हिमालय का पर्वतीय प्रदेश: उत्पत्ति, वर्गीकरण, दर्रे, नदियाँ एवं महत्वपूर्ण प्रश्न
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भारतीय भूगोल में "हिमालय का पर्वतीय प्रदेश (The Northern Mountain Range of India)" भारत का सबसे प्रमुख भौतिक विभाग (Physiographic Division) है। यह न केवल भारत की उत्तरी सीमा का प्रहरी है, बल्कि देश की जलवायु, नदियों के प्रवाह, मानसूनी चक्र और जैव विविधता का मुख्य आधार भी है।
इस लेख में हम हिमालय पर्वत प्रदेश के प्रत्येक पहलू का वैज्ञानिक व तथ्यपरक अध्ययन करेंगे।
🏔️ 1. हिमालय का सामान्य परिचय और उत्पत्ति (Origin & General Introduction)
हिमालय विश्व की सबसे नवीन वलित पर्वतमाला (Young Fold Mountain) है। यह पश्चिम में सिंधु नदी के मोड़ (नंगा पर्वत) से लेकर पूर्व में ब्रह्मपुत्र नदी के मोड़ (नामचा बरवा) तक एक चाप (Arc) की आकृति में फैला हुआ है।
(A) उत्पत्ति का सिद्धांत (Theories of Origin)
कोबर का भूसन्नति सिद्धांत (Kober's Geosyncline Theory): इस सिद्धांत के अनुसार आज जहाँ हिमालय है, वहाँ प्राचीन काल में टेथिस सागर (Tethys Sea) स्थित था। टेथिस सागर के दोनों ओर उत्तर में 'अंगारालैंड' (Laurasia) और दक्षिण में 'गोंडवानालैंड' (Gondwanaland) भू-खंड थे। इन भू-खंडों से आने वाली नदियों के अवसादों के जमाव और दबाव से हिमालय का निर्माण हुआ।
प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत (Plate Tectonic Theory - Harry Hess & Morgan): यह सर्वमान्य सिद्धांत है। इसके अनुसार लगभग 5-6 करोड़ वर्ष पूर्व इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट (Indo-Australian Plate) उत्तर की ओर प्रवाहित होकर यूरेशियन प्लेट (Eurasian Plate) से टकराई। दो महाद्वीपीय प्लेटों के इस अभिसरण (Continental-Continental Collision) के कारण टेथिस सागर के अवसाद में वलन (Folding) पड़ा और हिमालय पर्वत का उत्थान हुआ।
(B) मुख्य विशेषताएं
कुल लंबाई: लगभग 2,400 किमी से 2,500 किमी।
चौड़ाई: पश्चिम (कश्मीर) में लगभग 400 किमी से लेकर पूर्व (अरुणाचल प्रदेश) में 150 किमी तक (पश्चिम से पूर्व जाने पर चौड़ाई घटती है और ऊँचाई बढ़ती है)।
कुल क्षेत्रफल: लगभग 5 लाख वर्ग किलोमीटर।
उत्तरी सीमा: पामीर की गाँठ (Pamir Knot - विश्व की छत)।
📊 2. हिमालय के प्रमुख तथ्य (Key Himalayan Facts Table)
प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से हिमालय के मुख्य मापदंडों की सूची नीचे तालिका में दी गई है:
| मापदंड / विषय | विवरण / मान |
| पर्वत का प्रकार | नवीन मोड़दार / वलित पर्वत (Young Fold Mountain) |
| आकृति | चापाकार (Arcuate Shape) |
| सर्वोच्च चोटी | माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर - नेपाल में स्थित) |
| भारत में सर्वोच्च चोटी | के-2 / गॉडविन ऑस्टिन (8,611 मीटर - काराकोरम श्रेणी) |
| भारत के मुख्य भू-भाग में सर्वोच्च चोटी | कंचनजंगा (8,586 मीटर - सिक्किम) |
| पश्चिम-पूर्व सीमा बिंदु | नंगा पर्वत (पश्चिम) से नामचा बरवा (पूर्व) |
| दक्षिण से उत्तर श्रेणियाँ | शिवालिक → लघु हिमालय → बृहत् हिमालय → ट्रांस हिमालय |
| संरचनात्मक भ्रंश (Fault Lines) | HFT, MBT, MCT, ITSZ |
| पश्चिम से पूर्व औसत ढाल | तीव्र ढाल (पूर्व) एवं मंद ढाल (पश्चिम) |
🗺️ 3. हिमालय का उत्तर से दक्षिण समानांतर वर्गीकरण (Longitudinal Division)
भू-गर्भीय संरचना के आधार पर हिमालय को उत्तर से दक्षिण चार मुख्य समानांतर श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
[ उत्तर ] ---> ट्रांस हिमालय ---> ITSZ ---> बृहत् हिमालय ---> MCT ---> लघु हिमालय ---> MBT ---> शिवालिक ---> HFT ---> [ उत्तर भारत का मैदान ]
(1) ट्रांस हिमालय (Trans Himalaya / Tibetan Himalaya)
यह हिमालय की सबसे प्राचीन श्रेणी है, जो यूरेशियन प्लेट का भाग मानी जाती है। यहाँ वनस्पति का पूर्णतः अभाव पाया जाता है।
प्रमुख श्रेणियाँ: काराकोरम, लद्दाख, जास्कर और कैलाश श्रेणी।
सर्वोच्च चोटी: के-2 (K2 / Godwin Austen - 8,611m), जो भारत की सबसे ऊँची चोटी है (वर्तमान में PoK में)।
मुख्य ग्लेशियर: सियाचिन (76 किमी), बाल्टोरो, बिआफो, हिस्पर (सभी काराकोरम श्रेणी में)।
विशेष तथ्य: विश्व की सबसे तीव्र ढाल वाली चोटी राकापोशी (Rakaposhi) लद्दाख श्रेणी में स्थित है।
(2) महान या बृहत् हिमालय (Great Himalaya / Himadri)
यह हिमालय की सबसे सतत (Continuous) और उच्चतम श्रेणी है। इसे वर्षभर बर्फ से ढकी रहने के कारण 'हिमाद्रि' भी कहा जाता है।
औसत ऊँचाई: लगभग 6,100 मीटर।
प्रमुख चोटियाँ:
माउंट एवरेस्ट (सागरमाथा): 8,848.86m (नेपाल)
कंचनजंगा: 8,586m (सिक्किम, भारत)
मकालू: 8,481m (नेपाल)
धौलागिरी: 8,167m (नेपाल)
नंगा पर्वत: 8,126m (लद्दाख/PoK)
अन्नपूर्णा: 8,091m (नेपाल)
नंदा देवी: 7,817m (उत्तराखंड)
प्रमुख दर्रे: ज़ोजी ला, बुरजिल (J&K/लद्दाख), शिपकी ला, बाड़ा लाचा ला (हिमाचल प्रदेश), माना, नीति, लिपुलेख (उत्तराखंड), नाथू ला, जेलेप ला (सिक्किम)।
(3) लघु या मध्य हिमालय (Lesser / Middle Himalaya / Himachal)
यह बृहत् हिमालय के दक्षिण में स्थित है और स्वास्थ्यवर्धक पर्यटन स्थलों (Hill Stations) के लिए प्रसिद्ध है।
औसत ऊँचाई: 3,700 मीटर से 4,500 मीटर।
प्रमुख श्रेणियाँ:
पीर पंजाल श्रेणी: सबसे लंबी श्रेणी (जम्मू और कश्मीर)।
धौलाधार श्रेणी: हिमाचल प्रदेश (मंडी, शिमला, धर्मशाला इसी पर स्थित हैं)।
मसूरी श्रेणी: उत्तराखंड।
नागटिब्बा व महाभारत श्रेणी: नेपाल।
घास के मैदान: ढालों पर पाए जाने वाले शीतोष्ण घास के मैदानों को कश्मीर में 'मर्ग' (जैसे- गुलमर्ग, सोनमर्ग) और उत्तराखंड में 'बुग्याल' या 'पयार' कहा जाता है।
घातियाँ: कश्मीर घाटी, कुल्लू-कांगड़ा घाटी, काठमांडू घाटी।
(4) शिवालिक या बाह्य हिमालय (Shiwalik / Outer Himalaya)
यह हिमालय की सबसे नवीनतम और दक्षिणी श्रेणी है, जो अवसादी चट्टानों से बनी है।
औसत ऊँचाई: 900 मीटर से 1,200 मीटर।
संरचना: यह नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ निक्षेपों (Sediments) के वलन से बनी है।
दूं (Doon) और द्वार (Dwar): शिवालिक और लघु हिमालय के बीच स्थित समतल लंबवत घाटियों को पश्चिम में 'दूं' (उदा. देहरादून, पाटलीदूं) और पूर्व में 'द्वार' (उदा. हरिद्वार) कहा जाता है।
✂️ 4. हिमालय के संरचनात्मक भ्रंश/सीमा रेखाएँ (Boundary Fault Lines Table)
हिमालय की समानांतर श्रेणियों को अलग करने वाले प्रमुख भ्रंशों से संबंधित प्रश्न विभिन्न परीक्षाओं में अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं:
| विभाजन रेखा (Fault Line) | किन दो श्रेणियों को अलग करती है? |
| इंडस-सांगपो सचर ज़ोन (ITSZ / Suture Zone) | ट्रांस हिमालय एवं बृहत् हिमालय |
| मेन सेंट्रल थ्रस्ट (MCT / मुख्य केंद्रीय भ्रंश) | बृहत् हिमालय एवं लघु (मध्य) हिमालय |
| मेन बाउंड्री थ्रस्ट (MBT / मुख्य सीमांत भ्रंश) | लघु (मध्य) हिमालय एवं शिवालिक |
| हिमालयन फ्रंटल फॉल्ट (HFT / हिमालयी अग्र भ्रंश) | शिवालिक एवं उत्तर भारत का विशाल मैदान |
🏞️ 5. सर सिडनी बुरार्ड का प्रादेशिक/नदी आधारित वर्गीकरण (Regional Classification)
प्रसिद्ध भू-वैज्ञानिक सर सिडनी बुरार्ड (Sir Sidney Burrard) ने नदियों की घाटियों के आधार पर हिमालय को पश्चिम से पूर्व 4 प्रमुख भागों में बाँटा:
[सिंधु नदी] === पंजाब/कश्मीर हिमालय === [सतलज नदी] === कुमाऊँ हिमालय === [काली नदी] === नेपाल हिमालय === [तिस्ता नदी] === असम हिमालय === [दिहांग/ब्रह्मपुत्र नदी]
पंजाब / कश्मीर हिमालय (560 किमी):
सीमा: सिंधु नदी और सतलज नदी के बीच।
विशेषता: यहाँ ज़ास्कर, पीर पंजाल, लद्दाख श्रेणियाँ स्थित हैं। जाफरान (केसर) की खेती के लिए प्रसिद्ध 'करेवा' (Karewa) निक्षेप इसी भाग (कश्मीर घाटी) में पाए जाते हैं।
कुमाऊँ हिमालय (320 किमी):
सीमा: सतलज नदी और काली नदी के बीच (मुख्यतः उत्तराखंड में)।
विशेषता: नंदा देवी, कामेत, त्रिशूल, बद्रीनाथ, केदारनाथ चोटियाँ तथा भागीरथी व यमुना का उद्गम यहीं से होता है।
नेपाल हिमालय (800 किमी):
सीमा: काली नदी और तिस्ता नदी के बीच।
विशेषता: यह हिमालय का सबसे लंबा और सबसे ऊँचा भाग है। माउंट एवरेस्ट, कंचनजंगा, मकालू और धौलागिरी चोटियाँ इसी भाग में हैं।
असम हिमालय (720 किमी):
सीमा: तिस्ता नदी और दिहांग (ब्रह्मपुत्र) नदी के बीच।
विशेषता: कुला कांगड़ी, चुमलहारी, नामचा बरवा पर्वत श्रेणियाँ इसी में आती हैं। पूर्वांचल की पहाड़ियाँ (पटकाई बुम, नागा, मिज़ो पहाड़ियां) इसी का विस्तार हैं।
⛰️ 6. हिमालय के प्रमुख दर्रे (Major Himalayan Passes Table)
| दर्रा (Pass) | राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | जोड़ता है / विशेषता |
| कराकोरम दर्रा | लद्दाख | भारत का सबसे ऊँचा दर्रा (चीन जाने का मार्ग) |
| ज़ोजी ला (Zoji La) | लद्दाख | श्रीनगर को लेह से जोड़ता है |
| बनिहाल दर्रा | जम्मू और कश्मीर | जम्मू को श्रीनगर से जोड़ता है (जवाहर सुरंग इसी में है) |
| शिपकी ला (Shipki La) | हिमाचल प्रदेश | शिमला को तिब्बत से (सतलज नदी इसी दर्रे से भारत में प्रवेश करती है) |
| रोहतांग दर्रा | हिमाचल प्रदेश | कुल्लू घाटी को लाहौल-स्पीति से (अटल टनल इसी में स्थित है) |
| माना / नीति / लिपुलेख | उत्तराखंड | उत्तराखंड को तिब्बत (मानसरोवर यात्रा मार्ग) से |
| नाथू ला (Nathu La) | सिक्किम | भारत-चीन व्यापार मार्ग (1962 के बाद 2006 में पुनः खोला गया) |
| बोमडिला (Bomdi La) | अरुणाचल प्रदेश | अरुणाचल प्रदेश को ल्हासा (तिब्बत) से |
| दिहांग / यांगयाप दर्रा | अरुणाचल प्रदेश | ब्रह्मपुत्र नदी इसी दर्रे के पास से भारत में प्रवेश करती है |
⚡ 7. क्विक रिवीजन नोट्स (Quick Revision Bullet Points)
हिमालय की प्रकृति: नवीन वलित/मोड़दार पर्वत।
उत्पत्ति सिद्धांत: प्लेट विवर्तनिकी (इंडो-ऑस्ट्रेलियन और यूरेशियन प्लेट की टक्कर)।
टेथिस सागर: हिमालय के स्थान पर प्राचीन काल में विद्यमान भू-सन्नति।
उत्तर से दक्षिण क्रम: ट्रांस → बृहत् → लघु → शिवालिक।
भारत की सबसे ऊँची चोटी: K2 (गॉडविन ऑस्टिन) - 8,611m (ट्रांस हिमालय/काराकोरम)।
पूर्णतः भारत में स्थित उच्चतम चोटी: कंचनजंगा - 8,586m (सिक्किम)।
केसर/जाफरान हेतु प्रसिद्ध मृदा: करेवा (Karewa) - कश्मीर घाटी।
अटल टनल किस दर्रे में है: रोहतांग दर्रा (पीर पंजाल श्रेणी)।
सतलज नदी का प्रवेश दर्रा: शिपकी ला (हिमाचल प्रदेश)।
सबसे लंबी समानांतर श्रेणी: पीर पंजाल श्रेणी (लघु हिमालय)।
बुग्याल और पयार: उत्तराखंड के लघु हिमालयी ढालों पर पाए जाने वाले घास के मैदान।
हिमालय का सबसे ऊँचा प्रादेशिक भाग: नेपाल हिमालय (800 किमी)।
📝 8. पिछले वर्षों की परीक्षाओं में पूछे गए 20+ महत्वपूर्ण प्रश्न (Previous Years MCQs)
Q1. हिमालय की उत्पत्ति किस भू-सन्नति (Geosyncline) से हुई है? [UPSC CSE 2011 / SSC CGL 2017]
(a) शिवालिक
(b) इंडो-ब्रह्म
(c) टेथिस
(d) गोदावरी
उत्तर: (c) टेथिस
Q2. हिमालय पर्वत श्रेणी निम्नलिखित में से किस प्रकार के पर्वतों का उदाहरण है? [RRB NTPC 2019]
(a) अवशिष्ट पर्वत (Residual Mountain)
(b) ब्लॉक पर्वत (Block Mountain)
(c) वलित पर्वत (Fold Mountain)
(d) ज्वालामुखी पर्वत (Volcanic Mountain)
उत्तर: (c) वलित पर्वत
Q3. भारत में स्थित हिमालय की सबसे ऊँची चोटी कौन सी है? [UPPSC Prelims 2016]
(a) अनाईमुडी
(b) के-2 (गॉडविन ऑस्टिन)
(c) कंचनजंगा
(d) नंदा देवी
उत्तर: (c) कंचनजंगा (नोट: यदि विकल्प में K2 हो और गैर-विवादित भारत पूछा जाए तो कंचनजंगा सही उत्तर माना जाता है)
Q4. 'पीर पंजाल' श्रेणी किस हिमालयी भाग में स्थित है? [BPSC Prelims 2018]
(a) महान हिमालय
(b) ट्रांस हिमालय
(c) लघु (मध्य) हिमालय
(d) शिवालिक
उत्तर: (c) लघु (मध्य) हिमालय
Q5. वृहत् हिमालय और लघु हिमालय को पृथक करने वाली भ्रंश रेखा कौन सी है? [MPPSC 2015]
(a) ITSZ
(b) MCT (Main Central Thrust)
(c) MBT (Main Boundary Thrust)
(d) HFT
उत्तर: (b) MCT (Main Central Thrust)
Q6. जाफरान (केसर) की खेती के लिए प्रसिद्ध 'करेवा' भू-आकृति कहाँ पाई जाती है? [UPSC CAPF 2020 / JKPSC]
(a) हिमाचल हिमालय
(b) कुमाऊँ हिमालय
(c) कश्मीर हिमालय
(d) पूर्वोत्तर हिमालय
उत्तर: (c) कश्मीर हिमालय
Q7. सतलज और काली नदियों के बीच स्थित हिमालय के भाग को किस नाम से जाना जाता है? [SSC CPO 2019 / RAS 2013]
(a) पंजाब हिमालय
(b) कुमाऊँ हिमालय
(c) नेपाल हिमालय
(d) असम हिमालय
उत्तर: (b) कुमाऊँ हिमालय
Q8. जवाहर सुरंग (Jawahar Tunnel) किस दर्रे से होकर गुजरती है? [SSC CHSL 2020]
(a) ज़ोजी ला
(b) बनिहाल दर्रा
(c) शिपकी ला
(d) रोहतांग दर्रा
उत्तर: (b) बनिहाल दर्रा
Q9. शिवालिक पर्वत श्रेणी का निर्माण किस भू-गर्भीय महाकल्प (Era) में हुआ? [CGPSC 2017]
(a) इओज़ोइक
(b) पेलियोज़ोइक
(c) मेसोज़ोइक
(d) सेनोज़ोइक (प्लाईसीन)
उत्तर: (d) सेनोज़ोइक (प्लाईसीन)
Q10. कुल्लू घाटी निम्नलिखित में से किन पर्वत श्रेणियों के मध्य स्थित है? [UPSC CSE 1004 / HPPSC]
(a) लद्दाख और ज़ास्कर
(b) रणज्योति और नागटिब्बा
(c) महान हिमालय और पीर पंजाल
(d) धौलाधार तथा पीर पंजाल
उत्तर: (d) धौलाधार तथा पीर पंजाल
Q11. निम्नलिखित में से कौन सा दर्रा सिक्किम राज्य में स्थित है? [WBCS 2019]
(a) माना और नीति ला
(b) नाथू ला और जेलेप ला
(c) शिपकी ला और बाड़ा लाचा ला
(d) बोमडिला और यांगयाप
उत्तर: (b) नाथू ला और जेलेप ला
Q12. 'बुग्याल' और 'पयार' शब्द का क्या तात्पर्य है? [UKPSC Prelims 2017]
(a) तटीय मैदान
(b) शुष्क मरुस्थल
(c) उत्तराखंड के हिमालयी ढालों पर स्थित घास के मैदान
(d) असम के नदी द्वीप
उत्तर: (c) उत्तराखंड के हिमालयी ढालों पर स्थित घास के मैदान
Q13. विश्व की सबसे तीव्र ढाल वाली चोटी 'राकापोशी' किस श्रेणी में स्थित है? [Geography Special]
(a) काराकोरम श्रेणी
(b) लद्दाख श्रेणी
(c) जास्कर श्रेणी
(d) पीर पंजाल श्रेणी
उत्तर: (b) लद्दाख श्रेणी
Q14. सतलज नदी भारत में किस दर्रे से होकर प्रवेश करती है? [SSC CGL 2016]
(a) ज़ोजी ला
(b) नाथू ला
(c) शिपकी ला
(d) लिपुलेख
उत्तर: (c) शिपकी ला
Q15. हिमालय की सबसे पूर्वी चोटी कौन सी है? [SSC GD / MTS]
(a) नामचा बरवा
(b) अन्नपूर्णा
(c) कंचनजंगा
(d) एवरेस्ट
उत्तर: (a) नामचा बरवा (अरुणाचल प्रदेश/तिब्बत सीमा)
Q16. हिमालयी नदियाँ (जैसे सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र) किस प्रकार के अपवाह तंत्र का उदाहरण हैं? [UPPSC Mains]
(a) अनुवर्ती (Consequent)
(b) पूर्ववर्ती (Antecedent)
(c) अध्यारोपित (Superimposed)
(d) आयताकार (Rectangular)
उत्तर: (b) पूर्ववर्ती (Antecedent)
Q17. काली और तिस्ता नदियों के बीच हिमालय का कौन सा प्रादेशिक विभाग स्थित है? [BPSC 2019]
(a) पंजाब हिमालय
(b) नेपाल हिमालय
(c) असम हिमालय
(d) कुमाऊँ हिमालय
उत्तर: (b) नेपाल हिमालय
Q18. 'देहरादून' और 'हरिद्वार' निम्नलिखित में से किस हिमालयी श्रेणी की घाटियों में स्थित हैं? [UKPSC]
(a) बृहत् एवं ट्रांस हिमालय
(b) लघु हिमालय एवं शिवालिक
(c) शिवालिक एवं उत्तरी मैदान
(d) केवल ट्रांस हिमालय
उत्तर: (b) लघु हिमालय एवं शिवालिक
Q19. सियाचिन ग्लेशियर (Siachen Glacier) किस पर्वत श्रेणी में स्थित है? [NDA 2018]
(a) जास्कर श्रेणी
(b) पीर पंजाल श्रेणी
(c) काराकोरम श्रेणी
(d) शिवालिक श्रेणी
उत्तर: (c) काराकोरम श्रेणी
Q20. भारत और चीन के बीच स्थित 'नाथू ला' दर्रे को किस वर्ष पुनः व्यापार हेतु खोला गया था? [Current / Stat. GK]
(a) 1998
(b) 2002
(c) 2006
(d) 2012
उत्तर: (c) 2006
❓ 9. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions - FAQ)
Q1. हिमालय को 'नवीन वलित पर्वत' क्यों कहा जाता है?
उत्तर: हिमालय का निर्माण पृथ्वी के इतिहास के सबसे अंतिम भू-गर्भीय काल (सेनोज़ोइक काल) में हुआ है। प्लेट विवर्तनिकी बलों के कारण इसकी ऊँचाई में आज भी वृद्धि हो रही है (प्रतिवर्ष लगभग 5 मिमी), इसलिए इसे नवीन मोड़दार/वलित पर्वत कहा जाता है।
Q2. ट्रांस हिमालय और महान हिमालय के बीच कौन सी विभाजन रेखा है?
उत्तर: ट्रांस हिमालय और महान (बृहत्) हिमालय को इंडस-सांगपो सचर ज़ोन (ITSZ - Indus Tsangpo Suture Zone) पृथक करता है।
Q3. 'करेवा' मृदा का क्या महत्त्व है?
उत्तर: करेवा कश्मीर घाटी में पाए जाने वाले हिमनद (Glacial) और झील के निक्षेप हैं। यह मृदा जाफरान (केसर), बादाम और अखरोट की खेती के लिए अत्यंत उपजाऊ होती है।
Q4. पूर्ववर्ती नदियाँ (Antecedent Rivers) किसे कहते हैं?
उत्तर: जो नदियाँ हिमालय के उत्थान/निर्माण से पहले से प्रवाहित हो रही थीं और जिन्होंने हिमालय के उठने के साथ-साथ अपनी घाटियों को काटकर गॉर्ज (Gorge) बनाए रखे, उन्हें पूर्ववर्ती नदियाँ कहते हैं (उदा. सिंधु, सतलज, ब्रह्मपुत्र)।
🎯 10. निष्कर्ष (Conclusion)
हिमालय का पर्वतीय प्रदेश केवल भारत का एक भौगोलिक खंड मात्र नहीं है, बल्कि यह देश की संपूर्ण पारिस्थितिकी, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा का मुख्य आधार स्तंभ है। प्लेट टेक्टोनिक सिद्धांत से लेकर इसके चार समानांतर श्रेणियों (ट्रांस, बृहत्, लघु व शिवालिक) में विभाजन तथा नदियों द्वारा निर्मित प्रादेशिक वर्गों का अध्ययन प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी का अनिवार्य अंग है।
यदि आप UPSC, State PCS या SSC की तैयारी कर रहे हैं, तो समानांतर श्रेणियों के मध्य स्थित भ्रंश रेखाओं (ITSZ, MCT, MBT, HFT), प्रमुख दर्रों के राज्यों और नदियों के प्रादेशिक क्रम को मानचित्र के साथ अभ्यास करें। यह विस्तृत गाइड आपको परीक्षा में इस टॉपिक से आने वाले सभी वस्तुनिष्ठ व विश्लेषणात्मक प्रश्नों को हल करने में पूर्ण सहायता प्रदान करेगी।
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