संघ और उसका राज्य क्षेत्र (Union and its Territory) | भाग 1, अनुच्छेद 1 से 4 | Notes & 20+ PYQs
संघ और उसका राज्य क्षेत्र (Union and its Territory): प्रतियोगी परीक्षा के लिए सम्पूर्ण नोट्स
भारतीय संविधान का ढांचा भारत के भौगोलिक और राजनीतिक स्वरूप को निर्धारित करता है। संविधान का शुभारंभ ही इस बात की घोषणा के साथ होता है कि "भारत, अर्थात इंडिया, राज्यों का संघ होगा।" यह समझना प्रत्येक नागरिक और विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है कि भारत के राज्यों और संघ शासित प्रदेशों का गठन, सीमा परिवर्तन और पुनर्गठन किस प्रकार होता है।
यह लेख विशेष रूप से UPSC, State PSC (UPPSC, BPSC, MPPSC, RPSC), SSC CGL, Railway, Police SI और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया गया है। इस लेख में संविधान के भाग 1 (अनुच्छेद 1 से 4), राज्य पुनर्गठन आयोग (एस.के. धर, JVP समिति, फज़ल अली आयोग), राज्यों के पुनर्गठन का क्रमबद्ध इतिहास, महत्वपूर्ण टेबल, क्विक रिविजन नोट्स और 20 से अधिक पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs) विस्तार से शामिल किए गए हैं।
1. भाग 1: संघ और उसका राज्य क्षेत्र का परिचय
भारतीय संविधान के भाग I (Part 1) में भारत के नाम, उसकी सीमाओं और राज्य क्षेत्रों के पुनर्गठन के संबंध में मौलिक प्रावधान दिए गए हैं।
संवैधानिक स्थिति: भारतीय संविधान का भाग I
अनुच्छेद की सीमा: अनुच्छेद 1 से 4 तक।
संविधान की पहली अनुसूची (First Schedule): इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के नाम और उनके क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र का उल्लेख है।
वर्तमान स्थिति (2026 तक): भारत में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश (UTs) हैं।
2. अनुच्छेद 1 से 4 का विस्तृत विश्लेषण
| अनुच्छेद (Article) | विषय-वस्तु / प्रावधान (Provision) | मुख्य परीक्षा/प्रतियोगी तथ्य |
| अनुच्छेद 1 | संघ का नाम और राज्य क्षेत्र: "भारत, अर्थात इंडिया, राज्यों का संघ (Union of States) होगा।" | • संविधान सभा में देश के दो नाम (भारत और इंडिया) स्वीकार किए गए। • भारत एक 'अविनाशी संघ' (Indestructible Union) है जिसका राज्यों को अलग होने का अधिकार नहीं है। |
| अनुच्छेद 2 | नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना: संसद को ऐसे नए राज्यों को संघ में शामिल करने या स्थापित करने की शक्ति देता है जो पहले से भारत का हिस्सा नहीं थे। | • उदाहरण: 35वें और 36वें संविधान संशोधन (1974-75) द्वारा सिक्किम को भारत में शामिल करना। |
| अनुच्छेद 3 | नए राज्यों का निर्माण और वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन: संसद कानून बनाकर नए राज्य बना सकती है, सीमा बदल सकती है या नाम बदल सकती है। | • राज्य पुनर्गठन की शक्ति संसद में निहित है। • विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश से लाया जाता है। • संबंधित राज्य विधानमंडल की राय केवल सलाहकारी होती है, बाध्यकारी नहीं। |
| अनुच्छेद 4 | अनुच्छेद 2 और 3 के तहत बनाए गए कानून: अनुच्छेद 2 या 3 के तहत किया गया परिवर्तन संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत 'संविधान संशोधन' नहीं माना जाएगा। | • ऐसे कानून साधारण बहुमत (Simple Majority) और साधारण विधायी प्रक्रिया से पारित किए जा सकते हैं। |
3. 'भारत का राज्य क्षेत्र' बनाम 'भारत का संघ' (Territory of India vs Union of India)
प्रतियोगी परीक्षाओं में इन दो शब्दावलियों का सूक्ष्म अंतर बार-बार पूछा जाता है:
भारत का राज्य क्षेत्र (Territory of India): यह एक विस्तृत/व्यापक अवधारणा है। इसमें शामिल हैं:
(a) राज्यों के क्षेत्र
(b) संघ राज्य क्षेत्र (UTs)
(c) ऐसे क्षेत्र जो भविष्य में भारत सरकार द्वारा अर्जित किए जा सकते हैं (Acquired Territories)।
भारत का संघ (Union of India): यह एक संकुचित अवधारणा है। इसमें केवल वे राज्य शामिल हैं जो परिसंघीय व्यवस्था के सदस्य हैं और शक्तियों के विभाजन में भागीदार हैं (अर्थात केवल 28 राज्य)।
महत्वपूर्ण कथन: डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के अनुसार, भारत को 'राज्यों का संघ' (Union of States) इसलिए कहा गया क्योंकि:
भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है (जैसे अमेरिका में है)।
किसी भी राज्य को संघ से अलग होने का अधिकार (Right to Secede) नहीं है। इसलिए भारत "अविनाशी राज्यों का अविनाशी संघ" नहीं, बल्कि "विनाशी राज्यों का अविनाशी संघ" है।
4. क्या भारत अपनी सीमाएं विदेशी राष्ट्र को सौंप सकता है? (बेरुबारी वाद 1960)
एक महत्वपूर्ण प्रश्न यह उठा कि क्या अनुच्छेद 3 के तहत संसद किसी भारतीय भू-भाग को किसी विदेशी देश को सौंप सकती है?
बेरुबारी यूनियन मामला (1960): सर्वोच्च न्यायालय ने यह व्यवस्था दी कि संसद की अनुच्छेद 3 के तहत सीमाओं को बदलने की शक्ति में किसी भारतीय भू-भाग को विदेशी राज्य को सौंपने का अधिकार शामिल नहीं है।
समाधान: किसी भारतीय क्षेत्र को विदेशी राज्य को सौंपने के लिए अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन करना आवश्यक है। (इसीलिए 9वें संविधान संशोधन 1960 द्वारा बेरुबारी क्षेत्र पाकिस्तान को हस्तांतरित किया गया था)।
100वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 2015: इसके द्वारा भारत और बांग्लादेश के बीच भू-सीमा समझौते के तहत एन्क्लेव (Enclaves) का आदान-प्रदान किया गया।
5. राज्यों के पुनर्गठन से संबंधित प्रमुख आयोग और समितियां
1947 में स्वतंत्रता के बाद भाषा के आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की मांग तीव्र हो गई। इसके लिए कई आयोग गठित किए गए:
(A) एस.के. धर आयोग (Dhar Commission) - जून 1948
अध्यक्ष: एस.के. धर (इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश)।
सिफारिश: भाषा के आधार पर राज्यों के पुनर्गठन को अस्वीकार कर दिया और प्रशासनिक सुविधा को आधार बनाने का सुझाव दिया।
(B) JVP समिति - दिसंबर 1948
सदस्य: जवाहरलाल नेहरू, वल्लभभाई पटेल और पट्टाभि सीतारमैया।
रिपोर्ट (अप्रैल 1949): इन्होंने भी भाषाई आधार पर पुनर्गठन की मांग को खारिज कर दिया।
ऐतिहासिक घटना: पोट्टी श्रीरामुलु के 56 दिनों के आमरण अनशन के बाद मृत्यु होने पर अक्टूबर 1953 में भारत सरकार को भाषा के आधार पर पहला राज्य आंध्र प्रदेश (Andhra State) बनाना पड़ा।
(C) फज़ल अली आयोग / राज्य पुनर्गठन आयोग (1953)
अध्यक्ष: फज़ल अली।
अन्य सदस्य: के.एम. पणिक्कर और एच.एन. कुंज़रू।
सिफारिश: इन्होंने 'एक राज्य-एक भाषा' के सिद्धांत को खारिज किया, लेकिन व्यापक रूप से भाषाई पुनर्गठन की मांग को स्वीकार कर लिया।
परिणाम: राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 और 7वें संविधान संशोधन अधिनियम 1956 द्वारा मूल संविधान के चार भागों (भाग A, B, C, D) का विभाजन समाप्त कर 14 राज्य और 6 केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए।
6. 1956 के बाद बने नए राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की सूची (Chronological Order Table)
यह तालिका प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जहाँ सीधे वर्ष और गठन का क्रम पूछा जाता है:
| क्रम | राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | गठन का वर्ष | विवरण / संशोधन |
| 15वां | गुजरात | 1960 | बॉम्बे राज्य को विभाजित कर द्विभाषी महाराष्ट्र और गुजरात बनाए गए। |
| - | दादरा और नगर हवेली | 1961 | 10वें संविधान संशोधन द्वारा यूटी बनाया गया। |
| - | गोवा, दमन और दीव | 1962 | 12वें संविधान संशोधन द्वारा पुलिस कार्रवाई (ऑपरेशन विजय) के बाद यूटी बने। |
| 16वां | नागालैंड | 1963 | असम के नागा पहाड़ियों को अलग करके बनाया गया। |
| 17वां | हरियाणा | 1966 | शाह आयोग की सिफारिश पर पंजाब से अलग कर बना; चंडीगढ़ यूटी बना। |
| 18वां | हिमाचल प्रदेश | 1971 | यूटी से पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया। |
| 19वां | मणिपुर | 1972 | केंद्र शासित प्रदेश से पूर्ण राज्य बना। |
| 20वां | त्रिपुरा | 1972 | केंद्र शासित प्रदेश से पूर्ण राज्य बना। |
| 21वां | मेघालय | 1972 | 22वें संशोधन 1969 द्वारा पहले उप-राज्य बना, 1972 में पूर्ण राज्य बना। |
| 22वां | सिक्किम | 1975 | 35वें संशोधन (1974) से सम्बद्ध राज्य और 36वें संशोधन (1975) से पूर्ण राज्य। |
| 23वां | मिजोरम | 1987 | 53वें संशोधन द्वारा पूर्ण राज्य बना। |
| 24वां | अरुणाचल प्रदेश | 1987 | 55वें संशोधन द्वारा पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ। |
| 25वां | गोवा | 1987 | 56वें संशोधन द्वारा यूटी से पूर्ण राज्य बना (दमन व दीव यूटी बने रहे)। |
| 26वां | छत्तीसगढ़ | 1 नवंबर 2000 | मध्य प्रदेश से अलग होकर बना। |
| 27वां | उत्तराखंड | 9 नवंबर 2000 | उत्तर प्रदेश के पहाड़ी जिलों को अलग करके बना (पहले उत्तरांचल नाम था)। |
| 28वां | झारखंड | 15 नवंबर 2000 | बिहार से अलग होकर बना। |
| 29वां | तेलंगाना | 2 जून 2014 | आंध्र प्रदेश के पुनर्गठन अधिनियम 2014 द्वारा पृथक राज्य बना। |
| UT | जम्मू-कश्मीर व लद्दाख | 31 अक्टूबर 2019 | जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत दो अलग केंद्र शासित प्रदेश बने। |
| UT | दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव | 26 जनवरी 2020 | दोनों यूटी का आपस में विलय कर एक सिंगल यूटी बना दिया गया। |
7. Quick Revision Points (एक नज़र में महत्वपूर्ण तथ्य)
भाग: I (अनुच्छेद 1 - 4)
भारत का स्वरूप: राज्यों का संघ (Union of States)
भारत की प्रकृति: विनाशी राज्यों का अविनाशी संघ (Indestructible Union of Destructible States)
भाषा के आधार पर पहला राज्य: आंध्र प्रदेश (1 अक्टूबर 1953)
1956 में बने राज्य/यूटी: 14 राज्य और 6 केंद्र शासित प्रदेश
सिक्किम का विलय: 36वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1975
अनुच्छेद 3 का बहुमत: संसद में साधारण बहुमत (Simple Majority)
नाम में परिवर्तन: अनुच्छेद 3 के अंतर्गत संसद द्वारा
8. पिछली परीक्षाओं के महत्वपूर्ण प्रश्न (20+ MCQs with Detailed Solutions)
Q1. भारतीय संविधान के किस भाग में संघ और उसके राज्य क्षेत्र का उल्लेख है?
(a) भाग I
(b) भाग II
(c) भाग III
(d) भाग IV
उत्तर: (a)
व्याख्या: भारतीय संविधान के भाग I में अनुच्छेद 1 से 4 तक संघ और उसके राज्य क्षेत्र का वर्णन है।
Q2. संविधान का अनुच्छेद 1 भारत को क्या घोषित करता है?
(a) राज्यों का परिसंघ
(b) राज्यों का संघ (Union of States)
(c) एकात्मक राज्य
(d) संघीय राज्य
उत्तर: (b)
व्याख्या: अनुच्छेद 1(1) स्पष्ट कहता है कि "भारत, अर्थात इंडिया, राज्यों का संघ होगा।"
Q3. भाषाई आधार पर गठित होने वाला भारत का पहला राज्य कौन सा था?
(a) तमिलनाडु
(b) आंध्र प्रदेश
(c) गुजरात
(d) महाराष्ट्र
उत्तर: (b)
व्याख्या: 1 अक्टूबर 1953 को तेलुगु भाषी क्षेत्र के लिए आंध्र प्रदेश राज्य का गठन किया गया था।
Q4. नए राज्य के निर्माण या उसकी सीमा में परिवर्तन करने की शक्ति किसके पास निहित है?
(a) राष्ट्रपति
(b) प्रधानमंत्री
(c) संसद
(d) राज्य विधानमंडल
उत्तर: (c)
व्याख्या: अनुच्छेद 3 के तहत केवल संसद को कानून बनाकर नए राज्य बनाने या सीमाएं बदलने की शक्ति प्राप्त है।
Q5. एस.के. धर आयोग का गठन किस उद्देश्य के लिए किया गया था?
(a) केंद्र-राज्य संबंधों की जांच
(b) भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की औचित्य जांच
(c) मूल अधिकारों का पुनरीक्षण
(d) प्रशासनिक सुधार
उत्तर: (b)
व्याख्या: जून 1948 में एस.के. धर की अध्यक्षता में भाषाई प्रांत आयोग गठित किया गया था।
Q6. राज्य पुनर्गठन आयोग (1953) के अध्यक्ष कौन थे?
(a) के.एम. पणिक्कर
(b) एच.एन. कुंज़रू
(c) फज़ल अली
(d) एम.सी. महाजन
उत्तर: (c)
व्याख्या: दिसंबर 1953 में गठित तीन सदस्यीय आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति फज़ल अली थे।
Q7. 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम द्वारा कितने राज्य और केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए?
(a) 14 राज्य और 6 यूटी
(b) 15 राज्य और 5 यूटी
(c) 16 राज्य और 7 यूटी
(d) 18 राज्य और 8 यूटी
उत्तर: (a)
व्याख्या: 1 नवंबर 1956 को 14 राज्य और 6 केंद्र शासित प्रदेश अस्तित्व में आए।
Q8. किस संविधान संशोधन द्वारा सिक्किम को भारत का पूर्ण राज्य बनाया गया?
(a) 34वां संशोधन
(b) 35वां संशोधन
(c) 36वां संशोधन
(d) 38वां संशोधन
उत्तर: (c)
व्याख्या: 36वें संविधान संशोधन अधिनियम 1975 के तहत सिक्किम भारत का 22वां पूर्ण राज्य बना।
Q9. संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत किसी राज्य के पुनर्गठन संबंधी विधेयक को संसद में पेश करने से पूर्व किसकी सहमति आवश्यक है?
(a) संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री
(b) सम्बंधित राज्य के राज्यपाल
(c) भारत के राष्ट्रपति
(d) राज्यसभा के सभापति
उत्तर: (c)
व्याख्या: ऐसे विधेयक केवल राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश पर ही संसद में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
Q10. किस वर्ष गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया गया?
(a) 1961
(b) 1975
(c) 1987
(d) 2000
उत्तर: (c)
व्याख्या: 56वें संविधान संशोधन द्वारा 1987 में गोवा को 25वें राज्य के रूप में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।
Q11. अनुच्छेद 2 के तहत विदेशी भू-भाग को भारत में शामिल करने की शक्ति किसे प्राप्त है?
(a) सर्वोच्च न्यायालय
(b) संसद
(c) गृह मंत्रालय
(d) राष्ट्रपति
उत्तर: (b)
व्याख्या: अनुच्छेद 2 संसद को नए राज्यों के प्रवेश या स्थापना की शक्ति देता है।
Q12. तेलंगाना राज्य का औपचारिक गठन किस तिथि को हुआ था?
(a) 1 नवंबर 2000
(b) 2 जून 2014
(c) 31 अक्टूबर 2019
(d) 15 नवंबर 2014
उत्तर: (b)
व्याख्या: तेलंगाना 2 जून 2014 को भारत का 29वां (वर्तमान में 28वां) राज्य बना।
Q13. वर्ष 2000 में मध्य प्रदेश से अलग करके किस राज्य का गठन किया गया?
(a) उत्तराखंड
(b) झारखंड
(c) छत्तीसगढ़
(d) तेलंगाना
उत्तर: (c)
व्याख्या: 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से पृथक कर छत्तीसगढ़ (26वां राज्य) बनाया गया।
Q14. किस ऐतिहासिक मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि भारतीय क्षेत्र को विदेशी राज्य को सौंपने के लिए अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन अनिवार्य है?
(a) केसवानंद भारती वाद
(b) बेरुबारी यूनियन वाद (1960)
(c) गोलकनाथ वाद
(d) मिनर्वा मिल्स वाद
उत्तर: (b)
व्याख्या: बेरुबारी मामले (1960) में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 3 सीमा सौंपने की अनुमति नहीं देता, इसके लिए संशोधन चाहिए।
Q15. 100वां संविधान संशोधन अधिनियम (2015) किससे संबंधित है?
(a) जीएसटी (GST)
(b) राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग
(c) भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझौता
(d) पिछड़ा वर्ग आयोग
उत्तर: (c)
व्याख्या: 100वें संशोधन द्वारा भारत और बांग्लादेश के बीच एन्claves का आदान-प्रदान किया गया था।
Q16. JVP समिति में कौन शामिल नहीं था?
(a) जवाहरलाल नेहरू
(b) वल्लभभाई पटेल
(c) पट्टाभि सीतारमैया
(d) जगजीवन राम
उत्तर: (d)
व्याख्या: JVP समिति में नेहरू, पटेल और सीतारमैया (J-V-P) शामिल थे।
Q17. भारतीय संघ को "विनाशी राज्यों का अविनाशी संघ" क्यों कहा जाता है?
(a) क्योंकि राज्यों की सीमाएं संसद बदल सकती है परंतु संघ को नष्ट नहीं किया जा सकता
(b) क्योंकि राज्य अपनी इच्छा से अलग हो सकते हैं
(c) क्योंकि केंद्र और राज्य दोनों का विनाश हो सकता है
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (a)
व्याख्या: संसद अनुच्छेद 3 द्वारा किसी भी राज्य का नाम, क्षेत्र या सीमा बदल सकती है, लेकिन राज्यों को संघ से अलग होने का अधिकार नहीं है।
Q18. जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम किस वर्ष लागू हुआ?
(a) 2014
(b) 2018
(c) 2019
(d) 2020
उत्तर: (c)
व्याख्या: यह अधिनियम 31 अक्टूबर 2019 से प्रभावी हुआ, जिससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो यूटी बने।
Q19. अनुच्छेद 4 के अनुसार, अनुच्छेद 2 एवं 3 के अंतर्गत बनाए गए कानून पारित होते हैं:
(a) दो-तिहाई बहुमत से
(b) विशेष बहुमत एवं राज्यों के अनुमोदन से
(c) साधारण बहुमत (Simple Majority) से
(d) राष्ट्रपति के विशेष अध्यादेश से
उत्तर: (c)
व्याख्या: अनुच्छेद 4 स्पष्ट करता है कि ऐसे कानूनों को अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन नहीं माना जाता और ये साधारण बहुमत से पारित होते हैं।
Q20. वर्तमान समय में (2026 में) भारत में कुल कितने राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं?
(a) 29 राज्य और 7 यूटी
(b) 28 राज्य और 8 यूटी
(c) 28 राज्य और 9 यूटी
(d) 29 राज्य और 8 यूटी
उत्तर: (b)
व्याख्या: वर्तमान में भारत में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं।
Q21. दादरा व नगर हवेली तथा दमन व दीव का विलय किस तिथि से प्रभावी हुआ?
(a) 31 अक्टूबर 2019
(b) 26 जनवरी 2020
(c) 15 अगस्त 2020
(d) 2 अक्टूबर 2019
उत्तर: (b)
व्याख्या: इन दोनों यूटी के विलय का कानून 26 जनवरी 2020 से लागू हुआ।
9. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions - FAQs)
Q1. क्या संसद किसी राज्य का नाम या सीमा उसकी सहमति के बिना बदल सकती है?
उत्तर: हाँ, संसद राष्ट्रपति के माध्यम से संबंधित राज्य विधानमंडल को राय के लिए विधेयक भेजती है, लेकिन राज्य विधानमंडल की राय संसद पर बाध्यकारी नहीं होती। संसद राज्य की असहमति के बावजूद सीमा या नाम बदल सकती है।
Q2. अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 में मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर:
अनुच्छेद 2: उन क्षेत्रों से संबंधित है जो वर्तमान में भारत के राज्य क्षेत्र का हिस्सा नहीं हैं (नए विदेशी भू-भागों का प्रवेश)।
अनुच्छेद 3: उन क्षेत्रों के आंतरिक पुनर्गठन से संबंधित है जो पहले से ही भारत के राज्य क्षेत्र का हिस्सा हैं।
Q3. "भारत राज्यों का संघ है" इसका कानूनी अर्थ क्या है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि भारत विभिन्न राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है और किसी भी राज्य को भारतीय संघ से पृथक (अलग) होने का कोई अधिकार प्राप्त नहीं है।
Q4. नए राज्य के गठन के लिए संसद में किस प्रकार के बहुमत की आवश्यकता होती है?
उत्तर: नए राज्य के गठन या नाम/सीमा परिवर्तन के लिए संसद में केवल साधारण बहुमत (Simple Majority) की आवश्यकता होती है, विशेष बहुमत की नहीं।
10. निष्कर्ष (Conclusion)
भारतीय संविधान का भाग 1 (अनुच्छेद 1 से 4) भारत की अखंडता और उसकी भौगोलिक सीमाओं का कानूनी ढांचा प्रस्तुत करता है। संविधान निर्माताओं ने एक ऐसी व्यवस्था का निर्माण किया जो समय और परिस्थितियों के अनुसार नए राज्यों का गठन और सीमाओं का पुनर्गठन सुगमता से कर सके।
प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से राज्यों के पुनर्गठन का कालक्रम (1956 से वर्तमान तक), संबंधित आयोग (धर आयोग, JVP समिति, फज़ल अली आयोग) और अनुच्छेद 1 से 4 के सूक्ष्म वैधानिक अर्थ अत्यधिक प्रासंगिक हैं। इस लेख में दी गई तालिकाएँ और MCQs का अध्ययन करके अभ्यर्थी संघ और उसके राज्य क्षेत्र विषय पर पूर्ण दक्षता प्राप्त कर सकते हैं।
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