केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC in Hindi): संथानम समिति, CVC अधिनियम 2003, शक्तियाँ व 20+ MCQs Notes
केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC): संथानम समिति, CVC अधिनियम 2003, संरचना, शक्तियां एवं महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी नोट्स
भारतीय राजव्यवस्था (Indian Polity), सुशासन (Good Governance) एवं भ्रष्टाचार निवारण (Anti-Corruption Architecture) के अंतर्गत 'केंद्रीय सतर्कता आयोग' (Central Vigilance Commission - CVC) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और हर प्रतियोगिता परीक्षा में प्रश्न दिलाने वाला विषय है। UPSC, State PCS (UPPSC, BPSC, MPPSC), SSC CGL, CHSL, RRB NTPC, Group D, UP Police SI/Constable, NDA, CDS जैसी भर्ती परीक्षाओं में CVC के गठन (संथानम समिति), CVC अधिनियम 2003, संवैधानिक/सांविधिक दर्जे, चयन समिति, केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और सतर्कता आयुक्तों की नियुक्ति, कार्यकाल, शक्तियां और सीमाओं से जुड़े 2 से 4 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं।
इस विस्तृत अध्ययन लेख में केंद्रीय सतर्कता आयोग का परिचय, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, 2003 का वैधानिक अधिनियम, सांगठनिक संरचना, चयन समिति, शक्तियाँ व कार्य, Quick Revision Master Table, और अभ्यास के लिए पिछले वर्षों में पूछे गए 20 से अधिक महत्वपूर्ण MCQs शामिल किए गए हैं।
1. केंद्रीय सतर्कता आयोग क्या है? (What is CVC?)
केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) भारत में भ्रष्टाचार रोकने, प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने और सरकारी अधिकारियों की सतर्कता (Vigilance) की निगरानी करने वाली शीर्ष सांविधिक/वैधानिक संस्था (Statutory Body) है। यह किसी भी मंत्रालय या विभाग के नियंत्रण से मुक्त होकर सीधे संसद के प्रति उत्तरदायी एक स्वायत्त एजेंसी है।
प्राथमिक तथ्य एवं पहचान (Key Basic Facts)
| विवरण (Parameter) | महत्वपूर्ण जानकारी (Information) |
| संस्था का स्वरूप | स्वतंत्र सांविधिक/वैधानिक निकाय (Statutory Autonomous Body - न कि संवैधानिक) |
| सिफारिशी समिति | के. संथानम समिति (K. Santhanam Committee, 1962–64) |
| मूल कार्यकारी स्थापना | 11 फरवरी 1964 (कार्यकारी प्रस्ताव द्वारा) |
| सांविधिक/वैधानिक दर्जा | CVC अधिनियम, 2003 (11 सितंबर 2003 से लागू) |
| मुख्यालय (Headquarters) | सतकर्ता भवन, जीपीओ कॉम्प्लेक्स, आईएनए, नई दिल्ली |
| प्रथम केंद्रीय सतर्कता आयुक्त | एन. एस. राव (N. S. Rau) |
| नियुक्तिकर्ता | भारत के राष्ट्रपति (3-सदस्यीय उच्चस्तरीय चयन समिति की सिफारिश पर) |
| नोडल मंत्रालय | कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय (MoPPSG) |
2. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं वैधानिक यात्रा
संथानम समिति (1962–64): भारत सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण पर सलाह देने के लिए 'के. संथानम समिति' का गठन किया था। इस समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने एक प्रस्ताव के जरिए 11 फरवरी 1964 को CVC की स्थापना एक गैर-संवैधानिक व संविधानेत्तर निकाय के रूप में की थी।
सर्वोच्च न्यायालय का निर्देश (विनीत नारायण मामला, 1997): प्रसिद्ध 'विनीत नारायण बनाम भारत संघ' मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CVC को अधिक स्वायत्तता और वैधानिक दर्जा देने तथा सीबीआई (CBI) के कामकाज पर पर्यवेक्षण का अधिकार देने का निर्देश दिया।
CVC अधिनियम, 2003: संसद द्वारा वर्ष 2003 में 'केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003' पारित किया गया और 11 सितंबर 2003 से CVC को संवैधानिक दर्जा न देकर सांविधिक (Statutory Body) दर्जा प्रदान किया गया।
3. CVC की संरचना एवं नियुक्ति (Composition of CVC)
केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 की धारा 3 के अनुसार CVC एक बहु-सदस्यीय (Multi-member) आयोग है जिसमें अधिकतम 3 सदस्य होते हैं:
CVC की संरचना
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1 केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (CVC - Chairman) अधिकतम 2 सतर्कता आयुक्त (VCs - Members)
(अध्यक्ष - सिविल सेवक या विशेषज्ञ) (सदस्य - सिविल सेवक या विशेषज्ञ)
(A) योग्यताएं:
आयुक्तों का चयन ऐसे व्यक्तियों में से किया जाता है जो अखिल भारतीय सेवाओं (IAS, IPS, IFoS) या संघ की सिविल सेवाओं के सदस्य रहे हों, अथवा जिन्हें बीमा, बैंकिंग, कानून, वित्त, सतर्कता और अन्वेषण (Investigation) का व्यापक ज्ञान और अनुभव हो।
4. नियुक्ति हेतु चयन समिति (Selection Committee)
CVC के केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (CVC) और सतर्कता आयुक्तों (VCs) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा एक उच्चस्तरीय 3-सदस्यीय चयन समिति (3-Member Committee) की सिफारिश पर की जाती है:
| चयन समिति के सदस्य | पद / पदनाम |
| समिति के अध्यक्ष | भारत के प्रधानमंत्री |
| सदस्य 1 | केंद्रीय गृह मंत्री (Union Home Minister) |
| सदस्य 2 | लोकसभा में विपक्ष के नेता (Leader of Opposition in Lok Sabha) |
5. कार्यकाल, वेतन एवं पदच्युति (Tenure & Removal)
CVC अधिनियम, 2003 के अनुसार आयोग के सदस्यों के कार्यकाल और सेवा शर्तों के नियम इस प्रकार हैं:
कार्यकाल (Tenure): केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और सतर्कता आयुक्तों का कार्यकाल पद ग्रहण की तिथि से 4 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले पूरा हो) तक होता है। (ध्यान दें: अधिकांश अन्य आयोगों में कार्यकाल 3, 5 या 6 वर्ष होता है, लेकिन CVC में यह विशेष रूप से 4 वर्ष है)।
पुनर्नियुक्ति पर रोक: अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद CVC या VCs केंद्र या राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य पद हेतु पुनर्नियुक्त नहीं हो सकते। (हालांकि, एक सतर्कता आयुक्त को केंद्रीय सतर्कता आयुक्त बनाया जा सकता है, लेकिन कुल कार्यकाल 4 वर्ष से अधिक नहीं होगा)।
पदच्युति (Removal): राष्ट्रपति द्वारा इन्हें केवल तभी हटाया जा सकता है जब उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) जांच के बाद साबित कदाचार या असमर्थता का दोषी पाए। राष्ट्रपति दिवालिया होने, मानसिक रूप से अस्वस्थ होने या लाभ का पद धारण करने पर सीधे भी हटा सकते हैं।
6. CVC के मुख्य कार्य एवं शक्तियाँ (Functions & Powers)
केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 की धारा 8 के तहत आयोग को निम्नलिखित महत्वपूर्ण शक्तियां और दायित्व सौंपे गए हैं:
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत जांच: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act, 1988) के तहत केंद्र सरकार के अधिकारियों (ग्रुप A/Class I अधिकारियों) के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करना या करवाना।
CBI का पर्यवेक्षण (Supervision of CBI): दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (DSPSE / CBI) के कामकाज की देखरेख करना, विशेषकर भ्रष्टाचार निवारण से जुड़े मामलों की जांच के संबंध में।
CBI के निदेशकों का चयन: सीबीआई (CBI) के निदेशक और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशकों की नियुक्ति की सिफारिश करने वाली समिति की अध्यक्षता केंद्रीय सतर्कता आयुक्त द्वारा की जाती है।
मुख्य सतर्कता अधिकारियों (CVO) की समीक्षा: विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और बैंकों में तैनात मुख्य सतर्कता अधिकारियों (Chief Vigilance Officers) के कामकाज की समीक्षा व मार्गदर्शन करना।
सिविल न्यायालय की शक्तियां (Powers of Civil Court):
भ्रष्टाचार से जुड़े किसी मामले की जांच या पड़ताल करते समय CVC को सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के तहत एक सिविल न्यायालय (Civil Court) की शक्तियां प्राप्त होती हैं:
भारत के किसी भी भाग से किसी भी व्यक्ति को समन भेजकर उपस्थित कराना।
किसी भी दस्तावेज की खोज और उसे प्रस्तुत करवाना।
शपथ पत्रों (Affidavits) पर साक्ष्य प्राप्त करना।
किसी भी अदालत या कार्यालय से सार्वजनिक रिकॉर्ड की मांग करना।
Quick Revision Master Table (त्वरित दोहराव सारणी)
अंतिम समय में परीक्षा हॉल जाने से पहले त्वरित रिवीजन के लिए अति महत्वपूर्ण तथ्य:
| अवधारणा / प्रश्न | परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य / उत्तर |
| निकाय का स्वरूप | स्वायत्त सांविधिक/वैधानिक निकाय (CVC Act, 2003) |
| सिफारिशी समिति | के. संथानम समिति (1962–64) |
| स्थापना तिथियाँ | 11 फरवरी 1964 (कार्यकारी), 11 सितंबर 2003 (सांविधिक) |
| मुख्यालय | सतर्कता भवन, नई दिल्ली |
| प्रथम केंद्रीय सतर्कता आयुक्त | एन. एस. राव (N. S. Rau) |
| अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति | भारत के राष्ट्रपति द्वारा (3-सदस्यीय चयन समिति की सिफारिश पर) |
| चयन समिति के अध्यक्ष | भारत के प्रधानमंत्री |
| संरचना | 1 केंद्रीय सतर्कता आयुक्त + अधिकतम 2 सतर्कता आयुक्त (कुल 3) |
| कार्यकाल व आयु सीमा | 4 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) |
| पुनर्नियुक्ति का प्रावधान | कार्यकाल समाप्ति के बाद पुनर्नियुक्ति के पात्र नहीं |
| न्यायालयीन अधिकार | सिविल न्यायालय (Civil Court) की शक्तियां |
विगत वर्षों के 20+ महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Previous Years' MCQs)
ये प्रश्न SSC CGL, RRB NTPC, State PCS (UPPSC, BPSC, MPPSC), NDA, CDS और Police SI भर्ती परीक्षाओं में पूछे गए हैं:
Q1. केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की स्थापना किस समिति की सिफारिशों के आधार पर की गई थी?
(a) बलवंत राय मेहता समिति
(b) के. संथानम समिति (K. Santhanam Committee)
(c) प्रशासनिक सुधार आयोग
(d) दंतेवाला समिति
उत्तर: (b) के. संथानम समिति
Q2. केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) का गठन पहली बार किस वर्ष किया गया था?
(a) 1950
(b) 1964
(c) 1990
(d) 2003
उत्तर: (b) 1964 (11 फरवरी 1964)
Q3. संसद द्वारा CVC अधिनियम पारित करके इसे सांविधिक (Statutory) दर्जा किस वर्ष दिया गया?
(a) 1993
(b) 1998
(c) 2003
(d) 2005
उत्तर: (c) 2003 (11 सितंबर 2003)
Q4. केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) किस प्रकार का निकाय है?
(a) संवैधानिक निकाय (Constitutional Body)
(b) स्वायत्त सांविधिक/वैधानिक निकाय (Statutory Body)
(c) गैर-सरकारी संगठन (NGO)
(d) विशुद्ध रूप से निजी निकाय
उत्तर: (b) स्वायत्त सांविधिक/वैधानिक निकाय
Q5. भारत के प्रथम केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (Central Vigilance Commissioner) कौन थे?
(a) एन. एस. राव (N. S. Rau)
(b) बी. के. आचार्य
(c) पी. जी. गवाई
(d) शरद कुमार
उत्तर: (a) एन. एस. राव
Q6. CVC के केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और अन्य सतर्कता आयुक्तों की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?
(a) भारत के प्रधानमंत्री द्वारा
(b) भारत के राष्ट्रपति द्वारा (चयन समिति की सिफारिश पर)
(c) सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा
(d) केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा
उत्तर: (b) भारत के राष्ट्रपति द्वारा
Q7. CVC की नियुक्ति हेतु गठित 3-सदस्यीय चयन समिति का अध्यक्ष कौन होता है?
(a) भारत के राष्ट्रपति
(b) भारत के मुख्य न्यायाधीश
(c) भारत के प्रधानमंत्री
(d) केंद्रीय गृह मंत्री
उत्तर: (c) भारत के प्रधानमंत्री
Q8. CVC की चयन समिति में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं होता है?
(a) भारत के प्रधानमंत्री
(b) केंद्रीय गृह मंत्री
(c) लोकसभा में विपक्ष का नेता
(d) भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI)
उत्तर: (d) भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI)
Q9. केंद्रीय सतर्कता आयोग में मुख्य आयुक्त के अलावा अधिकतम कितने सतर्कता आयुक्त हो सकते हैं?
(a) 2
(b) 3
(c) 4
(d) 5
उत्तर: (a) 2 (कुल अधिकतम 3 सदस्य: 1 CVC + 2 VCs)
Q10. केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और सतर्कता आयुक्तों का कार्यकाल कितना निर्धारित किया गया है?
(a) 3 वर्ष या 65 वर्ष की आयु
(b) 4 वर्ष या 65 वर्ष की आयु
(c) 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु
(d) 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु
उत्तर: (b) 4 वर्ष या 65 वर्ष की आयु
Q11. क्या CVC का कोई सदस्य अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद पुनर्नियुक्त (Re-appointed) हो सकता है?
(a) हाँ, किसी भी पद पर
(b) नहीं, वह किसी अन्य सरकारी पद हेतु अयोग्य होता है
(c) केवल 1 बार पुनर्नियुक्त हो सकता है
(d) राष्ट्रपति की इच्छा पर निर्भर है
उत्तर: (b) नहीं, वह किसी अन्य सरकारी पद हेतु अयोग्य होता है
Q12. किसी मामले की जांच या जांच का निर्देश देते समय CVC को किस न्यायालय की शक्तियां प्राप्त होती हैं?
(a) आपराधिक न्यायालय (Criminal Court)
(b) सिविल न्यायालय (Civil Court)
(c) उच्च न्यायालय
(d) राजस्व न्यायालय
उत्तर: (b) सिविल न्यायालय
Q13. केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) किस नोडल मंत्रालय के तहत प्रशासनिक रूप से जुड़ा है?
(a) गृह मंत्रालय
(b) कानून और न्याय मंत्रालय
(c) कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय (MoPPSG)
(d) वित्त मंत्रालय
उत्तर: (c) कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय
Q14. दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (CBI) के भ्रष्टाचार निवारण संबंधी कार्यों का पर्यवेक्षण कौन करता है?
(a) गृह मंत्रालय
(b) केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC)
(c) राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA)
(d) संघ लोक सेवा आयोग
उत्तर: (b) केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC)
Q15. सर्वोच्च न्यायालय के किस प्रसिद्ध फैसले के बाद CVC को सांविधिक दर्जा देने का मार्ग प्रशस्त हुआ?
(a) केशवानंद भारती मामला
(b) विनीत नारायण बनाम भारत संघ मामला (1997)
(c) मेनका गांधी मामला
(d) शाह बानो मामला
उत्तर: (b) विनीत नारायण मामला (1997)
Q16. CVC अपनी वार्षिक रिपोर्ट (Annual Report) किसे प्रस्तुत करता है?
(a) भारत के प्रधानमंत्री को
(b) भारत के राष्ट्रपति को (जो इसे संसद के समक्ष रखवाते हैं)
(c) लोकसभा अध्यक्ष को
(d) मुख्य न्यायाधीश को
उत्तर: (b) भारत के राष्ट्रपति को
Q17. विभिन्न केंद्रीय सरकारी निकायों और PSUs में तैनात मुख्य सतर्कता अधिकारियों (CVO) की नियुक्ति के संबंध में किसकी सलाह अनिवार्य होती है?
(a) UPSC
(b) CVC
(c) CBI
(d) NITI Aayog
उत्तर: (b) CVC
Q18. CVC के सदस्यों को पद से हटाने के लिए राष्ट्रपति मामले की जांच हेतु किसे संदर्भित करते हैं?
(a) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI)
(b) उच्चतम न्यायालय (Supreme Court)
(c) संसद की प्रवर समिति
(d) केंद्रीय सतर्कता आयुक्त
उत्तर: (b) उच्चतम न्यायालय
Q19. केंद्रीय सतर्कता आयोग का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
(a) नई दिल्ली (सतर्कता भवन)
(b) मुंबई
(c) हैदराबाद
(d) कोलकाता
उत्तर: (a) नई दिल्ली
Q20. प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक (Director of Enforcement) का चयन करने वाली समिति की अध्यक्षता कौन करता है?
(a) केंद्रीय गृह सचिव
(b) केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (CVC)
(c) सीबीआई निदेशक
(d) वित्त सचिव
उत्तर: (b) केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (CVC)
Q21. निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य CVC का नहीं है?
(a) अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच का पर्यवेक्षण करना
(b) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत शिकायतों की समीक्षा करना
(c) लोक सेवकों को सीधे अदालत में आपराधिक सजा सुनाना
(d) सार्वजनिक उपक्रमों में सतर्कता प्रशासन पर नजर रखना
उत्तर: (c) लोक सेवकों को सीधे अदालत में आपराधिक सजा सुनाना (सजा देने का कार्य नियमित अदालतों का है)
बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) संवैधानिक निकाय है या सांविधिक निकाय?
उत्तर: CVC एक सांविधिक/वैधानिक निकाय (Statutory Body) है। इसका उल्लेख भारत के मूल संविधान में नहीं था। इसकी स्थापना 1964 में एक प्रस्ताव द्वारा की गई थी और संसद ने 'CVC अधिनियम, 2003' पारित करके इसे 2003 में सांविधिक दर्जा प्रदान किया।
Q2. CVC और CBI में क्या मुख्य अंतर है?
उत्तर: CVC एक स्वतंत्र पर्यवेक्षी और भ्रष्टाचार-रोधी सांविधिक निकाय है जो नीतिगत मार्गदर्शन और प्रशासनिक सतर्कता की देखरेख करता है। जबकि CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) एक जांच एजेंसी (Investigation Agency) है जो भ्रष्टाचार और गंभीर अपराधों की निष्पक्ष जांच व साक्ष्य एकत्र करने का काम करती है। CVC, सीबीआई के भ्रष्टाचार-रोधी जांच कार्यों का पर्यवेक्षण करता है।
Q3. CVC का कार्यकाल अन्य आयोगों से भिन्न क्यों है?
उत्तर: सामान्यतः अधिकांश संवैधानिक व सांविधिक आयोगों में कार्यकाल 3, 5 या 6 वर्ष का होता है, परंतु CVC अधिनियम 2003 के तहत CVC के सदस्यों का कार्यकाल विशेष रूप से 4 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले पूरा हो) निर्धारित किया गया है।
Q4. CVC को 'सिविल न्यायालय' की शक्तियां मिलने का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि किसी शिकायत या भ्रष्टाचार मामले की जांच करते समय आयोग किसी भी व्यक्ति या सरकारी अधिकारी को समन भेजकर बुला सकता है, शपथ पत्र पर साक्ष्य ले सकता है और किसी भी कार्यालय से दस्तावेज प्रस्तुत करने का आदेश दे सकता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
भारत के प्रशासनिक तंत्र में ईमानदारी, निष्ठा, पारदर्शिता और सुशासन बनाए रखने में केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) एक मजबूत प्रहरी की भूमिका निभाता है। 1964 में संथानम समिति की सिफारिश पर गठित और 2003 के अधिनियम द्वारा सशक्त इस सांविधिक निकाय ने सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार रोकने और उत्तरदायित्व तय करने में ऐतिहासिक योगदान दिया है।
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