सोमवार, 21 सितंबर 2026

बैंकों का राष्ट्रीयकरण (Nationalisation of Banks in India): इतिहास, 1969 एवं 1980 के चरण, प्रभाव और 20+ MCQs

बैंकों का राष्ट्रीयकरण (Nationalisation of Banks in India): इतिहास, 1969 व 1980 के चरण, कारण, प्रभाव एवं सम्पूर्ण परीक्षा उपयोगी नोट्स

भारतीय बैंकिंग प्रणाली के इतिहास में बैंकों का राष्ट्रीयकरण (Nationalisation of Banks) एक अत्यंत क्रांतिकारी और मील का पत्थर साबित होने वाला कदम था। स्वतंत्रता के बाद भारत की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों पर निर्भर था, परंतु देश के निजी बैंक मुख्य रूप से बड़े उद्योगपतियों और शहरी व्यापार तक ही सीमित थे। इस असंतुलन को दूर करने, ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार ने बैंकों के राष्ट्रीयकरण की नीति अपनाई।

प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UPSC, State PSC (UPPCS, BPSC, MPPSC, RAS), SSC CGL, Banking (RBI Grade B, IBPS PO/Clerk, SBI PO), Railways और UGC NET में भारतीय अर्थव्यवस्था एवं बैंकिंग इतिहास के अंतर्गत "बैंकों के राष्ट्रीयकरण" से बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं।

इस विस्तृत लेख में हम बैंकों के राष्ट्रीयकरण का पृष्ठभूमि, 1969 एवं 1980 के चरण, कारण, सकारात्मक व नकारात्मक प्रभाव, बैंकों के हालिया विलय (Merger), प्रमुख तथ्य तालिका, त्वरित पुनरीक्षण नोट्स, 20+ विगत वर्षों के महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQs) और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQs) का अध्ययन करेंगे।

1. बैंकों का राष्ट्रीयकरण क्या है? (What is Nationalisation of Banks?)

राष्ट्रीयकरण वह प्रक्रिया है जिसके तहत किसी निजी स्वामित्व वाले संस्थान या उद्योग का स्वामित्व, प्रबंधन और नियंत्रण सरकार अपने हाथ में ले लेती है।

भारत में स्वतंत्रता के समय बैंकिंग क्षेत्र मुख्य रूप से निजी हाथों में था। बैंकों का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना था, जिससे कृषि, छोटे उद्योगों और ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा हो रही थी। इसलिए, सरकार ने जनकल्याण और संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए निजी बैंकों को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (Public Sector Banks - PSBs) में परिवर्तित किया।

2. भारत में बैंकों के राष्ट्रीयकरण का इतिहास व प्रमुख चरण (Phases of Nationalisation)

भारत में बैंकों का राष्ट्रीयकरण एक ही बार में नहीं हुआ, बल्कि यह विभिन्न चरणों में संपन्न हुआ:

                                  ┌───────────────────────────┐
                                  │   बैंकों के राष्ट्रीयकरण  │
                                  │       के प्रमुख चरण       │
                                  └─────────────┬─────────────┘
                                                │
       ┌──────────────────┬─────────────────────┴─────────────────────┬──────────────────┐
       ▼                  ▼                                           ▼                  ▼
┌──────────────┐   ┌──────────────┐                            ┌──────────────┐   ┌──────────────┐
│  RBI का      │   │  SBI का      │                            │  प्रथम चरण   │   │  द्वितीय चरण │
│  राष्ट्रीयकरण│   │  राष्ट्रीयकरण│                            │ (14 बड़े बैंक│   │  (6 बड़े बैंक│
│    (1949)    │   │    (1955)    │                            │    1969)     │   │    1980)     │
└──────────────┘   └──────────────┘                            └──────────────┘   └──────────────┘

1. प्रारंभिक चरण (1949 एवं 1955):

  • 1 जनवरी 1949: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) का राष्ट्रीयकरण किया गया।

  • 1 जुलाई 1955: 'इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया' (Imperial Bank of India) का राष्ट्रीयकरण करके भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की स्थापना की गई।

  • 1959: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (सब्सिडियरी बैंक्स) एक्ट पारित कर 8 सहयोगी बैंकों को SBI का सहयोगी बनाया गया।

2. प्रथम चरण (19 जुलाई 1969):

  • तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के शासनकाल में 19 जुलाई 1969 को एक अध्यादेश (Ordinance) के माध्यम से 14 बड़े वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया।

  • शर्त: इन बैंकों की जमा पूंजी (Deposits) ₹50 करोड़ या उससे अधिक थी।

3. द्वितीय चरण (15 अप्रैल 1980):

  • 15 अप्रैल 1980 को सरकार ने 6 और निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया।

  • शर्त: इन बैंकों की जमा पूंजी ₹200 करोड़ या उससे अधिक थी।

3. बैंकों के राष्ट्रीयकरण से संबंधित प्रमुख तथ्य: तालिका (Key Facts Table)

बिंदु / पहलूमुख्य तथ्य / विवरण
RBI का राष्ट्रीयकरण1 जनवरी 1949
SBI की स्थापना (इंपीरियल बैंक का राष्ट्रीयकरण)1 जुलाई 1955
प्रथम चरण का राष्ट्रीयकरण19 जुलाई 1969 (14 वाणिज्यिक बैंक)
1969 में जमा पूंजी की न्यूनतम सीमा₹50 करोड़ या उससे अधिक
द्वितीय चरण का राष्ट्रीयकरण15 अप्रैल 1980 (6 वाणिज्यिक बैंक)
1980 में जमा पूंजी की न्यूनतम सीमा₹200 करोड़ या उससे अधिक
1969 के समय प्रधानमंत्रीश्रीमती इंदिरा गांधी
1969 के समय RBI गवर्नरएल. के. झा (L. K. Jha)
1980 के समय RBI गवर्नरआई. जी. पटेल (I. G. Patel)
सामाजिक नियंत्रण नीति (Social Control Policy)1967 में मोरारजी देसाई द्वारा प्रस्तावित
लीड बैंक योजना (Lead Bank Scheme) की शुरुआत1969 (गाडगिल स्टडी ग्रुप की सिफारिश पर)
न्यू बैंक ऑफ इंडिया का PNB में विलय4 सितंबर 1993 (इसके बाद राष्ट्रीयकृत बैंकों की संख्या 19 रह गई थी)

4. 1969 में राष्ट्रीयकृत 14 प्रमुख बैंकों की सूची

  1. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India)

  2. बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India)

  3. पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank)

  4. बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda)

  5. यूनाइटेड कमर्शियल बैंक (UCO Bank)

  6. कैनरा बैंक (Canara Bank)

  7. यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (United Bank of India)

  8. देना बैंक (Dena Bank)

  9. सिंडिकेट बैंक (Syndicate Bank)

  10. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India)

  11. इलाहाबाद बैंक (Allahabad Bank)

  12. इंडियन बैंक (Indian Bank)

  13. इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank)

  14. बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra)

5. 1980 में राष्ट्रीयकृत 6 प्रमुख बैंकों की सूची

  1. आंध्रा बैंक (Andhra Bank)

  2. कॉर्पोरेशन बैंक (Corporation Bank)

  3. न्यू बैंक ऑफ इंडिया (New Bank of India)

  4. ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (Oriental Bank of Commerce)

  5. पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab & Sind Bank)

  6. विजया बैंक (Vijaya Bank)

6. बैंकों के राष्ट्रीयकरण के मुख्य कारण (Reasons for Nationalisation)

  1. शहरी एवं एकाधिकारवादी प्रभुत्व को समाप्त करना: राष्ट्रीयकरण से पूर्व बैंकिंग क्षेत्र पर बड़े औद्योगिक घरानों का नियंत्रण था और लगभग 67% क्रेडिट केवल बड़े उद्योगों को जाता था।

  2. कृषि एवं प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों (Priority Sector) का विकास: देश की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर थी, लेकिन बैंकों द्वारा कुल ऋण का केवल 2.2% कृषि क्षेत्र को दिया जाता था।

  3. ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार: ग्रामीण आबादी को साहूकारों और महाजनों के शोषण से बचाना।

  4. बचत को बढ़ावा और संसाधनों का जुटाव: आम जनता का बैंकों में विश्वास पैदा करना और उनकी छोटी-छोटी बचतों को देश के विकास में लगाना।

  5. वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion): समाज के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग पहुंच सुनिश्चित करना।

7. राष्ट्रीयकरण का प्रभाव: सकारात्मक एवं नकारात्मक (Impacts)

सकारात्मक प्रभाव (Positive Impacts):

  • शाखाओं का अभूतपूर्व विस्तार: 1969 से 1990 के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक शाखाओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई।

  • प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र ऋण (Priority Sector Lending - PSL): कृषि, लघु उद्योग (MSME) और कमजोर वर्गों के लिए कुल ऋण का 40% निर्धारित किया गया।

  • बचत दर में वृद्धि: जीडीपी में वित्तीय बचत का अनुपात बढ़ा।

  • हरित क्रांति में योगदान: किसानों को आसान दरों पर ऋण मिलने से 'हरित क्रांति' (Green Revolution) को बल मिला।

नकारात्मक प्रभाव / सीमाएं (Negative Impacts):

  • गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (NPA) और लालफीताशाही: राजनीतिक हस्तक्षेप और अक्षमता के कारण बैंकों के फंसे हुए कर्ज (NPA) बढ़ने लगे।

  • प्रतिस्पर्धा और लाभप्रदता में कमी: सरकारी नियंत्रण के कारण बैंकों की दक्षता और सेवा गुणवत्ता प्रभावित हुई।

  • वित्तीय पुनर्रचना की आवश्यकता: 1991 के वित्तीय संकट के बाद एम. नरसिंहम समिति (Narasimham Committee) की सिफारिशों पर बैंकिंग सुधार लागू करने पड़े।

8. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का हालिया विलय (Recent Consolidation/Mergers)

2019-2020 में भारत सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की प्रतिस्पर्धात्मकता और दक्षता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर विलय (Merger) किया।

  • 2019-2020 के प्रमुख विलय:

    • पंजाब नेशनल बैंक (PNB): ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय।

    • कैनरा बैंक: सिंडिकेट बैंक का विलय।

    • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया: आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का विलय।

    • इंडियन बैंक: इलाहाबाद बैंक का विलय।

    • बैंक ऑफ बड़ौदा (2019): विजया बैंक और देना बैंक का विलय।

नोट: इन विलयों के पश्चात वर्तमान में भारत में केवल 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (Public Sector Banks - PSBs) शेष रह गए हैं।

9. त्वरित पुनरीक्षण नोट्स (Quick Revision Notes for Exams)

  • RBI का राष्ट्रीयकरण: 1 जनवरी 1949 को हुआ।

  • इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया का नया नाम: 1 जुलाई 1955 से 'भारतीय स्टेट बैंक' (SBI)।

  • 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण: 19 जुलाई 1969 (जमा पूंजी ₹50 करोड़)।

  • 6 बैंकों का राष्ट्रीयकरण: 15 अप्रैल 1980 (जमा पूंजी ₹200 करोड़)।

  • 1993 का विलय: न्यू बैंक ऑफ इंडिया का PNB में विलय हुआ।

  • बैंकिंग सुधार समिति: एम. नरसिंहम समिति (1991 एवं 1998)।

  • लीड बैंक योजना: 1969 में एफ. के. एफ. नरीमन और गाडगिल समिति की सिफारिश पर शुरू की गई।

  • वर्तमान में PSBs की संख्या: 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक।

10. विगत वर्षों के 20+ महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (Previous Years MCQs)

Q1. भारत में 14 प्रमुख निजी वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किस वर्ष किया गया था?

(a) 1955

(b) 1969

(c) 1980

(d) 1991

उत्तर: (b)

Q2. 1969 में बैंकों के प्रथम चरण के राष्ट्रीयकरण के समय भारत के प्रधानमंत्री कौन थे?

(a) जवाहरलाल नेहरू

(b) लाल बहादुर शास्त्री

(c) श्रीमती इंदिरा गांधी

(d) मोरारजी देसाई

उत्तर: (c)

Q3. 1969 में जिन 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया, उनकी न्यूनतम जमा पूंजी (Deposits) कितनी थी?

(a) ₹20 करोड़

(b) ₹50 करोड़

(c) ₹100 करोड़

(d) ₹200 करोड़

उत्तर: (b)

Q4. भारत में बैंकों के राष्ट्रीयकरण का द्वितीय चरण किस वर्ष संपन्न हुआ?

(a) 15 अप्रैल 1975

(b) 15 अप्रैल 1980

(c) 1 जुलाई 1982

(d) 15 अगस्त 1985

उत्तर: (b)

Q5. 1980 में कितने वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था?

(a) 4

(b) 6

(c) 8

(d) 10

उत्तर: (b)

Q6. 1980 में राष्ट्रीयकृत किए गए बैंकों के लिए न्यूनतम जमा पूंजी की सीमा क्या रखी गई थी?

(a) ₹50 करोड़

(b) ₹100 करोड़

(c) ₹200 करोड़

(d) ₹500 करोड़

उत्तर: (c)

Q7. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) का राष्ट्रीयकरण किस तिथि को हुआ था?

(a) 15 अगस्त 1947

(b) 1 जनवरी 1949

(c) 26 जनवरी 1950

(d) 1 जुलाई 1955

उत्तर: (b)

Q8. 'इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया' का राष्ट्रीयकरण करके किस बैंक की स्थापना की गई थी?

(a) बैंक ऑफ इंडिया

(b) पंजाब नेशनल बैंक

(c) भारतीय स्टेट बैंक (SBI)

(d) सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया

उत्तर: (c)

Q9. 1969 में बैंकों के राष्ट्रीयकरण के समय भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर कौन थे?

(a) सी. डी. देशमुख

(b) एल. के. झा

(c) आई. जी. पटेल

(d) मनमोहन सिंह

उत्तर: (b)

Q10. वर्ष 1993 में किस राष्ट्रीयकृत बैंक का विलय पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में कर दिया गया था?

(a) विजया बैंक

(b) आंध्रा बैंक

(c) न्यू बैंक ऑफ इंडिया

(d) ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स

उत्तर: (c)

Q11. 'लीड बैंक योजना' (Lead Bank Scheme) की शुरुआत किस वर्ष की गई थी?

(a) 1955

(b) 1969

(c) 1975

(d) 1980

उत्तर: (b)

Q12. स्वतंत्रता के बाद भारत में बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों के लिए 1991 में किस समिति का गठन किया गया था?

(a) केलकर समिति

(b) नरसिंहम समिति

(c) तारापोर समिति

(d) चक्रवर्ती समिति

उत्तर: (b)

Q13. 1969 के राष्ट्रीयकरण का मुख्य सामाजिक-आर्थिक उद्देश्य क्या था?

(a) केवल विदेशी निवेश आकर्षित करना

(b) बैंकिंग सेवाओं का ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्रों में विस्तार करना

(c) निजी क्षेत्र को पूरी तरह समाप्त करना

(d) शेयर बाजार को नियंत्रित करना

उत्तर: (b)

Q14. 2019 में विजया बैंक और देना बैंक का विलय किस बैंक में किया गया?

(a) पंजाब नेशनल बैंक

(b) कैनरा बैंक

(c) बैंक ऑफ बड़ौदा

(d) यूनियन बैंक ऑफ इंडिया

उत्तर: (c)

Q15. भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र (Priority Sector) को कुल ऋण का कितना प्रतिशत देना अनिवार्य है?

(a) 25%

(b) 30%

(c) 40%

(d) 50%

उत्तर: (c)

Q16. इलाहाबाद बैंक का विलय हाल ही में किस सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में हुआ है?

(a) कैनरा बैंक

(b) इंडियन बैंक

(c) यूको बैंक

(d) बैंक ऑफ इंडिया

उत्तर: (b)

Q17. 1980 के राष्ट्रीयकरण के समय RBI के गवर्नर कौन थे?

(a) एल. के. झा

(b) आई. जी. पटेल

(c) के. आर. पूरी

(d) आर. एन. मल्होत्रा

उत्तर: (b)

Q18. वर्तमान में (हालिया विलयों के बाद) भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) की कुल संख्या कितनी है?

(a) 27

(b) 19

(c) 14

(d) 12

उत्तर: (d)

Q19. ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय किस बैंक में हुआ है?

(a) पंजाब नेशनल बैंक

(b) कैनरा बैंक

(c) यूनियन बैंक ऑफ इंडिया

(d) बैंक ऑफ बड़ौदा

उत्तर: (a)

Q20. 1967 में बैंकों पर 'सामाजिक नियंत्रण' (Social Control on Banks) की नीति की घोषणा किसने की थी?

(a) इंदिरा गांधी

(b) मोरारजी देसाई

(c) जवाहरलाल नेहरू

(d) सी. सुब्रमण्यम

उत्तर: (b)

Q21. 'आंध्रा बैंक' और 'कॉर्पोरेशन बैंक' का विलय किस बैंक में किया गया है?

(a) कैनरा बैंक

(b) बैंक ऑफ बड़ौदा

(c) यूनियन बैंक ऑफ इंडिया

(d) इंडियन बैंक

उत्तर: (c)

11. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions - FAQs)

Q1. बैंकों के राष्ट्रीयकरण की आवश्यकता क्यों पड़ी?

उत्तर: स्वतंत्रता के बाद बैंक मुख्य रूप से निजी उद्योगपतियों के नियंत्रण में थे और कृषि, लघु उद्योग तथा ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा करते थे। समाज के कमजोर वर्गों तक बैंकिंग सेवाएं पहुँचाने और संतुलित आर्थिक विकास के लिए राष्ट्रीयकरण आवश्यक था।

Q2. वर्तमान में भारत में कितने राष्ट्रीयकृत या सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हैं?

उत्तर: हालिया विलयों (Mergers) के बाद वर्तमान में भारत में केवल 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSBs) हैं, जिनमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI) भी शामिल है।

Q3. 1969 और 1980 के राष्ट्रीयकरण में मुख्य अंतर क्या था?

उत्तर: 1969 में 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था जिनकी जमा राशि ₹50 करोड़ या उससे अधिक थी, जबकि 1980 में 6 बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया जिनकी जमा राशि ₹200 करोड़ या उससे अधिक थी।

12. निष्कर्ष (Conclusion)

भारत में बैंकों का राष्ट्रीयकरण केवल एक वित्तीय निर्णय नहीं था, बल्कि यह एक सामाजिक-आर्थिक क्रांति थी। इसने भारतीय बैंकिंग व्यवस्था को एलीट-केंद्रित (Elite-centric) से बढ़ाकर जन-केंद्रित (Mass-centric) बनाया। इसने देश में बचत की संस्कृति को विकसित किया, कृषि एवं लघु उद्योगों को वित्तीय संबल प्रदान किया और 'हरित क्रांति' तथा ग्रामीण विकास की मजबूत नींव रखी।

यद्यपि बाद के वर्षों में लालफीताशाही और फंसे हुए कर्ज (NPA) जैसी चुनौतियां सामने आईं, जिन्हें 1991 के नरसिंहम समिति के बैंकिंग सुधारों और हालिया बैंक विलयों के माध्यम से सुधारा गया। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए 1969 और 1980 के राष्ट्रीयकरण की तिथियां, शर्तें, विलय प्रक्रियाएं और संवैधानिक/नीतिगत तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नाबार्ड (NABARD): स्थापना, बी. शिवरामन समिति, कार्य, निधि योजनाएं एवं 20+ MCQs

नाबार्ड (NABARD): राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक — इतिहास, कार्य, योजनाएं एवं सम्पूर्ण परीक्षा उपयोगी नोट्स Home > अर्थव्यवस्था भा...