final Approve) करना।
उपनाम: के. सन्थानम ने इसे 'सुपर कैबिनेट' कहा था।
अंतिम (57वीं) बैठक: 27 दिसंबर 2012 (12वीं पंचवर्षीय योजना हेतु)।
वर्तमान स्थिति: नीति आयोग की शासी परिषद (Governing Council) के गठन के बाद से यह व्यावहारिक रूप से निष्क्रिय है।
8. विगत वर्षों के 20+ महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (Previous Years MCQ Questions)
Q1. राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) की स्थापना किस तिथि को हुई थी?
(a) 15 मार्च 1950
(b) 6 अगस्त 1952
(c) 26 जनवरी 1950
(d) 15 अगस्त 1951
उत्तर: (b)
Q2. राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) की प्रकृति कैसी है?
(a) संवैधानिक निकाय
(b) वैधानिक निकाय
(c) गैर-संवैधानिक और संविधानेत्तर निकाय
(d) स्वायत्तशासी निकाय
उत्तर: (c)
Q3. राष्ट्रीय विकास परिषद का पदेन अध्यक्ष कौन होता है?
(a) राष्ट्रपति
(b) वित्त मंत्री
(c) प्रधानमंत्री
(d) योजना आयोग का उपाध्यक्ष
उत्तर: (c)
Q4. राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) का मुख्य कार्य क्या था?
(a) देश का बजट तैयार करना
(b) पंचवर्षीय योजनाओं को अंतिम रूप से अनुमोदित करना
(c) करों का वितरण करना
(d) चुनाव संपन्न कराना
उत्तर: (b)
Q5. राष्ट्रीय विकास परिषद को 'सुपर कैबिनेट' की संज्ञा किसने दी थी?
(a) डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
(b) के. सन्थानम
(c) जवाहरलाल नेहरू
(d) ए. के. चंदा
उत्तर: (b)
Q6. निम्नलिखित में से कौन राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) का सदस्य नहीं होता था?
(a) राज्यों के मुख्यमंत्री
(b) भारत के राष्ट्रपति
(c) केंद्रीय कैबिनेट मंत्री
(d) योजना आयोग के सदस्य
उत्तर: (b)
Q7. राष्ट्रीय विकास परिषद का गठन किस सिफारिश या दस्तावेज के आधार पर किया गया था?
(a) प्रथम पंचवर्षीय योजना के प्रारूप
(b) सरकरीया आयोग की रिपोर्ट
(c) बलवंत राय मेहता समिति
(d) वित्त आयोग
उत्तर: (a)
Q8. राष्ट्रीय विकास परिषद के सचिव का कार्यभार कौन संभालता था?
(a) वित्त सचिव
(b) कैबिनेट सचिव
(c) योजना आयोग का सचिव
(d) प्रधानमंत्री का मुख्य सचिव
उत्तर: (c)
Q9. राष्ट्रीय विकास परिषद की पहली बैठक किस वर्ष आयोजित की गई थी?
(a) 1950
(b) 1951
(c) 1952
(d) 1953
उत्तर: (c)
Q10. राष्ट्रीय विकास परिषद की 57वीं और अंतिम बैठक कब आयोजित हुई थी?
(a) 15 अगस्त 2010
(b) 27 दिसंबर 2012
(c) 1 जनवरी 2015
(d) 26 मई 2014
उत्तर: (b)
Q11. राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठकों की अध्यक्षता कौन करता है?
(a) योजना आयोग के उपाध्यक्ष
(b) भारत के प्रधानमंत्री
(c) गृह मंत्री
(d) सबसे वरिष्ठ मुख्यमंत्री
उत्तर: (b)
Q12. नीति आयोग के गठन के बाद NDC के कार्यों को व्यावहारिक रूप से किसने संभाल लिया है?
(a) वित्त आयोग
(b) नीती आयोग की शासी परिषद (Governing Council)
(c) अंतर-राज्यीय परिषद
(d) क्षेत्रीय परिषदें
उत्तर: (b)
Q13. 1967 में राष्ट्रीय विकास परिषद के पुनर्गठन के बाद इसमें किन नए सदस्यों को जोड़ा गया?
(a) केवल वित्त मंत्री
(b) सभी केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों को
(c) राज्यों के राज्यपालों को
(d) उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों को
उत्तर: (b)
Q14. योजना आयोग और राष्ट्रीय विकास परिषद दोनों का गठन किस माध्यम से हुआ था?
(a) संवैधानिक संशोधन
(b) संसद के कानून द्वारा
(c) केंद्रीय मंत्रिमंडल के कार्यपालक प्रस्ताव द्वारा
(d) राष्ट्रपति के अध्यादेश द्वारा
उत्तर: (c)
Q15. भारत में केंद्र और राज्यों के बीच योजना निर्माण में समन्वय स्थापित करने वाली सर्वोच्च संस्था कौन सी थी?
(a) योजना आयोग
(b) राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC)
(c) वित्त आयोग
(d) राष्ट्रीय आय समिति
उत्तर: (b)
Q16. राष्ट्रीय विकास परिषद की एक वर्ष में कम से कम कितनी बैठकें होना प्रस्तावित था?
(a) एक वर्ष में कम से कम दो बार
(b) एक वर्ष में एक बार
(c) हर तीन महीने में
(d) कोई निश्चित सीमा नहीं थी
उत्तर: (a)
Q17. निम्नलिखित में से कौन सा कथन NDC के संबंध में सत्य है?
(a) यह एक संवैधानिक संस्था है।
(b) इसकी स्थापना संविधान के अनुच्छेद 263 के तहत हुई थी।
(c) यह पंचवर्षीय योजनाओं का अंतिम अनुमोदन करती थी।
(d) इसके अध्यक्ष भारत के राष्ट्रपति होते हैं।
उत्तर: (c)
Q18. राष्ट्रीय विकास परिषद के गठन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
(a) राज्यों में कानून व्यवस्था स्थापित करना
(b) योजना निर्माण में राज्यों का सहयोग और भागीदारी बढ़ाना
(c) विदेशी ऋण स्वीकृत करना
(d) केवल बजट पारित करना
उत्तर: (b)
Q19. केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि के रूप में NDC में कौन भाग लेता था?
(a) संसद सदस्य
(b) उपराज्यपाल या प्रशासक / मुख्यमंत्री
(c) मुख्य सचिव
(d) स्थानीय पुलिस आयुक्त
उत्तर: (b)
Q20. नीति आयोग के विजन दस्तावेज़ों को अंतिम स्वीकृति देने के लिए आधिकारिक रूप से NDC का विकल्प क्या बना है?
(a) नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल
(b) राष्ट्रीय आय परिषद
(c) अंतर-राज्यीय परिषद
(d) संसद
उत्तर: (a)
Q21. 'सुपर कैबिनेट' कहे जाने वाले निकाय (NDC) में कुल कितने स्तर का प्रतिनिधित्व था?
(a) केवल केंद्रीय स्तर
(b) केवल राज्य स्तर
(c) केंद्रीय एवं राज्यीय दोनों स्तरों का संयुक्त प्रतिनिधित्व
(d) केवल अंतर्राष्ट्रीय स्तर
उत्तर: (c)
9. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions - FAQs)
Q1. क्या राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) एक संवैधानिक संस्था है?
उत्तर: नहीं, NDC न तो संवैधानिक संस्था (Constitutional Body) है और न ही वैधानिक (Statutory Body)। यह केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव द्वारा गठित एक गैर-संवैधानिक एवं संविधानेत्तर परामर्शदात्री निकाय है।
Q2. राष्ट्रीय विकास परिषद और योजना आयोग में क्या अंतर था?
उत्तर: योजना आयोग का मुख्य कार्य पंचवर्षीय योजनाओं का प्रारूप (Draft) तैयार करना था, जबकि राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) उस तैयार प्रारूप पर विचार-विमर्श करके उसे अंतिम स्वीकृति (Final Approval) प्रदान करती थी।
Q3. NDC को 'सुपर कैबिनेट' क्यों कहा जाता था?
उत्तर: क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री, सभी केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और योजना आयोग के सदस्य शामिल होते थे। इनके द्वारा अनुमोदित नीतियों को व्यावहारिक रूप से संसद या राज्य विधानसभाओं द्वारा खारिज नहीं किया जा सकता था।
Q4. क्या वर्तमान में NDC अस्तित्व में है?
उत्तर: NDC को औपचारिक रूप से भंग नहीं किया गया है, लेकिन 2015 में नीति आयोग की शासी परिषद (Governing Council) के गठन के बाद से NDC का अस्तित्व केवल कागजी रह गया है और इसकी कोई बैठक नहीं होती है।
10. निष्कर्ष (Conclusion)
राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) ने भारतीय आर्थिक इतिहास में छह दशकों से भी अधिक समय तक एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसने न केवल पंचवर्षीय योजनाओं को अंतिम अनुमोदन प्रदान किया, बल्कि केंद्र और राज्यों के बीच लोकतांत्रिक संवाद और आर्थिक सहयोग का एक सशक्त मंच भी उपलब्ध कराया।
यद्यपि वर्तमान में नीति आयोग की शासी परिषद ने इसके अधिकांश कार्यों को संभाल लिया है, फिर भी भारतीय राजव्यवस्था, योजना प्रणाली और केंद्र-राज्य संबंधों को समझने के लिए NDC का इतिहास और इसकी कार्यप्रणाली अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए NDC से संबंधित तथ्य, संरचना और बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) परीक्षा में सफलता दिलाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।
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