ज्ञानपीठ पुरस्कार (Jnanpith Award): परिचय, इतिहास, हिंदी विजेताओं की सूची और PYQs | प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका
ज्ञानपीठ पुरस्कार भारत का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है। यह पुरस्कार भारतीय ज्ञानपीठ (साहू जैन परिवार द्वारा स्थापित) द्वारा प्रतिवर्ष भारत की मान्यता प्राप्त भाषाओं में साहित्यकारों को उनके उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।
UPP (UP Police Constable/SI), UPSI, UPSSSC (PET/VDO/Lekhpal), UPTET, CTET, TGT/PGT, RO/ARO जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में ज्ञानपीठ पुरस्कार, इसके नियमों तथा हिंदी भाषा के सभी विजेताओं (1968 से नवीनतम तक) से संबंधित प्रश्न प्रमुखता से पूछे जाते हैं।
1. एक नज़र में: ज्ञानपीठ पुरस्कार (Quick Revision Table)
| तथ्य | विवरण |
| पुरस्कार का नाम | ज्ञानपीठ पुरस्कार (Jnanpith Award) |
| क्षेत्र / स्वरूप | भारत का सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार |
| स्थापना वर्ष | 1961 (साहू शांति प्रसाद जैन और रमा जैन द्वारा) |
| प्रथम वितरण वर्ष | 1965 |
| भाषा की पात्रता | 23 भाषाएँ (संविधान की 8वीं अनुसूची की 22 भाषाएँ + अंग्रेजी) |
| पुरस्कार की राशि एवं स्वरूप | ₹ 11 लाख नकद, वाग्देवी (मां सरस्वती) की कांस्य प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र |
| प्रथम विजेता (1965) | जी. शंकर कुरुप (मलयालम - ओडक्कुझल) |
| प्रथम महिला विजेता (1976) | आशापूर्णा देवी (बांग्ला - प्रथम प्रतिश्रुति) |
| प्रथम हिंदी विजेता (1968) | सुमित्रानंदन पंत (चिदम्बरा) |
| प्रथम अंग्रेजी विजेता (2018) | अमिताभ घोष |
2. पुरस्कार के नियम एवं ऐतिहासिक परिवर्तन
स्थापना व प्रारंभ: इस पुरस्कार की स्थापना 1961 में हुई थी, लेकिन पहला पुरस्कार 1965 में दिया गया।
एकल कृति से संपूर्ण साहित्य तक (1982 का नियम परिवर्तन):
1965 से 1982 तक: यह पुरस्कार किसी विशेष एकल रचना के लिए दिया जाता था।
1982 के बाद: यह नियम बदल दिया गया। अब यह पुरस्कार किसी एक रचना के स्थान पर लेखक के लाइफटाइम अचीवमेंट (संपूर्ण साहित्यिक योगदान) के लिए दिया जाता है।
अंग्रेजी भाषा का समावेश: प्रारंभ में यह केवल 8वीं अनुसूची की भाषाओं में दिया जाता था, किंतु वर्ष 2018 से इसमें अंग्रेजी भाषा को भी शामिल कर दिया गया (अब कुल 23 भाषाएँ)।
मरणोपरांत यह पुरस्कार प्रदान नहीं किया जाता है।
3. हिंदी भाषा में ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता (संपूर्ण एवं अद्यतन सूची)
हिंदी भाषा में अब तक कुल 11 बार (12 साहित्यकारों को, क्योंकि 2009 में संयुक्त रूप से दिया गया था) ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हो चुका है:
| क्रम | वर्ष | साहित्यकार / लेखक | पुरस्कृत रचना / योगदान | विशेष तथ्य |
| 1 | 1968 | सुमित्रानंदन पंत | चिदम्बरा (काव्य) | हिंदी भाषा के प्रथम विजेता |
| 2 | 1972 | रामधारी सिंह 'दिनकर' | उर्वशी (काव्य-नाटक) | प्रसिद्ध ओजस्वी कवि |
| 3 | 1978 | सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' | कितनी नावों में कितनी बार (काव्य) | प्रयोगवाद के प्रवर्तक |
| 4 | 1982 | महादेवी वर्मा | यामा (काव्य संग्रह) | ज्ञानपीठ पाने वाली हिंदी की प्रथम महिला |
| 5 | 1992 | नरेश मेहता | संपूर्ण साहित्यिक योगदान | (1982 के बाद संपूर्ण साहित्य हेतु नियम लागू) |
| 6 | 1999 | निर्मल वर्मा (संयुक्त) | संपूर्ण साहित्यिक योगदान | पंजाबी लेखक गुरदयाल सिंह के साथ संयुक्त रूप से |
| 7 | 2005 | कुंवर नारायण | संपूर्ण साहित्यिक योगदान | प्रसिद्ध छायावादोत्तर / नई कविता के कवि |
| 8 | 2009 | अमरकांत एवं श्रीलाल शुक्ल | संपूर्ण साहित्यिक योगदान | संयुक्त रूप से हिंदी के दो दिग्गजों को मिला |
| 9 | 2013 | केदारनाथ सिंह | संपूर्ण साहित्यिक योगदान | नई कविता के प्रमुख हस्ताक्षर |
| 10 | 2017 | कृष्णा सोबती | संपूर्ण साहित्यिक योगदान | प्रसिद्ध हिंदी कथाकार/उपन्यासकार |
| 11 | 2024 | विनोद कुमार शुक्ल | संपूर्ण साहित्यिक योगदान | प्रसिद्ध उपन्यासकार (नौकर की कमीज, दीवार में एक खिड़की रहती थी) |
4. प्रमुख भारतीय भाषा ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता
| वर्ष | विजेता साहित्यकार | भाषा | विशेष तथ्य / रचना |
| 1965 | जी. शंकर कुरुप | मलयालम | सर्वप्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता (ओडक्कुझल) |
| 1966 | ताराशंकर बंद्योपाध्याय | बांग्ला | गणदेवता |
| 1969 | फिराक गोरखपुरी | उर्दू | गुल-ए-नगमा |
| 1976 | आशापूर्णा देवी | बांग्ला | ज्ञानपीठ पाने वाली भारत की प्रथम महिला (प्रथम प्रतिश्रुति) |
| 2006 | सत्यव्रत शास्त्री | संस्कृत | संस्कृत भाषा का प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार |
| 2018 | अमिताभ घोष | अंग्रेजी | अंग्रेजी भाषा का प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार |
| 2021 | नीलमणि फूकन | असमिया | 56वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार |
| 2022 | दामोदर मौजो | कोंकणी | 57वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार |
| 2023 | जगद्गुरु रामभद्राचार्य एवं गुलजार | संस्कृत एवं उर्दू | 58वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार (संयुक्त रूप से) |
| 2024 | विनोद कुमार शुक्ल | हिंदी | 59वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार |
5. विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्न (Previous Year Solved MCQs)
Q1. हिंदी भाषा के लिए प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार (1968) किसे प्रदान किया गया था? (UP Police Constable / UPSSSC PET)
(A) रामधारी सिंह 'दिनकर'
(B) सुमित्रानंदन पंत
(C) महादेवी वर्मा
(D) अज्ञेय
उत्तर: (B) सुमित्रानंदन पंत (चिदम्बरा के लिए)
Q2. महादेवी वर्मा को उनकी किस रचना के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार (1982) मिला था? (UPSI / UPTET)
(A) निहार
(B) रश्मि
(C) यामा
(D) दीपशिखा
उत्तर: (C) यामा
Q3. ज्ञानपीठ पुरस्कार किस वर्ष से किसी विशिष्ट रचना के बजाय संपूर्ण साहित्यिक योगदान के लिए दिया जाने लगा? (UPSSSC VDO / TGT/PGT)
(A) 1965
(B) 1978
(C) 1982
(D) 1991
उत्तर: (C) 1982
6. अभ्यास प्रश्नोत्तरी (Practice Quiz)
ज्ञानपीठ पुरस्कार के रूप में देवी की कौन सी प्रतिमा प्रदान की जाती है?
2009 का ज्ञानपीठ पुरस्कार हिंदी के किन दो लेखकों को संयुक्त रूप से दिया गया था?
ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाली भारत की पहली महिला साहित्यकार कौन थीं?
उत्तर कुंजी (Self Check):
कांस्य निर्मित वाग्देवी (माँ सरस्वती) की प्रतिमा (धार के परमार राजा भोज द्वारा निर्मित प्रतिमा की अनुकृति)।
अमरकांत और श्रीलाल शुक्ल को।
आशापूर्णा देवी (1976 में, बांग्ला उपन्यास प्रथम प्रतिश्रुति के लिए)।
निष्कर्ष (Conclusion)
ज्ञानपीठ पुरस्कार भारतीय साहित्य का सर्वोच्च शिखर है। प्रतियोगी परीक्षाओं (UPP, UPSI, UPSSSC, TGT/PGT) की दृष्टि से हिंदी के सभी 11 पुरस्कार विजेताओं, 1982 का नियम परिवर्तन, तथा हाल के विजेताओं (जैसे: रामभद्राचार्य, गुलजार, विनोद कुमार शुक्ल) के नाम और तथ्यों को याद रखना परीक्षा में सफलता दिलाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।