मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire in Hindi): स्थापना, चंद्रगुप्त मौर्य, अशोक के शिलालेख व PYQs
मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire): स्थापना, चंद्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक, प्रशासन, कला एवं महत्वपूर्ण PYQs (संपूर्ण मार्गदर्शिका)
मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire) प्राचीन भारत का पहला सबसे बड़ा और अखंड अखिल भारतीय साम्राज्य था। इसकी स्थापना 322 ईस्वी पूर्व में चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने गुरु चाणक्य (विष्णुगुप्त / कौटिल्य) की सहायता से नंद वंश के अंतिम शासक घनानंद को पराजित करके की थी।
मौर्य साम्राज्य का विस्तार पूर्व में बंगाल से लेकर पश्चिम में हिंदूकुश पर्वत तक तथा उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में मैसूर तक फैला हुआ था। इसकी राजधानी पाटलिपुत्र थी और इसका राष्ट्र चिन्ह सिंह (Tiger/Lion) था।
1. मौर्य साम्राज्य के प्रमुख शासक
मौर्य वंश का वंशावली क्रम
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1. चंद्रगुप्त मौर्य 2. बिंदुसार 3. सम्राट अशोक
(322 BC - 298 BC) (298 BC - 273 BC) (269 BC - 232 BC)
(A) चंद्रगुप्त मौर्य (322 ई.पू. – 298 ई.पू.)
संस्थापक: चाणक्य की कूटनीति से मगध के नंद वंश को समाप्त कर मौर्य वंश की नींव रखी।
यूनानी नाम: यूनानी इतिहासकारों (जैसे प्लूटार्क और जस्टिन) ने इन्हें 'सैंड्रोकोट्टस' (Sandrokottos) और 'एंड्रोकोट्टस' कहा है (विलियम जोन्स ने प्रथम बार सैंड्रोकोट्टस की पहचान चंद्रगुप्त मौर्य से की)।
सेल्युकस निकेटर से युद्ध (305 ई.पू.): सिकंदर के सेनापति सेल्युकस निकेटर को पराजित किया। संधि के तहत सेल्युकस ने अपनी पुत्री हेलेना (कार्नेलिया) का विवाह चंद्रगुप्त से किया तथा 4 प्रांत (अराकोशिया, पेरोपेमिसदाई, एरिया, जेड्रोशिया - आधुनिक काबुल, कंधार, हेरात व मकरान) दहेज में दिए।
मेगस्थनीज: सेल्युकस का राजदूत मेगस्थनीज चंद्रगुप्त के दरबार में आया, जिसने प्रसिद्ध पुस्तक 'इंडिका' (Indica) लिखी।
अंतिम समय: जीवन के अंतिम दिनों में जैन संत भद्रबाहु से जैन धर्म की दीक्षा ली और कर्नाटक के श्रवणबेलगोला में संलेखना / संथारा पद्धति (अन्न-जल त्यागकर) द्वारा प्राण त्यागे।
(B) बिंदुसार (298 ई.पू. – 273 ई.पू.)
उपाधियां: इसे 'अमित्रघात' (अमित्रघातक = शत्रुओं का विनाश करने वाला), यूनानी लेखकों द्वारा 'अमित्रोचेट्स' तथा जैन ग्रंथों में 'सिंहसेन' कहा गया है।
धार्मिक झुकाव: यह आजीविक संप्रदाय का अनुयायी था।
विदेशी संबंध: सिरिया के राजा एंटियोकस प्रथम से बिंदुसार ने तीन वस्तुएं मांगी थीं:
मीठी मदिरा (Sweet Wine)
सुखी अंजीर (Dry Figs)
एक दार्शनिक (Sophist/Philosopher) — राजा ने दार्शनिक भेजने से इनकार कर दिया क्योंकि यूनानी कानून में दार्शनिकों का विक्रय प्रतिबंधित था।
विदेशी राजदूत: सीरिया का डाइमेकस और मिस्र (इजिप्ट) का डायोनिसियस बिंदुसार के दरबार में आए थे।
(C) सम्राट अशोक (269 ई.पू. – 232 ई.पू.)
राज्याभिषेक: 269 ई.पू. में (गद्दी पर 273 ई.पू. में बैठा, लेकिन भाइयों से 4 वर्ष गृहयुद्ध के कारण औपचारिक राज्याभिषेक 269 ई.पू. में हुआ)।
अशोक के नाम: पुराणों में 'अशोकवर्धन' तथा अभिलेखों में 'देवानामप्रिय' व 'प्रियदर्शी' (देवताओं का प्रिय) कहा गया। मास्की, गुर्जरा, नेतूर और उडेगोलम अभिलेखों में इसका नाम 'अशोक' मिलता है।
कलिंग युद्ध (261 ई.पू.): राज्याभिषेक के 8वें वर्ष (261 ई.पू.) में कलिंग (ओडिशा) पर आक्रमण किया।
इस युद्ध में भीषण नरसंहार को देखकर अशोक का हृदय परिवर्तित हो गया और उसने 'भेरीघोष' (युद्ध नीति) को त्यागकर 'धम्मघोष' (धम्म नीति) को अपनाया।
कलिंग युद्ध का वर्णन 13वें शिलालेख में मिलता है।
बौद्ध धर्म का ग्रहण: बौद्ध भिक्षु उपगुप्त ने अशोक को बौद्ध धर्म की दीक्षा दी।
धम्म प्रचार: अशोक ने अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को बौद्ध धर्म (धम्म) के प्रचार हेतु श्रीलंका भेजा।
2. सम्राट अशोक के प्रमुख शिलालेख एवं अभिलेख
अशोक भारत का पहला ऐसा शासक था जिसने अपनी प्रजा से सीधा संपर्क स्थापित करने के लिए शिलालेखों (Inscriptions) का प्रयोग किया।
खोज व पठन:
अशोक के शिलालेखों की खोज सर्वप्रथम 1750 ई. में टीफेन्थेलर (Tiefenthaler) ने की थी।
अशोक के अभिलेखों को पढ़ने में पहली सफलता 1837 ई. में जेम्स प्रिंसेप (James Prinsep) को मिली।
भाषा एवं लिपियां: अशोक के अभिलेख प्राकृत भाषा में हैं। लिपियां मुख्य रूप से 4 थीं:
ब्राह्मी लिपि: भारत में मिले अधिकांश अभिलेखों में।
खरोष्ठी लिपि: उत्तर-पश्चिम भारत (शाहबाजगढ़ी व मानसेहरा अभिलेख - दाएं से बाएं लिखी जाती है)।
ग्रीक व अरामाइक लिपि: अफगानिस्तान क्षेत्र (शार-ए-कुना अभिलेख)।
प्रमुख 14 बृहद शिलालेख (Key Rock Edicts)
प्रथम शिलालेख: पशु बलि की निंदा एवं सभी मनुष्य मेरी संतान हैं।
द्वितीय शिलालेख: मनुष्यों एवं पशुओं दोनों के लिए चिकित्सा व्यवस्था।
पंचम शिलालेख: 'धम्म महामात्रों' की नियुक्ति की जानकारी।
आठवां शिलालेख: अशोक की 'धम्म यात्राओं' का वर्णन (बोधगया यात्रा)।
तेरहवां (13th) शिलालेख: कलिंग युद्ध का वर्णन एवं पड़ोसी राज्यों से संबंधों की जानकारी (परीक्षाओं में सर्वाधिक पूछा जाने वाला)।
3. मौर्यकालीन प्रशासन एवं समाज
मौर्य प्रशासन अत्यधिक केंद्रीकृत (Centralized) और संगठित था। कौटिल्य के 'सप्तांग सिद्धांत' (स्वामी, अमात्य, जनपद, दुर्ग, कोश, दंड, मित्र) पर आधारित था।
मौर्य प्रांतीय प्रशासन
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केंद्रीय शासन प्रांत (चक्र) विषय (ज़िला) ग्राम (सबसे छोटी इकाई)
(राजा सर्वोच्च) (कुमार / आर्यपुत्र) (विषयपति) (ग्रामिक)
(A) प्रशासनिक अधिकारी (अध्यक्ष व तीर्थ)
कौटिल्य के अर्थशास्त्र में 18 उच्च अधिकारियों को 'तीर्थ' कहा गया है:
समाहर्ता: राजस्व विभाग का प्रधान (Tax Collector)।
संनिधाता: राजकीय कोषाध्यक्ष (Treasurer)।
व्यावहारिक: नगर का मुख्य न्यायाधीश।
सीताध्यक्ष: राजकीय कृषि भूमि का अध्यक्ष।
लक्षणाध्यक्ष: मुद्रा / सिक्के जारी करने वाले विभाग का अध्यक्ष।
संस्था एवं संचार: मौर्यकालीन गुप्तचर प्रणाली के दो भाग (संस्था = एक जगह रहकर कार्य करने वाले; संचार = भ्रमणशील)।
(B) समाज एवं अर्थव्यवस्था
सात वर्ग (Seven Classes): मेगस्थनीज ने अपनी पुस्तक 'इंडिका' में भारतीय समाज को 7 वर्गों में विभाजित बताया है (दार्शनिक, कृषक, पशुपालक, कारीगर, सैनिक, निरीक्षक, सभासद)।
भूमि के प्रकार:
सीता भूमि: राजकीय नियंत्रण वाली भूमि (जिससे प्राप्त आय को 'सीता' कहा जाता था)।
अदेवमातृक भूमि: वह भूमि जो बिना वर्षा के भी अच्छी खेती देती थी।
मुद्रा: मौर्यकाल की मुख्य प्रामाणिक चांदी की मुद्रा 'पण' थी।
4. परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Facts)
कौटिल्य का अर्थशास्त्र: राजनीति और लोक प्रशासन पर आधारित ग्रंथ है (15 अधिकरणों में विभाजित)।
मेगस्थनीज की 'इंडिका': इसमें पाटलिपुत्र नगर के 6 समितियों वाले 30 सदस्यीय प्रशासन का वर्णन है।
सुदर्शन झील का निर्माण: चंद्रगुप्त मौर्य के प्रांतीय राज्यपाल पुष्यगुप्त वैश्य ने काठियावाड़ (गुजरात) में करवाया था (पुनरुद्धार अशोक के तुषास्प व बाद में रुद्रदामन ने कराया)।
सांची का स्तूप: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में सम्राट अशोक द्वारा निर्मित बौद्ध स्तूप।
मौर्य वंश का अंतिम शासक: बृहद्रथ (185 ई.पू. में इसके सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने इसकी हत्या करके शुंग वंश की स्थापना की)।
5. विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्न (Previous Year Solved MCQs)
Q1. मौर्य साम्राज्य की स्थापना किसने की थी? (UP Police Constable / UPSSSC PET)
(A) अशोक
(B) चंद्रगुप्त मौर्य
(C) बिंदुसार
(D) चाणक्य
उत्तर: (B) चंद्रगुप्त मौर्य
Q2. सम्राट अशोक के शिलालेखों को सर्वप्रथम 1837 ई. में किसने पढ़ा था? (SSC / Railway)
(A) टीफेन्थेलर
(B) विलियम जोन्स
(C) जेम्स प्रिंसेप
(D) अलेक्जेंडर कनिंघम
उत्तर: (C) जेम्स प्रिंसेप
Q3. अशोक के किस शिलालेख में प्रसिद्ध 'कलिंग युद्ध' का वर्णन मिलता है? (UPSI / RO/ARO)
(A) 1st शिलालेख
(B) 5th शिलालेख
(C) 10th शिलालेख
(D) 13th शिलालेख
उत्तर: (D) 13th शिलालेख
Q4. प्रसिद्ध पुस्तक 'इंडिका' के लेखक कौन थे जो चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में आए थे? (BPSC / UPTET)
(A) कौटिल्य
(B) मेगस्थनीज
(C) डाइमेकस
(D) फाह्यान
उत्तर: (B) मेगस्थनीज
Q5. मौर्य काल में राजकीय कृषि भूमि से प्राप्त होने वाली आय को क्या कहा जाता था? (TGT/PGT / BPSC)
(A) बलि
(B) भाग
(C) सीता
(D) शुल्क
उत्तर: (C) सीता (और विभाग प्रमुख: सीताध्यक्ष)
6. अभ्यास प्रश्नोत्तरी (Practice Quiz)
चंद्रगुप्त मौर्य ने किस जैन भिक्षु से जैन धर्म की दीक्षा ली और श्रवणबेलगोला चले गए?
सम्राट अशोक को बौद्ध धर्म में दीक्षित करने वाले बौद्ध भिक्षु का क्या नाम था?
मौर्य वंश का अंतिम शासक कौन था जिसकी हत्या पुष्यमित्र शुंग ने की थी?
उत्तर कुंजी (Self Check):
भद्रबाहु।
उपगुप्त।
बृहद्रथ।
7. निष्कर्ष (Conclusion)
मौर्य साम्राज्य भारतीय इतिहास का वह गौरवशाली कालखंड है जिसने प्रथम बार भारत को भौगोलिक, राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से एक सूत्र में बांधा। चाणक्य की राजनीतिक दूरदर्शिता, चंद्रगुप्त की सैन्य क्षमता और सम्राट अशोक के 'धम्म' एवं लोक कल्याणकारी सिद्धांतों ने भारत की वैश्विक साख को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया।
प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से चंद्रगुप्त मौर्य के सैन्य अभियान, मेगस्थनीज की इंडिका, कौटिल्य का अर्थशास्त्र, अशोक के शिलालेख (विशेष रूप से 13वाँ शिलालेख) तथा मौर्यकालीन प्रशासनिक शब्दावली को याद रखना अत्यंत आवश्यक है।
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