सोमवार, 14 सितंबर 2026

पुरापाषाण काल: चरण, लक्षण, खोजें एवं महत्वपूर्ण स्थल | Palaeolithic Age in Hindi

 

पुरापाषाण काल (Palaeolithic Age): अर्थ, लक्षण, तीन मुख्य चरण, प्रमुख पुरातात्विक स्थल एवं महत्वपूर्ण तथ्य (संपूर्ण मार्गदर्शिका)



पुरापाषाण काल (Palaeolithic Age) मानव इतिहास और पाषाण काल (Stone Age) का सबसे लंबा प्रारंभिक चरण है। यह कालखंड मानव सभ्यता के जन्म से लेकर लगभग 10,000 ईस्वी पूर्व तक माना जाता है।

'पाषाण' शब्द ग्रीक भाषा के दो शब्दों—'पैलियो' (Palaeo = पुराना) और 'लिथिक' (Lithic = पत्थर) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है 'पुराना पत्थर का युग'। इस काल में मानव प्राकृतिक रूप से उपलब्ध पत्थरों (मुख्यतः क्वार्टजाइट) के बड़े व अनगढ़ औजार बनाकर अपना जीवन व्यतीत करता था।

UP Police (Constable/SI), UPSSSC (PET/VDO/Lekhpal), UPTET, CTET, SSC, Railway, TGT/PGT, RO/ARO जैसी परीक्षाओं में पुरापाषाण काल से संबंधित प्रमुख प्रश्नों (जैसे आग की खोज, भीमबेटका शैलचित्र, रॉबर्ट ब्रूस फ्रूट द्वारा खोजे गए प्रथम औजार) पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।

1. पुरापाषाण काल की मुख्य विशेषताएं (Key Features)

  • जीवन शैली: मानव पूर्णतः खानाबदोश (Nomadic) था। उसका कोई स्थायी निवास नहीं था।

  • मुख्य व्यवसाय: शिकार (Hunting) करना और जंगलों से खाद्य संग्रहण (Food Gathering) करना।

  • अर्थव्यवस्था: उपभोग-आधारित (मानव केवल उपभोक्ता था, उत्पादक नहीं)।

  • क्रांतिकारी खोज: आग की खोज (Discovery of Fire) इस काल की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि थी (हालाँकि इसका नियमित उपयोग नवपाषाण काल में प्रारंभ हुआ)।

  • औजार: बड़े, भारी और अनगढ़े पत्थरों (क्वार्टजाइट) से निर्मित उपकरण।

2. पुरापाषाण काल का तीन चरणों में वर्गीकरण

जलवायु में आए परिवर्तनों और पत्थरों के औजारों की तकनीक के आधार पर पुरापाषाण काल को तीन उप-चरणों में विभाजित किया जाता है:

                                पुरापाषाण काल (Palaeolithic Age)
                                               │
         ┌─────────────────────────────────────┼─────────────────────────────────────┐
         ▼                                     ▼                                     ▼
1. निम्न/पूर्व पुरापाषाण काल             2. मध्य पुरापाषाण काल                  3. उच्च पुरापाषाण काल
(Lower Palaeolithic)                   (Middle Palaeolithic)                  (Upper Palaeolithic)
 ├─ औजार: कोर उपकरण (Handaxe, Cleaver)  ├─ औजार: फलक उपकरण (Flake tools)      ├─ औजार: ब्लेड व ब्यूरिन (Blade/Burin)
 └─ स्थल: सोहन घाटी, पल्लवरम            └─ स्थल: नेवासा (महाराष्ट्र)           └─ आधुनिक मानव (Homo Sapiens) का उदय

(A) निम्न/पूर्व पुरापाषाण काल (Lower Palaeolithic Age)

  • विशेषता: अत्यधिक शीत काल (हिमयुग) का समय।

  • औजार का प्रकार: कोर (Core) उपकरण—हैंडएक्स (हाथ की कुल्हाड़ी), विदशरणी (Cleaver), गंडासा (Chopper)।

  • प्रमुख स्थल:

    • सोहन नदी घाटी (पंजाब, पाकिस्तान): गंडासा/खंडक संस्कृति के साक्ष्य।

    • पल्लवरम एवं अत्तिरमपक्कम (तमिलनाडु): मद्रासी संस्कृति (Handaxe Culture)।

(B) मध्य पुरापाषाण काल (Middle Palaeolithic Age)

  • विशेषता: इसे 'फलक संस्कृति' (Flake Culture) भी कहा जाता है, क्योंकि औजार मुख्य रूप से पत्थरों से तोड़ी गई पपड़ियों/फलकों से बनाए गए थे।

  • औजार का प्रकार: स्क्रैपर (रैछनी), बेधक (Borer), बेधनी।

  • प्रमुख स्थल: नेवासा (महाराष्ट्र), बेलन घाटी (उत्तर प्रदेश), डीडवाना (राजस्थान)।

(C) उच्च पुरापाषाण काल (Upper Palaeolithic Age)

  • विशेषता: हिमयुग की समाप्ति और आधुनिक बुद्धिमान मानव 'होमो सेपियंस' (Homo Sapiens) का प्रादुर्भाव।

  • औजार का प्रकार: ब्लेड (Blade) और ब्यूरिन (Burin) उपकरण तथा हड्डियों के बने औजार।

  • चित्रकला का उदय: भीमबेटका की गुफाओं में इसी काल से प्रारंभिक शैलचित्रकला के साक्ष्य मिलने शुरू हुए।

3. पुरापाषाण काल के प्रमुख पुरातात्विक स्थल (Important Sites)

स्थलराज्य / क्षेत्रखोज / प्राप्त साक्ष्य
भीमबेटका (Bhimbetka)रायसेन (मध्य प्रदेश)प्राचीनतम गुफा शैलचित्र (चित्रकला के प्रथम साक्ष्य)
पल्लवरम (Pallavaram)तमिलनाडुभारत का पहला पाषाणकालीन उपकरण (Handaxe) खोजा गया
बेलन घाटी (Belan Valley)मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश)मातृदेवी की हड्डी से बनी मूर्ति (उच्च पुरापाषाण काल)
हथनौरा (Hathnora)सीहोर (मध्य प्रदेश)मानव खोपड़ी का प्राचीनतम जीवाश्म (नर्मदा मानव)
अत्तिरमपक्कमतमिलनाडुकुल्हाड़ी व पाषाण कालीन औजार

4. परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Facts)

  • भारत में पाषाणकालीन सभ्यता के जनक: रॉबर्ट ब्रूस फ्रूट (Robert Bruce Foote) (1863 ई. में पल्लवरम से पहला हैंडएक्स खोजा)।

  • आग का आविष्कार: पुरापाषाण काल में हुआ था।

  • क्वार्टजाइट मैन: पुरापाषाण काल के मानव को 'क्वार्टजाइट मानव' (Quartzite Man) कहा जाता है क्योंकि वे क्वार्टजाइट पत्थरों का प्रयोग करते थे।

  • मानव जीवाश्म का पहला साक्ष्य: हथनौरा (मध्य प्रदेश) में नर्मदा नदी के तट से प्राप्त हुआ था।

  • भीमबेटका गुफाओं की खोज: 1957-58 ई. में विष्णु श्रीधर वाकणकर ने की थी।

5. विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्न (Previous Year Solved MCQs)

Q1. भारत में पाषाणकालीन औजारों की खोज करने वाले प्रथम व्यक्ति कौन थे? (UP Police Constable / SSC)

  • (A) अलेक्जेंडर कनिंघम

  • (B) रॉबर्ट ब्रूस फ्रूट

  • (C) जॉन मार्शल

  • (D) वाकणकर

    उत्तर: (B) रॉबर्ट ब्रूस फ्रूट (1863 ई.)

Q2. 'आग की खोज' मानव इतिहास के किस काल की घटना है? (UPSSSC PET)

  • (A) पुरापाषाण काल

  • (B) मध्यपाषाण काल

  • (C) नवपाषाण काल

  • (D) ताम्रपाषाण काल

    उत्तर: (A) पुरापाषाण काल

Q3. प्रसिद्ध 'भीमबेटका गुफाएं' किस राज्य में स्थित हैं? (UPSI / UPTET)

  • (A) उत्तर प्रदेश

  • (B) राजस्थान

  • (C) मध्य प्रदेश

  • (D) महाराष्ट्र

    उत्तर: (C) मध्य प्रदेश (रायसेन जिला)

6. अभ्यास प्रश्नोत्तरी (Practice Quiz)

  1. आधुनिक बुद्धिमान मानव 'होमो सेपियंस' का उदय किस पुरापाषाण काल में हुआ था?

  2. भारत में मानव खोपड़ी का पहला जीवाश्म किस स्थान से मिला था?

  3. 'फलक संस्कृति' (Flake Culture) किस काल को कहा जाता है?

उत्तर कुंजी (Self Check):

  1. उच्च पुरापाषाण काल में।

  2. हथनौरा (मध्य प्रदेश)।

  3. मध्य पुरापाषाण काल को।

7. निष्कर्ष (Conclusion)

पुरापाषाण काल मानव अस्तित्व की नींव का काल है। हिमयुग के कठोर वातावरण में बिना किसी धातु या कृषि ज्ञान के, केवल पत्थरों के औजारों के बल पर शिकार व आग की खोज करते हुए मानव ने अपने अस्तित्व को बचाए रखा। इस काल की भीमबेटका की चित्रकारी और हथनौरा का मानव जीवाश्म भारत के प्राचीन इतिहास के अमूल्य साक्ष्य हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं (UPP, UPSI, UPSSSC, SSC आदि) की दृष्टि से आग की खोज, भीमबेटका गुफा, रॉबर्ट ब्रूस फ्रूट और पुरापाषाण काल के तीनों उप-चरणों की विशेषताओं को याद रखना बेहद आवश्यक है।

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पाषाण काल                           मध्यपाषाण काल


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