संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं (Part 14) | अनुच्छेद 308-323 | Complete Notes & 20+ PYQs

संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं (Services Under the Union and the States): संविधान भाग 14 - प्रतियोगी परीक्षा के लिए सम्पूर्ण नोट्स


भारतीय संविधान का भाग 14 (Part 14) देश की लोक सेवाओं और प्रशासनिक ढांचे की रीढ़ है। भारत जैसे विशाल और लोकतांत्रिक देश में नीतियों के निर्माण के साथ-साथ उनका निष्पक्ष एवं प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। इस गुरुतर दायित्व का निर्वहन लोक सेवकों (Civil Servants) द्वारा किया जाता है, जिन्हें अक्सर "स्टील फ्रेम ऑफ इंडिया" (Steel Frame of India) कहा जाता है।

यह लेख विशेष रूप से UPSC, State PSC (UPPSC, BPSC, MPPSC, RPSC, JPSC, CGPSC), SSC CGL, Railway, Police SI और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए तैयार किया गया है। इस संपूर्ण गाइड में भारतीय संविधान के भाग 14 (अनुच्छेद 308 से 323), अखिल भारतीय सेवाओं का गठन, प्रसाद का सिद्धांत (Doctrine of Pleasure), लोक सेवा आयोग (UPSC एवं State PSC) की संरचना एवं कार्य, क्विक रिविजन नोट्स और 20 से अधिक पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs) विस्तार से शामिल किए गए हैं।

1. संविधान भाग 14 का संवैधानिक ढांचा एवं परिचय

भारतीय संविधान का भाग 14 कुल 16 अनुच्छेदों में समाहित है—अनुच्छेद 308 से अनुच्छेद 323 तक। इसे मुख्य रूप से दो अध्यायों (Chapters) में विभाजित किया गया है:

  1. अध्याय 1 (अनुच्छेद 308-314): सेवाएं (Services) - इसके अंतर्गत लोक सेवाओं के भर्ती नियम, पदावधि, संरक्षण और अखिल भारतीय सेवाओं के गठन से संबंधित प्रावधान हैं।

  2. अध्याय 2 (अनुच्छेद 315-323): लोक सेवा आयोग (Public Service Commissions) - इसके अंतर्गत संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) और संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग (JSPSC) के गठन, सदस्यों की नियुक्ति, निष्कासन और कार्यों का उल्लेख है।

2. भाग 14 के प्रमुख अनुच्छेदों की मास्टर तालिका (Master Article Table)

प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अनुच्छेद 308 से 323 का संपूर्ण विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:

अनुच्छेद (Article)विषय-वस्तु (Subject Matter)परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
अनुच्छेद 308निर्वचन (Interpretation)यह स्पष्ट करता है कि भाग 14 के प्रावधान जम्मू-कश्मीर (वर्तमान संदर्भ में केंद्र शासित प्रदेश) या विशिष्ट राज्यों के संदर्भ में कैसे लागू होंगे।
अनुच्छेद 309लोक सेवकों की भर्ती और सेवा शर्तेंसंसद और राज्य विधानमंडलों को क्रमशः संघ और राज्यों के अधीन लोक सेवाओं में भर्ती व सेवा शर्तों को विनियमित करने का अधिकार।
अनुच्छेद 310संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की पदावधिप्रसाद का सिद्धांत (Doctrine of Pleasure): संघ के सेवक राष्ट्रपति के और राज्य के सेवक राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं।
अनुच्छेद 311लोक सेवकों को बर्खास्तगी, हटाने या अवनत करने के विरुद्ध संवैधानिक संरक्षणलोक सेवकों को बिना जांच और सुनवाई का अवसर दिए बर्खास्त या पदच्युत नहीं किया जा सकता।
अनुच्छेद 312अखिल भारतीय सेवाएं (All-India Services - AIS)राज्यसभा की विशेष शक्ति: राज्यसभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के 2/3 बहुमत से प्रस्ताव पारित कर नई अखिल भारतीय सेवा का सृजन कर सकती है।
अनुच्छेद 312Aकुछ सेवाओं के अधिकारियों की सेवा शर्तों में परिवर्तन करने की संसद की शक्ति28वें संविधान संशोधन (1972) द्वारा जोड़ा गया।
अनुच्छेद 313संक्रमणकालीन उपबंध (Transitional Provisions)संविधान लागू होने से पूर्व के कानूनों का लागू रहना।
अनुच्छेद 314कुछ सेवाओं के विद्यमान अधिकारियों के संरक्षण के लिए उपबंध (निरसित)28वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1972 द्वारा निरसित (Repealed)।
अनुच्छेद 315संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोगसंघ के लिए UPSC और प्रत्येक राज्य के लिए SPSC के गठन का प्रावधान।
अनुच्छेद 316सदस्यों की नियुक्ति और पदावधिUPSC/JSPSC सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा तथा SPSC सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा।
अनुच्छेद 317लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य का हटाया जाना या निलंबित किया जानासदस्यों को केवल दाचार (Misbehaviour) के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय की जांच के पश्चात राष्ट्रपति द्वारा ही हटाया जा सकता है।
अनुच्छेद 318आयोग के सदस्यों और कर्मचारियों की सेवा शर्तों हेतु नियम बनाने की शक्तिसंघ के संदर्भ में राष्ट्रपति और राज्य के संदर्भ में राज्यपाल को शक्ति प्राप्त है।
अनुच्छेद 319आयोग के सदस्यों द्वारा ऐसे सदस्य न रहने पर पद धारण करने पर प्रतिषेधसेवामुक्त होने के बाद सरकारी नियोजन (Government Employment) में पुनर्नियोजन पर रोक।
अनुच्छेद 320लोक सेवा आयोगों के कृत्य (Functions)परीक्षाओं का संचालन करना, नियुक्तियों और पदोन्नति पर सरकार को परामर्श देना।
अनुच्छेद 321लोक सेवा आयोगों के कृत्यों का विस्तार करने की शक्तिसंसद (UPSC हेतु) और राज्य विधानमंडल (SPSC हेतु) आयोग के कार्यों में विस्तार कर सकते हैं।
अनुच्छेद 322लोक सेवा आयोगों के व्यय (Expenses)UPSC का खर्च भारत की संचित निधि पर और SPSC का खर्च राज्य की संचित निधि पर भारित (Charged) होता है।
अनुच्छेद 323लोक सेवा आयोगों के प्रतिवेदन (Reports)UPSC अपनी वार्षिक रिपोर्ट राष्ट्रपति को और SPSC अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपता है।

3. भारतीय लोक सेवाओं का वर्गीकरण (Classification of Civil Services)

भारतीय प्रशासनिक संरचना में लोक सेवाओं को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है:

                  ┌──────────────────────┐
                  │   भारतीय लोक सेवाओं का वर्गीकरण      │
                  └──────┬───────────────┘
                                     │
         ┌──────────┼───────────┐
▼ ▼ ▼ ┌─────────┐ ┌────────┐┌───────────┐ │ अखिल भारतीय │ │ केंद्रीय सेवाएं │ │ राज्य सेवाएं │ │ सेवाएं (AIS) │ │ (Central) │ │ (State Services) │ └─────────┘ └────────┘ └───────────┘

1. अखिल भारतीय सेवाएं (All-India Services - AIS)

ये वे सेवाएं हैं जो केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के लिए समान होती हैं। इनके सदस्यों की भर्ती और प्रशिक्षण केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है, परंतु वे राज्यों के कैडर में तैनात होते हैं।

  • भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)

  • भारतीय पुलिस सेवा (IPS)

  • भारतीय वन सेवा (IFoS) – इसे 1966 में तीसरी अखिल भारतीय सेवा के रूप में जोड़ा गया था।

2. केंद्रीय सेवाएं (Central Services)

इन सेवाओं के अधिकारी केवल केंद्र सरकार के अधीन कार्य करते हैं।

  • उदाहरण: भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय राजस्व सेवा (IRS), भारतीय डाक सेवा, रेलवे सेवाएं आदि। (इनमें समूह 'क', 'ख', 'ग' और 'घ' की सेवाएं शामिल हैं)।

3. राज्य सेवाएं (State Services)

इन सेवाओं के अधिकारी पूरी तरह से संबंधित राज्य सरकार के नियंत्रण में कार्य करते हैं।

  • उदाहरण: प्रांतीय सिविल सेवा (PCS), प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS), वाणिज्यिक कर अधिकारी, तहसीलदार आदि।

4. महत्वपूर्ण संवैधानिक सिद्धांत और सुरक्षा कवच

(A) प्रसाद का सिद्धांत (Doctrine of Pleasure - Article 310)

ब्रिटिश संवैधानिक परंपरा से लिया गया यह सिद्धांत भारत में लागू है, जिसके अनुसार:

  • संघ के अधीन सिविल पद धारण करने वाला व्यक्ति राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (At the pleasure of the President) पद धारण करता है।

  • राज्य के अधीन सिविल पद धारण करने वाला व्यक्ति राज्यपाल के प्रसादपर्यंत (At the pleasure of the Governor) पद धारण करता है।

(B) लोक सेवकों को संवैधानिक संरक्षण (Constitutional Safeguards - Article 311)

अनुच्छेद 310 निरंकुश न हो जाए, इसलिए अनुच्छेद 311 लोक सेवकों को दो महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है:

  1. प्राधिकारी का नियम (Rule of Authority): किसी भी सिविल सेवक को उस प्राधिकारी से अधीनस्थ (Lower) किसी प्राधिकारी द्वारा बर्खास्त या पदच्युत नहीं किया जाएगा जिसने उसकी नियुक्ति की थी।

  2. प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत (Rule of Natural Justice): किसी भी सिविल सेवक को तब तक पदच्युत, बर्खास्त या अवनत (Dismissed, Removed or Reduced in Rank) नहीं किया जाएगा जब तक कि उसे अपने विरुद्ध लगे आरोपों की जांच में सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर (Reasonable Opportunity of Being Heard) न दे दिया गया हो।

अनुच्छेद 311 के अपवाद (Exceptions):

निम्नलिखित तीन स्थितियों में बिना जांच/सुनवाई के भी सिविल सेवक को हटाया जा सकता है:

  • यदि व्यक्ति को आपराधिक मामले में सजा (Conviction on a Criminal Charge) सुनाई गई हो।

  • यदि बर्खास्त करने वाले प्राधिकारी का यह समाधान हो जाए कि जांच कराना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।

  • यदि राष्ट्रपति या राज्यपाल का यह समाधान हो जाए कि राज्य की सुरक्षा के हित में जांच कराना समीचीन नहीं है।

5. संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग (UPSC vs SPSC vs JSPSC)

प्रतियोगी परीक्षाओं में UPSC, SPSC और संयुक्त आयोग के बीच तुलनात्मक अंतर से संबंधित प्रश्न बहुतायत में पूछे जाते हैं:

तुलना का आधारसंघ लोक सेवा आयोग (UPSC)राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC)संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग (JSPSC)
प्रकृतिसंवैधानिक निकाय (Art. 315)संवैधानिक निकाय (Art. 315)वैधानिक निकाय (Statutory Body - संसद के अधिनियम द्वारा निर्मित)
नियुक्तिराष्ट्रपति द्वाराराज्यपाल द्वाराराष्ट्रपति द्वारा
कार्यकाल6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो)6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो)6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो)
त्यागपत्रराष्ट्रपति कोराज्यपाल कोराष्ट्रपति को
हटाने की प्रक्रियासर्वोच्च न्यायालय की जांच के बाद केवल राष्ट्रपति द्वाराकेवल राष्ट्रपति द्वारा (राज्यपाल केवल निलंबित कर सकता है)केवल राष्ट्रपति द्वारा
वार्षिक रिपोर्टराष्ट्रपति कोराज्यपाल कोसंबंधित राज्यों के राज्यपालों को

6. Quick Revision Points (एक नज़र में महत्वपूर्ण तथ्य)

  • संविधान का भाग: भाग 14 (Part XIV)।

  • संबंधित अनुच्छेद: अनुच्छेद 308 से 323 तक।

  • भारत में नागरिक सेवाओं का जनक: लॉर्ड कॉर्नवालिस (Lord Cornwallis)।

  • आधुनिक अखिल भारतीय सेवाओं के जनक: सरदार वल्लभभाई पटेल।

  • नई अखिल भारतीय सेवा का सृजन: केवल राज्यसभा अनुच्छेद 312 के तहत 2/3 बहुमत से प्रस्ताव पारित कर कर सकती है।

  • प्रसाद का सिद्धांत: अनुच्छेद 310 (राष्ट्रपति/राज्यपाल के प्रसादपर्यंत)।

  • संवैधानिक सुरक्षा कवच: अनुच्छेद 311 (प्राकृतिक न्याय एवं सुनवाई का अधिकार)।

  • तीसरी अखिल भारतीय सेवा: भारतीय वन सेवा (IFoS - 1966 में गठित)।

  • UPSC अध्यक्ष व सदस्यों को हटाना: केवल राष्ट्रपति द्वारा, सर्वोच्च न्यायालय की जांच (अनुच्छेद 145 के तहत) के पश्चात कदाचार सिद्ध होने पर (Art. 317)।

  • SPSC सदस्य की सेवानिवृत्ति आयु: 62 वर्ष (41वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा 60 से बढ़ाकर 62 की गई)।

7. पिछली परीक्षाओं के महत्वपूर्ण प्रश्न (20+ MCQs with Detailed Solutions)

Q1. भारतीय संविधान का भाग 14 किससे संबंधित है?

(a) संघ और राज्यों के बीच संबंध

(b) संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं

(c) अधिकरण (Tribunals)

(d) आपातकालीन प्रावधान

उत्तर: (b)

व्याख्या: भारतीय संविधान का भाग 14 (अनुच्छेद 308 से 323) संघ और राज्यों के अधीन लोक सेवाओं तथा लोक सेवा आयोगों से संबंधित है।

Q2. भारत में 'सिविल सेवाओं का जनक' (Father of Civil Services) किसे माना जाता है?

(a) लॉर्ड माउंटबेटन

(b) लॉर्ड कॉर्नवालिस

(c) वारेन हेस्टिंग्स

(d) लॉर्ड डलहौजी

उत्तर: (b)

व्याख्या: ब्रिटिश भारत में प्रशासनिक सेवाओं की नींव रखने और उन्हें संगठित करने के कारण लॉर्ड कॉर्नवालिस को भारत में सिविल सेवाओं का जनक कहा जाता है।

Q3. स्वतंत्र भारत में 'अखिल भारतीय सेवाओं का जनक' किसे कहा जाता है?

(a) पंडित जवाहरलाल नेहरू

(b) डॉ. बी.आर. अम्बेडकर

(c) सरदार वल्लभभाई पटेल

(d) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

उत्तर: (c)

व्याख्या: सरदार वल्लभभाई पटेल ने स्वतंत्रता के बाद अखिल भारतीय सेवाओं को बनाए रखने और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

Q4. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत नई अखिल भारतीय सेवा (All-India Service) का सृजन किया जा सकता है?

(a) अनुच्छेद 310

(b) अनुच्छेद 311

(c) अनुच्छेद 312

(d) अनुच्छेद 315

उत्तर: (c)

व्याख्या: अनुच्छेद 312 के तहत यदि राज्यसभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित कर दे, तो संसद कानून बनाकर नई अखिल भारतीय सेवा का सृजन कर सकती है।

Q5. निम्नलिखित में से कौन सी एक अखिल भारतीय सेवा (AIS) नहीं है?

(a) भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)

(b) भारतीय पुलिस सेवा (IPS)

(c) भारतीय वन सेवा (IFoS)

(d) भारतीय विदेश सेवा (IFS)

उत्तर: (d)

व्याख्या: भारतीय विदेश सेवा (IFS) एक 'केंद्रीय सेवा' (Central Service) है, न कि अखिल भारतीय सेवा। भारत में केवल तीन अखिल भारतीय सेवाएं हैं: IAS, IPS और IFoS।

Q6. भारतीय वन सेवा (IFoS) को किस वर्ष तीसरी अखिल भारतीय सेवा के रूप में स्थापित किया गया था?

(a) 1950

(b) 1956

(c) 1966

(d) 1972

उत्तर: (c)

व्याख्या: अखिल भारतीय सेवाएं अधिनियम, 1951 में संशोधन करके 1966 में भारतीय वन सेवा को तीसरी अखिल भारतीय सेवा के रूप में जोड़ा गया था।

Q7. 'प्रसाद का सिद्धांत' (Doctrine of Pleasure) भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में वर्णित है?

(a) अनुच्छेद 309

(b) अनुच्छेद 310

(c) अनुच्छेद 311

(d) अनुच्छेद 312

उत्तर: (b)

व्याख्या: अनुच्छेद 310 के अनुसार, संघ के लोक सेवक राष्ट्रपति के और राज्य के लोक सेवक राज्यपाल के प्रसादपर्यंत अपने पद पर बने रहते हैं।

Q8. लोक सेवकों को बर्खास्तगी या अवनति से संवैधानिक संरक्षण किस अनुच्छेद द्वारा प्रदान किया जाता है?

(a) अनुच्छेद 309

(b) अनुच्छेद 311

(c) अनुच्छेद 315

(d) अनुच्छेद 320

उत्तर: (b)

व्याख्या: अनुच्छेद 311 लोक सेवकों को बिना जांच और सुनवाई का उचित अवसर दिए बिना बर्खास्त किए जाने से संवैधानिक सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

Q9. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति कौन करता है?

(a) भारत के प्रधानमंत्री

(b) भारत के राष्ट्रपति

(c) भारत के मुख्य न्यायाधीश

(d) संघ गृह मंत्री

उत्तर: (b)

व्याख्या: अनुच्छेद 316(1) के तहत UPSC के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

Q10. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सदस्यों का कार्यकाल कितना होता है?

(a) 5 वर्ष या 62 वर्ष की आयु

(b) 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु

(c) 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु

(d) 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु

उत्तर: (c)

व्याख्या: अनुच्छेद 316(2) के तहत UPSC के सदस्य 6 वर्ष की अवधि या 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक (जो भी पहले हो) पद धारण करते हैं।

Q11. राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति कौन करता है?

(a) भारत के राष्ट्रपति

(b) राज्य का राज्यपाल

(c) राज्य का मुख्यमंत्री

(d) राज्य विधानमंडल का अध्यक्ष

उत्तर: (b)

व्याख्या: अनुच्छेद 316(1) के अनुसार SPSC के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है।

Q12. राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के सदस्यों को उनके पद से हटाने का अधिकार किसे प्राप्त है?

(a) राज्य के राज्यपाल को

(b) संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय को

(c) केवल भारत के राष्ट्रपति को

(d) राज्य के मुख्यमंत्री को

उत्तर: (c)

व्याख्या: यद्यपि SPSC सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल करता है, परंतु उन्हें हटाने की शक्ति केवल राष्ट्रपति के पास (सर्वोच्च न्यायालय की जांच रिपोर्ट के बाद) होती है।

Q13. किस संविधान संशोधन द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई थी?

(a) 24वां संविधान संशोधन, 1971

(b) 41वां संविधान संशोधन, 1976

(c) 42वां संविधान संशोधन, 1976

(d) 44वां संविधान संशोधन, 1978

उत्तर: (b)

व्याख्या: 41वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा SPSC और JSPSC के सदस्यों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई थी।

Q14. संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग (JSPSC) का गठन किसके द्वारा किया जाता है?

(a) संबंधित राज्यों के राज्यपालों के समझौते से

(b) संबंधित राज्य विधानमंडलों के संकल्प पर संसद के अधिनियम द्वारा

(c) राष्ट्रपति के अध्यादेश द्वारा

(d) नीति आयोग के आदेश से

उत्तर: (b)

व्याख्या: JSPSC एक वैधानिक (Statutory) निकाय है जिसका गठन दो या अधिक राज्यों के संकल्प पारित करने पर संसद के कानून द्वारा किया जाता है।

Q15. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) अपनी वार्षिक कार्य रिपोर्ट (Annual Report) किसे सौंपता है?

(a) भारत के प्रधानमंत्री को

(b) संसद के दोनों सदनों को

(c) भारत के राष्ट्रपति को

(d) केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को

उत्तर: (c)

व्याख्या: अनुच्छेद 323(1) के अनुसार UPSC अपनी वार्षिक कार्य रिपोर्ट राष्ट्रपति को प्रस्तुत करता है, जिसे राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाते हैं।

Q16. UPSC के व्यय (Expenses) एवं पेंशन किस पर भारित (Charged) होते हैं?

(a) भारत की आकस्मिकता निधि पर

(b) भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) पर

(c) भारत के लोक लेखा पर

(d) केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के बजट पर

उत्तर: (b)

व्याख्या: अनुच्छेद 322 के तहत UPSC के अध्यक्ष, सदस्यों व कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और पेंशन भारत की संचित निधि पर भारित होते हैं, जिस पर संसद में मतदान नहीं होता।

Q17. क्या UPSC का अध्यक्ष पदमुक्त होने के बाद भारत सरकार या राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य नियोजन (Employment) का पात्र होता है?

(a) हाँ, राष्ट्रपति की अनुमति से

(b) हाँ, केवल राज्यपाल के पद पर

(c) नहीं, वह किसी भी सरकारी नियोजन का पात्र नहीं होता

(d) हाँ, केवल नीति आयोग में

उत्तर: (c)

व्याख्या: अनुच्छेद 319 के अनुसार, निष्पक्षता बनाए रखने के लिए UPSC का अध्यक्ष सेवानिवृत्ति के पश्चात भारत सरकार या राज्य सरकार के अधीन किसी भी पद पर पुनर्नियोजन के लिए अपात्र होता है।

Q18. संविधान का कौन सा अनुच्छेद लोक सेवा आयोगों के कृत्यों (Functions) से संबंधित है?

(a) अनुच्छेद 318

(b) अनुच्छेद 319

(c) अनुच्छेद 320

(d) अनुच्छेद 321

उत्तर: (c)

व्याख्या: अनुच्छेद 320 लोक सेवा आयोगों के कार्यों और जिम्मेदारियों (जैसे परीक्षाएं आयोजित करना, परामर्श देना आदि) का विस्तार से वर्णन करता है।

Q19. लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को 'कदाचार' (Misbehaviour) के आधार पर हटाने के लिए जांच कौन करता है?

(a) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI)

(b) भारत का सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court)

(c) संसद की संयुक्त समिति

(d) केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC)

उत्तर: (b)

व्याख्या: अनुच्छेद 317 के तहत कदाचार के आरोप पर राष्ट्रपति द्वारा मामला सर्वोच्च न्यायालय को भेजा जाता है। अनुच्छेद 145 के तहत जांच सही पाए जाने पर ही राष्ट्रपति सदस्य को हटाते हैं।

Q20. अनुच्छेद 309 के अनुसार लोक सेवकों की भर्ती और सेवा शर्तों को विनियमित करने का कानून बनाने का अधिकार किसे प्राप्त है?

(a) केवल राष्ट्रपति और राज्यपाल को

(b) उपयुक्त विधानमंडल को (संसद एवं राज्य विधानमंडल)

(c) केवल UPSC को

(d) केंद्रीय मंत्रिमंडल को

उत्तर: (b)

व्याख्या: अनुच्छेद 309 संसद (संघ की सेवाओं के लिए) और राज्य विधानमंडलों (राज्य की सेवाओं के लिए) को भर्ती और सेवा शर्तों हेतु नियम व कानून बनाने का अधिकार देता है।

Q21. 'ली कमीशन' (Lee Commission - 1923) की सिफारिशों के आधार पर भारत में पहली बार लोक सेवा आयोग की स्थापना किस वर्ष की गई थी?

(a) 1919

(b) 1926

(c) 1935

(d) 1947

उत्तर: (b)

व्याख्या: ली कमीशन की सिफारिश पर 1 अक्टूबर 1926 को भारत में 'केंद्रीय लोक सेवा आयोग' (Central Public Service Commission) की स्थापना की गई थी, जिसके प्रथम अध्यक्ष सर रॉस बार्कर (Sir Ross Barker) थे।

8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions - FAQs)

Q1. अखिल भारतीय सेवाएं (AIS) क्या होती हैं?

उत्तर: अखिल भारतीय सेवाएं वे सेवाएं हैं जो केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के लिए समान होती हैं। इनके अधिकारियों की भर्ती केंद्र सरकार (UPSC) द्वारा की जाती है, परंतु वे विभिन्न राज्यों (कैडर) में सेवाएं देते हैं। वर्तमान में IAS, IPS और IFoS तीन अखिल भारतीय सेवाएं हैं।

Q2. नई अखिल भारतीय सेवा का गठन कौन कर सकता है?

उत्तर: अनुच्छेद 312 के तहत नई अखिल भारतीय सेवा का गठन करने का विशेष अधिकार राज्यसभा के पास है। राज्यसभा यदि उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के 2/3 बहुमत से संकल्प पारित करती है, तो संसद कानून बनाकर नई सेवा बना सकती है।

Q3. SPSC सदस्य को राज्यपाल क्यों नहीं हटा सकता?

उत्तर: यद्यपि राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, परंतु उनकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत उन्हें पद से हटाने का अधिकार केवल राष्ट्रपति को दिया गया है।

Q4. प्रसाद का सिद्धांत (Doctrine of Pleasure) क्या है?

उत्तर: अनुच्छेद 310 के अनुसार, संघ का सिविल सेवक राष्ट्रपति के और राज्य का सिविल सेवक राज्यपाल के प्रसादपर्यंत अपना पद धारण करता है। हालांकि, यह सिद्धांत निरंकुश न हो, इसके लिए अनुच्छेद 311 में सुरक्षात्मक प्रावधान दिए गए हैं।

9. निष्कर्ष (Conclusion)

भारतीय संविधान का भाग 14 (अनुच्छेद 308 से 323) भारत में एक कुशल, तटस्थ और उत्तरदायी प्रशासनिक व्यवस्था की आधारशिला है। यह भाग एक तरफ लोक सेवकों को अपनी जिम्मेदारियों का स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से निर्वहन करने के लिए सुरक्षा कवच (अनुच्छेद 311) प्रदान करता है, तो दूसरी तरफ निष्पक्ष चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र लोक सेवा आयोगों (UPSC एवं SPSC) की व्यवस्था करता है।

प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, State PSC, SSC) की दृष्टि से अखिल भारतीय सेवाओं के गठन में राज्यसभा की भूमिका (अनुच्छेद 312), प्रसाद का सिद्धांत व उसके अपवाद (अनुच्छेद 310-311), तथा लोक सेवा आयोग के सदस्यों की नियुक्ति और निष्कासन प्रक्रिया सर्वाधिक महत्वपूर्ण पहलू हैं। इस लेख में प्रस्तुत संपूर्ण नोट्स, मास्टर तालिका और 20+ पिछले वर्षों के प्रश्न अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफलता दिलाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।

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