संज्ञा किसे कहते है | sangya kise kahte hai

 इस लेख के माध्यम से हम संज्ञा (Noun) का विस्तृत अध्यन करेंगे |

संज्ञा किसे कहते है


  • जब किसी व्यक्ति वस्तु स्थान या भाव के नाम का बोध होता है तो उस शब्द को संज्ञा कहते है
  • यह एक विकारी शब्द है

Type of Noun | संज्ञा के प्रकार

  • यह पांच प्रकार की होती है
  1. व्यक्तिवाचक
  2. जातिवाचक
  3. समूह वाचक
  4. द्रव्य वाचक
  5. भाव वाचक संज्ञा

 1. व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun)

  • जहाँ किसी एक व्यक्ति, वस्तु, स्थान का बोध होता है, व्यक्तिवाचक संज्ञा कहलाता है ।
  • व्यक्तिवाचक संज्ञा सामान्यतः एक वचन में ही होती है, किन्तु  यदि किसी अन्य स्थिति में बहुवचन में आया हो तो वहां जातिवाचक संज्ञा होगी
जैसे: -

व्यक्तिवाचक संज्ञा निम्न में पायी जाती है

  • राम, गीता मोहन आदि
  • पुस्तक, मेज, कुर्सी आदि
  • लखनऊ, कानपुर, आगरा आदि
  • उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम आदि
  • भारत, चीन, जापान, अमेरिका आदि
  • जून, जुलाई, अगस्त, दिसम्बर आदि
  • सोमवार, मंगलवार, शनिवार आदि
  • होली, दिवाली, ईद, क्रिसमस आदि

2. जातिवाचक संज्ञा | Common Noun

  • वे शब्द जो किसी एक प्रकार जाति का बोध कराती है, जातिवाचक संज्ञा कहलाती है
  • यह हमेशा बहुवचन में ही होती है
  • गुणों के आधार पर जातिवाचक संज्ञा की पहचान करते है
  • ये शब्द किसी जाति, वर्ग या समुदाय का बोध करते है

जैसे:-

  • नदी, झील, तालाब आदि
  • पर्वत, पठार आदि
  • बच्चा, बच्ची, लकड़ी, लड़का, बुढा आदि
  • आदमी, औरत आदि

3. समूह वाचक संज्ञा | Collective Noun

  • वे शब्द जो किसी  व्यक्ति समूह वस्तु समूह का बोध कराती है, समूहवाचक संज्ञा कहलाती है।

जैसे:-

  • सेना, भीड़, सभा, दल, गिरोह, मण्डल, गुच्छा आदि

4. द्रव्यवाचक संज्ञा | Material Noun

  • वे शब्द जो किसी  पदार्थ का बोध कराती है, द्रव्य वाचक संज्ञा कहलाती है।

जैसे:-

  • बालू , गिट्टी, मोरन आदि
  • सोना, लोहा, ताबा, पीतल आदि
  • हीरा, चांदी, मोती, पन्ना आदि
  • तेल, पानी, डीजल पेट्रोल आदि

5. भाववाचक संज्ञा | Abstract Noun

  • वे शब्द जो किसी भाव गुण दशा का बोध कराती है, भाववाचक संज्ञा कहलाती है।
  • वे शब्द जिन्हें न छुआ जा सके न देखा जा सके अपितु केवल महसूस किया जा सके, भाववाचक संज्ञा कहलाती है।

जैसे:-

  • बचपन, जवानी, बुढ़ापा आदि
  • मधुरता, कोमता आदि
  • ईर्ष्या, क्रोध, द्वेष, कटुता आदि
  • मित्रता, शत्रुता, मानवता, पशुता, कायरता आदि
  • ग़रीबी,अमीरी आदि
  • पुरुषत्व, नारीत्व, अपनत्व आदि

भाववाचक संज्ञा में परिवर्तन

जाति वाचक
भाववाचक
पुरुषपुरुषत्व
नारीनारीत्व
बच्चाबचपन
पशुपशुता
मानवमानवता
बुढाबुढ़ापा

सर्वनाम से भाववाचक संज्ञा में परिवर्तन

सर्वनाम
भाववाचक
अपनाअपनत्व

 विशेषण से भाववाचक संज्ञा में परिवर्तन

विशेषण
भाववाचक
मधुरमधुरता
कटुकटुता
कोमलकोमलता
सुन्दरसुन्दरता
कायरकायरता
कुरूपकुरूपता

संज्ञा का वाक्य में प्रयोग

  • वाक्यों में संज्ञा का प्रयोग विभिन्न विभिन्न प्रकार से किया जा सकता है

संज्ञा का कर्ता के रूप में

  • गरिमा गाना गा रही है
  • काव्या हंस रही
  • बच्चा रो रहा
  • कुत्ता भौक रहा

संज्ञा का कर्म के रूप में

  • कोमल पुस्तक पढ़ रही है
  • विशाल पत्र लिख रहा है
  • किसान खेत जोत रहा है

संज्ञा का विशेषण के रूप में

  • सुंदर लड़की खेल रही है
  • सफ़ेद गाय बहुत उपयोगी है
  • मोटी भैस ज्यादा दूध देती है

संज्ञा का संबोधन के रूप में

  • हे भगवान! हमारे दुखो को दूर करो
  • हे राम! हमारी सहायता करो

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