विजयनगर साम्राज्य का इतिहास (Vijayanagar Empire History in Hindi): संगम से अराविदु वंश, कृष्णदेवराय, नायंकर प्रणाली व PYQs

विजयनगर साम्राज्य का इतिहास (Vijayanagar Empire History in Hindi): राजवंश, कृष्णदेवराय, नायंकर व्यवस्था एवं महत्वपूर्ण PYQs


1336 ईस्वी में दक्षिण भारत में तुंगभद्रा नदी के तट पर विजयनगर साम्राज्य ('जीत का शहर') की स्थापना हुई। इसकी स्थापना हरिहर और बुक्का नामक दो भाइयों ने अपने गुरु विद्यारण्य और संत सायण की प्रेरणा से की थी। विजयनगर साम्राज्य मध्यकालीन भारत में हिंदू संस्कृति और द्रविड़ स्थापत्य कला का सबसे महान संरक्षक केंद्र बना।

UP Police, UPSSSC (PET/VDO/Lekhpal), SSC (CGL/CHSL), Railway, UPTET, CTET, TGT/PGT, RO/ARO, BPSC, UPSC आदि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में विजयनगर साम्राज्य के राजवंशों, राजा कृष्णदेवराय (अष्टदिग्गज), नायंकर/अयंगार प्रशासनिक व्यवस्था, विदेशी यात्रियों (अब्दुल रज्जाक, निकोलो कोंटी, डोमिंगो पायस) और तालीकोटा के युद्ध से अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं।

1. विजयनगर साम्राज्य के चार राजवंश (Chronology of Dynasties)

विजयनगर साम्राज्य पर क्रम से चार राजवंशों ने शासन किया (याद रखने की ट्रिक: S-S-T-A ➔ Sangama ➔ Saluva ➔ Tuluva ➔ Aravidu):

                              विजयनगर के 4 प्रमुख राजवंश
                                          │
 ┌───────┬───────┴──────────┬───────┐
 ▼                 ▼                                             ▼                 ▼
संगम राजवंश      सलुव राजवंश              तुलुव राजवंश         अराविदु राजवंश
(1336–1485 ई.)   (1485–1505 ई.)     (1505–1570 ई.)     (1570–1646 ई.)
 [हरिहर व बुक्का]  [सलुव नृसिंह]             [वीर नृसिंह &          [तिरुमल] कृष्ण देवराय]

2. प्रमुख राजवंश एवं ऐतिहासिक घटनाएँ

(A) संगम राजवंश (1336 – 1485 ई.)

  • संस्थापक: हरिहर प्रथम एवं बुक्का प्रथम (1336 ई.)।

  • बुक्का प्रथम: 'वेद मार्ग प्रतिष्ठापक' की उपाधि धारण की। इसने चीन में एक दूत मंडल भेजा।

  • देवराय प्रथम (1406–1422 ई.):

    • तुंगभद्रा नदी पर बाँध बनवाकर नहरें निकलवाईं।

    • इसके काल में इटली का प्रसिद्ध यात्री निकोलो कोंटी (1420 ई.) विजयनगर आया।

  • देवराय द्वितीय (1422–1446 ई.):

    • संगम वंश का सबसे प्रतापी शासक। इसे 'गजबेटकर' (हाथियों का शिकारी) और 'इम्माडि देवराय' भी कहा जाता था।

    • इसके शासनकाल में फ़ारस (इरान) का राजदूत अब्दुल रज्जाक विजयनगर आया था।

(B) तुलुव राजवंश एवं राजा कृष्णदेवराय (1509 – 1529 ई.)

  • संस्थापक: वीर नृसिंह (1505 ई.)।

  • सम्राट कृष्णदेवराय (1509–1529 ई.): विजयनगर साम्राज्य के सबसे महान शासक थे। इन्हें 'आंध्र भोज', 'अभिनव भोज' और 'आंध्र पितामह' की उपाधियाँ प्राप्त थीं।

  • बाबरनामा में उल्लेख: मुगल सम्राट बाबर ने अपनी आत्मकथा 'बाबरनामा' में कृष्णदेवराय को भारत का सबसे शक्तिशाली शासक बताया है।

कृष्णदेवराय के काल की प्रमुख उपलब्धियाँ:

  1. साहित्यिक योगदान:

    • तेलुगु भाषा में प्रसिद्ध ग्रंथ 'अमुक्तमाल्यद' की रचना की।

    • संस्कृत भाषा में 'जांबवती कल्याणम' नाटक लिखा।

    • इनका शासनकाल तेलुगु साहित्य का क्लासिकल/स्वर्ण युग माना जाता है।

  2. अष्टदिग्गज (Ashtha Diggajas): कृष्णदेवराय के दरबार में तेलुगु साहित्य के 8 श्रेष्ठ कवि रहते थे।

    • प्रमुख कवि: अल्लासानी पेद्दाना (तेलुगु कविता के पितामह, रचना: स्वारोचिश संभवम) और तेनालीराम रामकृष्ण (रचना: पांडुरंग महात्म्यम)।

  3. विदेशी यात्री: पुर्तगाली यात्री डोमिंगो पायस (Domingo Paes) और दुआर्ते बारबोसा (Duarte Barbosa) इनके समय विजयनगर आए थे।

  4. स्थापत्य निर्माण: हम्पी में हज़ारा राम मंदिर और विट्ठलस्वामी मंदिर का निर्माण करवाया तथा 'नागलपुर' नामक नया नगर बसाया।

(C) तालीकोटा का युद्ध / राक्षस-तंगड़ी का युद्ध (23 जनवरी 1565)

  • प्रतिद्वंद्वी: विजयनगर साम्राज्य (सदाशिव राय के काल में वास्तविक सत्ता सेनापति रामराय के हाथ में थी) बनाम दक्कन की मुस्लिम सल्तनतों का संघ (बीजापुर, गोलकुंडा, अहमदनगर और बीदर)।

  • विशेष तथ्य: दक्कनी संघ में बरार शामिल नहीं था।

  • परिणाम: रामराय की पराजय हुई और मार डाला गया। विजयनगर शहर को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। इस युद्ध ने विजयनगर साम्राज्य का वैभव समाप्त कर दिया।

  • विदेशी विवरण: सीज़र फ्रेडरिक ने युद्ध के बाद नष्ट हुए विजयनगर का आंखों देखा वर्णन किया है।

3. विजयनगरकालीन प्रशासनिक एवं राजस्व व्यवस्था

(A) प्रशासनिक प्रणालियाँ:

  1. नायंकर प्रणाली (Nayankara System): यह विजयनगर की प्रमुख सैन्य व्यवस्था थी। इसमें सैन्य नायकों (नायकों) को वेतन के बदले भूमि दी जाती थी, जिसे 'अमरम' (Amaram) कहते थे। अमरम प्राप्त करने वाले अधिकारी 'नायक' कहलाते थे।

  2. अयंगार प्रणाली (Ayangar System): ग्रामीण प्रशासन हेतु 12 स्वायत्त अधिकारियों का समूह नियुक्त होता था, जिसे 'अयंगार' कहा जाता था। ये पद वंशानुगत होते थे।

(B) राजस्व व समाज:

  • भू-राजस्व कर (शिस्त/Sist): सामान्यतः उपज का 1/6 भाग भू-राजस्व के रूप में लिया जाता था।

  • सती प्रथा व बाल विवाह: विजयनगर समाज में प्रचलित थे।

  • मुद्रा (Coinage): विजयनगर के प्रसिद्ध सोने के सिक्के को 'वराह' (Pagoda) कहा जाता था।

4. विजयनगर आए प्रमुख विदेशी यात्री (Quick Reference Table)

यात्री का नामकिस देश से आयाकिसके शासनकाल में आया
निकोलो कोंटीइटलीदेवराय प्रथम (1420 ई.)
अब्दुल रज्जाकफ़ारस (इरान)देवराय द्वितीय (1443 ई.)
अथानासियस निकितिनरूसमोहम्मद तृतीय (बहमनी)
दुआर्ते बारबोसापुर्तगालकृष्णदेवराय (1500–1516 ई.)
डोमिंगो पायसपुर्तगालकृष्णदेवराय (1520 ई.)
फ़र्नाओ नूगिज़पुर्तगालअच्युत देवराय (1535 ई.)

5. परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Facts)

  • विजयनगर साम्राज्य की स्थापना कब और किसने की? 1336 ई. में हरिहर एवं बुक्का ने।

  • विजयनगर किस नदी के तट पर स्थित था? तुंगभद्रा नदी के तट पर।

  • विजयनगर के अवशेष वर्तमान में कहाँ स्थित हैं? हम्पी (कर्नाटक में, UNESCO विश्व धरोहर स्थल)।

  • 'आंध्र भोज' की उपाधि किसने धारण की थी? कृष्णदेवराय ने।

  • तेलुगु ग्रंथ 'अमुक्तमाल्यद' के रचयिता कौन थे? सम्राट कृष्णदेवराय।

  • 'अष्टदिग्गज' किस शासक के दरबार को सुशोभित करते थे? कृष्णदेवराय के।

  • तालीकोटा का युद्ध कब लड़ा गया था? 23 जनवरी 1565 ई. को।

  • विजयनगर साम्राज्य का प्रसिद्ध सोने का सिक्का क्या कहलाता था? वराह (पैगोडा)।

6. विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्न (Previous Year Solved MCQs)

Q1. प्रसिद्ध विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ई. में निम्नलिखित में से किन दो भाइयों द्वारा की गई थी? (UP Police Constable / UPSSSC PET)

  • (A) हरिहर और बुक्का

  • (B) कृष्णदेवराय और अच्युत राय

  • (C) वीर नृसिंह और तिरुमल

  • (D) रामराय और वेंकट प्रथम

    उत्तर: (A) हरिहर और बुक्का

Q2. तेलुगु साहित्य के प्रसिद्ध ग्रंथ 'अमुक्तमाल्यद' की रचना किस विजयनगर सम्राट ने की थी? (SSC CGL / Railway NTPC)

  • (A) देवराय प्रथम

  • (B) देवराय द्वितीय

  • (C) कृष्णदेवराय

  • (D) हरिहर द्वितीय

    उत्तर: (C) कृष्णदेवराय

Q3. विजयनगर साम्राज्य के प्रशासनिक व्यवस्था में 'अष्टदिग्गज' से क्या तात्पर्य था? (UPSI / RO/ARO)

  • (A) 8 प्रमुख सैन्य सेनापति

  • (B) 8 श्रेष्ठ तेलुगु कवि

  • (C) 8 मंत्रियों की परिषद

  • (D) 8 कर वसूलने वाले अधिकारी

    उत्तर: (B) 8 श्रेष्ठ तेलुगु कवि

Q4. प्रसिद्ध तालीकोटा का युद्ध (राक्षस-तंगड़ी का युद्ध) किस वर्ष लड़ा गया था जिसमें विजयनगर का पतन हुआ? (BPSC / TGT History)

  • (A) 1526 ई.

  • (B) 1556 ई.

  • (C) 1565 ई.

  • (D) 1576 ई.

    उत्तर: (C) 1565 ई.

Q5. प्रसिद्ध फ़ारसी यात्री अब्दुल रज्जाक ने किस विजयनगर शासक के काल में भारत की यात्रा की थी? (UPSC Prelims / MPPSC)

  • (A) देवराय प्रथम

  • (B) देवराय द्वितीय

  • (C) कृष्णदेवराय

  • (D) बुक्का प्रथम

    उत्तर: (B) देवराय द्वितीय

निष्कर्ष

विजयनगर साम्राज्य भारतीय इतिहास में केवल अपनी सैन्य विजयों के लिए नहीं, बल्कि कला, साहित्य, स्थापत्य कला और व्यापार में अपने अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है। हम्पी के खंडहर आज भी इस बात की गवाही देते हैं कि मध्यकालीन भारत में यह साम्राज्य समृद्धि और गौरव का शिखर था।

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