राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC in Hindi): अनुच्छेद 338B, संवैधानिक दर्जा व 20+ MCQs Notes
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC): संवैधानिक दर्जा, अनुच्छेद 338B, संरचना एवं महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी नोट्स
इस विस्तृत अध्ययन लेख में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का इतिहास, वैधानिक से संवैधानिक निकाय बनने की यात्रा, संरचना, शक्तियां व कार्य, Quick Revision Master Table, और अभ्यास के लिए पिछले वर्षों में पूछे गए 20 से अधिक महत्वपूर्ण MCQs शामिल किए गए हैं।
1. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग क्या है? (What is NCBC?)
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) भारत का एक संवैधानिक निकाय (Constitutional Body) है जो सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों (Socially and Educationally Backward Classes - SEBC) के कल्याण, अधिकारों के संरक्षण, शिकायतों की जांच और उनके विकास से जुड़े मामलों पर कार्य करता है।
प्राथमिक तथ्य एवं पहचान (Key Basic Facts)
| विवरण (Parameter) | महत्वपूर्ण जानकारी (Information) |
| पूरा नाम (Full Form) | राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (National Commission for Backward Classes) |
| मूल वैधानिक स्थापना | 14 अगस्त 1993 (NCBC अधिनियम, 1993 के तहत) |
| संवैधानिक दर्जा प्राप्ति | 102वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 (लागू: 11 अगस्त 2018) |
| संवैधानिक अनुच्छेद | अनुच्छेद 338B (भाग XVI) |
| मुख्यालय (Headquarters) | नई दिल्ली |
| मंत्रालय (Ministry) | सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (Ministry of Social Justice and Empowerment) |
| वर्तमान अध्यक्ष | साध्वी निरंजन ज्योति (मार्च 2026 से पदभार ग्रहण) |
2. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: वैधानिक से संवैधानिक निकाय तक की यात्रा
इन्द्र साहनी मामला (1992 - Mandal Case): सर्वोच्च न्यायालय ने अपने ऐतिहासिक फैसले में केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों की सूची में जातियों को शामिल करने या हटाने के लिए एक स्थायी वैधानिक निकाय का गठन किया जाना चाहिए।
NCBC अधिनियम, 1993: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के पालन में संसद ने 'राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम, 1993' पारित किया, जिसके तहत 14 अगस्त 1993 को एक वैधानिक (Statutory) निकाय के रूप में NCBC की स्थापना की गई।
102वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2018: सामाजिक न्याय को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए संसद ने 2018 में 102वां संविधान संशोधन पारित किया। इसके तहत:
आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया।
संविधान में नया अनुच्छेद 338B और अनुच्छेद 342A जोड़े गए।
इसके साथ ही राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की तर्ज पर इसे पूर्ण संवैधानिक अधिकार मिल गए।
3. NCBC की संरचना एवं पदाधिकरी (Composition of NCBC)
संविधान के अनुच्छेद 338B के अनुसार राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की संरचना इस प्रकार है:
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) संरचना
│
┌──────────────────┬───────────────┴───────────────┬──────────────────┐
▼ ▼ ▼ ▼
1 अध्यक्ष 1 उपाध्यक्ष 3 अन्य सदस्य 1 सचिव (Secretary)
(कैबिनेट मंत्री स्तर) (राज्य मंत्री स्तर) (विशेषज्ञ सदस्य) (प्रशासनिक प्रमुख)
सदस्य संख्या: आयोग में कुल 5 सदस्य होते हैं — 1 अध्यक्ष, 1 उपाध्यक्ष और 3 अन्य सदस्य।
नियुक्ति: इन सभी सदस्यों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा उनके हस्ताक्षर और मुहरयुक्त आदेश के माध्यम से की जाती है।
सेवा शर्तें एवं कार्यकाल: अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य सदस्यों की सेवा की शर्तें और कार्यकाल राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित किए जाते हैं (सामान्यतः कार्यकाल 3 वर्ष का होता है)।
4. संविधान के अनुच्छेद 338B एवं 342A का विवरण
प्रतियोगी परीक्षाओं में इन अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं:
अनुच्छेद 338B (Article 338B): इस अनुच्छेद के तहत राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन, उसकी संरचना, शक्तियों, कार्यकाल और प्रक्रिया का प्रावधान किया गया है।
अनुच्छेद 342A (Article 342A): इसके तहत राष्ट्रपति को किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के संबंध में—राज्यपाल से परामर्श के बाद—सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों (SEBC) की सूची को अधिसूचित करने की शक्ति दी गई है। हालांकि, किसी जाति को इस सूची में शामिल या बाहर करने की अंतिम शक्ति संसद के पास है (105वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2021 द्वारा राज्यों को अपनी ओबीसी सूची बनाने की शक्ति पुनः दी गई)।
5. NCBC के मुख्य कार्य एवं शक्तियां (Functions & Powers)
(A) आयोग के मुख्य कार्य:
अधिकारों की निगरानी करना: संविधान या किसी अन्य कानून के तहत पिछड़े वर्गों के लिए प्रदान किए गए सुरक्षा उपायों (Safeguards) की निगरानी करना और उनकी प्रभावी कार्यप्रणाली की जांच करना।
विशिष्ट शिकायतों की जांच: सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के अधिकारों से वंचित किए जाने या उनके हनन से संबंधित विशिष्ट शिकायतों की जांच करना।
सामाजिक-आर्थिक विकास पर सलाह:
पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास के संबंध में केंद्र या राज्य सरकार को योजनाएं सुझाना और अपनी रिपोर्ट देना। वार्षिक प्रतिवेदन: आयोग अपनी वार्षिक रिपोर्ट भारत के राष्ट्रपति को सौंपता है, जिसे राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों के पटल पर रखवाते हैं (यदि रिपोर्ट राज्य से संबंधित हो, तो संबंधित राज्यपाल राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं)।
(B) सिविल न्यायालय की शक्तियां (Powers of Civil Court):
अपने कृत्यों का निर्वहन करते समय NCBC को सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के तहत एक सिविल न्यायालय (Civil Court) की शक्तियां प्राप्त होती हैं, जैसे:
किसी भी व्यक्ति को समन भेजना और उसकी उपस्थिति अनिवार्य करना।
दस्तावेजों की खोज और उन्हें पेश करवाना।
शपथ पत्र पर साक्ष्य प्राप्त करना।
किसी भी अदालत या कार्यालय से लोक अभिलेख (Public Records) की मांग करना।
Quick Revision Master Table (त्वरित दोहराव सारणी)
अंतिम समय में परीक्षा हॉल जाने से पहले त्वरित रिवीजन के लिए अति महत्वपूर्ण तथ्य:
| अवधारणा / प्रश्न | परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य / उत्तर |
| संवैधानिक अनुच्छेद | अनुच्छेद 338B (भाग XVI) |
| संविधान संशोधन अधिनियम | 102वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 |
| मूल वैधानिक स्थापना | 14 अगस्त 1993 (NCBC Act, 1993) |
| सदस्यों की नियुक्ति | भारत के राष्ट्रपति द्वारा |
| आयोग की संरचना | 1 अध्यक्ष + 1 उपाध्यक्ष + 3 अन्य सदस्य (कुल 5) |
| वार्षिक रिपोर्ट किसे सौंपी जाती है | भारत के राष्ट्रपति को |
| न्यायालयीन अधिकार | इसे सिविल न्यायालय की शक्तियां प्राप्त हैं |
| वर्तमान अध्यक्ष (2026) | साध्वी निरंजन ज्योति |
| संबंधित मंत्रालय | सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय |
विगत वर्षों के 20+ महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Previous Years' MCQs)
ये प्रश्न SSC CGL, RRB NTPC, State PCS (UPPSC, BPSC), NDA, CDS और Police SI भर्ती परीक्षाओं में पूछे गए हैं:
Q1. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) को किस संविधान संशोधन अधिनियम के तहत 'संवैधानिक निकाय' का दर्जा दिया गया?
(a) 100वां संशोधन अधिनियम
(b) 101वां संशोधन अधिनियम
(c) 102वां संशोधन अधिनियम (2018)
(d) 103वां संशोधन अधिनियम
उत्तर: (c) 102वां संशोधन अधिनियम (2018)
Q2. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत 'राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग' का उपबंध किया गया है?
(a) अनुच्छेद 338
(b) अनुच्छेद 338A
(c) अनुच्छेद 338B
(d) अनुच्छेद 340
उत्तर: (c) अनुच्छेद 338B
Q3. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की मूल रूप से एक वैधानिक निकाय के रूप में स्थापना किस वर्ष हुई थी?
(a) 1950
(b) 1990
(c) 1993
(d) 2018
उत्तर: (c) 1993 (14 अगस्त 1993)
Q4. NCBC के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?
(a) प्रधानमंत्री
(b) भारत के राष्ट्रपति
(c) केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री
(d) सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
उत्तर: (b) भारत के राष्ट्रपति
Q5. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अलावा कितने अन्य सदस्य होते हैं?
(a) 2
(b) 3
(c) 4
(d) 5
उत्तर: (b) 3 (कुल सदस्य = 1 अध्यक्ष + 1 उपाध्यक्ष + 3 अन्य सदस्य = 5)
Q6. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) अपनी वार्षिक प्रतिवेदन (Annual Report) किसे प्रस्तुत करता है?
(a) प्रधानमंत्री को
(b) राष्ट्रपति को
(c) लोकसभा अध्यक्ष को
(d) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को
उत्तर: (b) राष्ट्रपति को
Q7. निम्नलिखित में से किस न्यायालय की शक्तियां NCBC को प्रदत्त हैं?
(a) आपराधिक न्यायालय (Criminal Court)
(b) सिविल न्यायालय (Civil Court)
(c) उच्च न्यायालय
(d) सत्र न्यायालय
उत्तर: (b) सिविल न्यायालय
Q8. संविधान का कौन-सा अनुच्छेद राष्ट्रपति को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को अधिसूचित करने की शक्ति देता है?
(a) अनुच्छेद 338
(b) अनुच्छेद 341
(c) अनुच्छेद 342A
(d) अनुच्छेद 356
उत्तर: (c) अनुच्छेद 342A
Q9. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) किस केंद्रीय मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है?
(a) गृह मंत्रालय
(b) कानून और न्याय मंत्रालय
(c) सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
(d) जनजाति कार्य मंत्रालय
उत्तर: (c) सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
Q10. सर्वोच्च न्यायालय के किस ऐतिहासिक फैसले के बाद केंद्र सरकार को पिछड़े वर्ग के लिए स्थायी निकाय बनाने का निर्देश मिला था?
(a) केशवानंद भारती मामला
(b) इन्द्र साहनी मामला (1992 - मंडल केस)
(c) गोलकनाथ मामला
(d) मिनर्वा मिल्स मामला
उत्तर: (b) इन्द्र साहनी मामला (1992)
Q11. क्या NCBC के अध्यक्ष और सदस्य अपने पद पर पुनर्नियुक्ति (Re-appointment) के पात्र होते हैं?
(a) हाँ, राष्ट्रपति के आदेशानुसार
(b) बिल्कुल नहीं
(c) केवल एक बार
(d) केवल सेवानिवृत्ति के 5 साल बाद
उत्तर: (a) हाँ, राष्ट्रपति के आदेशानुसार
Q12. संविधान के किस भाग में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (अनुच्छेद 338B) का उल्लेख है?
(a) भाग IX
(b) भाग XI
(c) भाग XIV
(d) भाग XVI (Part XVI)
उत्तर: (d) भाग XVI
Q13. राज्यों को अपनी स्वयं की ओबीसी (OBC) सूची बनाने की शक्ति किस संविधान संशोधन द्वारा स्पष्ट की गई थी?
(a) 102वां संशोधन
(b) 103वां संशोधन
(c) 105वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2021
(d) 106वां संशोधन
उत्तर: (c) 105वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2021
Q14. NCBC के पास किसी मामले की जांच करते समय किस प्रकार की गवाही लेने का अधिकार होता है?
(a) समन जारी कर गवाहों को बुलाना
(b) शपथ पत्र पर साक्ष्य लेना
(c) सार्वजनिक दस्तावेजों की मांग करना
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी
Q15. भारत में अनुसूचित जातियों (SC) के लिए गठित आयोग कौन सा है?
(a) अनुच्छेद 338 के तहत NCSC
(b) अनुच्छेद 338A के तहत NCST
(c) अनुच्छेद 338B के तहत NCBC
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (a) अनुच्छेद 338 के तहत NCSC
Q16. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) का गठन किस अनुच्छेद के तहत हुआ है?
(a) अनुच्छेद 338
(b) अनुच्छेद 338A
(c) अनुच्छेद 338B
(d) अनुच्छेद 340
उत्तर: (b) अनुच्छेद 338A
Q17. निम्नलिखित में से कौन-सा आयोग एक गैर-संवैधानिक निकाय है?
(a) वित्त आयोग
(b) निर्वाचन आयोग
(c) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC)
(d) राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग
उत्तर: (c) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC एक वैधानिक निकाय है, संवैधानिक नहीं)
Q18. NCBC अधिनियम, 1993 को किस वर्ष निरस्त (Repeal) किया गया था?
(a) 2016
(b) 2018 (102वें संशोधन के दौरान)
(c) 2020
(d) 2021
उत्तर: (b) 2018
Q19. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का मुख्य उद्देश्य समाज के किस वर्ग को सशक्त करना है?
(a) आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)
(b) सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग (SEBC)
(c) धार्मिक अल्पसंख्यक वर्ग
(d) महिलाएं और बच्चे
उत्तर: (b) सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग (SEBC)
Q20. NCBC की बैठकों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का संचालन किसके द्वारा किया जाता है?
(a) आयोग के सचिव (Secretary) द्वारा
(b) केंद्रीय कैबिनेट सचिव द्वारा
(c) प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा
(d) अध्यक्ष द्वारा व्यक्तिगत रूप से
उत्तर: (a) आयोग के सचिव द्वारा
Q21. निम्नलिखित में से कौन NCBC के कार्यों में शामिल नहीं है?
(a) पिछड़े वर्गों के लिए सुरक्षा उपायों की जांच करना
(b) पिछड़े वर्गों के विकास हेतु सलाह देना
(c) पिछड़े वर्गों के लिए नौकरियों में सीधा आरक्षण कोटा स्वयं तय करना
(d) विशिष्ट शिकायतों की जांच करना
उत्तर: (c) पिछड़े वर्गों के लिए नौकरियों में सीधा आरक्षण कोटा स्वयं तय करना (यह कार्य संसद और सरकार का है)
बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. NCBC को वैधानिक निकाय से संवैधानिक निकाय क्यों बनाया गया?
उत्तर: मूल रूप से 1993 में बना NCBC एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) था, जिसके पास राष्ट्रीय अनुसूचित जाति (NCSC) और अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) जैसे व्यापक संवैधानिक अधिकार नहीं थे।
Q2. अनुच्छेद 338, 338A और 338B में क्या अंतर है?
उत्तर:
अनुच्छेद 338: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) से संबंधित है।
अनुच्छेद 338A: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) से संबंधित है (इसे 89वें संशोधन, 2003 द्वारा जोड़ा गया)।
अनुच्छेद 338B: राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) से संबंधित है (इसे 102वें संशोधन, 2018 द्वारा जोड़ा गया)।
Q3. क्या राज्यों के पास अपनी खुद की ओबीसी (OBC) सूची तैयार करने का अधिकार है?
उत्तर: हाँ। 102वें संविधान संशोधन के बाद कुछ असमंजस की स्थिति बनी थी कि केवल केंद्र सरकार सूची बना सकती है। इसे स्पष्ट करने के लिए संसद द्वारा 105वां संविधान संशोधन अधिनियम (2021) पारित किया गया, जिसके तहत राज्यों को अपनी सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों की सूची तैयार करने का अधिकार स्पष्ट रूप से वापस दे दिया गया।
Q4. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट संसद में कैसे प्रस्तुत होती है?
उत्तर: NCBC अपनी वार्षिक या विशेष रिपोर्ट सीधे भारत के राष्ट्रपति को सौंपती है। इसके बाद राष्ट्रपति उस रिपोर्ट को संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के पटल पर रखवाते हैं, साथ ही उन सिफारिशों पर की गई या की जाने वाली कार्रवाई का विवरण भी प्रस्तुत किया जाता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
भारतीय समाज के सामाजिक न्याय, समता और समावेशन के ताने-बाने को मजबूत करने में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 1993 के एक साधारण वैधानिक निकाय से लेकर 2018 के 102वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 338B के तहत एक पूर्ण संवैधानिक संस्था बनने तक, इस आयोग ने पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, UPPSC, BPSC, SSC, Railway आदि) की दृष्टि से NCBC का संवैधानिक अनुच्छेद 338B, 102वां संविधान संशोधन 2018, आयोग की संरचना, सिविल न्यायालय की शक्तियां और वार्षिक रिपोर्ट से जुड़े तथ्य सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं। इस अध्ययन लेख में प्रस्तुत मास्टर तालिकाएं, Quick Revision Table, और 20+ PYQ MCQs आपकी आगामी परीक्षाओं में सफलता पाने में निश्चित रूप से मददगार साबित होंगे।
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