सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

मानव पाचन तंत्र (Human Digestive System in Hindi): अंग, एंजाइम, कार्य व 20+ MCQs Notes

 

मानव पाचन तंत्र: अंग, पाचक ग्रंथियाँ, एंजाइम एवं संपूर्ण कार्यप्रणाली (Human Digestive System in Hindi)


जीव विज्ञान (Biology) के अंतर्गत 'मानव पाचन तंत्र' (Human Digestive System) एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। UPSC, State PSC (BPSC, UPPSC, MPPSC), SSC CGL, CHSL, RRB NTPC, Group D, NEET, NDA, CDS और विभिन्न पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षाओं में पाचन तंत्र के अंगों, पाचक रस (Digestive Juices), यकृत (Liver), अग्न्याशय (Pancreas), एंजाइमों के कार्य और विभिन्न पाचक विकारों से संबंधित 3 से 6 प्रश्न हर साल पूछे जाते हैं।

इस विस्तृत अध्ययन लेख में पाचन की परिभाषा, आहार नाल के विभिन्न भाग, पाचक ग्रंथियों का कार्य, एंजाइमों की मास्टर सारणी, Quick Revision Table और अभ्यास के लिए पिछले वर्षों में पूछे गए 20 से अधिक महत्वपूर्ण MCQs का समावेश किया गया है।

1. पाचन एवं पाचन तंत्र क्या है? (What is Digestion?)

पाचन (Digestion): जटिल, अघुलनशील एवं अभौतिक खाद्य पदार्थों (Complex Food Materials) को भौतिक एवं रासायनिक प्रक्रियाओं द्वारा सरल, घुलनशील एवं अवशोषण योग्य घटकों (Simple Absorbable Substances) में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को पाचन कहते हैं।

मानव में पाचन की संपूर्ण प्रक्रिया एक यांत्रिक (Mechanical) और रासायनिक (Chemical) दोनों प्रकार की संयुक्त प्रक्रिया है।

पाचन तंत्र के दो मुख्य भाग (Two Main Parts of Digestive System):

  1. आहार नाल (Alimentary Canal): यह मुख गुहा से लेकर गुदा तक फैली लगभग 8 से 10 मीटर (30 से 32 फीट) लंबी एक नली होती है।

  2. पाचक ग्रंथियाँ (Digestive Globes/Glands): वे ग्रंथियाँ जो पाचन में सहायक रसों व एंजाइमों का स्राव करती हैं (जैसे- लार ग्रंथियाँ, यकृत, अग्न्याशय)।

2. आहार नाल के प्रमुख भाग (Parts of Alimentary Canal)

(A) मुख गुहा (Mouth / Buccal Cavity)

पाचन प्रक्रिया की शुरुआत मुख गुहा से ही होती है। इसमें दांत, जीभ और लार ग्रंथियाँ पाई जाती हैं।

  • दांत (Teeth): मनुष्य में द्विबारदंती (Diphyodont) और विषमदंती (Heterodont) प्रकार के दांत पाए जाते हैं।

    • वयस्क मानव का दंत सूत्र (Dental Formula): $\frac{2123}{2123} \times 2 = 32$

    • बच्चों का दंत सूत्र: $\frac{2020}{2020} \times 2 = 20$ (दूध के दांतों में अग्र-चर्वणक/Premolars अनुपस्थित होते हैं)।

    • दांत का सबसे ऊपरी सफेद और कठोर आवरण इनैमल (Enamel) कहलाता है, जो शरीर का सबसे कठोरतम भाग है।

  • जीभ (Tongue): जीभ एक पेशीय अंग है जिस पर स्वाद कलिकाएं (Taste Buds) होती हैं।

    • मीठा स्वाद → अग्र भाग (Tip)

    • नमकीन स्वाद → अग्र-पार्श्व भाग

    • खट्टा स्वाद → पश्च-पार्श्व भाग

    • कड़वा स्वाद → पश्च भाग (Back)

  • लार ग्रंथियां (Salivary Glands): मनुष्य में 3 जोड़ी लार ग्रंथियाँ होती हैं—

    1. पेरोटिड (Parotid) - सबसे बड़ी

    2. सबमैंडिबुलर (Submandibular)

    3. सबलिंगुअल (Sublingual)

    • लार (Saliva) का pH लगभग 6.8 (हल्का अम्लीय) होता है। इसमें टाइलीन (Ptaylin / Salivary Amylase) और लाइसोजाइम (Lysozyme) एंजाइम पाए जाते हैं।

(B) ग्रसनी एवं ग्रसिका (Pharynx & Oesophagus)

  • ग्रसनी (Pharynx): यह भोजन और वायु का साझा मार्ग है। एपिग्लॉटिस (Epiglottis) नामक ढक्कन भोजन को श्वास नली में जाने से रोकता है।

  • ग्रसिका (Oesophagus): यह लगभग 25 cm लंबी नली है। इसमें कोई पाचन नहीं होता।

  • भोजन इसमें क्रमानुकुंचन गति (Peristalsis Movement) के माध्यम से आमाशय तक पहुँचता है।

(C) आमाशय (Stomach)

आमाशय एक 'J' आकार का थैला होता है जहाँ भोजन 3 से 4 घंटे तक ठहरता है।

  • आमाशय की दीवारों से जठर रस (Gastric Juice) स्रावित होता है (pH = 1.5 - 2.5, अत्यधिक अम्लीय)।

  • हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl): यह ऑक्सिान्टिक या पैराइटल कोशिकाओं द्वारा स्रावित होता है। यह भोजन के साथ आए जीवाणुओं को नष्ट करता है और पेप्सिनोजेन को सक्रिय पेप्सिन में बदलता है।

  • पेप्सिन (Pepsin): प्रोटीन को पेप्टोन में तोड़ता है।

  • रेनिन (Rennin): दूध के प्रोटीन (केसीन) का पाचन करता है (यह केवल बच्चों में सक्रिय होता है)।

(D) छोटी आँत (Small Intestine)

छोटी आँत पाचन तंत्र का सबसे महत्वपूर्ण भाग है। भोजन का पूर्ण पाचन एवं अवशोषण छोटी आँत में ही होता है। इसकी लंबाई लगभग 6 से 7 मीटर होती है।

  • इसके 3 भाग हैं:

    1. ग्रहणी (Duodenum): 'C' आकार का भाग, जहाँ पित्त रस और अग्न्याशयी रस आकर मिलते हैं।

    2. अग्रक्षुद्रांत्र (Jejunum): मध्य भाग।

    3. क्षुद्रांत्र (Ileum): सबसे लंबा भाग, जहाँ अंगुली जैसी संरचनाएँ रसांकुर (Villi) पाई जाती हैं जो अवशोषण का पृष्ठ क्षेत्रफल बढ़ाती हैं।

(E) बड़ी आँत (Large Intestine)

बड़ी आँत में भोजन का पाचन नहीं होता, केवल जल और कुछ लवणों का अवशोषण होता है।

  • भाग: सीकम (Caecum), कोलन (Colon) एवं मलाशय (Rectum)।

  • अपेंडिक्स (Appendix): यह सीकम से जुड़ा एक अवशेषी अंग (Vestigial Organ) है।

3. सहायक पाचक ग्रंथियाँ (Accessory Digestive Glands)

(A) यकृत (Liver)

  • मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि (भार: लगभग 1.5 kg)।

  • यकृत पित्त रस (Bile Juice) का निर्माण करता है।

  • नोट: पित्त रस में कोई एंजाइम नहीं होता, फिर भी यह वसा के पायसीकरण (Emulsification of Fats) के लिए अनिवार्य है।

  • पित्त रस पित्ताशय (Gall Bladder) में संचित होता है। इसका pH लगभग 7.7 (क्षारीय) होता है।

  • यकृत अमोनिया को यूरिया में परिवर्तित करता है और ग्लाइकोजन का संचय करता है।

(B) अग्न्याशय (Pancreas)

  • यह मानव शरीर की दूसरी सबसे बड़ी ग्रंथि तथा एक मिश्रित ग्रंथि (Mixed Gland) है (अंतःस्रावी व बहिस्रावी दोनों)।

  • अग्न्याशयी रस को 'पूर्ण पाचक रस' (Complete Digestive Juice) कहा जाता है क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा तीनों को पचाने वाले एंजाइम होते हैं।

4. प्रमुख पाचक एंजाइम और उनके कार्य (Digestive Enzymes Master Table)

प्रतियोगी परीक्षाओं में एंजाइम, उनके स्रोत और कार्य से संबंधित प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं:

एंजाइम (Enzyme)स्रावित करने वाला अंग/ग्रंथिक्रियाधार (Substrate)अंतिम उत्पाद (Final Product)
टाइलीन (Ptyalin / Amylase)लार ग्रंथि (Salivary Glands)स्टार्च (Maltose)माल्टोज शर्करा
लाइसोजाइम (Lysozyme)लार ग्रंथिजीवाणु (Bacteria)जीवाणुओं का नाश
पेप्सिन (Pepsin)आमाशय (Gastric Juice)प्रोटीन (Proteins)पेप्टोन्स एवं प्रोटीओजेज
रेनिन (Rennin)आमाशयदूध प्रोटीन (केसीन)कैल्शियम पैराकेसीनेट (दही)
ट्रिप्सिन (Trypsin)अग्न्याशय (Pancreas)प्रोटीन एवं पेप्टोनपॉलीपेप्टाइड एवं एमीनो अम्ल
अग्न्याशयी एमाइलेजअग्न्याशयस्टार्च व ग्लाइकोजनग्लूकोज/माल्टोज
लाइपेज (Lipase)अग्न्याशय एवं छोटी आँतपायसीकृत वसा (Emulsified Fat)वसीय अम्ल व ग्लिसरॉल
इरेप्सिन (Erepsin)आंत्र रस (Small Intestine)पेप्टोन व पेप्टाइडएमीनो अम्ल (Amino Acids)
माल्टेज, सुक्रेज, लैक्टेजआंत्र रसमाल्टोज, सुक्रोज, लैक्टोजग्लूकोज, फ्रक्टोज, गैलेक्टोज

Quick Revision Master Table (त्वरित दोहराव सारणी)

अंतिम समय में त्वरित रिवीजन के लिए संपूर्ण अध्याय का निचोड़:

बिंदु / अंगमहत्वपूर्ण तथ्य / परीक्षा उपयोगी प्रश्न
पाचन की शुरुआतमुख गुहा (Buccal Cavity) से (कार्बोहाइड्रेट का पाचन)
भोजन का पूर्ण पाचनछोटी आँत के इलियम (Ileum) भाग में
जल का अवशोषणबड़ी आँत (Large Intestine) में
शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथियकृत (Liver)
पूर्ण पाचक रसअग्न्याशयी रस (Pancreatic Juice)
शरीर का सबसे कठोर भागदांत का इनैमल (Enamel)
ग्रास नली में गतिक्रमानुकुंचन (Peristalsis)
पित्त रस का संचयनपित्ताशय (Gall Bladder) में
पित्त रस का निर्माणयकृत (Liver) द्वारा
प्रोटीन का अंतिम पाचनएमीनो अम्ल (Amino Acid) में परिवर्तन

विगत वर्षों के 20+ महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Previous Years' MCQs)

ये प्रश्न SSC CGL, RRB NTPC, State PCS, NEET, NDA और Police भर्ती परीक्षाओं में पूछे गए हैं:

Q1. मानव शरीर में पाचन प्रक्रिया का अधिकांश भाग किस अंग में संपन्न होता है?

(a) आमाशय

(b) बड़ी आँत

(c) छोटी आँत

(d) ग्रसिका

उत्तर: (c) छोटी आँत

Q2. लार में कौन-सा एंजाइम पाया जाता है?

(a) पेप्सिन

(b) टाइलीन

(c) ट्रिप्सिन

(d) रेनिन

उत्तर: (b) टाइलीन

Q3. मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि कौन-सी है?

(a) अग्न्याशय

(b) यकृत

(c) पीयूष ग्रंथि

(d) थाइराइड

उत्तर: (b) यकृत

Q4. दुग्ध प्रोटीन को पचाने वाला प्रमुख एंजाइम कौन-सा है?

(a) पेप्सिन

(b) ट्रिप्सिन

(c) रेनिन

(d) इरेप्सिन

उत्तर: (c) रेनिन

Q5. हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का स्रवण आमाशय की किन कोशिकाओं द्वारा होता है?

(a) पेप्टिक कोशिकाएं

(b) पैराइटल / ऑक्सिान्टिक कोशिकाएं

(c) जी-कोशिकाएं

(d) गॉब्लेट कोशिकाएं

उत्तर: (b) पैराइटल / ऑक्सिान्टिक कोशिकाएं

Q6. पित्त रस (Bile Juice) का निर्माण कहाँ होता है?

(a) पित्ताशय में

(b) यकृत में

(c) अग्न्याशय में

(d) छोटी आँत में

उत्तर: (b) यकृत में

Q7. पित्त रस कहाँ संचित (Store) होता है?

(a) यकृत

(b) पित्ताशय (Gall Bladder)

(c) ग्रहणी

(d) आमाशय

उत्तर: (b) पित्ताशय

Q8. निम्नलिखित में से किसे 'पूर्ण पाचक रस' कहा जाता है?

(a) जठर रस

(b) पित्त रस

(c) अग्न्याशयी रस

(d) लार

उत्तर: (c) अग्न्याशयी रस

Q9. प्रोटीन का पाचन अंतिम रूप से किसमें परिवर्तित होकर पूरा होता है?

(a) वसीय अम्ल

(b) पेप्टोन

(c) एमीनो अम्ल (Amino Acids)

(d) ग्लूकोज

उत्तर: (c) एमीनो अम्ल

Q10. मानव शरीर का सबसे कठोर पदार्थ कौन-सा है?

(a) अस्थि

(b) इनैमल (Enamel)

(c) डेंटिन

(d) केराटिन

उत्तर: (b) इनैमल

Q11. वसा का पायसीकरण (Emulsification) किसके द्वारा किया जाता है?

(a) टाइलीन

(b) पित्त रस

(c) पेप्सिन

(d) एचसीएल

उत्तर: (b) पित्त रस

Q12. आहार नाल के किस भाग में भोजन का कोई पाचन नहीं होता?

(a) मुख गुहा

(b) ग्रास नली (Oesophagus)

(c) आमाशय

(d) ग्रहणी

उत्तर: (b) ग्रास नली

Q13. वयस्क मानव का दंत सूत्र (Dental Formula) क्या है?

(a) 2123/2123

(b) 2102/2102

(c) 1223/1223

(d) 2020/2020

उत्तर: (a) 2123/2123

Q14. आमाशय में प्रोटीन को पेप्टोन में बदलने वाला एंजाइम कौन-सा है?

(a) ट्रिप्सिन

(b) पेप्सिन

(c) एमाइलेज

(d) माल्टेज

उत्तर: (b) पेप्सिन

Q15. छोटी आँत में पचे हुए भोजन का अवशोषण करने वाली उंगलीनुमा संरचनाओं को क्या कहते हैं?

(a) सीलिया

(b) रसांकुर (Villi)

(c) एल्विओलाई

(d) रूगी

उत्तर: (b) रसांकुर (Villi)

Q16. पीलिया (Jaundice) रोग में शरीर का कौन-सा अंग मुख्य रूप से प्रभावित होता है?

(a) आमाशय

(b) यकृत (Liver)

(c) गुर्दा

(d) फेफड़ा

उत्तर: (b) यकृत

Q17. बड़ी आँत का मुख्य कार्य क्या है?

(a) प्रोटीन का पाचन

(b) वसा का अवशोषण

(c) जल एवं लवणों का अवशोषण

(d) कार्बोहाइड्रेट का पाचन

उत्तर: (c) जल एवं लवणों का अवशोषण

Q18. अपेंडिक्स (Appendix) मानव पाचन तंत्र में किस प्रकार का अंग है?

(a) मुख्य पाचक अंग

(b) अवशेषी अंग (Vestigial Organ)

(c) ग्रंथि

(d) हार्मोन स्रावक अंग

उत्तर: (b) अवशेषी अंग

Q19. लार में पाया जाने वाला कौन-सा एंजाइम जीवाणुओं को नष्ट करने का काम करता है?

(a) पेप्सिन

(b) लाइसोजाइम (Lysozyme)

(c) ट्रिप्सिन

(d) लाइपेज

उत्तर: (b) लाइसोजाइम

Q20. आमाशय की आंतरिक दीवार को HCl के प्रभाव से बचाने में कौन सुरक्षा परत प्रदान करता है?

(a) श्लेष्मा (Mucus)

(b) पेप्सिन

(c) रेनिन

(d) पित्त रस

उत्तर: (a) श्लेष्मा (Mucus)

Q21. 'मिश्रित ग्रंथि' (Mixed Gland) का उदाहरण निम्नलिखित में से कौन-सा है?

(a) यकृत

(b) अग्न्याशय (Pancreas)

(c) थायराइड

(d) पिट्यूटरी

उत्तर: (b) अग्न्याशय

बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. भोजन के पाचन की शुरुआत शरीर के किस अंग से होती है?

उत्तर: भोजन का पाचन मुख गुहा (Mouth) से ही शुरू हो जाता है, जहाँ लार में मौजूद टाइलीन एंजाइम स्टार्च को शर्करा में तोड़ना शुरू करता है।

Q2. पित्त रस में कोई एंजाइम नहीं होता, फिर भी यह पाचन के लिए आवश्यक क्यों है?

उत्तर: क्योंकि पित्त रस अम्लीय भोजन को क्षारीय बनाता है ताकि अग्न्याशयी एंजाइम कार्य कर सकें, और यह वसा की बड़ी बूंदों को छोटी बूंदों में तोड़ता है (वसा का पायसीकरण)।

Q3. छोटे बच्चों में दूध का पाचन वयस्कों की तुलना में तेज़ी से क्यों होता है?

उत्तर: बच्चों के आमाशय में रेनिन (Rennin) एंजाइम अत्यधिक मात्रा में पाया जाता है जो दूध के प्रोटीन 'केसीन' को आसानी से पचा देता है। वयस्कों में रेनिन का स्रवण बहुत कम हो जाता है।

Q4. अग्न्याशय को मिश्रित ग्रंथि क्यों कहा जाता है?

उत्तर: क्योंकि अग्न्याशय बहिस्रावी (Exocrine) के रूप में पाचक एंजाइम छोड़ता है और अंतःस्रावी (Endocrine) के रूप में इंसुलिन व ग्लुकागॉन जैसे हार्मोन स्रावित करता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

मानव पाचन तंत्र (Human Digestive System) प्रतियोगी परीक्षाओं में जीव विज्ञान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ है। आहार नाल के क्रमिक अंगों, आमाशय की अम्लीय प्रकृति, यकृत एवं अग्न्याशय के कार्यों और प्रमुख पाचक एंजाइमों की सारणी से हर वर्ष प्रत्यक्ष प्रश्न बनते हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

उपमा अलंकार क्या है? परिभाषा, प्रकार और 10+ आसान उदाहरणों से समझें

 उपमा अलंकार: परिभाषा, प्रकार और रोचक उदाहरण   Home > हिंदी > हिंदी व्याकारण > अलंकार उपमा अलंकार क्या है? उपमा अलंकार हिंदी काव्यशास्त्र का एक प्रमुख अर्थालंकार है जिसमें किसी वस्तु या व्यक्ति की तुलना किसी अन्य प्रसिद्ध वस्तु से की जाती है। यह काव्य को सजीव और प्रभावशाली बनाता है। उपमा अलंकार की परिभाषा "जहाँ किसी व्यक्ति या वस्तु की समानता किसी अन्य प्रसिद्ध व्यक्ति या वस्तु से दर्शाई जाए, वहाँ उपमा अलंकार होता है।" उपमा अलंकार के अंग उपमा अलंकार के चार अंग है उपमेय: ⇒ जिसकी उपमा दी जाए उपमान: ⇒ जिससे उपमा दी जाए साधारण धर्म: ⇒ समानता का आधार वाचक शब्द: ⇒ जैसे, सा, सम, सी आदि उपमा अलंकार के प्रकार यह दो प्रकार का होता है पूर्णोपमा लुप्तोपमा पूर्णोपमा जब उपमा के सभी चारों अंग उपस्थित हों। उदाहरण : "सागर-सा गंभीर हृदय हो, गिरी-सा ऊँचा हो जिसका मन" लुप्तोपमा जब उपमा का कोई एक अंग लुप्त हो। उदाहरण : "चरण कमल बंदौं हरि राई" (यहाँ वाचक शब्द लुप्त है) उपमा के उदाहरण "मुख चंद्रमा-सा सुंदर है" "नीलकंठ-सा कंठ उसका" "हैं हाथी-सा...

Doha Chhand | दोहा छंद क्या है? परिभाषा, लक्षण और 10 उदाहरण सहित व्याख्या

दोहा छंद(Doha Chhand)   Home > हिंदी > हिंदी व्याकारण > छंद  दोहा छंद क्या है? | Doha Chhand kya hai दोहा हिंदी काव्य का एक अत्यंत लोकप्रिय मात्रिक छंद है जिसका प्रयोग नीति, भक्ति और ज्ञान के वचनों को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। यह अर्धसम मात्रिक  छंद की श्रेणी में आता है। दोहा छंद की परिभाषा | Doha Chhand ki Pribhasha "दोहा एक मात्रिक छंद है जिसके पहले और तीसरे चरण में 13-13 मात्राएँ तथा दूसरे और चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं। इसके विषम चरणों के अंत में **गुरु-लघु (ऽ।)** का प्रयोग होता है।" दोहा छंद की विशेषताएँ: मात्रा विन्यास:⇒ 3, 11, 13, 11 (कुल 48 मात्राएँ) अंत यति:⇒ विषम चरणों में गुरु-लघु (ऽ।) भाषा:⇒ सरल और प्रभावी प्रयोग:⇒ नीति, उपदेश, भक्ति भावना लोकप्रियता:⇒ कबीर, रहीम, तुलसीदास द्वारा प्रयुक्त दोहा छंद का मात्रा विन्यास  | Doha-Chand ka Matra Vinyas पहला चरण:⇒ 13 मात्राएँ (ऽ। अंत में) दूसरा चरण:⇒ 11 मात्राएँ (।ऽ अंत में) तीसरा चरण:⇒ 13 मात्राएँ (ऽ। अंत में) चौथा चरण:⇒ 11 मात्राएँ (।ऽ अंत में) दोहा छंद के उदाहरण (Doha  Chha...

मानवीकरण अलंकार क्या है? परिभाषा, विशेषताएँ और 10+उदाहरण

 मानवीकरण अलंकार: प्रकृति को मानव रूप देने की काव्यात्मक शैली   Home > हिंदी > हिंदी व्याकारण > अलंकार मानवीकरण अलंकार क्या है? मानवीकरण अलंकार हिंदी काव्य का एक विशेष अर्थालंकार है जिसमें निर्जीव वस्तुओं, प्रकृति या पशु-पक्षियों को मानवीय गुण, भाव या क्रियाएँ प्रदान की जाती हैं। यह अलंकार काव्य को सजीव और रोचक बनाता है। मानवीकरण अलंकार की परिभाषा "जहाँ निर्जीव वस्तुओं, प्रकृति या जीव-जंतुओं को मानव के समान सोचने, बोलने या कार्य करने की क्षमता दी जाए, वहाँ मानवीकरण अलंकार होता है।" मानवीकरण अलंकार की विशेषताएँ: निर्जीव वस्तुओं को जीवित बनाना प्रकृति को मानवीय भाव देना पशु-पक्षियों को मानवीय विचारशक्ति प्रदान करना काव्य को सजीव और रोचक बनाना मानवीकरण अलंकार के प्रकार पूर्ण मानवीकरण आंशिक मानवीकरण पूर्ण मानवीकरण जब निर्जीव वस्तु को पूर्णतः मानव के समान व्यवहार करते हुए दिखाया जाए। उदाहरण : "बादल बोले गरज-गरज कर" आंशिक मानवीकरण जब केवल किसी एक मानवीय गुण को प्रदर्शित किया जाए। उदाहरण: "पेड़ों ने हिल-हिल कर हमें बुलाया" 10+ उदाहरण सहित समझें चाँदनी ...